मानव एकलिंगी (Unisexual) प्राणी है और इसमें लैंगिक जनन होता है। मानव जरायुज (Viviparous) होते हैं, अर्थात ये सीधे शिशु को जन्म देते हैं।
1. नर प्रजनन तंत्र (Male Reproductive System)
नर जनन तंत्र के मुख्य भाग:
- प्राथमिक जनन अंग: एक जोड़ी वृषण (Testes)। ये शरीर से बाहर ‘वृषण कोष’ (Scrotum) में होते हैं ताकि शुक्राणु निर्माण के लिए कम तापमान मिल सके।
- सहायक नलिकाएं: वृषण जालिकाएँ, शुक्रवाहिका, अधिवृषण (Epididymis) और शुक्रवाहक।
- सहायक ग्रंथियाँ: प्रोस्टेट ग्रंथि, शुक्राशय (Seminal Vesicle) और बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथि। ये वीर्य (Semen) का निर्माण करती हैं।
2. मादा प्रजनन तंत्र (Female Reproductive System)
मादा जनन तंत्र के मुख्य भाग:
- प्राथमिक जनन अंग: एक जोड़ी अंडाशय (Ovary)। इनका कार्य अंडाणु (Ovum) का निर्माण और हार्मोन स्रावित करना है।
- अण्डवाहिनी (Fallopian Tube): यहीं पर निषेचन (Fertilization) होता है।
- गर्भाशय (Uterus): जहाँ भ्रूण का विकास होता है।
- बाह्य जननेंद्रिय: योनि और अन्य सहायक अंग।

3. युग्मकजनन (Gametogenesis)
युग्मक (Gametes) बनने की प्रक्रिया को युग्मकजनन कहते हैं। यह दो प्रकार का होता है:
| प्रक्रिया | विवरण | स्थान |
| शुक्रजनन (Spermatogenesis) | शुक्राणुओं (Sperms) का निर्माण। | वृषण (Testes) |
| अंडजनन (Oogenesis) | अंडाणु (Ovum) का निर्माण। | अंडाशय (Ovary) |
4. आर्तव चक्र (Menstrual Cycle)
मादाओं (प्राइमेट्स) में होने वाला प्रजनन चक्र। यह औसतन 28-29 दिनों का होता है।
- रजोधर्म (Menstruation): गर्भाशय की दीवार का टूटना और रक्तस्राव।
- अंडोत्सर्ग (Ovulation): चक्र के मध्य (14वें दिन) अंडाशय से अंडाणु का बाहर निकलना।
5. निषेचन एवं भ्रूणीय विकास
- निषेचन (Fertilization): नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) के संलयन को निषेचन कहते हैं। यह अण्डवाहिनी के ‘एम्पुला’ भाग में होता है।
- ब्लास्टोसाइट (Blastocyst): निषेचन के बाद युग्मनज (Zygote) में विभाजन होता है और वह एक गेंद जैसी संरचना बनाता है जिसे ब्लास्टोसाइट कहते हैं।
- अंतरोपण (Implantation): ब्लास्टोसाइट का गर्भाशय की दीवार से चिपकना।
6. सगर्भता, प्लेसेंटा और प्रसव
- प्लेसेंटा (Placenta): यह माता और भ्रूण के बीच की कड़ी है। इसके माध्यम से शिशु को पोषण और ऑक्सीजन मिलता है तथा अपशिष्ट बाहर निकलते हैं।
- प्रसव (Parturition): गर्भकाल (लगभग 9 महीने) पूरा होने पर शिशु का गर्भाशय से बाहर आना। इसमें ‘ऑक्सीटोसिन’ (Oxytocin) हार्मोन की मुख्य भूमिका होती है।
- दुग्धस्रावण (Lactation): शिशु के जन्म के बाद माता की स्तन ग्रंथियों से दूध का स्राव। शुरुआती दूध को कोलोस्ट्रम (Colostrum) कहते हैं, जिसमें एंटीबॉडी (IgA) प्रचुर मात्रा में होती है।
✍️ अभ्यास हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs)
Q1. मानव में निषेचन (Fertilization) कहाँ होता है?
(A) गर्भाशय में
(B) अंडाशय में
(C) अण्डवाहिनी (Fallopian Tube) में
(D) योनि में
उत्तर: (C)
Q2. नर जनन हार्मोन कौन-सा है?
(A) एस्ट्रोजन
(B) टेस्टोस्टेरोन
(C) प्रोजेस्टेरोन
(D) इंसुलिन
उत्तर: (B)
Q3. गर्भावधि के दौरान माता से शिशु को पोषण किसके द्वारा मिलता है?
(A) वृषण द्वारा
(B) प्लेसेंटा द्वारा
(C) अण्डवाहिनी द्वारा
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (B)
कोचिंग टिप: शुक्रजनन और अंडजनन के बीच का अंतर अक्सर बड़े प्रश्नों में पूछा जाता है, इसे चार्ट बनाकर याद करें।
Focus Keywords: मानव जनन, प्रजनन तंत्र, शुक्राणु, अंडाणु, निषेचन, प्लेसेंटा, Biology Class 12 Hindi.
