भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी शासन: परीक्षा नोट्स
1. यूरोपीय शक्तियों का आगमन
| शक्ति | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| पुर्तगाली | वास्कोडिगामा ने 1498 ई. में समुद्री मार्ग खोजा (कालीकट)। गोवा को राजधानी बनाया और समुद्री जहाजों से टैक्स वसूला (कार्ताज़ व्यवस्था)। गोवा, दमन और दीव में कारखाने खोले। |
| डच (हॉलैंड) | सूरत, खंभात, पटना और मछलीपट्टनम में कारखाने। |
| फ्रांसीसी | पांडिचेरी की स्थापना फ्रांसिस मार्टिन ने की, जो उनकी राजधानी थी। चन्द्रनगर से भी व्यापार किया। |
| अंग्रेज | बम्बई, मद्रास और कलकत्ता से व्यापार। मद्रास के सेंट फोर्ट जार्ज किले में कारखाना बनाया। |

आगमन का क्रम: पुर्तगाली → डच → अंग्रेज → फ्रांसीसी (पाठ में डच, फ्रांस, इंग्लैंड लिखा है, पर मानक कालक्रम में अंग्रेज फ्रांसीसियों से पहले आए)।
यूरोपीय भारत क्यों आए:
- यूरोप में मसालों की भारी माँग थी, क्योंकि मांस को खराब होने से बचाने के लिए मसाले चाहिए थे और वहाँ पैदा नहीं होते थे।
- भारत से सस्ते में खरीदकर यूरोप में महँगे दामों पर बेचने से भारी मुनाफा होता था।
- सोना-चाँदी देकर लम्बे समय तक व्यापार संभव नहीं था, इसलिए वे राजनीतिक सत्ता चाहते थे ताकि कर वसूलें और करों से छूट पाएँ।
- व्यापारिक प्रतिस्पर्धा से यूरोपीय शक्तियों में आपसी संघर्ष हुए।
महत्वपूर्ण शब्द:
- कोठी: किलेबंद ब्रिटिश कारखाना, जिसमें गोदाम, दफ्तर, कर्मचारियों के घर और सैनिक टुकड़ियाँ होती थीं।
- चुंगी कर: एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने-ले जाने पर राजा को दिया जाने वाला कर।
2. बंगाल में कम्पनी की शक्ति का उदय
पृष्ठभूमि: बंगाल (बिहार और उड़ीसा सहित) सम्पन्न राज्य था। ढाका, पटना और मुर्शिदाबाद प्रमुख व्यापारिक केंद्र थे। अली वर्दी खाँ की मृत्यु (1756) के बाद सिराजुद्दौला नवाब बना। अंग्रेजों और फ्रांसीसियों ने व्यापारिक सुविधाओं का दुरुपयोग कर किलेबंदी शुरू की, जिसे सिराजुद्दौला ने रोकना चाहा।
प्लासी का युद्ध (23 जून 1757)
- अंग्रेज कूटनीति और विश्वासघात से जीते, क्योंकि उन्होंने सेनापति मीर जाफर को अपनी ओर मिला लिया।
- मीर जाफर नवाब बना और अपार धन तथा व्यापारिक सुविधाएँ दीं।
- माँगों का बोझ न उठा पाने पर उसे हटाकर मीर कासिम को नवाब बनाया गया।
- मीर कासिम ने चटगाँव, वर्द्धमान और मिदनापुर में राजस्व वसूलने का अधिकार कम्पनी को दिया।
मीर कासिम का विरोध: उसने व्यापार पर से सभी कर हटा दिए और कम्पनी कर्मचारियों को भी चुंगी देने पर विवश किया। इससे कम्पनी की सुविधाएँ बंद हो गईं और टकराव बढ़ा।
बक्सर का युद्ध (1764)
- गठबंधन: मीर कासिम + शुजाउद्दौला (अवध का नवाब) + शाहआलम द्वितीय (मुगल सम्राट)।
- परिणाम: अंग्रेज विजयी रहे। बक्सर ने प्लासी के अधूरे कार्य को पूरा किया।

इलाहाबाद की संधि (1765)
- शुजाउद्दौला को फिर अवध का नवाब बनाया गया और कम्पनी को अवध में मुफ्त व्यापार की छूट मिली।
- जरूरत पड़ने पर अवध की सेना अंग्रेजों की सहायता करेगी, खर्च नवाब उठाएगा।
- कम्पनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी (कर वसूलने का अधिकार) मिली।
द्वैध शासन (दोहरा शासन): कम्पनी के पास राजस्व का अधिकार था पर शासन की बागडोर नहीं, इसलिए शासन अप्रत्यक्ष था। इसे रॉबर्ट क्लाइव ने लागू किया (1765–72)।
बंगाल पर प्रभाव:
- लगान फसल की उपज के बजाय भूमि की नाप के आधार पर लिया जाने लगा और ठेके पर दिया गया।
- ठेकेदारों ने मनमाना लगान वसूला, जिससे किसानों का भारी शोषण हुआ।
- 1770 में बंगाल का अकाल पड़ा, फिर भी लगान वसूली जारी रही।
3. वारेन हेस्टिंग्स
- रेग्युलेटिंग एक्ट, 1773 (19 जून): हेस्टिंग्स बंगाल का गवर्नर जनरल बना और कलकत्ता राजधानी बनी। अंग्रेजों का सीधा शासन स्थापित हुआ।
- उसने समयानुसार दोस्ती, युद्ध और संधि की नीति अपनाई। अवध से मित्रता कर बंगाल में शासन सुदृढ़ किया।
आंग्ल-मैसूर युद्ध
| युद्ध | काल | शासक | संधि / परिणाम |
|---|---|---|---|
| प्रथम | 1767–69 | हैदरअली | मद्रास की संधि (1769)। बाहरी आक्रमण पर परस्पर सहयोग तय हुआ, पर पेशवा के आक्रमण के समय अंग्रेजों ने साथ नहीं दिया। |
| द्वितीय | 1780–84 | हैदरअली / टीपू | मैंगलोर की संधि (1784)। परिणाम बराबरी का रहा, पर अंग्रेजों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी। |
| तृतीय | 1790–92 | टीपू सुल्तान | श्रीरंगपट्टनम की संधि (1792)। टीपू का आधा राज्य और 3 करोड़ रुपये हरजाना अंग्रेजों को मिला। निजाम और मराठों ने अंग्रेजों का साथ दिया। |
| चतुर्थ | 1799 | टीपू सुल्तान | टीपू वीरगति को प्राप्त हुए। मैसूर नाडियार (वाडियार) वंश को लौटाकर सहायक संधि की गई। |
टीपू सुल्तान: 32 वर्ष की उम्र में शासक बना, विद्वान और बहादुर था, कई भाषाओं का ज्ञाता था। फ्रांस और तुर्की से मित्रता के कारण अंग्रेज उस पर शंका करते थे।
4. लार्ड वेलेजली (1798)
सहायक संधि से ब्रिटिश भारत के दूसरे चरण (साम्राज्य विस्तार) की शुरुआत हुई।
उद्देश्य:
- कम्पनी द्वारा जीते क्षेत्रों की रक्षा करना।
- कम्पनी राज्य के चारों ओर विश्वसनीय देशी राज्यों की दीवार खड़ी करना।
शर्तें:
- राज्य में अंग्रेज सेना रखना, जिसका खर्च राज्य उठाएगा।
- अंग्रेजों के अतिरिक्त सभी यूरोपीय लोगों को सेना/सेवा से हटाना।
- एक अंग्रेज रेजीडेंट रखना, जिसकी सलाह से शासन करना।
- अन्य देशों से कूटनीतिक संधि से पहले अंग्रेजों की अनुमति लेना।
- कम्पनी को वार्षिक कर देना।
स्वीकार करने का क्रम: हैदराबाद (निजाम) → अवध। टीपू ने इंकार किया, जिससे चतुर्थ मैसूर युद्ध हुआ। कर्नाटक, तंजौर और सूरत बाद में ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिए गए।
मराठे
- पारिवारिक संघर्ष का फायदा उठाया गया। बेसिन की संधि (1802): पेशवा बाजीराव द्वितीय ने अंग्रेजों की शर्तें मानीं।
- सिंधिया और भोंसले से युद्ध (1802–04): अंग्रेज विजयी।
- होल्कर से युद्ध (1804–05): अंग्रेजों की हार और भारी नुकसान।
- सिंधिया और गायकवाड़ को भी संधि के लिए विवश किया गया।
- अंतिम युद्ध (1817–18): पेशवा, होल्कर और भोंसले की संयुक्त सेना पराजित हुई और मराठा शक्ति का अंत हो गया।
5. परवर्ती गवर्नर जनरल
लार्ड विलियम बैंटिंक (सुधारक)
- युद्ध के बजाय शांति का समर्थक था। सैनिकों की संख्या और प्रशासनिक खर्च घटाया।
- उच्च पदों पर भारतीयों की नियुक्ति (1831 का कानून)।
- सती प्रथा, बाल-विवाह, बाल-हत्या और नरबलि पर रोक।
- अँग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया।
- कलकत्ता में मेडिकल कॉलेज की स्थापना।
- राष्ट्रीय राजमार्ग बनवाए और 30 वर्षों के लिए लगान निश्चित किया।
उत्तर-पश्चिम में विस्तार
- 1818 तक पंजाब और सिंध को छोड़कर लगभग पूरे भारत पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया।
- अफगानिस्तान के रास्ते रूसी आक्रमण के डर से सिंध पर अधिकार किया गया।
- रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद अंग्रेजों ने आक्रमण कर 1849 में पंजाब पर अधिकार कर लिया।
लार्ड डलहौजी: हड़प नीति
- निःसंतान राजाओं के दत्तक पुत्रों का अधिकार न मानकर राज्य मिला लेना।
- कुशासन के आधार पर राजाओं को हटाकर राज्य पर अधिकार करना।
- युद्ध द्वारा राज्यों को अधिकार में करना।
विलय किए गए राज्य
- पहली नीति (गोद निषेध): सतारा, जैतपुर, झाँसी, नागपुर, उदयपुर।
- दूसरी नीति (कुशासन): अवध।
- तीसरी नीति (युद्ध): पंजाब।
प्रशासनिक कार्य
- डाक-तार की स्थापना।
- कमिश्नरी प्रणाली लागू की।
- परिवहन और संचार में सुधार।
- शिक्षा आयोग का गठन।
- पहली रेलगाड़ी: 1853, बम्बई (मुम्बई) से थाणे।
इन सुधारों के पीछे अंग्रेजों का स्वार्थ था (प्रशासनिक नियंत्रण, कच्चा माल इकट्ठा करना, तैयार माल भेजना), पर इनसे भारत का भी विकास हुआ।
6. मुख्य कालक्रम
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1498 | वास्कोडिगामा भारत पहुँचा |
| 1756 | सिराजुद्दौला नवाब बना |
| 1757 | प्लासी का युद्ध |
| 1764 | बक्सर का युद्ध |
| 1765 | इलाहाबाद की संधि; दीवानी अधिकार; द्वैध शासन शुरू |
| 1767–69 | प्रथम मैसूर युद्ध; मद्रास की संधि |
| 1770 | बंगाल का अकाल |
| 1773 | रेग्युलेटिंग एक्ट |
| 1780–84 | द्वितीय मैसूर युद्ध; मैंगलोर की संधि |
| 1792 | श्रीरंगपट्टनम की संधि |
| 1798 | वेलेजली का आगमन; सहायक संधि |
| 1799 | चतुर्थ मैसूर युद्ध; टीपू की मृत्यु |
| 1802 | बेसिन की संधि |
| 1817–18 | अंतिम मराठा युद्ध; मराठा शक्ति का अंत |
| 1849 | पंजाब का विलय |
| 1853 | पहली रेलगाड़ी (बम्बई–थाणे) |
7. याद रखने की तरकीबें
- प्लासी → बक्सर → इलाहाबाद: प्लासी से प्रभाव मिला, बक्सर से शक्ति मिली, इलाहाबाद से कानूनी अधिकार (दीवानी) मिला।
- हड़प नीति के “3 को”: कोई वारिस नहीं, कुशासन, कब्जा (युद्ध)।
- मैसूर युद्ध: मद्रास (1769) → मैंगलोर (1784) → श्रीरंगपट्टनम (1792) → टीपू की मृत्यु (1799)।

प्रश्न 1. खाली स्थान भरिए-
(1) यूरोप से भारत पहुँचने के लिए समुद्री मार्ग की खोज……… ने की थी।
(2) यूरोपीय व्यापार से भारत को पूर्व…….. प्राप्त होता है।
(3) अंग्रेजों ने मद्रास के किले में अपना कारखाना………स्थापित किया।
(4)…………. ने पांडिचेरी नगर की स्थापना की।
(5) अंग्रेजों ने प्रारंभ में……………. को अपनी राजधानी बनाया।
उत्तर- (1) वास्कोडिगामा, (2) सोना और चाँदी, (3) सेंट फोर्ट जान (4) फ्रांसिस मार्टिन, (5) कलकत्ता (कोलकाता)।
प्रश्न 2. उचित सम्बन्ध जोड़िए-
| 1. पेरिस की संधि | (क) बक्सर का युद्ध |
| 2. इलाहाबाद की संधि | (ख) कर्नाटक युद्ध |
| 3. बेसिन की संधि | (ग) मैसूर युद्ध |
| 4. श्रीरंगपट्टनम को संधि | (घ) अंग्रेज मराठा युद्ध। |
उत्तर- 1. (घ), 2. (क), 3. (ख), 4. (ग)।
प्रश्न 3. सही क्रम दीजिए-
अंग्रेज गवर्नरों का भारत आगमन जिस क्रम में हुआ, उसी क्रम में इन नामों को व्यवस्थित करें- (1) वेलेजली (2) कार्नवालिस (3) लार्ड हेस्टिंग्स (4) विलियम बैंटिंग (5) डलहौजी।
उत्तर- (1) लाई वारेन हेस्टिंग्स (1772-85) (2) कार्नवालिस 1786-93) (3) लार्ड वेलेजली (1798-1805) (4) लार्ड विलयम |बैटिंग (1828-35) (5) लार्ड डलहौजी (1848-1856) (टीप- क्लाइव 1757-60 व 1765-67 तक बंगाल के गवर्नर थे गवर्नर जनरल नहीं)
प्रश्न 4. प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(1) भारत का प्रथम गवर्नर जनरल कौन था ?
उत्तर- भारत का प्रथम गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स था।
(2) हैदर अली कहाँ का शासक था ?
उत्तर- हैदर अली मैसूर का शासक था।
(3) अंग्रेजों व फ्रांसीसियों के बीच कौन-सा बुद्ध हुआ?
उत्तर- अंग्रेजों व फ्रांसीसियों के बीच कर्नाटक युद्ध हुआ था।
(4) बक्सर बुद्ध के बाद अंग्रेजों को किस इलाके से भू- राजस्व वसूलने का अधिकार प्राप्त हुआ था ?
उत्तर- बक्सर युद्ध के बाद अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा राज्यों में भू-राजस्व वसूलने का अधिकार मिल गया।
(5) प्लासी युद्ध से अंग्रेजों को क्या लाभ हुआ ?
उत्तर- प्लासी युद्ध ने अंग्रेजों को आर्थिक दृष्टि से मालामाल बना दिया। अंग्रेजों ने मीरजाफर को नवाब बनाकर उससे अपार धन वसूला और व्यापारिक सुविधाएँ प्राप्त की। किन्तु मोरजाफर अंग्रेजों के हस्तक्षेप और आर्थिक शोषण को ज्यादा दिन तक झेल न. सका। आखिरकार अंग्रेजों ने षड्यंत्रपूर्वक उसे सत्ता से निकाल बाहर किया और मीर कासिम को बंगाल का नवाव घोषित कर दिया। अंग्रेजों ने दबाव बनाकर उससे चटगाँव, वर्द्धमान और मिदनापुर जिलों का राजस्व वसूलने का स्थायी अधिकार भी उससे छीन लिया और उससे भी अपार धन ऐंठ लिया। अंग्रेजों के अत्याचार और शोषण से तंग आकर मीर कासिम ने बंगाल में लागू सारे कर समाप्त कर दिया और कम्पनी के कर्मचारियों को चुंगी देने के लिए बाध्य कर दिया। इससे अंग्रेजों को मिलने वाली सारी सुविधाएँ समाप्त हो गई और दोनों के बीच संघर्ष प्रारंभ हो गया।
(6) द्वैत शासन को समझाइये।
उत्तर- लार्ड क्लाइव ने सन् 1765 में एक कानून लागू किया, जिसे द्वैत शासन प्रणाली के नाम से जाना जाता है। इस कानून में यह व्यवस्था दी गई थी कि बंगाल में राजस्व वसूली करने का अधिकार कम्पनी को होगी, उसे अपनी सुरक्षा के लिए सैनिक रखने का अधिकार होगा, जिसका खर्च नवाब वहन करेगा। राज्य में सुशासन और व्यवस्था सम्बन्धी सारे कार्य नवाब का होगा। द्वैत शासन प्रणाली अपनाने के कारण-द्वैत शासन प्रणाली लागू करने के मुख्य कारण निम्नलिखित है-
(1) यदि कम्पनी बंगाल में पूर्णतः अधिकार कर लेती तो लाभ कम और दायित्व बढ़ जाता है। (2) तब अंग्रेजों के पास योग्य और प्रशिक्षित प्रशासकों की संख्या कम थी।
(3) यदि बंगाल पर प्रत्यक्ष अधिकार अंग्रेजों के हाथ में आ जाता तो उन्हें अंतर्राष्ट्रीय आलोचना का शिकार होना पड़ता।। (4) कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स पूरे बंगाल को लेने के मत में नहीं था। (5) इससे अंग्रेजों को व्यापार में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता था। प्रभाव- द्वैत शासन प्रणाली लागू होने के पूर्व यहाँ के किसानों से लगान वसूली फसलों के उपज के आधार पर की जाती थी किन्तु अब अंग्रेज जमीन के अनुपात में कर वसूलने लगे। कम खर्च में लगान वसूलने एवं कम्पनी के लिए वार्षिक मुनाफा दिलाने के लिए कर वसूली को ठेके में देना आरंभ कर दिए। ठेकेदार अपनी मर्जी से और अपनी जेब भरने के लिए मनमाने कर वसूलते थे और उसमें से एक निश्चित मात्रा हो अंग्रेजों को दिया करते थे। इस प्रकार ठेकेदार और कम्पनी के कर्मचारियों ने किसानों का खूब शोषण किया। यहाँ तक कि सन् 1770 के घोर अकाल में भी ठेकेदारों ने किसानों से बलपूर्वक लगान वसूल किया, जिससे किसानों की माली हालत चरमरा गई। सन् 1772 में तत्कालीन गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने इस विवादित कानून को समाप्त कर दिया।
(7) वेलेजली की सहायक संधि की शर्तों को बताइये।
उत्तर- लार्ड वेलेजली जब भारत का गवर्नर जनरल बनकर आया तो उसने ब्रिटिश भारत के दूसरे अध्याय का शुभारंभ किया। इसके लिए उसने जो साम्राज्य विस्तार की नीति अपनाई भारतीय इतिहास में ‘सहायक संधि के नाम से विख्यात है। वेलेजली की सहायक संधि को मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं-
(1) सहायक संधि स्वीकार करने वाले प्रत्येक राज्य को अपने आस-पास अंग्रेज सेना रखनी पड़ती थी, जिसका खर्च राज्य को स्वयं उठाना पड़ता था। (2) अपनी सेना से अंग्रेजों के अतिरिक्त सभी यूरोपीय लोगों को हटाना आवश्यक था। (3) एक अंग्रेज रेजीडेंट (प्रतिनिधि) रखना आवश्यक मा जिसकी सलाह से वे शासन कर सकते थे। (4) अन्य देशों से कूटनीतिक संधि करने से पहले अंग्रेजों से अनुमति लेना जरूरी था। (5) कम्पनी को वार्षिक कर देना पड़ता था।
(8) डलहौजी की हड़प नीति पर प्रकाश डालिए।
उत्तर- भारत में गवर्नर जनरल की हैसियत से डलहौजी ने सर्वाधिक अन्यायपूर्ण तरीके से देशों राज्यों को परेशान किया। वह देशी शासकों से घृणा करता था और उन्हें ब्रिटिश साम्राज्य का विरोधी मानता था। डलहौजी ने भारत में अपनी नीतियों का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जिससे इंग्लैण्ड के साम्राज्यवाद के साथ ही आर्थिक हितों की रक्षा की जा सके। भारत में अंग्रेजी साम्राज्य का विस्तार करने के लिए डलहौजी ने मुख्यतः तीन नीतियों का पालन किया-
(1) निःसंतान राजाओं के दत्तक पुत्रों के अधिकार को न मानते हुए उनका राज्य अंग्रेजी राज्य में मिला लेना।(2) कुशासन के आधार पर देशी राजाओं को हटाकर राज्य को अधिकार में कर लेना। (3) युद्ध द्वारा राज्यों को जीत लेना। डलहौजी ने पहली नीति के अनुसार सतारा, जैतपुर, झांसी, नागपुर, उदयपुर आदि में कब्जा कर लिया। दूसरी नीति के तहत अवध पर अपना अधिकार जमा लिया और युद्ध के द्वारा पंजाब प्रांत को अंग्रेजी साम्राज्य में मिला लिया।
(9) बैटिंग के प्रशासनिक सुधारों को बताइये।
उत्तर – विलियम बैंटिंग की गणना सुधारक गवर्नर जनरल के रूप में की जाती है, वह युद्ध के बदले शांति का समर्थक था। लगातार युद्धों के कारण कम्पनी की आर्थिक स्थिति शोचनीय हो गई थी। भारतीयों में प्रशासन के प्रति अत्यन्त असंतोष की भावना थी अत: उन्हें दूर करने के लिए निम्न प्रशासनिक सुधार किया गया-
(1) भारतीयों को भी अंग्रेजों के समान उच्च पदों पर नियुक्ति का प्रावधान किया। (2) राजस्व वसूलने के लिए उसने टोडरमल की बन्दोबस्त व्यवस्था को अपनाया और वर्षों के लिए लगान निश्चित करवाया। (3) इन दिनों यूरोप में इंग्लैण्ड और रूस के बीच तनाव चल रहा था अंग्रेजों को डर था कि रूस अफगानिस्तान के माध्यम से। भारत पर आक्रमण कर सकता है। अतः बैटिंग ने वहाँ के अमीरों को सहायक संधि के लिए बाध्य किया और अंतत: सिन्ध तथा पंजाब पर भी अधिकार कर लिया।
(10) अगर प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला जीत जाता तो क्या होता ?
उत्तर- अगर प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला जीत जाता तो अंग्रेज व फ्रांसिसी दोनों ही व्यापारिक सुविधाओं का दुरुपयोग नहीं कर पाते तथा अंग्रेजों को आर्थिक लाभ भी नहीं होता।
(11) यदि यूरोपीय देशों के उपनिवेश नहीं होते तो उन देशों की आर्थिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता ?
उत्तर – यदि यूरोपीय देशों के उपनिवेश नहीं होते तो उन देशों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब होती। यूरोपीय देशों के लोग अपने माल का उत्पादन कर उसे अन्य देशों को बेच नहीं पाते जिससे उन्हें आर्थिक लाभ नहीं होता।
20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं जो “भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी शासन की स्थापना” पर आधारित हैं।
- वास्को डी गामा ने समुद्री मार्ग की खोज किस वर्ष की थी?
A) 1492
B) 1498
C) 1500
D) 1510
उत्तर: B) 1498 - किस देश के व्यापारी पहले भारत आए थे?
A) इंग्लैंड
B) पुर्तगाल
C) फ्रांस
D) डच
उत्तर: B) पुर्तगाल - ब्रिटिशों ने अपनी व्यापारिक गतिविधियाँ किस भारतीय नगर से शुरू की थीं?
A) दिल्ली
B) मद्रास
C) सूरत
D) बम्बई
उत्तर: C) सूरत - सूरत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र कौन सा था?
A) पंजाब
B) बंगाल
C) कर्नाटक
D) गुजरात
उत्तर: D) गुजरात - अंग्रेजों ने किस किले में अपना कारखाना स्थापित किया था?
A) सेंट फोर्ट जार्ज
B) फोर्ट विलियम
C) फोर्ट स्टिक
D) फोर्ट पांडिचेरी
उत्तर: A) सेंट फोर्ट जार्ज - फ्रांसीसी व्यापारी पांडिचेरी नगर की स्थापना किसने की थी?
A) लुईस द’फॉन्टेन
B) फ्रांसिस मार्टिन
C) हेनरी सैंडरसन
D) एंटोनी डेलों
उत्तर: B) फ्रांसिस मार्टिन - प्लासी युद्ध कब हुआ था?
A) 1756
B) 1757
C) 1758
D) 1759
उत्तर: B) 1757 - बंगाल में द्वैध शासन का क्या प्रभाव था?
A) अंगेजों का पूर्ण नियंत्रण
B) भारतीय शासकों का सीधा शासन
C) अंग्रेजों का अप्रत्यक्ष शासन
D) कोई प्रभाव नहीं पड़ा
उत्तर: C) अंग्रेजों का अप्रत्यक्ष शासन - 1764 में बक्सर युद्ध में अंग्रेजों के खिलाफ कौन-कौन से राज्य लड़े थे?
A) बंगाल और बिहार
B) बंगाल, बिहार और उड़ीसा
C) अवध, बंगाल और बिहार
D) कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार
उत्तर: C) अवध, बंगाल और बिहार - अंग्रेजों ने मीर जाफर को किस राज्य का नवाब बनाया था?
A) पंजाब
B) बंगाल
C) कर्नाटक
D) बिहार
उत्तर: B) बंगाल - “सहायक संधि” किसके शासनकाल में लागू की गई थी?
A) वारेन हेस्टिंग्स
B) लार्ड वेलेजली
C) विलियम बैंटिंक
D) डलहौजी
उत्तर: B) लार्ड वेलेजली - ब्रिटिशों के खिलाफ किस राज्य ने सहायक संधि से इंकार किया था?
A) कर्नाटक
B) पंजाब
C) मैसूर
D) बंगाल
उत्तर: C) मैसूर - लार्ड डलहौजी ने किस नीति को लागू किया?
A) सहायक संधि
B) डिवीजन नीति
C) हड़प नीति
D) संशोधन नीति
उत्तर: C) हड़प नीति - पहली रेलगाड़ी भारत में कब चली थी?
A) 1849
B) 1850
C) 1853
D) 1860
उत्तर: C) 1853 - भारत में किस अंग्रेज गवर्नर जनरल ने ‘सामाजिक सुधार’ किए थे?
A) वारेन हेस्टिंग्स
B) लार्ड वेलेजली
C) विलियम बैंटिंक
D) डलहौजी
उत्तर: C) विलियम बैंटिंक - किस शासक ने भारत में पहली बार सती प्रथा पर रोक लगाने के लिए कानून पास किया था?
A) वारेन हेस्टिंग्स
B) लार्ड वेलेजली
C) विलियम बैंटिंक
D) डलहौजी
उत्तर: C) विलियम बैंटिंक - बंगाल में अकाल किस वर्ष में पड़ा था?
A) 1767
B) 1770
C) 1780
D) 1790
उत्तर: B) 1770 - टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ किस युद्ध में भाग लिया था?
A) द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध
B) तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध
C) चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध
D) कर्नाटक युद्ध
उत्तर: A) द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध - अंग्रेजों ने किस शासक से युद्ध के बाद सूरत पर अधिकार किया?
A) टीपू सुल्तान
B) हैदर अली
C) शुजाउद्दौला
D) सिंधिया
उत्तर: B) हैदर अली - 1817-1818 के दौरान अंग्रेजों और मराठों के बीच कौन सा युद्ध हुआ था?
A) प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध
B) द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध
C) तृतीय आंग्ल मराठा युद्ध
D) चतुर्थ आंग्ल मराठा युद्ध
उत्तर: D) चतुर्थ आंग्ल मराठा युद्ध
