हमारा आहार – कक्षा 4 हिंदी (Hamara Aahar Class 4 Hindi)
पाठ का सारांश
यह एक स्वास्थ्यवर्धक कविता है जो संतुलित आहार के महत्व को दर्शाती है। कविता में बताया गया है कि हमें चावल, दाल, सब्जियाँ, फल, दूध-दही, सलाद आदि खाने चाहिए। ताजा भोजन खाना चाहिए, पेट से अधिक नहीं खाना चाहिए। गरमी में खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा खाने चाहिए। नियमित भूँजा-सत्तू खाने से डॉक्टर/हकीम की ज़रूरत नहीं पड़ती। कविता आहार और स्वास्थ्य के बीच संबंध को सरलता से समझाती है और बच्चों को स्वस्थ भोजन की आदत डालने की प्रेरणा देती है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- कविता को सही लय, भाव और उच्चारण के साथ पढ़/गा पाएँगे
- संतुलित आहार और स्वस्थ भोजन के महत्व को समझ पाएँगे
- विभिन्न फलों, सब्जियों, दूध-उत्पादों और सलाद का वर्गीकरण कर पाएँगे
- विपरीतार्थक शब्दों (अधिक-कम, अच्छी-बुरी) का प्रयोग कर पाएँगे
- ‘नियमित’ – ‘नियम’ + ‘इत’ से बने शब्दों को समझ पाएँगे
- वर्ग पहेली से समानार्थी शब्द ढूँढ़ पाएँगे
- वर्ण बदलकर नए फल/सब्जी के नाम बना पाएँगे
- स्वास्थ्यवर्धक और हानिकारक भोजन में अंतर कर पाएँगे
- व्यंजन/कोलाज बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ कर पाएँगे
- पौधे के विभिन्न भागों की पहचान कर पाएँगे
- चित्र वर्णन (दस वाक्य) कर पाएँगे
दिन 1 – कविता का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपको क्या खाना पसंद है? सुबह, दोपहर और शाम को आप क्या खाते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपको लगता है कि हम जो खाते हैं, उसका हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?”
- प्रश्न: “स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या खाना चाहिए?”
- पृष्ठ 63 का चित्र दिखाएँ – थाली में चावल, दाल, सब्जी, सलाद, रोटी, फल आदि।
- प्रश्न: “चित्र में क्या-क्या दिख रहा है? आपको क्या खाना अच्छा लगता है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन – शिक्षक कविता को स्पष्ट, लयबद्ध और स्वास्थ्य-जागरूकता के भाव के साथ पढ़कर सुनाएँ (पृष्ठ 63-64)।
- सामूहिक वाचन – विद्यार्थी मिलकर कविता पढ़ें (ताली के साथ)।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- आहार = भोजन (Food)
- विचार = सोच (Thought)
- चुस्त = फुर्तीला/ताज़गी भरा (Active/Fresh)
- फुर्ती = चपलता/तेज़ी (Agility)
- छककर = भरपेट (To one’s fill)
- व्यवहार = उपयोग/प्रयोग (Use/Practice)
- महिमा = गौरव/शान (Glory)
- अपरंपार = बहुत अधिक (Boundless)
- सलाद = कच्ची सब्जियों का मिश्रण (Salad)
- व्याधि = बीमारी (Disease)
- भूँजा-सत्तू = भुने चने/गेहूँ का पाउडर (Roasted gram/wheat flour)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “कविता में किन-किन खाद्य पदार्थों का नाम आया है?” (चावल, दाल, सब्जी, आलू, भिंडी, परवल, दूध-दही, फल, खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा, सलाद, गाजर, मूली, पालक, भूँजा-सत्तू)
- गृहकार्य: कविता को दो बार पढ़ना और ‘आहार’ शब्द का अर्थ घर पर किसी से पूछना।
दिन 2 – कविता की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – कविता का सामूहिक वाचन।
- “स्वस्थ रहने के लिए हमें कैसा आहार लेना चाहिए?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 65):
- “चित्र में आपको क्या-क्या दिख रहा है?” (फल, सब्जियाँ, थाली, सलाद, दूध-दही)
- “आपके लिए आहार क्यों महत्वपूर्ण है?” (शरीर को ऊर्जा, ताकत, पोषण, सेहत के लिए)
- “आपको क्या खाना पसंद है?” (अपनी पसंद बताएँ)
- “खाने में सावधानी रखना क्यों आवश्यक है?” (बीमारी से बचने, पेट साफ रखने, ताकत पाने के लिए)
- “क्या केवल आहार ही हमें स्वस्थ रख सकता है या और कुछ आवश्यक है?” (नहीं – व्यायाम, सोना, सफाई, मानसिक शांति भी चाहिए)
- ‘कविता के आधार पर’ प्रश्न (पृष्ठ 65-66):
- (क) तालिका पूर्ति:फलों के नामसाग-भाजियों के नामदूध से बने उत्पादसलाद की सामग्रीआम, अमरूद, पपीता, केला, बेल, खरबूज, तरबूजपरवल, नेनुआ, मूली, गाजर, पालक, भिंडीदही, छाछ, मक्खन, पनीर, घीगाजर, मूली, टमाटर, खीरा
- (ख) सही उत्तर चुनें (सेब का चित्र):
- (क) चावल, दाल और साग-भाजी खाने के लाभ हैं – iii. शरीर चुस्त और फुर्तीला बनता है।
- (ख) गरमी के मौसम में किन वस्तुओं का भरपूर सेवन करना चाहिए? – i. खरबूज, ii. ककड़ी, iii. खीरा
- (ग) हम खाकर कब पछताते हैं? – ii. जब अधिक खाते हैं।
- (घ) किन खाद्य पदार्थों को नियमित खाने का सुझाव दिया गया है? – ii. भूँजा और सत्तू
- (ग) “हमें फलों और फूलों के बगीचे क्यों लगाने चाहिए?” (ताजे फल-फूल मिलेंगे, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, पर्यावरण सुंदर होगा)
- (घ) “हमें भूख से अधिक क्यों नहीं खाना चाहिए?” (पेट खराब होता है, बीमारी होती है, खाकर पछताना पड़ता है)
- (ङ) “ताजा खाना हरदम खाओ, नहीं बहाना कभी बनाओ।” – (ताजा खाना सेहत के लिए अच्छा है, बासा खाना नहीं खाना चाहिए)
- (च) “भोजन का सेवन किस प्रकार करने की सलाह दी गई है और क्यों?” (ढंग से – ध्यान से, सही मात्रा में, नियमित रूप से – ताकि बीमारी न हो)
- मिलान (पृष्ठ 67):
- “पेट से ज्यादा जब कोई खाए” ↔ “खाकर वह पीछे पछताए।”
- “खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा” ↔ “गरमी की हरते हैं पीड़ा।”
- “ऐसा हो अपना आहार” ↔ “खाकर हम ना पड़ें बीमार।”
- “भोजन में हो खूब सलाद” ↔ “इसका है अपना अंदाज।”
- “जब खाते हैं ढंग से खाना” ↔ “व्याधि को ना मिले बहाना।”
समापन (5 मिनट)
- “कविता से हमें क्या सीख मिलती है?” (संतुलित आहार, ताजा भोजन, अधिक न खाना)
- गृहकार्य: पृष्ठ 67 – साग-भाजियों के चित्र पहचानें और नाम लिखें।
दिन 3 – अभ्यास एवं भाषा कौशल (व्याकरण)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन (विद्यार्थी स्वयं पढ़ें)।
- पिछले दिन के गृहकार्य (साग-भाजियों के नाम) की चर्चा – भिंडी, परवल, आलू, टमाटर, मूली, गाजर, पालक, करेला, लौकी, बैंगन, गोभी, ककड़ी, खीरा, तोरई, कद्दू, आदि।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘हाँ जी हाँ’ और ‘ना जी ना’ (पृष्ठ 68):
- (क) “तुम केवल आलू ही लाना, मुझको है बस आलू खाना।” → ना जी ना (क्योंकि केवल आलू खाना सही नहीं, तरह-तरह की सब्जियाँ चाहिए)
- (ख) “दूध-दही तुम छककर खाना, हरी सब्जियाँ भूल ना जाना।” → हाँ जी हाँ (यह सही सलाह है)
- (ग) “खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा, खाने पर होती है पीड़ा।” → ना जी ना (ये गरमी में फायदेमंद हैं, पीड़ा नहीं होती)
- (घ) “भोजन में हो खूब सलाद, चौबीस घंटे रखना याद।” → हाँ जी हाँ (सलाद स्वास्थ्य के लिए अच्छा है)
- (ङ) “ताजा खाना हरदम खाओ, रोग-व्याधि को दूर भगाओ।” → हाँ जी हाँ (ताजा खाना सेहत के लिए अच्छा है)
- विपरीतार्थक शब्द (पृष्ठ 68-69):
- (क) “खाने में सलाद अधिक और तले हुए व्यंजन कम खाएँ।”
- (ख) “अच्छी आदतों को भूलना नहीं, याद रखना चाहिए।”
- (ग) “गरमी के मौसम में सूती और सर्दी के मौसम में ऊनी कपड़े पहनने चाहिए।”
- (घ) “सही समय पर सोइए और सही समय पर जागिए।”
- ‘इत’ प्रत्यय से बने शब्द (पृष्ठ 69):
- नियमित = नियम + इत (नियम का पालन करने वाला)
- विद्यार्थी अन्य शब्दों में ‘इत’ लगाकर नए शब्द बनाएँ:मूल शब्द’इत’ लगाने परशिक्षाशिक्षित (शिक्षा पाने वाला)चर्चाचर्चित (जिसकी चर्चा हो)प्रमाणप्रमाणित (सिद्ध किया हुआ)मोहमोहित (जो मोह में हो)सुगंधसुगंधित (सुगंध वाला)
- वर्ग पहेली – समानार्थी शब्द (पृष्ठ 69):
- आहार → भोजन (“भोजन – भैया ने बहुत स्वादिष्ट भोजन बनाया है।”)
- हरदम → निरंतर/हमेशा (शिक्षक मार्गदर्शन करें – पहेली में ‘सदा’ आएगा)
- बाग → उपवन/बगीचा
- सब्जी → भाजी/तरकारी
- पीड़ा → दर्द (पहेली में ‘पीड़ा’ का समानार्थी ‘दुःख’ हो सकता है)
- अपरंपार → असीम/बहुत
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्यों की जाँच।
- गृहकार्य: पृष्ठ 70 – ‘पता लगाइए’ – अपनी भाषा में साग-तरकारियों के स्थानीय नाम लिखें।
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, चित्र वर्णन एवं विस्तार
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (स्थानीय नाम) साझा करें:
- प्याज – कांदा (महाराष्ट्र), प्याज (हिंदी), उल्ली (तमिल)
- कद्दू – कुम्हड़ा, काशीफल
- तोरई – तुरई, जींगा
- भिंडी – बेंडी, ओकरा
- करेला – कारेली, बालकोंडा
- कविता का सामूहिक वाचन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पौधे के विभिन्न भाग (पृष्ठ 71):
- शिक्षक पौधे का चित्र दिखाएँ और भागों के नाम बताएँ:
- जड़ (Root), तना (Stem), पत्ती (Leaf), फूल (Flower), फल (Fruit), बीज (Seed)
- विद्यार्थी नाम लिखें और चित्र में पहचानें।
- शिक्षक पौधे का चित्र दिखाएँ और भागों के नाम बताएँ:
- चित्र वर्णन (पृष्ठ 72):
- चित्र देखकर दस वाक्य लिखें:
- उदाहरण: “यह चित्र एक बाज़ार/थाली का है। इसमें अनेक प्रकार के फल और सब्जियाँ हैं। सेब, केला, अंगूर, आम, संतरा आदि फल हैं। टमाटर, आलू, बैंगन, गाजर, मूली, प्याज आदि सब्जियाँ हैं। यह भोजन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। हमें इन सबको खाना चाहिए। संतुलित आहार से शरीर चुस्त और फुर्तीला रहता है। हमें ताजा फल और सब्जियाँ खानी चाहिए।”
- चित्र देखकर दस वाक्य लिखें:
- स्वास्थ्यवर्धक और हानिकारक भोजन (पृष्ठ 72):
- विद्यार्थी तालिका पूरी करें:क्रम संख्यास्वास्थ्यवर्धकहानिकारक1.ताजा फलकोल्ड ड्रिंक2.हरी सब्जियाँचिप्स/बिस्कुट3.दूध-दहीमिठाई (अधिक)4.सलादतला-भुना5.भूँजा-सत्तूपैकेट का खाना
- कोलाज बनाना (पृष्ठ 73):
- विद्यार्थी पुरानी पत्रिकाओं से फलों और साग-भाजियों के चित्र काटें और कोलाज बनाएँ।
- कोलाज को प्यारा-सा नाम दें – “स्वस्थ भोजन”, “फलों का बगीचा”, “मेरी थाली”, आदि।
- बूझो तो जानें (पृष्ठ 73):
- (क) “कड़वी सब्जी मैं कहलाता, रहता सदा अकेला…” → उत्तर: करेला
- (ख) “हरी थी, मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी…” → उत्तर: मक्का/भुट्टा
- (ग) “तीन अक्षर का मेरा नाम, खाने के आता हूँ काम…” → उत्तर: हलवा (मध्य कटे ‘हवा’, अंत कटे ‘हल’)
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के कोलाज और चित्रों की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: ‘खेल-खेल में’ (पृष्ठ 73) – ढिब्बे/टोकरी गतिविधि के लिए तैयारी करें – फल/सब्जी के नाम की पर्चियाँ लेकर आएँ।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, खेल-आधारित गतिविधि एवं मूल्यांकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- कविता का सामूहिक वाचन (लय के साथ)।
- खेल: विद्यार्थी ढिब्बे/टोकरी से एक पर्ची निकालें – उस फल/सब्जी के गुण/विशेषताएँ बताएँ (जैसे – आप ही वह फल/सब्जी हैं)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- कविता का नाम क्या है? (हमारा आहार)
- हमें कैसा आहार लेना चाहिए? (संतुलित, पौष्टिक, ताजा)
- गरमी में क्या-क्या खाना चाहिए? (खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा)
- अधिक खाने पर क्या होता है? (पछताना पड़ता है, बीमारी होती है)
- ‘भूँजा-सत्तू’ खाने से क्या लाभ है? (वैद्य-हकीम घर नहीं आते)
- ‘व्याधि’ शब्द का क्या अर्थ है? (बीमारी)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘हमारा आहार’ कविता की कोई चार पंक्तियाँ लिखिए।
- (ख) “पेट से ज्यादा जब कोई खाए, खाकर वह पीछे पछताए” – इस पंक्ति का अर्थ लिखिए।
- (ग) विपरीतार्थक शब्द लिखिए:
- अधिक × _____ (कम)
- अच्छी × _____ (बुरी)
- सर्दी × _____ (गरमी)
- (घ) ‘नियमित’ शब्द कैसे बना है? (नियम + इत)
- (ङ) “हमें फलों और फूलों के बगीचे क्यों लगाने चाहिए?” (ताजे फल-फूल के लिए, स्वास्थ्य, सुंदरता)
- (च) सलाद की तीन सामग्रियाँ लिखिए। (गाजर, मूली, खीरा, टमाटर – कोई तीन)
- समूह गायन – सभी विद्यार्थी मिलकर कविता गाएँ और स्वस्थ भोजन की शपथ लें:
- “हम ताजा, पौष्टिक, संतुलित भोजन खाएँगे।”
- “भूख से अधिक नहीं खाएँगे।”
- “प्रतिदिन व्यायाम करेंगे।”
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘हमारा आहार’ कविता हमें सिखाती है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें संतुलित, ताजा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए। हमें फल, सब्जियाँ, दूध-दही, सलाद, अनाज, भूँजा-सत्तू आदि खाने चाहिए। अधिक खाना, बासा खाना, असंतुलित खाना बीमारी का कारण बनता है। ‘जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है’ – हमें हर चीज़ को नियमित मात्रा में खाना चाहिए और शारीरिक श्रम/व्यायाम करना चाहिए।”
- अगले पाठ ‘आसमान गिरा’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम एक मज़ेदार कहानी पढ़ेंगे जिसमें एक खरगोश को लगता है कि आसमान गिर रहा है!”
शिक्षण सहायक सामग्री
- विभिन्न फलों, सब्जियों, दूध-उत्पादों, सलाद के चित्र/वास्तविक नमूने
- कविता का चार्ट
- शब्दार्थ कार्ड (आहार, चुस्त, व्याधि, अपरंपार, सलाद)
- स्वास्थ्यवर्धक/हानिकारक भोजन कार्ड
- पौधे के भागों का चार्ट
- पुरानी पत्रिकाएँ, कैंची, गोंद (कोलाज के लिए)
- रंग, कागज़, पेंसिल
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | कविता का सस्वर, लयबद्ध वाचन | अवलोकन/मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | संतुलित आहार और स्वस्थ भोजन की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 3 | फलों, सब्जियों, दूध-उत्पादों, सलाद का वर्गीकरण | तालिका/चित्र |
| 4 | विपरीतार्थक शब्द, ‘इत’ प्रत्यय | लिखित अभ्यास |
| 5 | स्वास्थ्यवर्धक/हानिकारक भोजन की पहचान | तालिका/मौखिक |
| 6 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (कोलाज, चित्र वर्णन) | कला/लिखित कार्य |
| 7 | पौधे के विभिन्न भागों की पहचान | चित्र/मौखिक |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘आहार’, ‘सब्जी’, ‘फल’, ‘दही’, ‘सलाद’ को क्या कहते हैं। स्वस्थ भोजन की अवधारणा को बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़ें – उन्हें स्कूल में लंच बॉक्स में क्या लाते हैं, इस पर चर्चा करें। अधिक मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, बिस्कुट के नुकसान बताएँ और पौष्टिक भोजन (फल, सब्जियाँ, दूध, दही, सलाद, भूँजा) के फायदे समझाएँ। पौधे के भाग – जो भाग हम खाते हैं (जड़ – गाजर/मूली, तना – गन्ना, पत्ती – पालक, फल – आम/टमाटर, बीज – चने/मूँग) – की चर्चा अवश्य करें ताकि बच्चे वर्गीकरण कर सकें। खेल-आधारित गतिविधि (पर्ची निकालकर गुण बताना) बच्चों को सक्रिय भागीदारी और आत्मविश्वास प्रदान करेगी।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
