जीव विज्ञान के शुरुआती अध्याय के रूप में, ‘जीव जगत में विविधता’ हमें यह समझने में मदद करती है कि हमारी पृथ्वी पर जीवन कितने विभिन्न रूपों में व्याप्त है और हम उनका अध्ययन सुव्यवस्थित तरीके से कैसे कर सकते हैं।
1. जैव विविधता (Biodiversity)
पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीवों की संख्या और प्रकार को जैव विविधता कहते हैं। वर्तमान में ज्ञात जातियों की संख्या लगभग 1.7 से 1.8 मिलियन है। इतने विशाल समूह का अध्ययन करने के लिए ‘वर्गीकरण’ (Classification) आवश्यक है।
2. वर्गीकरण के तीन मुख्य आधार (Taxonomy)
किसी भी जीव को सही ढंग से वर्गीकृत करने के लिए तीन चरणों का पालन किया जाता है:
- पहचान (Identification): जीव के लक्षणों का निर्धारण करना ताकि उसे सही समूह में रखा जा सके।
- नामकरण (Nomenclature): प्रत्येक जीव का एक मानक नाम होना चाहिए जो पूरी दुनिया में समान हो।
- द्विपद नाम पद्धति (Binomial Nomenclature): इसे कैरोलस लिनियस ने दिया था। इसके अनुसार प्रत्येक वैज्ञानिक नाम के दो भाग होते हैं: वंश (Genus) और जाति (Species)।
- उदाहरण: आम का वैज्ञानिक नाम Mangifera indica है।
- वर्गीकरण (Classification): जीवों को उनकी समानताओं और अंतरों के आधार पर सुविधाजनक श्रेणियों में बांटना।
3. वर्गीकरण पदानुक्रम (Taxonomic Hierarchy)
जीवों को वर्गीकृत करते समय उन्हें आरोही (Ascending) क्रम में विभिन्न श्रेणियों में रखा जाता है। इन्हें टैक्सोन (Taxon) कहते हैं:
- जगत (Kingdom): सबसे उच्च श्रेणी (जैसे- जन्तु जगत, पादप जगत)।
- संघ / भाग (Phylum / Division): जंतुओं के लिए संघ और पौधों के लिए भाग शब्द का प्रयोग।
- वर्ग (Class)
- गण (Order)
- कुल (Family)
- वंश (Genus)
- जाति (Species): वर्गीकरण की सबसे छोटी और मूलभूत इकाई।
4. पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification)
आर. एच. व्हिटेकर (1969) ने सभी जीवों को पाँच जगतों में विभाजित किया:
- मोनेरा (Monera): सभी प्रोकैरियोटिक जीव (जैसे- बैक्टीरिया)।
- प्रोटिस्टा (Protista): एककोशिकीय यूकैरियोटिक जीव (जैसे- अमीबा)।
- कवक (Fungi): परपोषी जीव जो अवशोषण द्वारा पोषण लेते हैं (जैसे- मशरूम)।
- पादप (Plantae): सभी स्वपोषी बहुकोशिकीय पौधे।
- जन्तु (Animalia): सभी बहुकोशिकीय उपभोक्ता जीव।
5. वर्गीकरण सहायता साधन (Taxonomical Aids)
जीवों के नमूनों को सुरक्षित रखने और उनके अध्ययन के लिए कुछ साधनों का उपयोग किया जाता है:
- हर्बेरियम (Herbarium): पौधों के नमूनों को सुखाकर, दबाकर कागजों की शीट पर सुरक्षित रखना।
- वनस्पति उद्यान (Botanical Gardens): जीवित पौधों का संग्रहण।
- संग्रहालय (Museum): पौधों और जंतुओं के मृत नमूनों का परिरक्षण।
- प्राणी उपवन (Zoological Parks/Zoos): जीवित वन्य जंतुओं को उनके प्राकृतिक वातावरण जैसी स्थितियों में रखना।
- कुंजी (Key): समानताओं और असमानताओं के आधार पर जीवों को पहचानने की एक विधि।
