सच्चा बालक (हिंदी कक्षा – 3)

जानने योग्य

  • कही जा रही बात कहानी कविता आदि को ध्यान से समझते हुए सुनते और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्ति करते हैं।
  • सुनी हुई रचनाओं की विषय-वस्तु घटनाओं, पात्रों, शीर्षक आदि के बारे में बातचीत करते हैं. प्रश्न पूछते हैं अपनी प्रतिक्रिया देते हैं राय बताते हैं / अपने तरीके से (कहानी, कविता आदि) अपनी भाषा में व्यक्त करते है।
  • कहानी, कविता अथवा अन्य सामग्री को समझते हुए उसमें अपनी कहानी / बात जोडते है।
  • तरह-तरह की रचनाओं / सामग्री (अखबार, बाल पत्रिका आदि) को समझकर पढने के बाद उस पर आधारित प्रश्न पूछते हैं, अपनी राय देते हैं. शिक्षक एवं अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करते हैं, पूछे गए प्रश्नों के उत्तर (मौखिक / लिखित रूप से) देते हैं।
  • अलग-अलग तरह की रचनाओं / सामग्री (अखबार बाल पत्रिका, होर्डिंग्स आदि) को समझकर पढ़ने के बाद उस पर आधारित प्रश्न पूछते हैं अपनी राय देते हैं/ शिक्षक एवं अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करते हैं, पूछे गए प्रश्नों के उत्तर (मौखिक, साकेतिक) देते हैं।
  • अलग-अलग तरह की रचनाओं में आए नए शब्दों को संदर्भ में समझकर उनका अर्थ सुनिश्चित करते हैं।

प्रश्न और अभ्यास

प्र.1. गुरु जी द्वारा अपनी प्रशंसा सुनकर गोपाल दुखी क्यों हुआ ?

प्र. 2. गोपाल को सच्चा बालक क्यों कहा गया ?

प्र.3. गोखले जी क्यों प्रसिद्ध हुए ?

प्र.4. गोपाल की जगह तुम होते तो क्या करते

प्र.5. कोई तुम्हारी झूठी प्रशंसा करे तो तुम उससे क्या कहोगे ?

प्र.6. अपनी प्रशंसा सुनकर सभी बच्चे प्रसन्न होते हैं। इस संबंध में तुम्हारा क्या कहना है ?

प्र. 7. इन वाक्यों को पाठ के अनुसार क्रम से लिखो।

क. गोपाल ने अपनी कॉपी दिखाई।

ख. गुरु जी ने प्रत्येक बच्चे की कापी जाँची ।

ग. बड़ा होकर यह बालक गोपाल कृष्ण गोखले के नाम से प्रसिद्ध हुआ ।

घ. गुरु जी ने उसकी सच्चाई की प्रशंसा की।

ङ. गुरु जी ने गणित का एक प्रश्न हल करने को दिया।

प्र. 9. सही जोड़ी बनाओ।

गुरु जीफूट-फूटकर रोने लगा।
देशका सवाल किसी ने हल नहीं किया।
गोपाल स्वतंत्र हो गया।
गणितप्रसन्न हो गए।
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