कक्षा 7 विज्ञान: विद्युत धारा और उसका प्रभाव (स्मरणीय तथ्य)
1. पदार्थों का वर्गीकरण (विद्युत प्रवाह के आधार पर)
- विद्युत चालक (Conductors): वे पदार्थ जो अपने अंदर से विद्युत धारा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं। (जैसे: तांबा, एल्युमिनियम, लोहा, अशुद्ध जल)।
- हीन चालक / विद्युत रोधी (Poor Conductors/Insulators): वे पदार्थ जो अपने अंदर से विद्युत धारा को आसानी से प्रवाहित नहीं होने देते हैं। (जैसे: रबर, प्लास्टिक, सूखी लकड़ी)।
2. विद्युत धारा के प्रभाव
विद्युत धारा के मुख्य रूप से तीन प्रभाव होते हैं:
- ऊष्मीय प्रभाव (Heating Effect)
- चुम्बकीय प्रभाव (Magnetic Effect)
- रासायनिक प्रभाव (Chemical Effect)
3. विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव
- सिद्धांत: जब किसी तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वह गर्म हो जाता है। इसे विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं।
- उदाहरण/उपकरण:
- विद्युत बल्ब (तंतु गर्म होकर प्रकाश देता है)
- विद्युत हीटर (Room Heater)
- विद्युत इस्त्री (Press/Iron)
- गीजर
4. विद्युत फ्यूज (Electric Fuse)

- परिभाषा: फ्यूज एक सुरक्षा युक्ति (Safety Device) है जो विद्युत परिपथ को खराब होने और आग लगने से बचाता है।
- कार्य: जब परिपथ में बहुत अधिक विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो फ्यूज का तार गर्म होकर पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है।
- बनावट: यह एक विशेष पदार्थ का बना होता है जिसका गलनांक कम होता है। यह जिंक (Zinc) या लेड और टिन (Lead and Tin) की मिश्रधातु का तार होता है।
5. विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव और विद्युत चुंबक

- सिद्धांत: जब किसी तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह चुंबक की भांति व्यवहार करता है।
- विद्युत चुंबक (Electromagnet): यदि विद्युत धारावाही कुंडली (Coil) के बीच में लोहे का टुकड़ा रख दिया जाए, तो वह चुंबकित हो जाता है। इसे विद्युत चुंबक कहते हैं।
- विद्युत चुंबक के उपयोग:
- विद्युत घंटी (Electric Bell)
- क्रेन (भारी लोहे का सामान उठाने के लिए)
- विद्युत मोटर
- विद्युत ट्रेन
- विद्युत जनित्र (Generator)
सारांश (Quick Recap):
- चालक: धारा बहने देते हैं।
- हीन चालक: धारा नहीं बहने देते।
- ऊष्मीय प्रभाव: हीटर, प्रेस, बल्ब।
- फ्यूज: सुरक्षा के लिए, लेड-टिन की मिश्रधातु।
- विद्युत चुंबक: घंटी, क्रेन, मोटर में उपयोगी।




















