चींटी – कक्षा 3 हिंदी Unit 1: हमारा पर्यावरण (Chinti Class 3 Hindi)
पाठ का सारांश
यह कविता नन्हीं चींटी के परिश्रम, लगन और बड़े इरादों को दर्शाती है। चींटी छोटे शरीर वाली होते हुए भी पहाड़-सी बाधा को पार कर लेती है। कविता में चींटी को कलाकार, श्रमिक और बहादुर बताया गया है। यह कविता बच्चों को मेहनत, लगन और कभी हार न मानने की प्रेरणा देती है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- कविता को सही लय और भाव के साथ पढ़ पाएँगे
- चींटी के गुणों (मेहनत, लगन, साहस) की सराहना कर पाएँगे
- श्रम का महत्व समझ पाएँगे
- कविता से नए शब्द सीखकर वाक्य बना पाएँगे
- रचनात्मक लेखन (कल्पित संवाद) कर पाएँगे
दिन 1 – कविता का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “क्या आपने कभी चींटी को रेंगते देखा है? वे क्या करती हैं?”
- चींटी का चित्र या वास्तविक चींटी (यदि संभव हो) दिखाएँ।
- विद्यार्थियों से चींटी से जुड़े अपने अनुभव साझा करने को कहें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन – शिक्षक कविता को लय और भाव के साथ पढ़कर सुनाएँ।
- सामूहिक वाचन – सभी विद्यार्थी मिलकर कविता पढ़ें।
- कठिन शब्दों की व्याख्या:
- श्रम = मेहनत
- तन = शरीर
- इरादे = संकल्प/ठान
- पर्वत = पहाड़
- कलाकार = कला में निपुण व्यक्ति
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों से पूछें: “कविता में चींटी को क्या-क्या कहा गया है?”
- गृहकार्य: चींटी को ध्यान से देखें कि वह कैसे चलती है और क्या खाती है।
दिन 2 – कविता की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – कविता का सामूहिक वाचन।
- प्रश्न: “चींटी के शरीर का आकार कैसा है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पंक्तियों की व्याख्या – प्रमुख पंक्तियों का अर्थ समझाएँ:
- “छोटा तन, पर बड़े इरादे” – शरीर छोटा है पर संकल्प बड़े हैं।
- “पर्वत पर चढ़ जाती चींटी” – बड़ी से बड़ी बाधा भी पार कर लेती है।
- “मेहनत ही पूजा है प्रभु की” – मेहनत सबसे बड़ी पूजा है।
- बातचीत के लिए प्रश्न (पृष्ठ 30 से):
- आपने सबसे छोटा कीट कौन-सा देखा?
- चींटी के अतिरिक्त और कौन-कौन से श्रम करने वाले जीव हैं?
- नन्ही चींटी के बारे में अपना कोई अनुभव बताइए।
समापन (5 मिनट)
- “चींटी हमें क्या सिखाती है?” – विद्यार्थियों के उत्तर सुनें।
- गृहकार्य: कविता के अनुसार चींटी हमें क्या-क्या करना सिखाती है – तीन बातें लिखिए।
दिन 3 – अभ्यास एवं लिखित कार्य
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- कविता का सस्वर वाचन (विद्यार्थी स्वयं पढ़ें)।
- पिछली चर्चा की पुनरावृत्ति।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- चींटी को क्या पसंद? (पृष्ठ 30) – चित्रों में लड्डू, करेला, गेहूँ, चीनी, शहद, सूखी पत्तियाँ दिखाएँ। विद्यार्थी बताएँ कि चींटी क्या खाना चाहेगी (लड्डू, गेहूँ, चीनी, शहद पर ✓)।
- रिक्त स्थान पूर्ति (पृष्ठ 30):
- (क) घर को खूब सजाती चींटी।
- (ख) पर्वत पर चढ़ जाती चींटी।
- (ग) दाना चुनकर लाती चींटी।
- (घ) श्रम का राग सुनाती चींटी।
- तुकबंदी (पृष्ठ 32) – विद्यार्थी तुक वाले शब्द ढूँढ़ें:
- दाना ↔ गाना
- धूप ↔ कूप (या अन्य उपयुक्त शब्द)
- कड़ी ↔ पड़ी
- राग ↔ स्वाग (या भाग)
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्य की जाँच।
- गृहकार्य: ‘चींटी’ शब्द कविता में कितनी बार आया है – गिनकर लिखिए (पृष्ठ 31)।
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि एवं संवाद लेखन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- विद्यार्थियों द्वारा पिछले दिन के गृहकार्य की चर्चा।
- कविता का सामूहिक वाचन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कविता को आगे बढ़ाएँ (पृष्ठ 32) –
विद्यार्थी सोचें कि चीनी का दाना मिलने पर चींटी क्या करती है और चार पंक्तियाँ लिखें:चीनी का दाना दिख जाए
उसको लेने जाती चींटी
मिलकर सब संग लाती है
रास्ते में न थकती चींटी - ‘चींटी से भेंट’ – कल्पित संवाद (पृष्ठ 32) –
विद्यार्थी सोचें कि यदि चींटी उनसे बात करे तो क्या बातचीत होगी:- आप – नमस्ते चींटी! आज आप अकेली आई हैं?
- चींटी – नहीं, मेरे साथी पीछे आ रहे हैं। हमें खाना मिल गया है।
- आप – आप इतना बड़ा दाना कैसे उठा लेती हैं?
- चींटी – हम मिलकर काम करते हैं, इसलिए कोई काम मुश्किल नहीं।
- अतिरिक्त पठन (पृष्ठ 33) – “चींटी और हाथी की छुपन-छुपाई” पढ़कर सुनाएँ और चर्चा करें कि हाथी को चींटी कैसे मिली? (इसका उत्तर – हाथी बहुत बड़ा है, इसलिए मंदिर के अंदर झाँककर देख सकता है)
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के संवाद पढ़कर सुनाएँ और प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: चींटी और उसके साथियों का एक चित्र बनाएँ।
दिन 5 – पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- विद्यार्थियों द्वारा कविता का सस्वर वाचन (व्यक्तिगत रूप से)।
- चींटी के चित्रों का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- चींटी का तन कैसा है? (छोटा)
- चींटी किस राग को सुनाती है? (श्रम का राग)
- चींटी किस पर चढ़ जाती है? (पर्वत पर)
- कविता के अनुसार मेहनत क्या है? (प्रभु की पूजा)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) कविता की कोई चार पंक्तियाँ लिखिए।
- (ख) “चींटी हमें क्या सिखाती है?” – दो वाक्य लिखिए।
- (ग) नीचे दिए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए – श्रम, पर्वत, कलाकार
- समूह गायन – सभी विद्यार्थी मिलकर कविता गाएँ और चींटी की तरह हाथ-पैर हिलाकर अभिनय करें।
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “चींटी हमें मेहनत, लगन और एकता सिखाती है। हमें चींटी की तरह कभी हार नहीं माननी चाहिए।”
- अगले पाठ ‘कितने पैर?’ का संक्षिप्त परिचय।
शिक्षण सहायक सामग्री
- चींटी का चित्र/पोस्टर
- कविता का चार्ट
- चित्र कार्ड (लड्डू, करेला, गेहूँ, चीनी, शहद, सूखी पत्तियाँ)
- शब्दार्थ कार्ड
- रंगीन कागज़ और रंग
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | कविता का सस्वर वाचन | अवलोकन / मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | कविता की समझ | मौखिक प्रश्नों के उत्तर |
| 3 | रिक्त स्थान पूर्ति एवं शब्दार्थ | लिखित कार्य |
| 4 | कल्पित संवाद लेखन | रचनात्मक लिखित कार्य |
| 5 | चित्रकला एवं अभिनय | गतिविधि आधारित |
नोट: शिक्षण के दौरान बहुभाषिकता पर ध्यान दें – विद्यार्थियों को चींटी को उनकी मातृभाषा में क्या कहते हैं, यह पूछें। खेल-खेल में सीखने की विधि अपनाएँ। विद्यार्थियों को समूह में काम करने के लिए प्रोत्साहित करें।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
