पूर्णांक संख्या किसे कहते हैं
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धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य से मिलकर बनी हुई संख्याएँ पूर्णांक संख्या कहलाती हैं।
जैसे:- -5,-4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, 4, 5
पूर्णांक संख्या को अंग्रेजी में Integer Number कहते हैं।
पूर्णांक संख्या के प्रकार
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पूर्णांक संख्याएँ तीन प्रकार की होती हैं।
- धनात्मक संख्याएँ
- ऋणात्मक संख्याएँ
- उदासीन पूर्णांक
1. धनात्मक पूर्णांक
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एक से लेकर अनंत तक की सभी धनात्मक संख्याएँ धनात्मक पूर्णांक कहलाती हैं।
कोई भी पूर्णांक संख्या जिसके आगे धनात्मक या ऋणात्मक का कोई चिन्ह नहीं लगा हो ऐसी संख्याएँ धनात्मक पूर्णांक कहलाती हैं।
जैसे :- 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, …………. ∞
ये सभी संख्याएँ धनात्मक पूर्णांक के अंतर्गत आती हैं।
धनात्मक संख्याएँ पूर्णांक संख्या रेखा पर शून्य के दायीं और स्थित होती हैं अतः ये संख्याएँ धनात्मक पूर्णांक के अंतर्गत आएगी।
2. ऋणात्मक पूर्णांक
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1 से लेकर अनंत तक कि सभी ऋणात्मक संख्याएँ ऋणात्मक पूर्णांक कहलाती हैं।
ऋणात्मक पूर्णांक संख्याओं के आगे ऋणात्मक चिन्ह लगा होता है। ऋणात्मक संख्याएँ संख्या रेखा पर शून्य के बायीं और स्थित होती हैं। जो संख्याएँ शून्य से छोटी होती है वे ऋणात्मक पूर्णांक कहलाती हैं।
जैसे :- -1, -2, -3, -4, -5, -6, -7, -8, -9 ……..……∞
ये सभी संख्याएँ ऋणात्मक पूर्णांक के अंतर्गत आती हैं।
3. उदासीन पूर्णांक
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ऐसा पूर्णांक जो न तो कोई धनात्मक पूर्णांक है और न ही ऋणात्मक पूर्णांक है। उदासीन पूर्णांक कहलाता हैं। यह शून्य पूर्णांकों के अंतर्गत आता हैं।
जैसे :- 3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, ………………∞
पूर्णांक संख्या के गुण
योग /व्यवकलन और गुणन का संवृत नियम –
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नियम के अनुसार किन्ही दो पूर्णांकों को जोड़ने पर प्राप्त परिणाम एक पूर्णांक ही प्राप्त होता है। पूर्णांक संख्याए घटाव के अंतगर्त भी संवृत नियम का पालन करती है।
जैसे:-
- 2 + 2 = 4
- 5 + 5 = 10
- 50 – 24 = 26
- 100 – 86 = 14
- 2 × 5 = 10
- 4 × 6 = 24
यहाँ पर 4, 10, 26,14 , 10 एवं 24 एक पूर्णांक संख्या है।
योग और गुणन का क्रमविनिमेय गुण
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पूर्णांक संख्याओ को जोड़ने या गुणा करने पर यह क्रमविनिमेय नियम का पालन करती है। अर्थात दो पूर्णांकों को किसी भी क्रम में जोड़ने या गुणा करने पर परिणाम समान रहता है।
जैसे:-
- 5 + 3 =3 + 5
- 3 × 5 = 5 × 3
दोनों परिणाम समान है इसलिए यह क्रमविनिमेय नियम का पालन करते हैं।
योग और गुणन का साहचर्य गुण
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पूर्णांकों को जोड़ने एवं घटाने में साहचर्य गुण का पालन करते है। यह गुणन साहचर्य गुण का पालन करती है।
- a + (b + c) = (a + b) + c
- (a × b) × c = a × (b × c)
योज्य तत्समक
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पूर्ण संख्याओं के लिए शून्य एक योज्य तत्समक है।
a + 0 = a = 0 + a
शून्य से गुणन
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पूर्णांक संख्या जब किसी को शून्य से गुणा किया जाता है तो गुणनफल के रूप में शून्य प्राप्त होता है।
a × 0 = 0 × a = 0
जैसे:-
2 × 0 = 0
7 × 0 = 0
गुणनात्मक तत्समक
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पूर्ण संख्याओं के लिए 1 गुणनात्मक तत्समक है।
a × 1 = 1 × a = a
पूर्णांक संख्या के महत्वपूर्ण बिन्दु
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- संख्या 0, 1, -1, 2, -2, 3, -3, ……….…….∞ पूर्णांक संख्या कहलाती हैं।
- संख्या +1, +2, +3, +4, ……………∞ धनात्मक पूर्णांक कहलाती हैं।
- संख्या -1, -2, – 3, – 4, ……………….∞ पूर्णांक कहलाती हैं।
- संख्या 0, + 1, + 2, + 3, + 4, ऋणेत्तर पूर्णांक कहलाते हैं।
- ऋणेत्तर पूर्णांक पूर्ण संख्या ही कहलाती हैं।
सभी धनात्मक पूर्णांक संख्या रेखा पर 0 के दायीं ओर तथा सभी ऋणात्मक पूर्णांक संख्या रेखा पर 0 के बायीं ओर स्थित होते हैं।
दो पूर्णांक जिनका योग शून्य हो एक-दूसरे के योज्य प्रतिलोम कहलाते हैं। ये एक दूसरे के ऋणात्मक भी कहलाते हैं।
पूर्णांकों का जोड़, घटाना, गुना एवं भाग
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दो पूर्णांकों के योग का नियम
(-) + (-) = (+)
(+) + (+) = (+)
(-) + (+) = (-)
(+) + (-) = (-)
समान चिन्ह वाले पूर्णांक का जोड़

विभिन्न चिन्ह वाले पूर्णांकों का जोड़

दो पूर्णांकों को घटाने के नियम
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- (-) – (-) = (-)
- (+) – (+) = (-)
- (-) – (+) = (+)
- (+) – (-) = (+)
समान चिन्ह वाले पूर्णांकों को घटाना

विभिन्न चिन्ह वाले पूर्णांकों को घटाना

दो पूर्णांकों के गुणनफल का नियम
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- (-) × (-) = (+)
- (+) × (+) = (+)
- (-) × (+) = (-)
- (+) × (-) = (-)
समान चिन्ह वाले पूर्णांकों का गुणनफल

विभिन्न चिन्ह वाले पूर्णांकों का गुणनफल

दो पूर्णांकों के विभाजन के नियम
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- (-) ÷ (-) = (+)
- (+) ÷ (+) = (+)
- (-) ÷ (+) = (-)
- (+) ÷ (-) = (-)
समान चिन्ह वाले पूर्णांकों को विभाजन

विभिन्न चिन्ह वाले पूर्णांकों को विभाजन

पूर्णांक संख्या से संबंधित प्रश्न उत्तर
Q.1 (-8), (-4) पूर्णांकों के युग्मों के योग ज्ञात कीजिए?
(A). 12
(B). -12
(C). 8
(D). -4
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
-8 और -4 दोनों के चिन्ह ऋण हैं।
अतः -8 + (-4) = -(8 + 4)
Ans. -12
Q.2 (+8), (– 2) पूर्णांकों के युग्मों के योग ज्ञात कीजिए?
(A). 10
(B). -10
(C). 6
(D). -6
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
+8 और -2 के चिन्ह विपरीत हैं।
अतः +8 + (-2) = 8 – 2
Ans. 6
Q.3 (-12) में से 4 घटाइए?
(A). 4
(B). -4
(C). 16
(D). -16
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
4 का योज्य प्रतिलोम = – 4 हैं।
अतः -12 – 4
= -12 + (-4)
= -(12 + 4)
= -16
Ans. -16
Q.4 (-25) में से (-8) घटाइए?
(A). 8
(B). -8
(C). 17
(D). -17
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
-8 का योज्य प्रतिलोम = +8 हैं।
अतः -25 – (-8)
= -25 + (+8)
= -25 + 8
= -17
Ans. 17
Q.5 (-9) और (-4) के बीच में कितने पूर्णांक हैं?
(A). 6
(B). 8
(C). 4
(D). 10
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
-9 और -4 के बीच पूर्णांक -8, -7, -6 और -5 हैं।
अतः -9 और -4 के बीच 4 पूर्णांक हैं।
Q.6 परिकलित कीजिए?
1 – 2 + 3 – 4 + 5 – 6 + 7 – 8 + 9 – 10
(A). -2
(B). -3
(C). -5
(D). 5
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
1 – 2 + 3 – 4 + 5 – 6 + 7 – 8 + 9 – 10
= (1 + 3 + 5 + 7 + 9) – (2 + 4 + 6 + 8 + 1 + 0)
= 25 – 30
= -5
Ans. 5
Q.7 दो पूर्णांकों का योग 86 हैं। यदि इनमें से एक पूर्णांक –42 हैं। तो दूसरा पूर्णांक ज्ञात कीजिए?
(a). 155
(b). 123
(c). 111
(d). 128
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
दोनों पूर्णांकों का योग 86 हैं। इसलिए दूसरा पूर्णांक 86 में से (-42) घटाने पर प्राप्त होगा।
= 86 – (-42)
= 86 + 42
= 128
Ans. 128
Q.8 अंक 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 को इसी क्रम में लिखिए तथा इनके बीच में ‘+’ या ‘-‘ इस तरह रखिए कि 5 प्राप्त हों?
(a). 3
(b). 5
(c). 7
(d). 9
Ans.
हल:- प्रश्नानुसार,
0 + 1 – 2 + 3 – 4 + 5 – 6 + 7 – 8 + 9
= (0 + 1 + 3 + 5 + 7 + 9) – (2 + 4 + 6 + 8)
= 25 – 20
= 5
Ans. 5
हमने सीखा (We Learnt)
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- दो धनात्मक पूर्णांकों का योगफल सदैव धनात्मक पूर्णांक तथा दो ऋणात्मक पूर्णांकों का योगफल सदैव ऋणात्मक पूर्णांक होता है।
- दो धनात्मक पूर्णांकों का गुणनफल धनात्मक पूर्णांक होगा तथा दो ऋणात्मक पूर्णांकों का गुणनफल धनात्मक पूर्णांक होगा। यदि धनात्मक पूर्णांक का आभिक मान अधिक हो तथा योगफल ऋणात्मक होगा या यदि ऋणात्मक पूर्णांक का आभिक मान अधिक हो।
- दो पूर्णांकों का योग हमेशा एक पूर्णांक होता है, जैसे पूर्णांकों के योग के लिए संख्याएं पूर्णांक हैं।
- पूर्णांक में जोड़ने से उनका मान में कोई परिवर्तन नहीं आता है। उदाहरण: संख्या 1 को उसका तत्समक संख्या माना जाता है।
- पूर्णांक में 1 का गुणा करने पर उसके मान में परिवर्तन नहीं आता है। उदाहरण: 1 को पूर्णांक तत्समक संख्या माना जाता है।
- किसी धनात्मक संख्या को किसी ऋणात्मक संख्या के साथ गुणा करने पर गुणनफल ऋणात्मक संख्या होता है। जैसे:
(+1) × (−1) = −1 या (−1) × (+1) = −1 - ऋणात्मक संख्या का ऋणात्मक संख्या के साथ गुणा होने पर धनात्मक संख्या प्राप्त होती है। जैसे:
(−1) × (−1) = +1 - दो पूर्णांकों का योग, अंतर एवं गुणा एक पूर्णांक होता है।
- पूर्णांक से 0 घटाने पर उसका मान नहीं बदलता।
- पूर्णांक के पूर्ववर्ती एवं परवर्ती सदैव पूर्णांक ही होते हैं।
- किसी ऋणात्मक संख्या का योग प्रतिलोम धनात्मक संख्या तथा किसी धनात्मक संख्या का योग प्रतिलोम ऋणात्मक संख्या होती है।
- पूर्णांक संख्या पर सदैव न्यूनतम मान होता है। जैसे: 3-4 में सबसे बड़ा पूर्णांक संख्या -1 प्राप्त होगा।
- पूर्णांक संख्या पर यदि -1 गुणा करें या भाग दें पर परिणाम -1 प्राप्त होता है।
- शून्य का गुणन प्रतिलोम अस्तित्व नहीं रहता है।



