पाठ – 1 से 4 तक (हिमालय, ऐसा वर दो, चिड़िया का गीत, हमारा आहार)
समय: 1.30 घंटे
पूर्णांक: 40
निर्देश:
- सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है।
- उत्तर साफ और सुंदर लिखें।
- जहाँ आवश्यक हो, वाक्य पूरे लिखें।
- अपने उत्तरों को क्रमांकित करें।
भाग – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न) – 1×8 = 8 अंक
सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(क) हिमालय हमें क्या सीख देता है?
- डरना चाहिए
- अटल रहना चाहिए
- आलसी बनना चाहिए
- भाग जाना चाहिए
(ख) ‘तम’ शब्द का क्या अर्थ है?
- प्रकाश
- अंधकार
- सुगंध
- ज्ञान
(ग) चिड़िया को संसार बड़ा कब लगा?
- अंडे में थी तब
- शाखाओं पर थी तब
- घोंसले में थी तब
- आसमान में उड़ी तब
(घ) ‘वर’ शब्द का अर्थ क्या है?
- भय
- दुःख
- आशीर्वाद
- भोजन
(ङ) घोंघा बगीचे से बाहर क्यों जाना चाहता था?
- बगीचा अच्छा नहीं लगता था
- वह बाहर का जीवन देखना चाहता था
- बगीचा बहुत बड़ा था
- वह खाना ढूँढ़ना चाहता था
(च) नीम की टहनियाँ किस काम आती हैं?
- खाने में
- दाँत साफ करने में
- कपड़े बनाने में
- घर बनाने में
(छ) हमारा आहार कविता के अनुसार गरमी में क्या खाना चाहिए?
- तले-भुने पदार्थ
- खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा
- चाय-कॉफी
- चिप्स-कोल्ड ड्रिंक
(ज) ‘सुकुमार’ शब्द का अर्थ क्या है?
- सुंदर कुमार
- कोमल अंगों वाला
- बहुत बड़ा
- बहुत ऊँचा
भाग – इ (रिक्त स्थान पूर्ति) – 1×8 = 8 अंक
नीचे दिए गए वाक्यों में खाली स्थानों की पूर्ति उचित शब्दों द्वारा कीजिए –
(क) “खड़े रहो तुम अपने पथ पर, सब कठिनाई-________ में।” (हिमालय)
(ख) “हम ________ बनें, लड़ें हम तम से।” (ऐसा वर दो)
(ग) “आखिर जब मैं आसमान में, उड़ी दूर तक ________ पसार।” (चिड़िया का गीत)
(घ) घोंघे को बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में ________ दिन लगते थे। (बगीचे का घोंघा)
(ङ) “कड़वे तन में मन को मीठा, रखना हमें ________ नीम।” (नीम)
(च) “खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा, गरमी की हरते हैं ________।” (हमारा आहार)
(छ) नीम के फल को ________ कहा जाता है। (नीम)
(ज) ‘स’ उपसर्ग से बना शब्द ________ है (अच्छी महक)। (ऐसा वर दो / चिड़िया का गीत)
भाग – उ (मिलान कीजिए) – 1×6 = 6 अंक
भाग (क) – कविता की पंक्ति और उसका अर्थ
| ‘क’ (कविता की पंक्ति) | ‘ख’ (अर्थ) |
|---|---|
| 1. “डिगो न अपने प्रण से तो, सब कुछ पा सकते हो प्यारे।” | (अ) दूसरों की भलाई करो |
| 2. “हम परिहित कर खुशी मनाएँ।” | (ब) संकल्प से न हटो तो सब मिलता है |
| 3. “बस इतना-सा ही है संसार।” | (स) संसार बहुत बड़ा है |
| 4. “बहुत बड़ा है यह संसार।” | (द) दुनिया बहुत छोटी है |
उत्तर: 1-( ), 2-( ), 3-( ), 4-( )
भाग (ख) – शब्द और उनके अर्थ
| ‘क’ (शब्द) | ‘ख’ (अर्थ) |
|---|---|
| 1. नेह | (अ) सुंदर |
| 2. व्याधि | (ब) प्यार |
| 3. सुकुमार | (स) बीमारी |
| 4. आहार | (द) कोमल |
उत्तर: 1-( ), 2-( ), 3-( ), 4-( )
भाग – ओ (अति लघु उत्तरीय प्रश्न) – 2×5 = 10 अंक
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 1-2 वाक्यों में लिखिए –
(क) हिमालय ने किन-किन बाधाओं का सामना किया है? (हिमालय)
(ख) ‘दीपक बनें, लड़ें हम तम से’ – इस पंक्ति का क्या अर्थ है? (ऐसा वर दो)
(ग) चिड़िया को संसार कब-कब छोटा लगा? (चिड़िया का गीत)
(घ) घोंघे ने बाहर की दुनिया में क्या-क्या देखा? (कोई चार) (बगीचे का घोंघा)
(ङ) नीम का सबसे बड़ा गुण क्या है? (नीम)
(च) हमारा आहार कविता के अनुसार हमें कैसा भोजन खाना चाहिए? (हमारा आहार)
भाग – औ (लघु उत्तरीय प्रश्न) – 3×2 = 6 अंक
किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर 3-4 वाक्यों में लिखिए –
(क) ‘हिमालय’ कविता से आपने क्या सीखा? (हिमालय)
(ख) ‘ऐसा वर दो’ कविता में ईश्वर से क्या-क्या माँगा गया है? (कोई तीन बातें) (ऐसा वर दो)
(ग) ‘चिड़िया का गीत’ कविता का मुख्य संदेश क्या है? (चिड़िया का गीत)
(घ) नीम के कोई चार औषधीय गुण लिखिए। (नीम)
(ङ) ‘हमारा आहार’ कविता के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? (हमारा आहार)
भाग – अं (रचनात्मक लेखन) – 2 अंक
निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर 4-5 वाक्यों में लिखिए –
(क) “यदि मैं हिमालय होता” – इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
अथवा
(ख) “स्वस्थ रहने के लिए मैं क्या करूँगा” – इस विषय पर अपने विचार लिखिए। (हमारा आहार से संबंधित)
शिक्षकों के लिए उत्तर कुंजी (Blueprint / Answer Key)
भाग – अ (बहुविकल्पीय)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| (क) | 2. अटल रहना चाहिए |
| (ख) | 2. अंधकार |
| (ग) | 4. आसमान में उड़ी तब |
| (घ) | 3. आशीर्वाद |
| (ङ) | 2. वह बाहर का जीवन देखना चाहता था |
| (च) | 2. दाँत साफ करने में |
| (छ) | 2. खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा |
| (ज) | 2. कोमल अंगों वाला |
भाग – इ (रिक्त स्थान)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| (क) | तूफानों |
| (ख) | दीपक |
| (ग) | पंख |
| (घ) | दो |
| (ङ) | सिखाता |
| (च) | पीड़ा |
| (छ) | निबौरी |
| (ज) | सुगंध (या सुकुमार/सुयश – कोई भी सही) |
भाग – उ (मिलान)
भाग (क) – कविता की पंक्ति और अर्थ
| ‘क’ | ‘ख’ | उत्तर |
|---|---|---|
| 1. “डिगो न अपने प्रण से…” | (ब) संकल्प से न हटो तो सब मिलता है | 1-(ब) |
| 2. “हम परिहित कर खुशी मनाएँ” | (अ) दूसरों की भलाई करो | 2-(अ) |
| 3. “बस इतना-सा ही है संसार” | (द) दुनिया बहुत छोटी है | 3-(द) |
| 4. “बहुत बड़ा है यह संसार” | (स) संसार बहुत बड़ा है | 4-(स) |
भाग (ख) – शब्द और अर्थ
| ‘क’ | ‘ख’ | उत्तर |
|---|---|---|
| 1. नेह | (ब) प्यार | 1-(ब) |
| 2. व्याधि | (स) बीमारी | 2-(स) |
| 3. सुकुमार | (द) कोमल | 3-(द) |
| 4. आहार | (भोजन – कोई विकल्प नहीं, शिक्षक सही मिलान करवाएँ) | 4-(भोजन) |
(शिक्षक ध्यान दें – ‘आहार’ का सही अर्थ ‘भोजन’ है, जो विकल्पों में नहीं है। विद्यार्थियों को सही मिलान बताएँ या विकल्प जोड़ें।)
भाग – ओ (अति लघु उत्तरीय)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| (क) | हिमालय ने आँधी, पानी, तूफानों, बाधाओं और मुसीबतों का सामना किया है। |
| (ख) | इस पंक्ति का अर्थ है – हमें दीपक की तरह अंधकार (बुराई/अज्ञानता) से लड़ना चाहिए और दुनिया को रोशन करना चाहिए। |
| (ग) | चिड़िया को संसार तब-तब छोटा लगा जब वह अंडे में थी, शाखाओं पर थी और घोंसले में थी। |
| (घ) | घोंघे ने बाहर की दुनिया में मैदान, सूखा पत्ता, बड़ा पत्थर, लाल चींटे, गिलहरी, कुत्ता, गेंद, खजूर का पेड़ और बड़ का पेड़ देखा। (कोई चार) |
| (ङ) | नीम का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह किसी से कुछ नहीं लेता, पर कितना कुछ दे जाता है – वह निःस्वार्थ है। |
| (च) | हमें संतुलित, ताजा, पौष्टिक भोजन खाना चाहिए – चावल, दाल, सब्जियाँ, फल, दूध-दही, सलाद, भूँजा-सत्तू आदि। |
भाग – औ (लघु उत्तरीय)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| (क) | ‘हिमालय’ कविता से मैंने सीखा कि हमें कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए। हमें अपने संकल्प पर अडिग रहना चाहिए। जो व्यक्ति मुसीबतों में भी हार नहीं मानता, उसे सफलता अवश्य मिलती है। हिमालय की तरह हमें भी साहसी और धैर्यवान बनना चाहिए। |
| (ख) | ‘ऐसा वर दो’ कविता में ईश्वर से सद्गुण, सुगंध, दीपक बनने की शक्ति, तम (अंधकार) से लड़ने की शक्ति, दूसरों की भलाई (परिहित) करने की भावना, सत्य-मार्ग पर चलने की बुद्धि और सबको सन्मार्ग दिखाने का ज्ञान माँगा गया है। (कोई तीन) |
| (ग) | ‘चिड़िया का गीत’ कविता का मुख्य संदेश यह है कि अनुभव और नए दृष्टिकोण से ही हम दुनिया की वास्तविकता को समझ सकते हैं। जब हमारा अनुभव सीमित होता है, तब दुनिया छोटी लगती है, पर जब हम नई जगहों पर जाते हैं और नई चीज़ें देखते हैं, तो पता चलता है कि संसार बहुत बड़ा है। |
| (घ) | नीम के औषधीय गुण: (1) त्वचा रोगों में लाभकारी, (2) बुखार में फायदेमंद, (3) दाँतों को साफ करने के लिए दातून (4) पाचन शक्ति बढ़ाना, (5) चेचक/खुजली में आराम, (6) प्रदूषित वायु को शुद्ध करना। (कोई चार) |
| (ङ) | ‘हमारा आहार’ कविता के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए हमें संतुलित आहार लेना चाहिए – चावल, दाल, सब्जियाँ, फल, दूध-दही, सलाद, भूँजा-सत्तू आदि खाना चाहिए। हमें ताजा भोजन खाना चाहिए, पेट से अधिक नहीं खाना चाहिए, नियमित रूप से भोजन करना चाहिए और शारीरिक श्रम/व्यायाम करना चाहिए। |
भाग – अं (रचनात्मक लेखन)
विकल्प (क) – “यदि मैं हिमालय होता”
नमूना उत्तर: “यदि मैं हिमालय होता, तो मैं दुनिया की सबसे ऊँची पर्वतमाला होता। मैं बर्फ़ से ढका रहता और अपनी ऊँचाई पर गर्व करता। मुझे सूर्योदय और सूर्यास्त बहुत सुंदर लगते। मैं सबको सिखाता कि कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए। मैं अपने पथ पर अडिग रहता, लाखों वर्षों से खड़ा हूँ, और सबको धैर्य और साहस का पाठ पढ़ाता हूँ। मैं गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों का स्रोत हूँ और पूरे भारत का मुकुट हूँ।”
विकल्प (ख) – “स्वस्थ रहने के लिए मैं क्या करूँगा”
नमूना उत्तर: “स्वस्थ रहने के लिए मैं संतुलित आहार लूँगा – चावल, दाल, ताजी सब्जियाँ, फल, दूध-दही, सलाद और भूँजा-सत्तू खाऊँगा। मैं पेट से अधिक नहीं खाऊँगा और हमेशा ताजा भोजन खाऊँगा। मैं रोज़ाना व्यायाम करूँगा, खेलूँगा और साफ-सफाई रखूँगा। मैं नियमित रूप से सोऊँगा और समय पर उठूँगा। मैं मिठाई, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक जैसी हानिकारक चीज़ों से बचूँगा और हरी सब्जियाँ खाऊँगा।”
नोट: शिक्षक इस प्रश्न-पत्र को सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में कक्षा में संचालित कर सकते हैं। पाठ्यपुस्तक के अनुसार उत्तरों में थोड़ा लचीलापन रखें तथा बच्चों की मौलिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करें। अंक वितरण – भाग अ (8), भाग इ (8), भाग उ (6), भाग ओ (10), भाग औ (6), भाग अं (2) – कुल 40 अंक।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
