ब्रायोफाइटा का वर्गीकरण

ब्रायोफाइटा का वर्गीकरण (Classification of Bryophytes):

ब्रायोफाइटा (Bryophyta) एक प्राचीन पौधों का समूह है, जिसे आमतौर पर बिना बीज के पौधों के रूप में जाना जाता है। ये पौधे जलीय और आर्द्र वातावरण में पाए जाते हैं और इनमें ऊतक प्रणाली का अभाव होता है। ब्रायोफाइटा को मुख्यतः तीन वर्गों में बांटा गया है:

1. हिपॅटिकॉप्सिडा (Hepaticopsida):

  • नामकरण: “Hepatica” शब्द का अर्थ ‘जिगर’ होता है, और इस वर्ग के पौधों को ‘लिवरवर्ट्स’ (Liverworts) भी कहा जाता है।
  • विशेषताएँ:
    1. यह सरल ब्रायोफाइट्स का समूह है।
    2. पादप शरीर स्कायवत् (thalloid) तथा पत्तीनुमा (leafy) होता है।
    3. मूलाभास (rhizoids) एककोशीय एवं पट्टरहित होते हैं।
    4. कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट्स पाये जाते हैं, जिनमें पायरीनॉयड्स का अभाव होता है।
    5. स्पोरोफाइट में कैप्सूल में कोल्यूमेला (columella) नहीं पाया जाता।
  • उदाहरण: रिक्सिया (Riccia), मार्केशिया (Marchantia)।

2. एन्थोसिरोटॉप्सिडा (Anthocerotopsida):

  • नामकरण: इस वर्ग के पौधों को ‘हॉर्नवर्ट्स’ (Hornworts) कहा जाता है, क्योंकि इनके स्पोरोफाइट का आकार सिंग (horn) के समान होता है।
  • विशेषताएँ:
    1. स्पोरोफाइट का रूप सिंग के समान होता है।
    2. गैमिटोफाइट पत्तीनुमा (leafy) तथा सूकायवत् (thalloid) होते हैं, परंतु इनमें स्केल्स का अभाव होता है।
    3. कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट्स पाये जाते हैं, जिनमें पायरीनॉयड्स उपस्थित होते हैं।
    4. स्पोरोफाइट में विभज्योतक (segmentation) पाया जाता है।
    5. स्पोरोफाइट के कैप्सूल में कॉल्यूमेला (columella) पाया जाता है।
    6. कैप्सूल में स्पोर्स के अलावा स्यूडोइलेटर्स (pseudoelaters) होते हैं।
  • उदाहरण: एन्थोसिरॉस (Anthoceros), नोटोथाइलस (Notothylas)।

3. बायोप्सिडा (Bryopsida):

  • नामकरण: इस वर्ग को पहले “Musci” के नाम से जाना जाता था। इसके पौधों को ‘मॉस’ (Moss) कहा जाता है।
  • विशेषताएँ:
    1. गैमिटोफाइट की दो अवस्थाएँ होती हैं: (a) प्रोटोनीमा अवस्था (b) गैमिटोफोर (gametophore)।
    2. प्रोटोनीमा धागे के समान होते हैं, जो रंगहीन होते हैं और मृदा में क्षैतिज रूप से वृद्धि करते हैं।
    3. राइज्वॉइड्स बहुकोशीय एवं पट्ट्युक्त (multicellular and flattened) होते हैं।
    4. स्केल्स का पूर्ण अभाव होता है।
    5. कैप्सूल की संरचना जटिल होती है, जिसमें कोल्यूमेला (columella), ऑपरकुलम (operculum), और डायफ्राम (diaphragm) होते हैं।
    6. इलेटर्स (elaters) अनुपस्थित होते हैं।
  • उदाहरण: फ्यूनेरिया (Funaria), स्फैग्नम (Sphagnum), पॉलीट्राइकम (Polytrichum)।

ब्रायोफाइटा के यह तीन वर्ग पौधों की संरचना, प्रजनन और जीवनचक्र में भिन्नताएँ दिखाते हैं, जिससे पौधों के विकासात्मक और वर्गीकृत रूपों की स्पष्ट समझ मिलती है।

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