अपने परिवेश को जानना – कक्षा 4 EVS Unit 1: हमारा समुदाय (Apne Parivesh Ko Jaanna Class 4 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय बच्चों को अपने आस-पास के परिवेश, सार्वजनिक स्थानों, संचार के साधनों, परिवहन, बैंकिंग और मानचित्र के बारे में जानकारी देता है। नव्या और उसके दादाजी की बस यात्रा के माध्यम से बच्चे डाकघर, डाकपेटी, पत्र-लेखन, डाकिया, मेट्रो रेल, उपरिगामी सेतु (फ्लाईओवर), चिकित्सालय, बैंक, ए.टी.एम. आदि के बारे में जानते हैं। पाठ में संचार के पुराने और नए साधनों, यातायात के विकास, बैंक की कार्यप्रणाली, मुद्रा के इतिहास (वस्तु-विनिमय) और मानचित्र बनाने (दिशाओं – उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) के बारे में भी बताया गया है। यह अध्याय बच्चों में जागरूकता, वित्तीय साक्षरता, भौगोलिक समझ और तकनीकी बदलावों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- डाकघर, पत्र-लेखन, डाकपेटी, डाकिया के बारे में जान पाएँगे
- संचार के पुराने और नए साधनों में अंतर कर पाएँगे
- परिवहन के साधनों (बस, मेट्रो, फ्लाईओवर) के बारे में जान पाएँगे
- चिकित्सालय और वहाँ काम करने वाले व्यक्तियों (चिकित्सक, नर्स) के बारे में जान पाएँगे
- बैंक, ए.टी.एम., बचत, मुद्रा की बुनियादी समझ विकसित कर पाएँगे
- मानचित्र बनाना और दिशाओं (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) को पहचान पाएँगे
- सार्वजनिक स्थानों की पहचान कर पाएँगे
- आय-व्यय योजना बनाने का कौशल विकसित कर पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, डाकघर एवं संचार
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “क्या आपने कभी कोई पत्र देखा है या पत्र लिखा है?”
- प्रश्न: “आपको पत्र कैसे मिलता है?” (डाकिया लाता है, डाकघर से)
- प्रश्न: “क्या आप जानते हैं कि पुराने ज़माने में लोग एक-दूसरे से कैसे बात करते थे?”
- प्रश्न: “आजकल आप किस तरह अपने दूर रहने वाले रिश्तेदारों से बात करते हैं?” (फोन, वीडियो कॉल, मैसेज)
- पृष्ठ 35-36 का चित्र दिखाएँ – बस, डाकपेटी, डाकघर।
- परिचय: “आज हम ‘अपने परिवेश को जानना’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम अपने आस-पास की चीज़ों – डाकघर, बैंक, अस्पताल, मानचित्र – के बारे में जानेंगे।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन (पृष्ठ 35-36):
- शिक्षक नव्या और दादाजी की बस यात्रा की कहानी पढ़कर सुनाएँ।
- नए शब्दों की व्याख्या:
- डाकपेटी (पोस्ट बॉक्स) = लाल रंग की पेटी जिसमें पत्र डाले जाते हैं
- डाकघर (पोस्ट ऑफिस) = वह स्थान जहाँ पत्र भेजे और बाँटे जाते हैं
- डाकिया (पोस्टमैन) = पत्र पहुँचाने वाला व्यक्ति
- पत्र = चिट्ठी/संदेश (Letter)
- गतिविधि – पत्र लिखना (पृष्ठ 36):
- विद्यार्थी अपने मित्र को एक छोटा पत्र लिखें:
- “प्रिय मित्र, नमस्ते! मैं यहाँ बहुत अच्छा हूँ। आप कैसे हैं? जल्दी मिलते हैं। आपका मित्र, [नाम]”
- पत्र को एक लिफाफे में डालें और उस पर पता लिखें (कल्पना)।
- डाक पेटी का चित्र बनाएँ और उसमें पत्र डालने का अभिनय करें।
- विद्यार्थी अपने मित्र को एक छोटा पत्र लिखें:
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 36-37):
- (क) “क्या आपने या आपके परिवार के किसी सदस्य ने कभी कोई पत्र भेजा या प्राप्त किया है?” – अनुभव साझा करें।
- (ख) “डाकघर लोगों को एक-दूसरे के साथ संबंध बनाए रखने में कैसे सहायता करता है?” – (पत्र भेजना, समाचार भेजना, संपर्क बनाए रखना)
- संचार के साधन (पृष्ठ 38-39):
- पुराने साधन – पत्र, डाकिया, डाकपेटी (समय अधिक लगता था)
- नए साधन – मोबाइल फोन, ईमेल, वीडियो कॉल, मैसेज (तुरंत पहुँचते हैं)
- चर्चा: “पुराने ज़माने में पत्रों को पहुँचने में बहुत समय लगता था – इससे क्या प्रभाव पड़ता होगा?” (सूचनाएँ देर से पहुँचती थीं)
- “आजकल लोग किस तरह संचार करते हैं?” (तेज़, आसान, तुरंत)
- “गलत सूचना (फेक न्यूज़) से कैसे बचें?” (जाँच करें, सही स्रोत से पुष्टि करें)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “डाकघर क्यों महत्वपूर्ण है?” (लोगों को जोड़ने, संदेश भेजने के लिए)
- गृहकार्य: “पुराने ज़माने में पत्र कैसे भेजे जाते थे?” – घर के बड़ों से पूछें और लिखें।
दिन 2 – परिवहन, यातायात एवं चिकित्सालय
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “डाकघर क्या है? पत्र कैसे भेजा जाता है?”
- प्रश्न: “आप स्कूल कैसे आते हैं? आप यात्रा के कौन-से साधन जानते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- परिवहन और यातायात (पृष्ठ 39-40):
- मेट्रो रेल – तेज़ गति से चलती है, समय बचाती है
- उपरिगामी सेतु (फ्लाईओवर) – सड़कों और चौराहों के ऊपर से पार करने वाला रास्ता
- चर्चा: “मेट्रो और फ्लाईओवर से हमें क्या लाभ होते हैं?” (समय बचता है, यात्रा आसान होती है)
- “पर्यावरण पर इनका क्या प्रभाव पड़ता है?” (पेड़ कटते हैं, पशु-पक्षी विस्थापित होते हैं)
- “क्या हम विकास करते हुए पर्यावरण को बचा सकते हैं?” (हाँ – पेड़ लगाकर, संतुलन बनाकर)
- गतिविधि (पृष्ठ 40):
- विद्यार्थी यातायात के साधनों (बस, मेट्रो, कार, साइकिल, हवाई जहाज) के चित्र पहचानें और उनके नाम लिखें।
- “यात्रा कैसे तेज़ और बेहतर हुई?” – चर्चा
- तालिका पूर्ति (पृष्ठ 41):
- विद्यार्थी अपने, अपने माता-पिता और दादा-दादी के यात्रा साधनों की तुलना करें:आपमाता-पितादादा-दादीस्कूल बस/साइकिलकार/स्कूटरपैदल/साइकिल/बस
- चिकित्सालय (पृष्ठ 41):
- नेत्र जाँच शिविर – आँखों की जाँच का शिविर
- चिकित्सालय/स्वास्थ्य केंद्र – बीमार होने पर इलाज के लिए जाते हैं
- तालिका पूर्ति (पृष्ठ 41):व्यक्तिचिकित्सालय/स्वास्थ्य केंद्र में भूमिकाचिकित्सक (डॉक्टर)रोगियों का उपचार करते हैं और दवाइयाँ लिखते हैंनर्समरीजों की देखभाल करती हैं, दवा देती हैंफार्मासिस्टदवाइयाँ देता हैसफाई कर्मचारीअस्पताल को साफ रखता हैएम्बुलेंस चालकमरीजों को अस्पताल लाता है
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “चिकित्सालय हमारे समुदाय का महत्वपूर्ण भाग क्यों है?” (बीमारी में इलाज, स्वास्थ्य सुरक्षा)
- गृहकार्य: “अपने क्षेत्र में कौन-सा चिकित्सालय/स्वास्थ्य केंद्र है?” – पता करें और लिखें।
दिन 3 – बैंक, ए.टी.एम., बचत एवं मुद्रा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “चिकित्सालय में कौन-कौन काम करता है?”
- प्रश्न: “क्या आप जानते हैं कि बैंक क्या होता है? क्या आपने ए.टी.एम. देखा है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- बैंक और ए.टी.एम. (पृष्ठ 42):
- बैंक – पैसे सुरक्षित रखने, बचत करने, पैसे निकालने का स्थान
- ए.टी.एम. – ऑटोमेटेड टेलर मशीन – किसी भी समय पैसे निकालने की मशीन
- मनीऑडर – डाकघर से पैसे भेजने का पुराना तरीका
- ऑनलाइन पैसे भेजना – मोबाइल फोन से कुछ ही सेकंड में
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 43):
- (क) “यदि आपको किसी को पैसे भेजने हों तो कौन-सी विधि चुनेंगे?” (फोन/ऑनलाइन – तेज़, आसान)
- (ख) “क्या आप जेब-खर्च (पॉकेट मनी) बचाते हैं?” – अनुभव साझा करें
- (ग) “पैसे बचाना क्यों आवश्यक है?” (भविष्य के लिए, ज़रूरत के समय काम आता है)
- (घ) “अधिक पैसे बचाने के लिए आप क्या उपाय कर सकते हैं?” (अनावश्यक खर्च न करना, गुल्लक में रखना)
- गतिविधि (पृष्ठ 43):
- विद्यार्थी अपने परिवार के किसी सदस्य की बैंक पासबुक देखें (अनुमति से) और पहले पृष्ठ की महत्वपूर्ण जानकारियाँ लिखें:
- खाताधारक का नाम
- बैंक का नाम
- खाता संख्या
- शाखा का नाम
- विद्यार्थी अपने परिवार के किसी सदस्य की बैंक पासबुक देखें (अनुमति से) और पहले पृष्ठ की महत्वपूर्ण जानकारियाँ लिखें:
- गतिविधि – बैंक और मुद्रा (पृष्ठ 44):
- (क) “बैंक के अन्य उपयोग क्या हैं?” (बचत, ऋण लेना, पैसे भेजना, बिल भरना)
- (ख) “ए.टी.एम. क्या है और यह कैसे सहायता करता है?” (24×7 पैसे निकालने की सुविधा)
- भारतीय नोट – विद्यार्थी कोई एक नोट लें और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:
- (क) “नोट का मूल्य क्या है?” (जैसे – 10, 20, 50, 100, 200, 500)
- (ख) “नोट पर कितनी भाषाएँ दिखाई दे रही हैं?” (15-17 भाषाएँ)
- (ग) “नोट पर कौन-कौन से चित्र या प्रतीक बने हैं?” (महात्मा गांधी, राष्ट्रीय प्रतीक, मूल्य अंक, आदि)
- क्या आप जानते हैं? (पृष्ठ 45):
- वस्तु विनिमय प्रणाली – पैसे से पहले लोग चीज़ों के बदले चीज़ें लिया-दिया करते थे (गेहूँ के बदले दूध)
- “मुद्रा का आविष्कार क्यों हुआ?” (आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “बैंक और ए.टी.एम. हमारे जीवन को कैसे आसान बनाते हैं?”
- गृहकार्य: “यदि आपको 100 रुपये मिलें तो आप उन्हें कैसे खर्च करेंगे और कैसे बचाएँगे?” – एक योजना बनाएँ।
दिन 4 – मानचित्र, दिशाएँ एवं अभ्यास
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “बैंक और ए.टी.एम. क्या हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपने कभी मानचित्र (Map) देखा है? मानचित्र पर दिशाएँ कैसे दिखाई जाती हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मानचित्र और दिशाएँ (पृष्ठ 45):
- सूर्योदय से पूर्व दिशा का पता चलता है।
- दिशाएँ:
- उत्तर (North) – ऊपर
- दक्षिण (South) – नीचे
- पूर्व (East) – दाईं ओर
- पश्चिम (West) – बाईं ओर
- मानचित्र – दिशाओं के आधार पर स्थानों को दर्शाने वाला चित्र
- नव्या के घर का मानचित्र (पृष्ठ 45-46):
- विद्यार्थी मानचित्र देखें और तालिका भरें:दिशास्थानउत्तरविद्यालय / पार्कपूर्वबाजार / मंदिरपश्चिमबस स्टैंड / डाकघरदक्षिणचिकित्सालय / बैंक
- गतिविधि – मानचित्र बनाना (पृष्ठ 46-48):
- विद्यार्थी अपने विद्यालय को केंद्र मानकर उसके चारों ओर के स्थानों (दुकान, अस्पताल, बस स्टैंड, मंदिर, पार्क) का मानचित्र बनाएँ।
- दिशाओं का सही उपयोग – उत्तर (ऊपर), दक्षिण (नीचे), पूर्व (दाईं), पश्चिम (बाईं)
- पहचान चिह्न (लैंडमार्क) – जैसे – बड़ा पेड़, मंदिर का गुंबद, चौराहा
- गतिविधि (पृष्ठ 47):
- “कल्पना कीजिए कि आप अपने मित्र को विद्यालय के पास अपने पसंदीदा स्थान पर जाने का मार्ग बता रहे हैं।”
- विद्यार्थी दिशाओं (बाएँ, दाएँ, आगे, पीछे) और पहचान चिह्नों (लैंडमार्क) का उपयोग करके निर्देश लिखें।
- आय-व्यय योजना (पृष्ठ 49):
- विद्यार्थी कल्पना करें कि उनके पास 100 रुपये एक महीने के लिए हैं।
- वे तालिका भरें:श्रेणीनियोजित राशिआपने यह राशि ही क्यों चुनी?बचत20 रुपयेभविष्य के लिएस्टेशनरी30 रुपयेपेंसिल, रबड़, कॉपीखाना/चिप्स30 रुपयेटिफिन मेंखिलौने20 रुपयेमनोरंजन के लिए
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “मानचित्र हमारी कैसे सहायता करता है?” (रास्ता खोजने, स्थानों को जानने में)
- गृहकार्य: “अपने घर से विद्यालय तक का एक सरल मानचित्र बनाएँ।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- “हमने इस अध्याय में क्या-क्या सीखा?” – विद्यार्थी बताएँ।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- डाकपेटी किस रंग की होती है? (लाल)
- पत्र किसे कहते हैं? (चिट्ठी/संदेश)
- मेट्रो रेल क्यों चलाई जाती है? (तेज़ यात्रा के लिए)
- फ्लाईओवर क्या है? (ऊपर से सड़क पार करने का रास्ता)
- बैंक में पैसे क्यों रखे जाते हैं? (सुरक्षा और बचत के लिए)
- A.T.M. का पूरा नाम क्या है? (ऑटोमेटेड टेलर मशीन)
- पूर्व दिशा कैसे पहचानें? (सूर्योदय से)
- मानचित्र पर उत्तर दिशा कहाँ होती है? (ऊपर)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘अपने परिवेश को जानना’ पाठ में नव्या ने बस यात्रा में क्या-क्या देखा? (डाकपेटी, मेट्रो, चिकित्सालय, बैंक, ए.टी.एम.)
- (ख) डाकघर किस प्रकार लोगों को जोड़ता है? (पत्र, समाचार, संपर्क)
- (ग) पुराने और नए संचार साधनों में दो अंतर लिखिए।
- (घ) चिकित्सालय में कौन-कौन से लोग काम करते हैं? (कोई तीन)
- (ङ) मानचित्र पर दिशाएँ कैसे दिखाई जाती हैं? (उत्तर–ऊपर, दक्षिण–नीचे, पूर्व–दाईं, पश्चिम–बाईं)
- (च) बचत क्यों आवश्यक है? (भविष्य के लिए)
- समूह गतिविधि (पृष्ठ 49-50):
- (क) “अपने पास-पड़ोस को उत्तम बनाने के लिए कौन-सी नई सेवाएँ जोड़ना या सुधारना चाहेंगे?” – समूह चर्चा।
- (ख) कोविड-19 के दौरान समुदाय की सहायता करने वाले लोगों (चिकित्सक, नर्स, स्वच्छता कर्मचारी, दुकानदार, शिक्षक) की सूची बनाएँ और उनके प्रति आभार व्यक्त करें।
- प्रश्न (पृष्ठ 50):
- “प्रत्येक सेवा में शामिल व्यक्तियों और वाहनों की सूची दीजिए।” (पुलिस – वर्दी, जीप; डाकिया – पत्र, मोटरसाइकिल; दुकानदार – सामान, ट्रक; डॉक्टर – स्टेथोस्कोप, एम्बुलेंस)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘अपने परिवेश को जानना’ पाठ ने हमें डाकघर, पत्र, संचार, मेट्रो, फ्लाईओवर, चिकित्सालय, बैंक, ए.टी.एम., बचत और मानचित्र के बारे में सिखाया। हमने सीखा कि समय के साथ संचार और परिवहन में बहुत परिवर्तन हुए हैं – पहले पत्र भेजने में हफ्ते लगते थे, अब मोबाइल से कुछ सेकंड में मैसेज भेजा जा सकता है। बैंक हमारे पैसे को सुरक्षित रखता है और बचत हमें भविष्य के लिए तैयार करती है। मानचित्र हमें दिशाओं और स्थानों को समझने में सहायता करता है। हमें अपने आस-पास के सार्वजनिक स्थानों का सम्मान करना चाहिए और समुदाय की सेवा में अपना योगदान देना चाहिए।”
- अगले पाठ ‘प्रकृति की पाठशाला’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम प्रकृति के बारे में जानेंगे – जंगल, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और कैसे सब एक-दूसरे से जुड़े हैं।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- डाकघर, डाकपेटी, पत्र, डाकिया के चित्र
- पुराने और नए संचार साधनों के चित्र (पत्र, कबूतर, डाकिया, मोबाइल, कंप्यूटर)
- मेट्रो, फ्लाईओवर, बस, कार, हवाई जहाज के चित्र
- बैंक, ए.टी.एम., नोट, सिक्कों के चित्र/वास्तविक नमूने
- भारतीय नोट (यदि उपलब्ध हो) – सुरक्षित उपयोग
- मानचित्र (सरल, दिशाओं सहित)
- रंग, कागज़, पेंसिल (मानचित्र बनाने के लिए)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | डाकघर, पत्र, संचार साधनों की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 2 | परिवहन (मेट्रो, फ्लाईओवर) और चिकित्सालय की समझ | मौखिक/लिखित |
| 3 | बैंक, ए.टी.एम., बचत, मुद्रा की बुनियादी समझ | मौखिक/लिखित |
| 4 | मानचित्र और दिशाओं (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) की समझ | मानचित्र-निर्माण/मौखिक |
| 5 | आय-व्यय योजना बनाना | तालिका/लिखित |
| 6 | समुदाय में सहयोग एवं कोविड-19 सेवा कार्यों की समझ | समूह चर्चा/लिखित |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘पत्र’, ‘डाकघर’, ‘बैंक’, ‘अस्पताल’, ‘मानचित्र’ को क्या कहते हैं। व्यावहारिक अनुभव – यदि संभव हो तो विद्यार्थियों को डाकघर, बैंक या चिकित्सालय का भ्रमण करवाएँ (या चित्र/वीडियो दिखाएँ)। पत्र-लेखन – बच्चों को किसी रिश्तेदार/मित्र को वास्तविक पत्र लिखने के लिए प्रोत्साहित करें। मानचित्र – बच्चों को अपने विद्यालय/मोहल्ले का मानचित्र बनाने को कहें ताकि स्थानिक कौशल (spatial skills) विकसित हो। बचत – बच्चों को गुल्लक (piggy bank) में पैसे बचाने की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित करें। कोविड-19 सेवा कार्यकर्ताओं का उल्लेख – बच्चों को सेवा भावना और कृतज्ञता का महत्व समझाएँ। प्रौद्योगिकी – संचार में हुए बदलावों (पत्र से ईमेल/व्हाट्सएप तक) की तुलना करते हुए बच्चों को तकनीकी विकास की गति समझाएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
