एक जादुई पिटारा – कक्षा 3 हिंदी Unit 3: आओ खेलें (Ek Jadui Pitara Class 3 Hindi)
पाठ का सारांश
यह एक अत्यंत कल्पनाशील, अतिशयोक्तिपूर्ण एवं मनोरंजक कविता है। कविता में एक ‘जादुई पिटारा’ खोला जाता है, जिसमें से ‘गप्पू गोला’ निकलता है। गोले पर सुतली बाँधने पर वह कठपुतली बनकर नाचने लगता है। उसी सुपारी को काटने पर नौ मन आटा निकलता है, नारियल फोड़ने पर एक घोड़ा निकलता है। घोड़े पर ऐंठ (एड़) लगाने पर वह आसमान पर पहुँच जाता है। वहाँ बारह छेद वाला एक गुब्बारा मिलता है, एक छेद पर स्टेशन और इंजन है। इंजन को धोने पर दो भैंस निकलती हैं, उनसे खेत जोतने पर बारह सौ सेर अनाज (नाज) पैदा होता है, और उसे खाकर सब दीवाने होकर मस्ती से नाचने लगते हैं। यह कविता बच्चों की कल्पना शक्ति, हास्य बोध और अतिशयोक्ति (exaggeration) का आनंद लेने की क्षमता विकसित करती है। यह बताती है कि कल्पना की दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- कविता का आनंदपूर्वक सस्वर वाचन (लय, तुक और हास्य के साथ) कर पाएँगे
- अतिशयोक्ति (exaggeration) और काल्पनिक वस्तुओं को पहचान पाएँगे
- कविता में आए संख्याओं (9, 12, 1200) एवं माप-तौल (मन, सेर, नाज) के शब्दों को समझ पाएँगे
- तुकांत शब्द (खोला-गोला, सुतली-कठपुतली, सवारी-सुपारी) ढूँढ़ पाएँगे
- एकवचन-बहुवचन (पिटारा-पिटारे, घोड़ा-घोड़े, भैंस-भैंसे, गुब्बारा-गुब्बारे) का सही प्रयोग कर पाएँगे
- वर्ण-व्यवस्था (अक्षरों को सही क्रम में लगाकर शब्द बनाना) कर पाएँगे
- रचनात्मक लेखन (अपने जादुई पिटारे में रखने वाली वस्तुएँ) कर पाएँगे
- कला गतिविधि (कठपुतली निर्माण) में सहभागिता कर पाएँगे
दिन 1 – कविता का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “क्या आपको ‘जादू’ पसंद है? क्या आपने कभी कोई जादुई पिटारा/संदूक देखा है?”
- “अगर आपको एक जादुई पिटारा मिले तो उसमें से क्या-क्या निकालना चाहेंगे?” – बच्चों की कल्पना को उड़ान दें (चॉकलेट, खिलौने, उड़ने वाला कालीन, आदि)।
- पृष्ठ 112 का चित्र दिखाएँ और पूछें – “चित्र में क्या हो रहा है? पिटारे से क्या निकल रहा है?” (गोला/गप्पू गोला)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन – शिक्षक कविता को आश्चर्य, हास्य और उत्साह के साथ पढ़कर सुनाएँ (पृष्ठ 112-113)।
- सामूहिक वाचन – विद्यार्थी मिलकर कविता पढ़ें (हर पंक्ति के बाद आश्चर्य व्यक्त करें – “वाह!”, “क्या बात!”)।
- कठिन/नए शब्दों एवं माप-तौल की व्याख्या:
- पिटारा = बक्सा/संदूक (box)
- गप्पू गोला = काल्पनिक गोलाकार वस्तु
- कठपुतली = धागों/तारों से चलने वाली पुतली (puppet)
- सुपारी = एक प्रकार का सूखा मेवा/बीज (betel nut)
- मन = पुरानी माप की इकाई (लगभग 40 किलो) – 9 मन = बहुत सारा आटा
- सेर = पुरानी तौल की इकाई (लगभग 1 किलो) – 1200 सेर = ढेर सारा अनाज
- नाज = अनाज/फसल (यहाँ गेहूँ/धान)
- दीवाने = पागल/बेहद खुश (crazy/mad with joy)
- ऐंड़/एड़ = घोड़े को चलाने के लिए एड़ी मारना (heel/kick)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “कविता का नाम क्या है और उसमें क्या खोला गया?” (एक जादुई पिटारा)
- गृहकार्य: कविता को एक बार और पढ़ें और ‘गप्पू गोला’ का चित्र बनाकर लाएँ (जैसा आप सोचते हैं)।
दिन 2 – कविता की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – कविता का सामूहिक वाचन।
- विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए ‘गप्पू गोला’ के चित्रों का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘सोचिए और लिखिए’ / ‘खोजिए और लिखिए’ (पृष्ठ 114):
- “कविता के अनुसार पिटारा जब खोला गया तो उसमें से क्या-क्या निकला?” (गप्पू गोला, कठपुतली, आटा, घोड़ा, गुब्बारा, इंजन, भैंस, नाज/अनाज)
- “कविता में गिनती के कौन-कौन से अंक आए हैं?” (9 – नौ मन आटा, 12 – बारह छेद, 1200 – बारह सौ सेर)
- “नौ मन आटा किसमें निकला?” (सुपारी में)
- “किसान खेतों को जोतने के लिए किसका सहारा लेते हैं?” (बैल/भैंस या ट्रैक्टर का – कविता में भैंस से जोता)
- कविता के अद्भुत (अतिशयोक्तिपूर्ण) पहलू की चर्चा:
- “क्या सच में सुपारी से 9 मन आटा निकल सकता है?” (नहीं)
- “क्या नारियल से घोड़ा निकल सकता है?” (नहीं)
- “तो यह कविता कैसी है?” (काल्पनिक, मज़ेदार, अतिशयोक्तिपूर्ण – जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर कहना)
- “ऐसी कविताएँ पढ़कर कैसा लगता है?” (हँसी आती है, मज़ा आता है)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “इस कविता में सबसे ज़्यादा मज़ेदार बात कौन-सी लगी?”
- गृहकार्य: पृष्ठ 115 के ‘मिलान’ (Match the following) प्रश्न को हल करें।
- (क) गोले पर जब बाँधी सुतली → (ii) लगा नाचने बन कठपुतली
- (ख) एक पिटारा हमने खोला → (iii) उसमें से निकला गप्पू गोला
- (ग) उन ऊँटों पर हुई सवारी → (iv) मिली राह में एक सुपारी (गलत, वास्तव में यह ‘घोड़े’ के साथ है, लेकिन कविता में ‘ऊँट’ नहीं आया, ‘घोड़ा’ आया है – शिक्षक पाठ की पंक्तियों का ध्यानपूर्वक मिलान करवाएँ – वास्तविक मिलान: (क) → (ii), (ख) → (iii), (ग) मिली राह में एक सुपारी → (iv) … इसे कक्षा में मिलकर करें क्योंकि प्रश्न में ‘ऊँट’ की जगह ‘घोड़ा’ है)।
दिन 3 – अभ्यास एवं भाषा कौशल (व्याकरण)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन (पंक्तियों पर जोर देते हुए)।
- पिछले दिन के ‘मिलान’ कार्य की चर्चा।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- तुकांत शब्द (पृष्ठ 114):
- विद्यार्थी कविता से तुक मिलने वाले शब्द ढूँढ़ें:
- खोला → गोला (और ‘बोला’ भी हो सकता है)
- सुतली → कठपुतली (और ‘पुतली’)
- सवारी → सुपारी
- खूँट → (कविता में ‘सुपारी’ से पहले ‘खूँट’ नहीं, लेकिन विद्यार्थी ‘काटा’→’आटा’, ‘फोड़ा’→’घोड़ा’, ‘लगाई’→’भाई’ ढूँढ़ें)
- विद्यार्थी कविता से तुक मिलने वाले शब्द ढूँढ़ें:
- एकवचन-बहुवचन (पृष्ठ 114):
- (क) पिटारा → पिटारे
- (ख) घोड़ा → घोड़े
- (ग) भैंस → भैंसे (या भैंसें)
- (घ) गुब्बारा → गुब्बारे
- वर्ण-व्यवस्था (अक्षरों को सही क्रम में लगाना) (पृष्ठ 116):
- (क) चा/ना → चना
- (ख) रा/टा/पि → पिटारा (पि + टा + रा)
- (ग) ला/क/नि → निकला (नि + क + ला)
- (घ) ला/गो → गोला
- (ङ) शा/का/आ → आकाश (आ + का + श) – लेकिन कविता में ‘आसमान’ है, यहाँ ‘आकाश’ बनेगा।
- चित्र-खेल पहचान (पृष्ठ 115):
- चित्र देखकर खेलों के नाम मिलान करें:
- कठपुतली का खेल (पुतली)
- रस्सी कूदने का खेल (रस्सी)
- जादूगर का खेल (जादू की छड़ी/टोपी)
- चित्र देखकर खेलों के नाम मिलान करें:
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्यों की जाँच।
- गृहकार्य: ‘चित्रों में रंग भरिए और अपने विचार लिखिए’ (पृष्ठ 116) – रंग भरें और कोई एक सवारी के बारे में 4-5 पंक्तियाँ लिखें (जैसे – घोड़े की सवारी)।
दिन 4 – रचनात्मक लेखन एवं कला गतिविधि
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (सवारी पर विचार) साझा करें।
- कविता का सामूहिक वाचन (हाथों की हरकतों के साथ – जैसे पिटारा खोलना, नारियल फोड़ना, घोड़े पर सवारी)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कल्पना विस्तार – ‘मेरा जादुई पिटारा’ (पृष्ठ 117):
- विद्यार्थी अपने जादुई पिटारे का चित्र बनाएँ और उसमें रंग भरें।
- नीचे लिखें – “मैं अपने जादुई पिटारे में ये वस्तुएँ रखूँगा –”
- विद्यार्थी अपनी कल्पना से 5-6 वस्तुओं के नाम लिखें (जैसे – चॉकलेट का पहाड़, उड़ने वाली किताब, बात करने वाला खिलौना, मिठाइयों की नदी, सोने के सिक्के, आदि)
- कला गतिविधि – कठपुतली निर्माण (पृष्ठ 118):
- शिक्षक सामग्री बाँटें – रंगीन कागज़, तीलियाँ/आइसक्रीम स्टिक, गोंद, कैंची, धागा।
- विद्यार्थी अपनी पसंद के फल, फूल, पशु या जानवर की कठपुतली बनाएँ।
- (गतिविधि को आसान बनाने के लिए शिक्षक पहले एक नमूना बनाकर दिखाएँ – जैसे कागज़ काटकर चेहरा बनाना, डंडी से जोड़ना)।
- सभी विद्यार्थियों को अपनी कठपुतली दिखाने और बताने का अवसर दें कि उन्होंने क्या बनाया।
- चुटकुला/मज़ाक (पृष्ठ 119 – इरफ़ान का कार्टून):
- यदि समय हो तो पृष्ठ 119 के कार्टून (इरफ़ान) को दिखाएँ और बच्चों को हँसने दें – यह रचनात्मकता और हास्य बोध को बढ़ाता है।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों की कठपुतलियों और चित्रों की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: अपनी बनाई कठपुतली का उपयोग करके कविता की किसी पंक्ति का अभिनय (संवाद) तैयार करें – कल कक्षा में दिखाना है।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, अभिनय एवं मूल्यांकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- विद्यार्थियों द्वारा पिटारे के चित्र और कठपुतलियों का प्रदर्शन।
- कविता का सामूहिक वाचन (जोश और हास्य के साथ)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- अभिनय/रोल-प्ले:
- कुछ विद्यार्थी अपनी कठपुतली के साथ कविता की पंक्तियाँ सुनाएँ (जैसे – “एक पिटारा हमने खोला, उसमें से निकला गप्पू गोला”)।
- दूसरे विद्यार्थी इशारों के साथ दिखाएँ – पिटारा खोलना, आश्चर्य करना, घोड़े पर सवारी, खाना खाना और नाचना।
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- कविता में कितने मन आटा निकला? (9)
- गुब्बारे में कितने छेद थे? (12)
- इंजन को धोने पर क्या निकला? (दो भैंस)
- भैंसों से क्या जोता गया? (खेत)
- बारह सौ सेर किसकी पैदावार हुई? (नाज/अनाज की)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘एक जादुई पिटारा’ कविता की कोई चार पंक्तियाँ लिखिए।
- (ख) कविता में आई किन्हीं तीन काल्पनिक/असंभव बातों के नाम लिखिए। (सुपारी से आटा निकलना, नारियल से घोड़ा निकलना, इंजन से भैंस निकलना – कोई तीन)
- (ग) नीचे दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए:
- पिटारा → ________ (पिटारे)
- घोड़ा → ________ (घोड़े)
- गुब्बारा → ________ (गुब्बारे)
- (घ) नीचे दिए गए अक्षरों को सही क्रम में लगाकर शब्द बनाइए:
- रा/पि/टा → ________ (पिटारा)
- आ/का/श → ________ (आकाश)
- (ङ) यदि आपको एक जादुई पिटारा मिलता तो आप उसमें से सबसे पहले क्या निकालना चाहेंगे और क्यों? (रचनात्मक उत्तर – मौलिकता को प्रोत्साहित करें)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “यह कविता हमें सिखाती है कि कल्पना की कोई सीमा नहीं होती। हम अपनी सोच में कुछ भी बना सकते हैं – चाहे वह सुपारी से निकला आटा हो या नारियल से निकला घोड़ा। हास्य और अतिशयोक्ति से भरी यह कविता हमें मस्ती करना और कल्पना को उड़ान देना सिखाती है।”
- अगले पाठ (Unit 4) ‘अपना-अपना काम’ का संक्षिप्त परिचय।
शिक्षण सहायक सामग्री
- कविता का चार्ट (क्रमबद्ध घटनाओं के साथ)
- विभिन्न वस्तुओं के चित्र – पिटारा, सुपारी, नारियल, घोड़ा, गुब्बारा, इंजन, भैंस
- कठपुतली बनाने की सामग्री – रंगीन कागज़, आइसक्रीम स्टिक/तीलियाँ, गोंद, कैंची, धागा
- ‘मात्रा हटाओ’ और ‘वर्ण-व्यवस्था’ के लिए कार्ड
- जादुई पिटारा बनाने के लिए कागज़ और रंग
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | कविता का सस्वर, हास्य एवं उत्साहपूर्ण वाचन | अवलोकन/मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | कविता में आई काल्पनिक एवं अतिशयोक्तिपूर्ण बातों की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 3 | संख्याओं एवं माप-तौल के शब्दों (मन, सेर) की पहचान | मौखिक प्रश्न |
| 4 | तुकांत शब्द, एकवचन-बहुवचन, वर्ण-व्यवस्था | लिखित अभ्यास |
| 5 | रचनात्मक लेखन (मेरा जादुई पिटारा) | लिखित अभिव्यक्ति |
| 6 | कला गतिविधि (कठपुतली/पिटारा चित्र) | गतिविधि/कला कार्य |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘पिटारा’, ‘सुपारी’, ‘गुब्बारा’, ‘कठपुतली’ को क्या कहते हैं। इस कविता में अतिशयोक्ति (exaggeration) का अद्भुत उदाहरण है – शिक्षक बच्चों को समझाएँ कि कविता में जानबूझकर असंभव बातें कही गई हैं, जिससे मज़ा आता है। कठपुतली बनाने की गतिविधि से बच्चों की फाइन मोटर स्किल्स (हाथ की बारीक हरकतें) विकसित होती हैं और रचनात्मकता बढ़ती है। सभी बच्चों के काल्पनिक विचारों को प्रोत्साहित करें – कोई उत्तर गलत नहीं, बस अलग है।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
