मिलकर साथ रहना – कक्षा 4 EVS Unit 1: हमारा समुदाय (Milkar Saath Rehna Class 4 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय सामुदायिक जीवन, सहयोग और एकता के महत्व को दर्शाता है। चंदन नाम का एक बच्चा अपने गाँव की यात्रा कराता है और बताता है कि कैसे समुदाय के विभिन्न व्यक्ति और स्थान (दुकान, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस, विद्यालय) एक-दूसरे से जुड़े हैं। पाठ वन महोत्सव (वृक्षारोपण महोत्सव) – 1 से 7 जुलाई – के माध्यम से सामूहिक प्रयास का महत्व बताता है। गाँव के लोग मिलकर उद्यान की सफाई, पौधारोपण, मरम्मत आदि करते हैं। कांकेर (छत्तीसगढ़) में चिनार नदी पर सामुदायिक पुल बनाने का उदाहरण भी दिया गया है। सामूहिक भोज, चींटियों और मधुमक्खियों के समुदाय, असम का माघ बिहू और सिक्किम की खेताला परंपरा भी सहयोग और एकता के उदाहरण हैं। यह अध्याय बच्चों को समुदाय, सहयोग, सार्वजनिक स्थानों के महत्व और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ (संपूर्ण विश्व एक परिवार) की भावना से परिचित कराता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- समुदाय और सामुदायिक जीवन की अवधारणा को समझ पाएँगे
- सार्वजनिक स्थानों (विद्यालय, चिकित्सालय, बाजार, उद्यान, बस स्टैंड) के महत्व को समझ पाएँगे
- सहयोग और एकता के महत्व को समझ पाएँगे
- वन महोत्सव (1-7 जुलाई) के बारे में जान पाएँगे
- व्यवसायों (माली, राजमिस्त्री, बढ़ई, डाकिया, शिक्षक, चिकित्सक, पुलिस) के बारे में जान पाएँगे
- पहेलियों को हल कर पाएँगे (बस स्टैंड, डाकघर, बाजार, खेल का मैदान)
- समूह गतिविधियों (पोस्टर, वृक्षारोपण, स्वच्छता) में सहभागिता कर पाएँगे
- चित्र अवलोकन और तालिका पूर्ति कर पाएँगे
- सामुदायिक सहयोग पर अपने विचार व्यक्त कर पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय एवं चित्र अवलोकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आप कहाँ रहते हैं? आपके आस-पास कौन-कौन से लोग रहते हैं?”
- प्रश्न: “समुदाय क्या होता है? क्या आप अपने समुदाय के लोगों को जानते हैं?”
- प्रश्न: “आपके गाँव/मोहल्ले में कौन-कौन से स्थान हैं?” (विद्यालय, मंदिर, बाजार, पार्क, बस स्टैंड)
- प्रश्न: “क्या आपने कभी किसी काम में समुदाय के लोगों को एक साथ काम करते देखा है?”
- पृष्ठ 21 का चित्र दिखाएँ – चंदन के गाँव का चित्र।
- परिचय: “आज हम ‘मिलकर साथ रहना’ पाठ पढ़ेंगे, जो हमें बताता है कि समुदाय के लोग मिलकर कैसे रहते हैं और एक-दूसरे की सहायता कैसे करते हैं।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- चित्र अवलोकन (पृष्ठ 21):
- विद्यार्थी चंदन के गाँव के चित्र को ध्यान से देखें।
- प्रश्न: “चित्र में आपको क्या-क्या दिखाई दे रहा है?” (पेड़, मैदान, दुकानें, सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस, बस स्टैंड)
- विद्यार्थी अपने अवलोकन साझा करें।
- तालिका पूर्ति (पृष्ठ 22):
- विद्यार्थी अपने आस-पास के व्यक्तियों और स्थानों का अवलोकन करें और तालिका भरें:स्थान/व्यक्तिव्यक्तियों और स्थानों के बीच संबंधदुकानदारखाद्य सामग्री, वस्त्र, दैनिक आवश्यकताएँ बेचते हैंसड़कविभिन्न स्थानों पर रहने वाले लोगों को जोड़ती हैस्वास्थ्य केंद्ररोगों का उपचार करते हैंपुलिससुरक्षा प्रदान करती हैविद्यालयशिक्षा प्रदान करता है
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 23):
- (क) “आपके क्षेत्र में उद्यान, विद्यालय, चिकित्सालय और बस स्टैंड क्यों आवश्यक हैं?” (खेलने, पढ़ने, इलाज, यात्रा के लिए)
- (ख) “यदि इनमें से कोई एक स्थान न हो तो जीवन कैसा होता?” (मुश्किल, असुविधाजनक)
- (ग) “इन स्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं?” (कूड़ा न फेंकना, पौधे लगाना, सफाई में मदद)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “समुदाय में सार्वजनिक स्थान क्यों महत्वपूर्ण हैं?”
- गृहकार्य: अपने घर के आस-पास के 5 सार्वजनिक स्थानों के नाम लिखें।
दिन 2 – वन महोत्सव एवं सामुदायिक सहयोग
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “सार्वजनिक स्थानों के नाम बताएँ।”
- प्रश्न: “वन महोत्सव क्या है? यह कब मनाया जाता है?” (1-7 जुलाई, पेड़ लगाने का त्योहार)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- वन महोत्सव की कहानी (पृष्ठ 23-24):
- शिक्षक चंदन, जॉन, मल्लिका, समीर, बबिता, नूर की कहानी पढ़कर सुनाएँ।
- चर्चा: “बच्चों ने वन महोत्सव के लिए क्या-क्या किया?” (उद्यान की सफाई, पौधे लगाना, बेंच ठीक करना, लाइट ठीक करना)
- “वन महोत्सव को ‘वृक्षारोपण महोत्सव’ भी कहते हैं।”
- “वन महोत्सव क्यों मनाया जाता है?” (पर्यावरण की रक्षा, पृथ्वी को हरा-भरा बनाने के लिए)
- गतिविधि – पोस्टर बनाना (पृष्ठ 24):
- विद्यार्थी वन महोत्सव पर एक रंगीन पोस्टर बनाएँ, जिसमें लोगों को वन महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया हो।
- पोस्टर पर नारा लिखें – “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ”, “हरियाली है अनमोल”, “वन महोत्सव – 1 से 7 जुलाई”
- पोस्टर कक्षा में प्रदर्शित करें।
- समुदाय में सहयोग (पृष्ठ 24-25):
- “उद्यान की मरम्मत के लिए किन-किन ने क्या सहयोग किया?”
- समीर – लकड़ियाँ और कीले (बेंच ठीक करने के लिए)
- बबिता – प्रकाश स्तंभ (लाइट) ठीक करना
- नूर – पौधशाला से पौधे लाना
- चर्चा: “जब सब मिलकर काम करते हैं तो क्या होता है?” (काम जल्दी होता है, सबको खुशी मिलती है)
- “उद्यान की मरम्मत के लिए किन-किन ने क्या सहयोग किया?”
- गतिविधि (पृष्ठ 25-26):
- (क) “अपने क्षेत्र के रख-रखाव में सहायता करने वाले व्यक्तियों की पहचान कीजिए – उनके व्यवसाय क्या हैं?” (माली, कुली, सफाई कर्मचारी, बढ़ई, राजमिस्त्री)
- (ख) तालिका पूर्ति (पृष्ठ 26):कार्य करने वाले लोगव्यवसायवे क्या करते हैंसामग्री/उपकरणमालीबागवानीपौधे लगाना, पानी देनाफावड़ा, पानी, बीजबढ़ईबढ़ईगीरीबेंच/लकड़ी का कामहथौड़ा, कील, आराराजमिस्त्रीनिर्माणदीवारें बनाना/ठीक करनासीमेंट, ईंट, करणीनाईनाई का कामबाल काटनाकैंची, उस्तरा
समापन (5 मिनट)
- “वन महोत्सव में सभी ने मिलकर काम क्यों किया?” (एकता, सहयोग, पर्यावरण प्रेम)
- गृहकार्य: अपने परिवार के किसी सदस्य या पड़ोसी से उनके व्यवसाय के बारे में 3 प्रश्न पूछें (जैसे – आपको काम में क्या अच्छा लगता है? आप किन उपकरणों का उपयोग करते हैं? क्या चुनौतियाँ हैं?)
दिन 3 – सामुदायिक पुल, सामूहिक भोज एवं अन्य उदाहरण
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “वन महोत्सव में किन-किन ने सहयोग किया?”
- प्रश्न: “क्या आपके क्षेत्र में भी लोग मिलकर कोई काम करते हैं?” (सफाई, त्योहार, शादी)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- नदी पर बना सामुदायिक पुल (पृष्ठ 27):
- स्थान: छत्तीसगढ़ का कांकेर, नदी: चिनार
- “बरसात में नदी उफान पर हो जाती थी, लोगों को विद्यालय और चिकित्सालय जाने में कठिनाई होती थी।”
- “समुदाय ने मिलकर बाँस, पत्थर और अन्य सामग्री से दो दिनों में एक पुल बना दिया।”
- चर्चा: “सामुदायिक सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?” (जरूरत के समय एकजुट होना)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 28):
- (क) “क्या आवश्यकता के समय समुदायों का एक साथ आना महत्वपूर्ण होता है?” (हाँ – इससे समस्या जल्दी हल होती है)
- (ख) “क्या आपके क्षेत्र में लोग एक-दूसरे की सहायता के लिए एकजुट होते हैं?” (अपने अनुभव साझा करें)
- चींटियों और मधुमक्खियों का समुदाय (पृष्ठ 28):
- “चींटियों का झुंड एक समुदाय जैसा होता है – कुछ भोजन एकत्र करती हैं, कुछ बच्चे सँभालती हैं, कुछ घर की रक्षा करती हैं।”
- “मधुमक्खियाँ भी एक समुदाय की तरह काम करती हैं – भोजन एकत्र करना, बच्चों की रक्षा करना, छत्ता बनाना।”
- चर्चा: “मनुष्यों को चींटियों और मधुमक्खियों से क्या सीख मिलती है?” (मिलकर काम करना, अनुशासन, एकता)
- मिल-जुलकर खाना (पृष्ठ 28-29):
- “वृक्षारोपण के बाद सामुदायिक भोज का आयोजन हुआ।”
- “सबने मिलकर भोजन बनाया, केले के पत्तों पर खाना परोसा गया।”
- “पत्तों को गड्डे में डाल दिया गया – वे खाद बन जाते हैं और मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाते हैं।”
- चर्चा: “आप अपने परिवार या समुदाय में किसी पर्व/त्योहार पर एक-दूसरे की सहायता कैसे करते हैं?” (पृष्ठ 29)
- अन्य उदाहरण (पृष्ठ 30-31):
- असम – माघ बिहू (14 जनवरी): ‘भेला घर’ (बाँस और सूखी घास का झोपड़ा), भव्य भोज, नृत्य
- सिक्किम – खेताला: फसल कटाई के समय विशेषज्ञ लोग एक-दूसरे की सहायता करते हैं
समापन (5 मिनट)
- “मिलकर काम करने से समुदाय कैसे उत्तम बनता है?” (एकता, सहयोग, खुशी)
- गृहकार्य: पृष्ठ 30 – “अपने परिवार या समुदाय के किसी पर्व/त्योहार की तैयारी में एक-दूसरे की सहायता कैसे करते हैं?” – 4-5 वाक्य लिखें।
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, पहेलियाँ एवं समूह कार्य
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (त्योहारों में सहयोग) साझा करें – 3-4 विद्यार्थी पढ़ें।
- “क्या आपको पहेलियाँ हल करना पसंद है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘आइए विचार करें – हमारा विद्यालय, हमारा समूह’ (पृष्ठ 31-32):
- (क) “विद्यालय में विभिन्न लोग (शिक्षक, सफाई कर्मचारी, बस चालक) क्या-क्या कार्य करते हैं?” – तालिका भरें:व्यक्तिवे विद्यालय में कैसे सहायता करते हैं?शिक्षकनया ज्ञान देते हैं, पढ़ाते हैंसफाई कर्मचारीविद्यालय को साफ रखते हैंबस चालकविद्यार्थियों को स्कूल लाते-ले जाते हैंप्रधानाचार्यविद्यालय का प्रबंधन करते हैं
- (ख) “विद्यालय में प्रत्येक व्यक्ति के लिए समूह के रूप में कार्य करना क्यों महत्वपूर्ण है?” (सबका योगदान जरूरी, विद्यालय सुचारू रूप से चलता है)
- (ग) “विद्यालयी समुदाय के एक सदस्य के रूप में आपकी भूमिका क्या है?” (पढ़ना, नियमों का पालन, सफाई में मदद, सहयोग)
- समूह गतिविधि (पृष्ठ 32):
- विद्यार्थी 4-5 के समूह बनाएँ और एक गतिविधि चुनें:
- (क) वृक्षारोपण
- (ख) स्वच्छता अभियान
- (ग) प्राकृतिक चीजों से वस्तुएँ बनाना (पत्तों की थालियाँ, माला, वंदनवार)
- तालिका भरें:समूह का नामचयनित गतिविधिप्रयुक्त सामग्रीआपने क्या सीखा?समूह 1वृक्षारोपणपौधे, फावड़ा, पानीमिलकर काम करनासमूह 2स्वच्छता अभियानकूड़ादान, झाड़ूसफाई का महत्वसमूह 3माला बनानाफूल, धागाप्राकृतिक चीज़ों का उपयोग
- विद्यार्थी 4-5 के समूह बनाएँ और एक गतिविधि चुनें:
- पहेलियाँ (पृष्ठ 33):
- (क) बस स्टैंड – “मैं हूँ वह स्थान जहाँ पर करते लोग प्रतीक्षा, बस आती और जाती रहती…”
- (ख) डाकघर – “दूर-दूर से चिट्ठी लाऊँ, टिकट लगा पासील ले जाऊँ…”
- (ग) बाजार – “चमक-दमक और तरह-तरह के लोगों से मैं घिरा हुआ…”
- (घ) खेल का मैदान – “मैं हूँ वह स्थान जहाँ तुम खेलो-कूदो…”
- (विद्यार्थी पहेलियाँ पढ़ें और उत्तर बताएँ)
- स्वयं पहेली बनाएँ (पृष्ठ 34):
- विद्यार्थी अपनी रुचि के किसी सार्वजनिक स्थान (जैसे – मंदिर, पुस्तकालय, चिकित्सालय) पर एक पहेली बनाएँ और सहपाठियों को बताएँ।
- समूह योजना (पृष्ठ 34):
- विद्यार्थी तीन समूहों में बँटकर अपने क्षेत्र की किसी समस्या (स्वच्छता, मदद, कार्यक्रम) को सुधारने की योजना बनाएँ और तालिका भरें।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के पोस्टर, पहेलियाँ और समूह योजनाओं की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: अपने क्षेत्र के किसी विशेष कौशल या हस्तशिल्प (टोकरी बनाना, मिट्टी के बर्तन, दीवार चित्रकारी) के बारे में परिवार से पूछें (पृष्ठ 34)।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- “पिछले पाठों में हमने समुदाय के बारे में क्या सीखा?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- समुदाय क्या है? (एक साथ रहने वाले लोगों का समूह)
- वन महोत्सव कब मनाया जाता है? (1-7 जुलाई)
- वन महोत्सव को और क्या कहते हैं? (वृक्षारोपण महोत्सव)
- छत्तीसगढ़ के कांकेर में किस नदी पर पुल बनाया गया? (चिनार नदी)
- चींटियों के झुंड में कौन-कौन से काम होते हैं? (भोजन एकत्र करना, बच्चे सँभालना, घर की रक्षा)
- असम का ‘माघ बिहू’ कब मनाया जाता है? (14 जनवरी)
- सिक्किम में फसल कटाई के समय विशेषज्ञ लोगों को क्या कहते हैं? (खेताला)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘मिलकर साथ रहना’ पाठ में सामुदायिक सहयोग के कोई चार उदाहरण लिखिए।
- (ख) वन महोत्सव क्यों मनाया जाता है? (पर्यावरण की रक्षा, पृथ्वी को हरा-भरा बनाने के लिए)
- (ग) ‘सार्वजनिक स्थान’ किसे कहते हैं? कोई चार उदाहरण दीजिए।
- (घ) पहेली का उत्तर बताइए – “दूर-दूर से चिट्ठी लाऊँ, टिकट लगा पासील ले जाऊँ…” (डाकघर)
- (ङ) आप अपने समुदाय में किस प्रकार सहयोग कर सकते हैं? (कोई दो तरीके)
- समूह प्रस्तुति:
- प्रत्येक समूह अपनी गतिविधि (वृक्षारोपण/स्वच्छता/कला) के बारे में प्रस्तुत करें और बताएँ कि उन्होंने क्या सीखा।
- चर्चा:
- “मिलकर साथ रहने से समुदाय कैसे मजबूत बनता है?”
- “आप अपने विद्यालय/समुदाय में कैसे सहयोग कर सकते हैं?”
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘मिलकर साथ रहना’ पाठ हमें सिखाता है कि समुदाय के लोग मिलकर रहते हैं, एक-दूसरे की सहायता करते हैं और सार्वजनिक स्थानों (विद्यालय, चिकित्सालय, बाजार, उद्यान) का साझा उपयोग करते हैं। वन महोत्सव, सामुदायिक पुल, सामूहिक भोज, चींटियों-मधुमक्खियों का समुदाय, माघ बिहू, खेताला – ये सभी एकता, सहयोग और प्रकृति-प्रेम के उदाहरण हैं। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ – संपूर्ण विश्व एक परिवार है। हमें भी अपने विद्यालय और समुदाय में मिलकर काम करना चाहिए, एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए और अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए।”
- अगले पाठ ‘अपने परिवेश को जानना’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि हम अपने आस-पास के परिवहन, संचार, डाकघर, बैंक, और मानचित्र के बारे में कैसे जान सकते हैं।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- चंदन के गाँव का चित्र (पृष्ठ 21) – बड़ा प्रिंट/प्रोजेक्टर
- सार्वजनिक स्थानों के चित्र (विद्यालय, चिकित्सालय, बाजार, उद्यान, बस स्टैंड, डाकघर)
- वन महोत्सव, वृक्षारोपण के चित्र
- चींटियों और मधुमक्खियों के चित्र
- पहेली कार्ड
- पोस्टर बनाने की सामग्री – चार्ट पेपर, रंग, कैंची, गोंद
- रंग, कागज़, पेंसिल
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | समुदाय एवं सार्वजनिक स्थानों की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 2 | वन महोत्सव (तिथि, उद्देश्य, गतिविधियाँ) की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 3 | सामुदायिक सहयोग के उदाहरण (पुल, भोज, चींटियाँ, बिहू, खेताला) की समझ | मौखिक/लिखित |
| 4 | व्यवसायों एवं उनके उपकरणों की पहचान | तालिका/मौखिक |
| 5 | पहेलियों का समाधान | मौखिक/लिखित |
| 6 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (पोस्टर, समूह योजना) | कला/समूह गतिविधि |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘समुदाय’, ‘सहयोग’, ‘वन महोत्सव’, ‘उद्यान’ को क्या कहते हैं। छत्तीसगढ़ के संदर्भ – कांकेर का सामुदायिक पुल और बस्तर दशहरा (पिछली कक्षा से) को जोड़कर पढ़ाएँ ताकि बच्चों को स्थानीय संदर्भ से जुड़ाव महसूस हो। समूह गतिविधियाँ – बच्चों को सामूहिक कार्य का अनुभव कराएँ (जैसे – कक्षा की सफाई, पौधा लगाना, पोस्टर बनाना)। पहेलियाँ – बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने में सहायक हैं। व्यवसायों की चर्चा करते हुए बच्चों को हर काम के प्रति सम्मान सिखाएँ – कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, सबका अपना महत्व है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना – बच्चों को सिखाएँ कि संपूर्ण विश्व एक परिवार है और हमें सभी के साथ प्रेम और सहयोग से रहना चाहिए।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
