कितने पैर? – कक्षा 3 हिंदी Unit 1: हमारा पर्यावरण (Kitne Pair? Class 3 Hindi)
पाठ का सारांश
यह पाठ एक संवाद के रूप में है, जिसमें अध्यापिका और विद्यार्थियों के बीच विभिन्न जीवों के पैरों की संख्या पर चर्चा होती है। पाठ में बताया गया है कि—
- शून्य पैर – केंचुआ (रेंगकर चलता है)
- दो पैर (द्विपाद) – मनुष्य, पक्षी, कंगारू (कभी 4 या 5 पैरों से भी चलता है)
- चार पैर (चतुष्पाद/चौपाया) – गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली, घोड़ा, बकरी, शेर, जेब्रा, आदि।
- छह पैर – चींटी, मक्खी, भंवरा, तितली, झींगुर (कीट वर्ग)
- आठ पैर – मकड़ी
- अनेक पैर (30 से 382 तक) – कनखजूरा
यह पाठ जीव-जगत के प्रति रुचि, गणना कौशल, और वर्गीकरण की क्षमता विकसित करता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- विभिन्न जीवों के पैरों की संख्या के आधार पर उनका वर्गीकरण कर पाएँगे
- शून्य से अधिक पैरों वाले जीवों के नाम बता पाएँगे
- ‘द्विपाद’, ‘चतुष्पाद’ जैसे शब्दों का अर्थ समझ पाएँगे
- गणितीय पहेलियों (पैरों की संख्या से जीवों की संख्या ज्ञात करना) को हल कर पाएँगे
- कल्पनाशीलता का उपयोग करते हुए रचनात्मक संवाद लिख पाएँगे
दिन 1 – संवाद का परिचय एवं वाचन (प्रारंभिक जानकारी)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपके कितने पैर हैं?” (2), “कुत्ते के कितने पैर होते हैं?” (4), “चिड़िया के?” (2)
- कुछ जानवरों के चित्र दिखाकर बच्चों से पैर गिनने को कहें।
- बच्चों से पूछें कि क्या किसी जीव के पैर नहीं होते?
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- भूमिका निर्वहन (Role Play) के साथ वाचन –
- शिक्षक अध्यापिका का और विद्यार्थी बच्चों का रोल करें।
- संवाद को आवाज़ (intonation) के साथ पढ़ें।
- ध्यानाकर्षण शब्द – “द्विपाद”, “चतुष्पाद”, “कनखजूरा”
- नए शब्दों से परिचय:
- केंचुआ = कीड़ा जिसके पैर नहीं होते
- द्विपाद = दो पैर वाला (द्वि = दो, पाद = पैर)
- चतुष्पाद = चार पैर वाला (चतुर = चार)
- कनखजूरा = 30 से 382 पैरों वाला कीट
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “अब तक तुम्हें कितने प्रकार के जीवों के पैरों की जानकारी मिली?”
- गृहकार्य: अपने आस-पास किसी एक जीव (जानवर/कीट) के पैर गिनकर आना।
दिन 2 – संवाद का गहन अध्ययन एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – संवाद का सामूहिक वाचन।
- विद्यार्थियों ने घर पर किस जीव के पैर गिने – साझा करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- विस्तृत चर्चा (बातचीत के लिए – पृष्ठ 19)
- पाठ में न आए अन्य जीवों के नाम और उनके पैर बताएँ (जैसे – हाथी, खरगोश, छिपकली)।
- शरीर के कौन-से अंग आने-जाने में सहायक हैं? (पैर, पंख, पूँछ, पेट)
- केंचुए के अतिरिक्त किसी और बिना पैर वाले जीव का नाम बताएँ (जैसे – साँप, लहसुनिया/इयल)
- हाथ और पैर की तुलना (पृष्ठ 19)
- विद्यार्थी अपने हाथ और पैर देखें – दोनों में क्या समानता? (अँगूठे, उँगलियाँ), क्या भिन्नता? (आकार, बनावट, काम)
समापन (5 मिनट)
- “क्या सभी जीवों के केवल दो ही पैर होते हैं?” – सही/गलत (गलत)।
- गृहकार्य: पाठ से ‘पैरों की देखभाल’ के कोई दो उपाय लिखकर आना (पृष्ठ 20)।
दिन 3 – अभ्यास एवं लिखित कार्य (पाठ के भीतर)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- संवाद का सामूहिक वाचन।
- रोल-प्ले (विद्यार्थी स्वयं अध्यापिका और बच्चों की भूमिका निभाएँ)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- सही/गलत कथन (पृष्ठ 20) –
(क) सभी जीवों के केवल दो पैर होते हैं। (गलत)
(ख) केंचुए अपने पेट के बल सरकते हैं। (सही)
(ग) दो पैर वाले जीवों को द्विपाद कहते हैं। (सही)
(घ) गाय, भैंस, बकरी चतुष्पाद हैं। (सही)
(ङ) जीवों के पैरों की संख्या शून्य से कई सौ तक हो सकती है। (सही) - तालिका पूर्ति (पृष्ठ 20) –दो पैर वालेशून्य पैर वालेचार पैर वालेछह पैर वालेआठ पैर वालेआठ से अधिकमनुष्य, चिड़ियाकेंचुआ, साँपगाय, कुत्ता, शेर, घोड़ाचींटी, मक्खी, तितलीमकड़ीकनखजूरा
- पैरों की देखभाल (पृष्ठ 20) –
विद्यार्थियों से चर्चा – नाखून काटना, पैर धोना, साफ जूते पहनना, कट/खरोंच पर पट्टी करना।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्य की जाँच।
- गृहकार्य: नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार 1 से 10 तक अंकों और शब्दों की तालिका पूरी करें (पृष्ठ 41)।
दिन 4 – भाषा विकास, गणितीय पहेलियाँ एवं रचनात्मक लेखन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- अंकों और शब्दों का खेल – एक विद्यार्थी ‘5’ कहे, दूसरा ‘पाँच’।
- “चार पैरों वाले को चौपाया कहते हैं, चार कोनों वाली आकृति क्या कहलाती है?” – चतुर्भुज
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘च’ से संबंधित शब्द (पृष्ठ 41) –
- चतुर्भुज, चतुराई, चतुर्दश, चौक, चौखट, चौराहा।
- गणितीय पहेलियाँ (पृष्ठ 42-43) –
- (i) भैंस – 32 पैर, 1 भैंस = 4 पैर → 32 ÷ 4 = 8 भैंस
- (ii) मकड़ी – 32 पैर, 1 मकड़ी = 8 पैर → 32 ÷ 8 = 4 मकड़ियाँ
- (iii) चींटी + मकड़ी – कुल 34 पैर:
- मान लो x = चींटी (6 पैर), y = मकड़ी (8 पैर)
- 6x + 8y = 34
- पहेली का उत्तर – 3 चींटियाँ (18 पैर) + 2 मकड़ियाँ (16 पैर) = 34 पैर
- रचनात्मक लेखन (पृष्ठ 42) –
विद्यार्थी कल्पना करें कि कनखजूरा, केंचुआ, चिड़िया और एक बच्चा आपस में मिलते हैं। कनखजूरा अपने पैरों की बात शुरू करता है – तीन-चार पंक्तियों का संवाद लिखें:- कनखजूरा – मेरे तो इतने पैर हैं कि गिनते-गिनते थक जाओगे!
- केंचुआ – मेरे तो पैर ही नहीं, फिर भी चलता हूँ!
- चिड़िया – मुझे तो दो पैर काफी हैं, उड़ने के लिए पंख भी हैं!
- बच्चा – सबकी अपनी-अपनी खासियत है!
- बूझो तो जानें (पृष्ठ 43) – “लालटेन ले पंखों में, उड़े अँधेरी रात में।” – उत्तर: जुगनू
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के संवाद पढ़कर सुनाएँ।
- गृहकार्य: “तीतर के दो आगे तीतर…” पहेली का उत्तर सोचें (पृष्ठ 43 – उत्तर: 3 तीतर)।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं अतिरिक्त पठन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- तीतर वाली पहेली का उत्तर बताएँ – तीन तीतर (क्योंकि आगे 2 और पीछे 2 का मतलब 3 पंक्ति में)।
- संवाद का सस्वर वाचन (एक समूह अध्यापिका, दूसरा विद्यार्थी)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- दो पैरों वाले जीवों को क्या कहते हैं? (द्विपाद)
- किस जीव के 382 पैर तक हो सकते हैं? (कनखजूरा)
- मकड़ी के कितने पैर होते हैं? (आठ)
- हाथी किस श्रेणी (कितने पैर) में आएगा? (चतुष्पाद)
- लिखित मूल्यांकन (शिक्षक द्वारा निर्धारित प्रश्न):
- (क) कोई चार चतुष्पाद जीवों के नाम लिखिए।
- (ख) ‘केंचुआ’ और ‘कनखजूरा’ में मुख्य अंतर क्या है? (एक के पैर 0, दूसरे के 30-382)
- (ग) वाक्य पूरा कीजिए – “जिन जीवों के चार पैर होते हैं, उन्हें ________ कहते हैं।”
- अतिरिक्त पठन – ‘दोस्त के जूते’ (पृष्ठ 44) –
- कहानी पढ़कर सुनाएँ।
- चर्चा करें: “मेंढक ने चींटे के दोस्त (कनखजूरा) के लिए कितने जूते बनाने होंगे?” (कनखजूरे के 30-382 पैर → इसलिए 30 से 382 जोड़ी जूते – यह असंभव है, इसलिए कहानी मजाकिया है)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “प्रकृति में सभी जीवों की अपनी-अपनी विशेषता है। कुछ के पैर नहीं, किसी के 2, किसी के 4, किसी के 6, 8 या सैकड़ों पैर। हमें सभी जीवों को सम्मान देना चाहिए।”
- अगले पाठ ‘बया हमारी चिड़िया रानी!’ का संक्षिप्त परिचय।
शिक्षण सहायक सामग्री
- विभिन्न जीवों के चित्र/पोस्टर (केंचुआ, चींटी, मकड़ी, कनखजूरा, गाय, पक्षी)
- शब्दार्थ कार्ड (द्विपाद, चतुष्पाद, कनखजूरा, पंचपाद)
- अंक तालिका (1-10)
- कागज़, रंग, पहेली कार्ड
- कनखजूरे/जीवों के पैरों की संख्या दिखाता चार्ट
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | संवाद का सस्वर एवं भूमिका-निर्वहन सहित वाचन | अवलोकन/मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | जीवों का पैरों की संख्या के आधार पर वर्गीकरण | मौखिक/लिखित तालिका |
| 3 | शब्दार्थ एवं ‘चतु…’ से बने शब्दों का ज्ञान | लिखित कार्य |
| 4 | गणितीय पहेली का समाधान | समस्या-समाधान गतिविधि |
| 5 | रचनात्मक संवाद लेखन | कल्पित लिखित अभिव्यक्ति |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा में ‘चींटी’, ‘मकड़ी’, ‘केंचुआ’, ‘कनखजूरा’ को क्या कहते हैं। खेल-खेल में गणित कौशल विकसित करने के लिए पहेलियों पर विशेष ध्यान दें। विद्यार्थियों को जीवों के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु प्रोत्साहित करें।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
