चतुर गीदड़ – कक्षा 3 हिंदी Unit 2: हमारे मित्र (Chatur Geedad Class 3 Hindi)
पाठ का सारांश
यह पाठ ‘एकांकी’ (नाटक) के रूप में है। एक भूखा मगरमच्छ (जिसने तालाब की सारी मछलियाँ खा ली हैं) अपने मित्र कछुए की सहायता से चतुर गीदड़ को पकड़ना चाहता है। कछुआ मगरमच्छ को मरा हुआ होने का नाटक करने की सलाह देता है। गीदड़ तालाब पर पानी पीने आता है, कछुआ रो-रोकर उसे बताता है कि उसका मित्र मगरमच्छ मर गया है। गीदड़ को शक होता है, वह कहता है कि मरने पर मगरमच्छ की पूँछ हिलती है। मगरमच्छ बेवकूफी से अपनी पूँछ हिला देता है, जिससे गीदड़ को सच्चाई पता चल जाती है और वह भाग जाता है। कछुआ मगरमच्छ को मूर्ख कहता है। यह एकांकी बच्चों को बुद्धि, सतर्कता और धोखे से बचने की कला सिखाती है। यह दर्शाती है कि ‘बुद्धि से शक्ति बड़ी होती है’ और ‘जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए’।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- एकांकी (नाटक) के प्रारूप को समझ पाएँगे और पात्रों की भूमिका निभा पाएँगे
- गीदड़ की चतुराई और मगरमच्छ की बेवकूफी में अंतर समझ पाएँगे
- ‘बुद्धि’ और ‘शक्ति’ के अंतर को पहचान पाएँगे
- जल-थल (उभयचर) और थल पर रहने वाले जीवों का वर्गीकरण कर पाएँगे
- शब्दों के एकवचन-बहुवचन की पहचान कर पाएँगे (मछली – मछलियाँ)
- रचनात्मक लेखन (कल्पना – “यदि हम गीदड़ की जगह होते”) कर पाएँगे
- वाक्यों में शब्द-प्रतिस्थापन (कोड/पहेली) की गतिविधि कर पाएँगे
- सहपाठियों के साथ मिलकर अभिनय करने का आत्मविश्वास विकसित कर पाएँगे
दिन 1 – एकांकी का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “क्या आपने कभी नाटक/एकांकी देखा है? नाटक में क्या होता है?” (पात्र, संवाद, मंच, अभिनय)
- “क्या आपको भूख लगती है? आपको सबसे अधिक भूख कब लगती है?” – मगरमच्छ की भूख से परिचय कराएँ।
- पृष्ठ 83 के चित्र को दिखाकर पूछें: “चित्र में कौन-कौन से जानवर हैं?” (मगरमच्छ, कछुआ, गीदड़)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- एकांकी का सस्वर वाचन – शिक्षक अलग-अलग पात्रों की आवाज़ में (मगरमच्छ – गंभीर, कछुआ – धीमा/चालाक, गीदड़ – सतर्क/चतुर) पढ़कर सुनाएँ (पृष्ठ 83-86)।
- सामूहिक वाचन – विद्यार्थी तीन समूहों में बँटकर (मगरमच्छ, कछुआ, गीदड़) संवाद पढ़ें।
- नए शब्दों/भावों की व्याख्या:
- एकांकी = एक अंक/दृश्य वाला नाटक
- स्वर्ग सिधारना = मर जाना (कछुआ ने मगरमच्छ के लिए कहा)
- निश्चित = पक्का/बिना डर के
- चंपत होना = भाग जाना/गायब हो जाना
- उपकार मानना = एहसान मानना
- साँस रोकना = धोखा देने के लिए चुप/स्थिर रहना
- मूर्ख = बेवकूफ (अंत में कछुआ मगरमच्छ को कहता है)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “इस एकांकी में कितने मुख्य पात्र हैं?” (तीन – मगरमच्छ, कछुआ, गीदड़)
- गृहकार्य: एकांकी को एक बार और पढ़ना और अपने मनपसंद पात्र (मगरमच्छ, कछुआ या गीदड़) पर गोला लगाकर आना।
दिन 2 – एकांकी की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – मुख्य पात्रों के नाम बताएँ।
- विद्यार्थियों ने जिस पात्र को चुना, उसकी एक पंक्ति कक्षा में कहें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 87):
- आपको भूख लगती है तो आपको कैसा लगता है? (चिड़चिड़ापन/थकान)
- अपने मित्र की सहायता आप किस-किस प्रकार से करते हैं? (होमवर्क में मदद, बीमारी में ख्याल रखना, खेल में साथ देना)
- कहानी का शीर्षक ‘चतुर गीदड़’ क्यों है? (क्योंकि गीदड़ ने मगरमच्छ और कछुए की चाल को समझ लिया)
- आप इस कहानी को और क्या नाम देना चाहेंगे? (‘चतुर गीदड़ की चाल’, ‘मरे हुए मगरमच्छ की पूँछ’, ‘बुद्धि बलवान’)
- अपनी सूझ-बूझ का कोई अनुभव बताएँ? (जैसे – खोई हुई चीज़ ढूँढ़ना, झगड़ा सुलझाना)
- ‘सोचिए और लिखिए’ (पृष्ठ 87):
- तालाब में मछलियाँ क्यों नहीं थीं? (मगरमच्छ ने सारी मछलियाँ खा ली थीं)
- कछुए ने क्या उपाय सोचा? (मरा हुआ होने का नाटक करने का)
- गीदड़ ने समझदारी कैसे दिखाई? (उसे पूँछ हिलाने की बात कहकर मगरमच्छ की परीक्षा ली)
- गीदड़ को मगरमच्छ की सच्चाई कैसे पता चली? (मगरमच्छ ने बेवकूफी से अपनी पूँछ हिला दी)
- पात्रों की विशेषताएँ चर्चा:
- मगरमच्छ – भूखा, धोखेबाज, लेकिन मूर्ख (जल्दबाजी में पूँछ हिला बैठा)
- कछुआ – मगरमच्छ का मित्र, चालाक, लेकिन धोखा देने की कोशिश करता है
- गीदड़ – बहुत चतुर, सतर्क, सोच-समझकर काम करता है
समापन (5 मिनट)
- “इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?” (बुद्धि से काम लेना चाहिए, किसी पर भी आँख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए)
- गृहकार्य: “अगर मगरमच्छ पूँछ न हिलाता तो कहानी का क्या अंत होता?” – सोचकर लिखिए (पृष्ठ 91)।
दिन 3 – अभ्यास एवं शब्द-भंडार
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (वैकल्पिक अंत) पर चर्चा – कुछ विद्यार्थी अपना उत्तर सुनाएँ।
- एकांकी का त्वरित पुनर्वाचन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मिलान गतिविधि (पृष्ठ 87):
- शिक्षक कहानी से जुड़े वाक्यों और चित्रों का मिलान कराएँ (यदि बोर्ड पर चार्ट बनाएँ):
- भूख के मारे प्राण निकलना ↔ मगरमच्छ (तालाब में)
- गीदड़ को लाने का प्रयत्न ↔ कछुआ (मगरमच्छ से बात करते हुए)
- डर के मारे प्यासा रह जाना ↔ गीदड़ (तालाब के किनारे)
- पूँछ हिलाना ↔ मगरमच्छ (धोखा पकड़ा जाना)
- शिक्षक कहानी से जुड़े वाक्यों और चित्रों का मिलान कराएँ (यदि बोर्ड पर चार्ट बनाएँ):
- जल स्रोत वर्ग पहेली (पृष्ठ 88):
- वर्ग पहेली (ताल, घझ, थे, बा, ला, पान, र, मू, रि, ब, न, ह, न, क, श, ते, दी, र, पोखर, रि, ब, पी, ये, कु, ऑ, बो, र, वे, ल, गा, था) में छिपे शब्द ढूँढ़ें:
- पोखर, तालाब, नहर, कुआँ, बावली, झरना, नदी, झील, ताल
- चर्चा करें: “गीदड़ कहाँ पानी पीने जाता था?” (तालाब)
- वर्ग पहेली (ताल, घझ, थे, बा, ला, पान, र, मू, रि, ब, न, ह, न, क, श, ते, दी, र, पोखर, रि, ब, पी, ये, कु, ऑ, बो, र, वे, ल, गा, था) में छिपे शब्द ढूँढ़ें:
- शब्द-प्रतिस्थापन / भाषा पहेली (पृष्ठ 88):
- उदाहरण: “दो मित्र कहीं जा रहे हैं” → ‘द’→’क’, ‘म’→’ग’, ‘ह’→’प’ बदलने पर → “को गित्र कर्पी जा रपे पैं।”
- अब विद्यार्थी करें: “मैं बलुत सूखा/सूखी लूँ।” → ‘ल’→’ह’, ‘स’→’भ’ बदलें:
- “मैं बहुत भूखा/भूखी हूँ।” (यहाँ ‘सूखा’ → ‘भूखा’, ‘लूँ’ → ‘हूँ’)
- (यह गतिविधि बच्चों को बहुत रुचिकर लगती है – यह कोडिंग/डिकोडिंग जैसी है)
- एकवचन-बहुवचन (पृष्ठ 89):
- विद्यार्थी शब्दों के एकवचन और बहुवचन रूप लिखें:
- एक मछली ↔ अनेक मछलियाँ
- एक चिड़िया ↔ अनेक चिड़ियाँ
- एक किताब ↔ अनेक किताबें
- एक बच्चा ↔ अनेक बच्चे
- विद्यार्थी शब्दों के एकवचन और बहुवचन रूप लिखें:
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्यों की जाँच।
- गृहकार्य: ‘पता कीजिए और लिखिए’ (पृष्ठ 90) – जल-थल और थल पर रहने वाले जीवों की तालिका पूरी करें।
दिन 4 – रचनात्मक लेखन, वर्गीकरण एवं कला
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (जल-थल वाले जीव) की चर्चा।
- जल व थल पर रहने वाले जीव (उभयचर) – मगरमच्छ, कछुआ, मेंढक, जलमुर्गी, घड़ियाल, साँप (कुछ साँप जल-थल दोनों में रहते हैं)।
- थल पर रहने वाले जीव – गीदड़, शेर, हाथी, गाय, खरगोश, बिल्ली, कुत्ता।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘मेरी सोच’ / कल्पना विस्तार (पृष्ठ 90):
- “यदि हम गीदड़ के स्थान पर होते तो क्या करते?” – विद्यार्थी सोचें और लिखें:
- उदाहरण उत्तर: “यदि मैं गीदड़ की जगह होता, तो मैं भी शक करता। मैं पास जाकर मगरमच्छ को पुकारता और देखता कि वह हिलता-डुलता है या नहीं। जब उसकी पूँछ हिली, तो मैं तुरंत भाग जाता।”
- “यदि हम गीदड़ के स्थान पर होते तो क्या करते?” – विद्यार्थी सोचें और लिखें:
- कला गतिविधि – मुखौटा निर्माण (पृष्ठ 91 – सिंह के स्थान पर गीदड़/मगरमच्छ):
- विद्यार्थी गीदड़ या मगरमच्छ का मुखौटा बनाएँ:
- कागज़ पर चेहरा बनाएँ, रंग भरें, कैंची से काटें, किनारों पर छेद कर धागा/रबर बैंड बाँधें।
- (गीदड़ – भूरा, तीखी आँखें, लंबे कान; मगरमच्छ – हरा, लंबा मुँह, दाँत)
- विद्यार्थी गीदड़ या मगरमच्छ का मुखौटा बनाएँ:
- ‘ठहाके’ (मज़ाकिया संवाद) – यदि समय हो तो पृष्ठ 92 से कोई एक संवाद पढ़ें और हँसें (जैसे – हाथी और चींटी, छिपकली वाला चुटकुला)।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों ने जो मुखौटा बनाया है, उसे पहनकर एक-दूसरे को दिखाएँ।
- गृहकार्य: कल के ‘अभिनय/रोल-प्ले’ के लिए अपने पात्र (मगरमच्छ, कछुआ, गीदड़) के संवाद याद करें।
दिन 5 – अभिनय, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- विद्यार्थियों को तीन समूहों में बाँटें – समूह 1 (मगरमच्छ), समूह 2 (कछुआ), समूह 3 (गीदड़)।
- मुखौटे पहनने को कहें और नाटक मंच (कक्षा के सामने) तैयार करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- अभिनय / रोल-प्ले (पृष्ठ 83-86):
- प्रत्येक समूह से 2-3 विद्यार्थी आगे आकर संवादों के साथ अभिनय करें।
- (शिक्षक निर्देशक की भूमिका में – यदि कोई संवाद भूल जाए तो सहायता करें)
- सभी समूहों को कम-से-कम एक बार अभिनय करने का अवसर दें।
- ताली बजाकर प्रोत्साहित करें।
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- मगरमच्छ ने कछुए को क्या कहा? (उसे भूख लगी है, गीदड़ पकड़ने में मदद चाहिए)
- कछुए ने मगरमच्छ को क्या करने को कहा? (मरा हुआ होने का नाटक)
- गीदड़ ने मगरमच्छ की सच्चाई कैसे जानी? (पूँछ हिलाने का झाँसा देकर)
- कहानी के अंत में कछुए ने मगरमच्छ को क्या कहा? (तुम बिलकुल मूर्ख हो)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘चतुर गीदड़’ एकांकी के मुख्य पात्रों के नाम लिखिए। (मगरमच्छ, कछुआ, गीदड़)
- (ख) गीदड़ चतुर क्यों था? (उसने मगरमच्छ और कछुए की चाल को समझ लिया और अपनी जान बचाई)
- (ग) ‘चंपत होना’ का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए। (अर्थ – भाग जाना; वाक्य – गीदड़ वहाँ से चंपत हो गया)
- (घ) नीचे दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए:
- मछली → __________ (मछलियाँ)
- चिड़िया → __________ (चिड़ियाँ)
- बच्चा → __________ (बच्चे)
- (ङ) “स्वर्ग सिधार गया” – इस वाक्य का अर्थ क्या है? (मर गया / स्वर्ग चला गया)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “चतुर गीदड़” एकांकी हमें सिखाती है कि बुद्धि से बड़ी से बड़ी शक्ति को भी मात दी जा सकती है। हमें सतर्क रहना चाहिए और किसी की बातों में जल्दी नहीं आना चाहिए।
- अगले पाठ ‘छेरछेरा’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम एक त्योहार (छेरछेरा) के बारे में पढ़ेंगे, जो छत्तीसगढ़ का अन्नदान का लोकपर्व है।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- एकांकी का चार्ट / पोस्टर
- मगरमच्छ, कछुआ, गीदड़ के चित्र
- मुखौटा बनाने की सामग्री – कागज़, रंग, कैंची, गोंद, रबर बैंड
- ‘जल-थल’ जीवों के चित्र कार्ड
- शब्दार्थ कार्ड (एकांकी, स्वर्ग सिधारना, चंपत होना, उपकार, मूर्ख)
- वर्ग पहेली का चार्ट (जल स्रोत)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | एकांकी का सस्वर एवं भावपूर्ण वाचन (संवाद) | अवलोकन / मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | पात्रों, घटनाओं और कहानी के नैतिक संदेश की समझ | मौखिक / लिखित प्रश्न |
| 3 | जल-थल व थल पर रहने वाले जीवों का वर्गीकरण | तालिका पूर्ति |
| 4 | शब्द-प्रतिस्थापन (भाषा पहेली) एवं एकवचन-बहुवचन | लिखित अभ्यास |
| 5 | अभिनय / रोल-प्ले – संवादों का उच्चारण एवं भाव | समूह गतिविधि |
| 6 | रचनात्मक कल्पना (वैकल्पिक अंत, मुखौटा निर्माण) | कला / लिखित कार्य |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘मगरमच्छ’, ‘कछुआ’, ‘गीदड़’, ‘तालाब’ को क्या कहते हैं। अभिनय गतिविधि को प्रमुखता दें क्योंकि यह बच्चों में आत्मविश्वास, टीम वर्क और भाषा-कौशल को एक साथ विकसित करती है। शिक्षक स्वयं पहले अभिनय दिखाकर बच्चों को प्रोत्साहित करें।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
