Category हिंदी विषय नोट्स

घी गुड़ और शहद देनेवाला वृक्ष (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी

घी गुड़ और शहद देनेवाला वृक्ष आओ तुम्हारा परिचय घी गुड़ और शहद देनेवाले एक विचित्र वृक्ष से करवाएँ। उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में एक ऐसा वृक्ष पाया जाता है जो घी गुड़ तथा शहद देता है। इसके अलावा यह…

जीवन के दोहे ठाकुर जीवन सिंह कक्षा 5 हिन्दी

जीवन के दोहे ठाकुर जीवन सिंह धुर्रा- माटी ल घलो, कभू न समझैं नीच । पालन-पोसन इहि करय, कमल फुलय इहि कीच ।। चारी चुगली ल समझ, खजरी, खसरा रोग । खजुवावत सुख होत हे पाछू दुख ला भोग ।।…

हार नहीं होती -हरिवंशराय ‘बच्चन’ (कविता) कक्षा 5 हिन्दी

हार नहीं होती लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती।नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है,मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है,…

मैं अमर शहीदों का चारण -श्रीकृष्ण ‘सरल’ (कविता) कक्षा 5 हिन्दी

मैं अमर शहीदों का चारण -श्रीकृष्ण ‘सरल’ (कविता) कक्षा 5 हिन्दी मैं अमर शहीदों का चारणउनके गुण गाया करता हूँजो कर्ज राष्ट्र ने खाया है,मैं उसे चुकाया करता हूँ। यह सच है, याद शहीदों कीहम लोगों ने दफनाई हैयह सच…

एक और गुरु दक्षिणा (कहानी) राजे राघव कक्षा 5 हिन्दी

एक और गुरु दक्षिणा (कहानी) एक थे ऋषि । गंगा तट पर उनका आश्रम था मीलों लंबा-चौड़ा । बहुत-से शिष्य आश्रम में रहते थे। आश्रम में अनेक गाएँ थीं। हिरनों के झुंड आश्रम में चौकड़ी मारते, उछलते-कूदते फिरते थे। ऋषि…

मेरा नया बचपन – श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान कक्षा 6वीं हिन्दी

पद्यांशों की व्याख्या 1. बार-बार आती है’ ‘चीवड़ो में रानी ॥ सन्दर्भ-प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘भारती’ के पाठ-8 “मेरा नया बचपन’ से लिया गया है। इसके रचयिता श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान है। प्रसंग प्रस्तुत पद में कवयित्री अपनी नन्हीं बिटिया…

हमर कतका सुंदर गाँव – श्री प्यारेलाल गुप्त कक्षा 6 वीं हिन्दी

हमर कतका सुंदर गाँव – श्री प्यारेलाल गुप्त कक्षा 6 वीं हिन्दी पद्यांशों की व्याख्या 1. हमर कतका…….परुस लथ गुइयाँ। सन्दर्भ- हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘भारती’ के पाठ-18 ‘हमर कतका सुंदर गाँव’ से लिया गया है जिसके कवि श्री प्यारेलाल गुप्त जी…

नीति के दोहे – तुलसी / रहीम / कबीर कक्षा 6वीं हिन्दी

पद्यांशों की व्याख्या 1. तुलसी मीठे बचन ………..बचन कठोर ॥ सन्दर्भ-प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘भारती’ के पाठ-17 ‘नीति के दोहे’ से लिया गया है। इसके रचयिता कवि श्री तुलसीदास जी हैं। प्रसंग-तुलसीदास ने यहाँ पर मीठी वाणी की महत्ता…

आलसीराम – श्री नारायण लाल परमार कक्षा 6वीं हिन्दी

आलसीराम अंगद उसका नाम था ‘यथा नाम तथा गुण’ वाली कहावत उस पर पूरे सौ पैसे ठीक उतरती थी। जहाँ वह बैठ जाता, फिर उठने का नाम न लेता। न घर की चिंता, न खाने-पीने की बेचारी पत्नी गाँव का…

हम पंछी उन्मुक्त गगन के – डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ कक्षा 6वीं हिन्दी

पद्यांशों की व्याख्या 1. हम पंछी…..’टूट जायेंगे ॥ सन्दर्भ-प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘भारती’ के पाठ-10 ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ से लिया गया है। इसके कवि डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ हैं। प्रसंग-सोने के पिंजरे में कैद पंछी अपनी व्यथा व्यक्त…