रस्साकशी – कक्षा 3 हिंदी Unit 3: आओ खेलें (Rassakashi Class 3 Hindi)
पाठ का सारांश
यह एक प्रेरणादायक कविता है जो रस्साकशी (Tug of War) खेल के उत्साह, मेहनत और टीम भावना को दर्शाती है। कविता में कहा गया है कि रस्सा नहीं फिसलना चाहिए, साथी नहीं बिचलने चाहिए और जोश-खरोश नहीं ढलना चाहिए। खिलाड़ी पसीने से तर हो जाते हैं और अपने-अपने दाँव (चाल/प्रयास) सफल करते हैं। कविता में बार-बार “जोर लगाओ, हेई सा! हेई सा! भई, हेई सा!” का उद्घोष होता है, जो खेल में जोश और एकता बढ़ाता है। यह कविता बच्चों को टीम वर्क, लगन, सहनशक्ति और निरंतर प्रयास की सीख देती है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- कविता को सही लय, उत्साह और उर्जा के साथ पढ़/गा पाएँगे
- रस्साकशी खेल के नियमों और उसके महत्व को समझ पाएँगे
- टीम वर्क और सामूहिक प्रयास का महत्व समझ पाएँगे
- खेलों का वर्गीकरण (घर के अंदर/बाहर) कर पाएँगे
- तुकांत शब्दों (अकड़-पकड़, हेई सा – भई सा) की पहचान कर पाएँगे
- ‘मात्रा हटाओ’ गतिविधि के माध्यम से नए शब्द बना पाएँगे
- रचनात्मक लेखन (अपने पसंदीदा खेल के बारे में) कर पाएँगे
- खेलते समय चोट लगने पर प्राथमिक उपचार (first aid) के बारे में जान पाएँगे
दिन 1 – कविता का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपको कौन-कौन से खेल खेलना पसंद है?”
- “क्या आपने कभी रस्साकशी (Tug of War) खेली है? यह कैसे खेली जाती है?”
- रस्साकशी का एक वीडियो या चित्र दिखाएँ (पृष्ठ 102) और पूछें – “चित्र में क्या हो रहा है?”
- गतिविधि: कक्षा में दो समूह बनाएँ और कल्पना करें कि वे रस्साकशी खेल रहे हैं – “हेई सा! हेई सा!” का उद्घोष करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन – शिक्षक कविता को उत्साह, तेज़ लय और जोश के साथ पढ़कर सुनाएँ (पृष्ठ 103)।
- सामूहिक वाचन – सभी विद्यार्थी मिलकर कविता पढ़ें (ताली बजाते हुए)।
- नए शब्दों/भावों की व्याख्या:
- रस्सा = मोटी रस्सी (rope)
- फिसलना = हाथ से निकल जाना/सरक जाना
- बिचलना = हिलना/हटना/अपनी जगह से हट जाना
- जोश-खरोश = उत्साह और उर्जा
- ढलना = कम होना/क्षीण होना
- दाँव = चाल/प्रयास/तरकीब (strategy)
- पसीने से तर = बहुत अधिक पसीना आना
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “कविता में कौन-सा खेल है?” (रस्साकशी)
- गृहकार्य: कविता को दो बार पढ़ना और ‘हेई सा’ शब्द का अर्थ घर पर किसी से पूछना (जोश/हौसला बढ़ाने का शब्द)।
दिन 2 – कविता की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – कविता का सामूहिक वाचन (ताली और जोश के साथ)।
- विद्यार्थियों ने ‘हेई सा’ के बारे में जो जानकारी जुटाई, उसे साझा करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 104):
- आप कौन-कौन से खेल खेलते हैं? (क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, छिपन-छुपाई, रस्साकशी, आदि)
- आपका सबसे प्रिय खेल कौन-सा है? (विद्यार्थी अपना पसंदीदा खेल बताएँ)
- ऐसे खेलों के नाम बताइए जिनमें दो टीमें आमने-सामने होती हैं? (क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, रस्साकशी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल)
- आपने रस्सी का प्रयोग करते हुए कौन-कौन से खेल खेले हैं? (रस्साकशी, रस्सी कूद, बंधन/बंदूक? – शिक्षक ‘रस्सी कूद’ का जिक्र करें)
- वे कौन से खेल हैं जिन्हें खेलने के लिए हमें अधिक साथियों की आवश्यकता पड़ती है? (क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, रस्साकशी, कबड्डी)
- ‘सोचिए और लिखिए’ (पृष्ठ 104):
- कविता में “जोर लगाओ, हेई सा! हेई सा! भई, हेई सा!” क्यों कहा गया है? (एक-दूसरे को उत्साहित करने और ताकत देने के लिए)
- कविता में शरीर से जुड़े किन-किन अंगों का वर्णन हुआ है? (हाथ – रस्सा पकड़ना, पैर – ज़मीन पर जमना, पसीना – पूरे शरीर का)
- रस्साकशी के खेल में जीतने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है? (जोर लगाना, साथियों का साथ, रस्सा न छोड़ना, एकजुट रहना, संतुलन बनाए रखना)
- चित्र में दिखाया गया खेल रस्साकशी कैसे खेला जाता है? (दो टीमें, बीच में एक रेखा, प्रत्येक टीम रस्सी के एक छोर को पकड़कर अपनी ओर खींचती है, जो टीम दूसरी को रेखा के पार खींच लेती है, वह जीत जाती है)
समापन (5 मिनट)
- “इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?” (टीम वर्क, एकता, हार न मानना, साथियों का सहयोग)
- गृहकार्य: ‘कविता से आगे’ (पृष्ठ 107) – घर से बाहर और घर के भीतर खेले जाने वाले खेल छाँटें।
दिन 3 – अभ्यास एवं भाषा कौशल
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- कविता का सामूहिक वाचन (खड़े होकर, जोश के साथ)।
- पिछले दिन के गृहकार्य (खेलों का वर्गीकरण) की चर्चा।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- खेलों का वर्गीकरण (पृष्ठ 107):
- घर के बाहर (मैदान में) खेले जाने वाले खेल – क्रिकेट, फुटबॉल, रस्साकशी, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन (खुले में), वॉलीबॉल, हॉकी
- घर के भीतर खेले जाने वाले खेल – शतरंज, कैरम, लूडो, ताश, पासा, अंताक्षरी, जेंगा, मोनोपॉली
- तुकांत शब्द (पृष्ठ 106):
- विद्यार्थी तुक मिलने वाले शब्द लिखें (उदाहरण – अकड़-पकड़):
- जोर-जोर
- फिसल-बिसल (बिसल = नई कल्पना)
- साथी-बाथी
- सारे-बारे? नहीं, ‘सारे’ का तुक ‘प्यारे’, ‘हारे’ – शिक्षक बोर्ड पर लिखें
- कविता से तुक – पाए ↔ दाँव/भाव, सा ↔ भई सा, कारे ↔ करारे, हमारे ↔ तुम्हारे
- विद्यार्थी तुक मिलने वाले शब्द लिखें (उदाहरण – अकड़-पकड़):
- ‘मात्रा हटाओ – जादू दिखाओ’ (पृष्ठ 106):
- (क) काम → कम (मात्रा हटाने पर ‘काम’ → ‘कम’)
- (ख) बीस → बिस (बीस → बिस – 20 → ‘बिस’ कोई अर्थ नहीं, लेकिन ‘बीस’ से ‘बिस’ मात्रा हटी)
- (ग) मेला → मेल (मेला → मेल – ‘आ’ मात्रा हटी)
- (घ) यही → यह (यही → यह – ‘ई’ मात्रा हटी)
- (शिक्षक मात्रा हटने पर अर्थ में परिवर्तन को स्पष्ट करें।)
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्यों की जाँच।
- गृहकार्य: “अपने मनपसंद खेल के बारे में चार पंक्तियाँ लिखिए” (पृष्ठ 107)।
दिन 4 – रचनात्मक लेखन, छत्तीसगढ़ी खेल गीत एवं प्राथमिक उपचार
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (पसंदीदा खेल पर 4 पंक्तियाँ) साझा करें।
- कविता का सस्वर वाचन (विद्यार्थी स्वयं पढ़ें)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- छत्तीसगढ़ी खेल गीत (पृष्ठ 105):
- विद्यार्थी चित्र देखकर छत्तीसगढ़ी खेल गीत गाएँ:
- “अटकन-बटकन दही चटाका ? लउहा लाटा बन के काँटा”
- “सावन मा बुंदेला पाके, पाका-पाका बेल खाबो। बेल के डारा टूट गे, भरे कटोरा फूट गे।”
- “चल-चल बेटी गंगा जाबो, गंगा ले गोदावरी। आठ नाँगा पागा, गोलार सिग राजा।”
- (शिक्षक कविता का अर्थ समझाएँ और बच्चों को एक साथ गाने को प्रोत्साहित करें)
- विद्यार्थी चित्र देखकर छत्तीसगढ़ी खेल गीत गाएँ:
- रचनात्मक लेखन – खेल और मित्र (पृष्ठ 108):
- विद्यार्थी अपने बारे में लिखें (पाठ्यपुस्तक में दिए गए उदाहरण के अनुसार):
- मेरा नाम _____________ है।
- मैं _____________ के साथ खेलता/खेलती हूँ।
- मुझे _____________ खेलना बहुत अच्छा लगता है।
- खेलने से मैं शरीर में ऊर्जा और फुर्ती महसूस करता/करती हूँ।
- विद्यार्थी अपने बारे में लिखें (पाठ्यपुस्तक में दिए गए उदाहरण के अनुसार):
- प्राथमिक उपचार (First Aid) / ‘मेरी प्राथमिक चिकित्सा पेटी’ (पृष्ठ 108):
- विद्यार्थी सोचें – “खेलते समय चोट लग जाए तो क्या करें?”
- वे अपने लिए एक छोटी प्राथमिक चिकित्सा पेटी (First Aid Box) बनाएँ और बताएँ कि उसमें क्या-क्या रखेंगे:
- पट्टी (bandage), रुई (cotton), एंटीसेप्टिक क्रीम, पेनकिलर, बैंड-एड, थर्मामीटर, कैंची (छोटी)
- (शिक्षक वास्तविक प्राथमिक चिकित्सा पेटी दिखाकर बताएँ)
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के ‘खेल पर 4 पंक्तियाँ’ और ‘फर्स्ट एड बॉक्स’ कार्यों की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: ‘कुछ नया करें’ (पृष्ठ 109-110) – चित्रों में रंग भरें और किसी एक खेल के बारे में अपने विचार लिखें।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, खेल-आधारित गतिविधि एवं मूल्यांकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (चित्र रंगना और खेल पर विचार) साझा करें।
- कविता का सामूहिक गायन – “जोर लगाओ, हेई सा!” – खड़े होकर जोश के साथ।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- खेल-आधारित गतिविधि (यदि संभव हो तो कक्षा के बाहर मैदान में):
- विद्यार्थियों को दो टीमों में बाँटें और रस्साकशी खेलें।
- खेलते समय कविता की पंक्तियाँ बोलें – “जोर लगाओ, हेई सा! हेई सा! भई, हेई सा!”
- (शिक्षक सुरक्षा का ध्यान रखें और हल्की रस्सी/कपड़े की पट्टी का उपयोग करें)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- रस्साकशी में कितनी टीमें होती हैं? (दो)
- कविता में किस शब्द को बार-बार दोहराया गया है? (“हेई सा”)
- रस्साकशी में क्या नहीं फिसलना चाहिए? (रस्सा)
- ‘जोश-खरोश ढलना’ का क्या अर्थ है? (उत्साह कम होना)
- खेल से हमें क्या सीख मिलती है? (टीम वर्क, मेहनत, एकता)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘रस्साकशी’ कविता की कोई चार पंक्तियाँ लिखिए।
- (ख) रस्साकशी खेल को जीतने के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (कोई तीन – 1. रस्सा न छोड़ना, 2. टीम के साथ मिलकर जोर लगाना, 3. संतुलन बनाए रखना)
- (ग) नीचे दिए गए शब्दों से तुक मिलने वाले दो-दो शब्द लिखिए:
- साथी → ________, ________ (बाथी, राती? – शिक्षक ‘हाथी’, ‘बाती’ – लेकिन ‘बाती’ से तुक बैठेगी)
- जोर → ________, ________ (कोर, लोर, तोर? – शिक्षक मार्गदर्शन करें)
- (घ) ‘मात्रा हटाओ’ – ‘नाम’ से मात्रा हटाकर नया शब्द बनाइए। (नाम → नम्? वास्तव में ‘नाम’→’नम’ – ‘आ’ मात्रा हटने पर ‘नम’)
- (ङ) खेलते समय चोट लगने पर आप क्या करेंगे? (प्राथमिक चिकित्सा पेटी से उपचार करेंगे और शिक्षक/बड़ों को बताएँगे)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “रस्साकशी हमें सिखाती है कि अकेले नहीं, समूह में मिलकर काम करने से बड़ी से बड़ी मुश्किल भी हल की जा सकती है। हमें साथियों का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए और हार नहीं माननी चाहिए। खेल-कूद हमारे शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखते हैं।”
- अगले पाठ (Unit 3) ‘एक जादुई पिटारा’ का संक्षिप्त परिचय।
शिक्षण सहायक सामग्री
- रस्साकशी का चित्र/पोस्टर (पृष्ठ 102)
- कविता का चार्ट (लय और जोश के साथ)
- रस्सी/कपड़े की मोटी पट्टी (अभ्यास के लिए)
- खेलों के चित्र कार्ड (घर के अंदर/बाहर)
- प्राथमिक चिकित्सा पेटी (वास्तविक या चित्र)
- ‘मात्रा हटाओ’ अभ्यास कार्ड
- छत्तीसगढ़ी खेल गीत का चार्ट
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | कविता का सस्वर, लयबद्ध एवं उत्साहपूर्ण वाचन/गायन | अवलोकन/मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | रस्साकशी खेल के नियमों एवं टीम वर्क की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 3 | खेलों का वर्गीकरण (घर के अंदर/बाहर) | तालिका/सूची |
| 4 | तुकांत शब्द एवं ‘मात्रा हटाओ’ अभ्यास | लिखित कार्य |
| 5 | प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की समझ | रचनात्मक लेखन/गतिविधि |
| 6 | अपने पसंदीदा खेल पर रचनात्मक लेखन | लिखित अभिव्यक्ति |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘रस्साकशी’, ‘टीम’, ‘जोर लगाना’, ‘हेई सा’ (जोश का शब्द) को क्या कहते हैं। ‘रस्साकशी’ खेल का वास्तविक अनुभव बच्चों के सीखने को अधिक गहन बनाएगा। खेल-आधारित गतिविधियों को प्रमुखता दें और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी बच्चों को समान रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी बच्चों के जीवन में अत्यंत उपयोगी है – इसे गंभीरता से समझाएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
