पद और पदबंध की परिभाषा
- पद (Word in a sentence): वाक्य से अलग रहने पर ‘शब्द’ कहलाते हैं , और वाक्य में प्रयुक्त हो जाने पर शब्द ‘पद’ कहलाते हैं ।
- पदबंध (Phrase): जब दो या अधिक शब्द (पद) नियत क्रम और निश्चित अर्थ में किसी पद का कार्य करते हैं, तो उन्हें पदबंध कहते हैं ।
- अन्य परिभाषा: कई पदों के योग से बने वाक्यांश को, जो एक ही पद का काम करता है, ‘पदबंध’ कहते हैं ।
- अंग्रेजी में इसे phrase कहते हैं ।
- कार्य: इसका मुख्य कार्य वाक्य को स्पष्ट, सार्थक और प्रभावकारी बनाना है ।
पदबंध की आवश्यक बातें (रचना की दृष्टि से)
रचना की दृष्टि से पदबंध में तीन बातें आवश्यक हैं:
- इसमें एक से अधिक पद होते हैं ।
- ये पद इस तरह से सम्बद्ध होते हैं कि उनसे एक इकाई बन जाती है ।
- पदबंध किसी वाक्य का अंश होता है ।
पदबंध के भेद (Types of Phrases)
मुख्य पद के आधार पर पदबंध के पाँच प्रकार होते हैं11:
| क्रम | पदबंध का नाम | परिभाषा और पहचान |
| 1. | संज्ञा-पदबंध | वह पदबंध जो वाक्य में संज्ञा का कार्य करे । पहचान: पदबंध का अंतिम अथवा शीर्ष शब्द यदि संज्ञा हो और अन्य सभी पद उसी पर आश्रित हों । उदाहरण: राम ने लंका के राजा रावण को मार गिराया। |
| 2. | विशेषण-पदबंध | वह पदबंध जो संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बतलाता हुआ विशेषण का कार्य करे । पहचान: पदबंध का शीर्ष अथवा अंतिम शब्द यदि विशेषण हो और अन्य सभी पद उसी पर आश्रित हों । उदाहरण: उसका घोड़ा अत्यंत सुंदर, फुरतीला और आज्ञाकारी है। |
| 3. | सर्वनाम-पदबंध | वह पदबंध जो वाक्य में सर्वनाम का कार्य करे। पहचान: वे सर्वनाम शब्दों से सम्बद्ध होते हैं (जैसे: ‘आपने’, ‘कुछ’, ‘कोई’) । उदाहरण: बिजली-सी फुरती दिखाकर आपने बालक को डूबने से बचा लिया। |
| 4. | क्रिया-पदबंध | वह पदबंध जो अनेक क्रिया-पदों से मिलकर बना हो । पहचान: इसमें मुख्य क्रिया पहले आती है, उसके बाद अन्य क्रियाएँ मिलकर एक समग्र इकाई बनाती हैं । उदाहरण: नदी बहती चली जा रही है। |
| 5. | अव्यय-पदबंध | वह पदबंध जो वाक्य में अव्यय का कार्य करे । पहचान: इस पदबंध का अंतिम शब्द अव्यय होता है । इसमें क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक तथा निपात से संबंधित अव्यय पदबंध आते हैं । उदाहरण: सुबह से शाम तक वह बैठा रहा। |
