संस्मरण गद्य की एक विधा है जिसमें लेखक अपने व्यक्तिगत अनुभवों, स्मृतियों और किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलने-जुलने की घटनाओं को साहित्यिक ढंग से प्रस्तुत करता है।
संस्मरण की विशेषताएँ
- व्यक्तिगत अनुभव — लेखक की निजी स्मृतियों पर आधारित
- आत्मीयता — सरल, हृदयस्पर्शी भाषा में लिखा जाता है
- साक्ष्य-मूलक — वास्तविक घटनाओं के साक्ष्य पर आधारित
- ऐतिहासिक मूल्य — साहित्यिक और सामाजिक महत्व प्रदान करते हैं
- भावनात्मकता — भावनाओं और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति
हिंदी साहित्य के प्रमुख संस्मरण
1. “महादेवी वर्मा के संस्मरण”
संस्मरणकार: महादेवी वर्मा
प्रमुख रचनाएँ:
- अतीत के चलचित्र (सर्वाधिक प्रसिद्ध संस्मरण संग्रह)
- स्मृति की रेखाएँ
- पथ के साथी
विशेषताएँ:
- महादेवी वर्मा ने राष्ट्रीय नेताओं, साहित्यकारों और समाज सेविकाओं से अपनी मुलाकातों का सुंदर वर्णन किया है।
- गांधी जी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ मिलने की यादें।
- साधारण जीवन की घटनाओं को महत्वपूर्ण बना देती हैं।
- “अतीत के चलचित्र” को हिंदी का सर्वश्रेष्ठ संस्मरण माना जाता है।
2. “राष्ट्रकवि दिनकर के संस्मरण”
संस्मरणकार: रामधारी सिंह दिनकर
प्रमुख रचनाएँ:
- भारत की सांस्कृतिक परम्परा
- संस्मरण और व्यक्तिचित्र
विशेषताएँ:
- राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व के व्यक्तियों के संस्मरण।
- आजादी के आंदोलन से जुड़ी घटनाएँ।
- ओजस्वी और प्रभावशाली भाषा।
3. “पंडित जवाहरलाल नेहरू के संस्मरण”
संस्मरणकार: जवाहरलाल नेहरू
प्रमुख रचना:
- Toward Freedom (अंग्रेजी) — मेरी कहानी (हिंदी संस्करण)
विशेषताएँ:
- स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रथम-पुरुष विवरण।
- राजनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण।
4. “हजारी प्रसाद द्विवेदी के संस्मरण”
संस्मरणकार: हजारी प्रसाद द्विवेदी
प्रमुख रचनाएँ:
- विचार और विवेचन
- आलोचना के मानदंड
विशेषताएँ:
- साहित्यकारों और विद्वानों के साथ मिलने की यादें।
- आलोचनात्मक दृष्टिकोण से लिखे गए।
- सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व।
5. “कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ के संस्मरण”
संस्मरणकार: कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
प्रमुख रचनाएँ:
- आँखों देखा-ठीकरा-फोड़
- अर्धनारीश्वर
विशेषताएँ:
- व्यंग्य और हल्के-फुल्के अंदाज में लिखे गए।
- रोचक और मनोरंजक शैली।
- आम जन जीवन के संस्मरण।
6. “भदंत आनंद कौसल्यायन के संस्मरण”
संस्मरणकार: भदंत आनंद कौसल्यायन
प्रमुख रचनाएँ:
- धर्मवीर भारतीदास
- सामाजिक संस्मरण
विशेषताएँ:
- सामाजिक सुधारकों के जीवन संस्मरण।
- धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण।
7. “शिवपूजन सहाय के संस्मरण”
संस्मरणकार: शिवपूजन सहाय
प्रमुख रचना:
- आज के संस्मरण (सांस्कृतिक संस्मरण)
विशेषताएँ:
- समकालीन साहित्यकारों के संस्मरण।
- साहित्यिक परिवेश का चित्रण।
8. “आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी के संस्मरण”
संस्मरणकार: आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी
प्रमुख रचनाएँ:
- साहित्य संस्मरण
- आलोचना सिद्धांत
9. “अमृतलाल नागर के संस्मरण”
संस्मरणकार: अमृतलाल नागर
प्रमुख रचनाएँ:
- बूँद और समुद्र
- एक दिन की महत्ता
विशेषताएँ:
- व्यक्तिगत अनुभवों का सजीव चित्रण।
- साधारण जीवन की असाधारण घटनाएँ।
10. “मुंशी प्रेमचंद के संस्मरण”
संस्मरणकार: विभिन्न साहित्यकारों द्वारा प्रेमचंद के संस्मरण
प्रमुख रचना:
- प्रेमचंद के संस्मरण (संकलित)
विशेषताएँ:
- महान साहित्यकार की व्यक्तिगत छवि।
- साहित्यिक इतिहास के महत्वपूर्ण दस्तावेज़।

हिन्दी साहित्य में महत्वपूर्ण संस्मरण को क्रमशः तिथि वार यहाँ देने का प्रयास किये जा रहे हैं –
हिन्दी साहित्य में महत्वपूर्ण संस्मरण
| 1905 | अनुमोदन का अन्त (महावीरप्रसाद द्विवेदी) |
| 1907 | इंग्लैंड के देहात में महाराज बनारस का कुआं (काशीप्रसाद जायसवाल) |
| 1907 | सभा की सभ्यता (महावीरप्रसाद द्विवेदी) |
| 1908 | लन्दन का फाग या कुहरा (प्यारेलाल मिश्र) |
| 1909 | मेरी नई दुनिया सम्बन्धिनी रामकहानी (भोलदत्त पांडेय) |
| 1911 | अमेरिका में आनेवाले विद्यार्थियों की सूचना (जगन्नाथ खन्ना) |
| 1913 | मेरी छुट्टियों का प्रथम सप्ताह (जगदीश बिहारी सेठ) |
| 1913 | वाशिंगटन महाविद्यालय का संस्थापन दिनोत्सव (पांडुरंग खानखोजे) |
| 1918 | कुछ संस्मरण (वृन्दालाल वर्मा, सुधा 1921 में प्रकाशित) |
| 1921 | मेरे प्राथमिक जीवन की स्मृतियां (इलाचन्द्र जोशी, सुधा |
| 1921 | 1921 में प्रकाशित) |
| 1929 | पदम पराग (पदमसिंह शर्मा) |
| 1930 | रामा (महादेवी वर्मा) |
| 1932 | मदन मोहन के सम्बन्ध की कुछ पुरानी स्मृतियां (शिवराम पांडेय) |
| 1934 | बिन्दा (महादेवी वर्मा) |
| 1935 | घीसा (महादेवी वर्मा) |
| 1935 | बिट्टो (महादेवी वर्मा) |
| 1935 | सबिया (महादेवी वर्मा) |
| 1936 | शिकार (श्रीराम शर्मा) |
| 1937 | बोलती प्रतिमा (श्रीराम शर्मा, भाई जगन्नाथ इस संकलन का सर्वश्रेष्ठ संस्मरण) |
| 1937 | साहित्यिकों के संस्मरण (ज्योतिलाल भार्गव, हंस के प्रेमचन्द स्मृति अंक 1937 सं. पराड़कर) |
| 1937 | क्रान्तियुग के संस्मरण (मन्मथनाथ गुप्त) |
| 1938 | झलक (शिवनारायण टंडन) |
| 1938 | लाल तारा (रामवृक्ष बेनीपुरी) |
| 1939 | प्राणों का सौदा (श्रीराम शर्मा) |
| 1940 – | रेखाचित्र (प्रकाशचन्द्र गुप्त) |
| 1940 | टूटा तारा (संस्मरण : मौलवी साहब, देवी बाबा, राजा राधिकारमण प्र. सिंह) |
| 1941 | अतीत के चलचित्र (महादेवी वर्मा) |
| 1942 | तीस दिन मालवीय जी के साथ (रामनरेश त्रिपाठी) |
| 1942 | गोर्की के संस्मरण (इलाचन्द्र जोशी) |
| 1943 | स्मृति की रेखाएं (महादेवी वर्मा) |
| 1943 | चरित्र रेखा (जनार्दन प्रसाद द्विज) |
| 1946 | वे दिन वे लोग (शिवपूजन सहाय) |
| 1946 | पंच चिह्न (शांतिप्रसाद द्विवेदी) |
| 1947 | मिट्टी के पुतले (प्रकाशचन्द्र गुप्त) |
| 1947 | पुरानी स्मृतियां और नए स्केच (प्रकाशचन्द्र गुप्त) |
| 1947 | स्मृति की रेखाएं (महादेवी वर्मा) |
| 1948 | सन् बयालीस के संस्मरण (श्रीराम शर्मा) |
| 1949 | माटी हो गई सोना (कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’) |
| 1949 | एलबम (सत्यजीवन वर्मा ‘भारतीय’) |
| 1949 | रेखाएं बोल उठीं (देवेन्द्र सत्यार्थी) |
| 1949 | दीप जले शंख बजे (कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’) |
| 1949 | ज़्यादा अपनी, कम पराई (‘अश्क’) |
| 1949 | जंगल के जीव (श्रीराम शर्मा) |
| 1950 | गेहूं और गुलाब (रामवृक्ष बेनीपुरी) |
| 1950 | क्या गोरी क्या सांवरी (देवेन्द्र सत्यार्थी) |
| 1950 | लंका महाराजिन (ओंकार शरद) |
| 1951 | अमिट रेखाएं (सत्यवती मल्लिक) |
| 1952 | हमारे आराध्य (बनारसीदास चतुर्वेदी) |
| 1952 | संस्मरण (बनारसीदास चतुर्वेदी) |
| 1952 | सेतुबन्ध (बनारसीदास चतुर्वेदी) |
| 1953 | संस्मरण (बनारसीदास चतुर्वेदी) |
| 1954 | ज़िन्दगी मुस्कायी (कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर) |
| 1954 | गांधी कुछ स्मृतियां (जैनेन्द्र)। |
| 1954 | ये और वे (जैनेन्द्र) |
| 1955 | बचपन की स्मृतियां (राहुल सांकृत्यायन) |
| 1955 | मैं भूल नहीं सकता (कैलाशनाथ काटजू) |
| 1955 | रेखाएं और चित्र (उपेन्द्रनाथ अश्क) |
| 1955 | रेखा और रंग (विनय मोहन शर्मा) |
| 1956 | मंटो मेरा दुश्मन या मेरा दोस्त मेरा दुश्मन (उपेन्द्रनाथ अश्क) |
| 1956 | पथ के साथी (महादेवी |
| 1957 | जिनका मैं कृतज्ञ (राहुल सांकृत्यायन) |
| 1957 | वे जीते कैसे हैं (श्रीराम शर्मा) |
| 1957 | माटी हो गई सोना (कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर) |
| 1958 | दीप जले, शंख बजे (कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर) |
| 1958 | बाजे पायलिया के घुंघरू (कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर) |
| 1959 | स्मृति-कण (सेठ गोविन्ददास) |
| 1959 | ज़्यादा अपनी कम परायी (अश्क) |
| 1959 | मैं इनका ऋणी हूं (इन्द्र विद्यावाचस्पती) |
| 1960 | प्रसाद और उनके समकालीन (विनोद शंकर व्यास) |
| 1962 | जाने-अनजाने (विष्णु प्रभाकर) |
| 1962 | कुछ स्मृतियां और स्फुट विचार (डॉ॰ सम्पूर्णानन्द) |
| 1962 | समय के पांव (माखनलाल चतुर्वेदी) |
| 1962 | नए-पुराने झरोखे (हरिवंशराय बच्चन) |
| 1962 | अतीत की परछाइयां (अमृता प्रीतम) |
| 1963 | दस तस्वीरें (जगदीशचन्द्र माथुर) |
| 1963 | साठ वर्ष : एक रेखांकन (सुमित्रानन्दन पन्त) |
| 1963 | जैसा हमने देखा (क्षेमचन्द्र सुमन) |
| 1965 | कुछ शब्द : कुछ रेखाएं (विष्णु प्रभाकर) |
| 1965 | मेरे हृदय देव (हरिभाऊ उपाध्याय) |
| 1965 | वे दिन वे लोग (शिवपूजन सहाय) |
| 1965 | जवाहर भाई : उनकी आत्मीयता और सहृदयता (रायकृष्ण दास) |
| 1965 | लोकदेव नेहरू (रामधारीसिंह दिनकर) |
| 1966 | विकृत रेखाएं : धुंधले चित्र (महेन्द्र भटनागर) |
| 1966 | स्मृतियां और कृतियां (शान्तिप्रय द्विवेदी) |
| 1966 | चेहरे जाने-पहचाने (सेठ गोविन्ददास) |
| 1967 | कुछ रेखाएं : कुछ चित्र (कुन्तल गोयल) |
| 1967 | चेतना के बिम्ब (डॉ॰ नगेन्द्र) |
| 1968 | बच्चन निकट से (अजित कुमार एवं ओंकारनाथ श्रीवास्तव) |
| 1968 | संस्मरण और विचार (काका साहेब कालेलकर) |
| 1968 | स्मृति के वातायन (जानकीवल्लभ शास्त्री) |
| 1968 | घेरे के भीतर और बाहर (डाॅ॰ हरगुलाल) |
| 1969 | संस्मरण और श्रद्धांजलियां (रामधारी सिंह दिनकर) |
| 1969 | चांद (पद्मिनी मेनन) |
| 1970 | व्यक्तित्व की झांकियां (लक्ष्मीनारायण सुधांशु) |
| 1971 | जिन्होंने जीना जाना (जगदीशचन्द्र माथुर) |
| 1971 | स्मारिका (महादेवी वर्मा) |
| 1972 | मेरा परिवार (महादेवी वर्मा) |
| 1972 | अन्तिम अध्याय (पदुमलाल पुन्नालाल बख़्शी) |
| 1973 | जिनके साथ जिया (अमृतलाल नागर) |
| 1974 | स्मृति की त्रिवेणिका (लक्ष्मी शंकर व्यास) |
| 1975 | चन्द सतरें और (अनीता राकेश) |
| 1975 | मेरा हमदम मेरा दोस्त (कमलेश्वर) |
| 1975 | रेखाएं और संस्मरण (क्षेमचन्द्र सुमन) |
| 1959 | रेखाचित्र (प्रेमनारायण टंडन) |
| 1976 | बीती बातें (परिपूर्णानन्द) |
| 1976 | मैंने स्मृति के दीप जलाए (रामनाथ सुमन) |
| 1977 | मेरे क्रान्तिकारी साथी (भगतसिंह) |
| 1977 | हम हशमत (कृष्णा सोबती) |
| 1978 | संस्मरण को पाथेय बनने दो (विष्णुकान्त शास्त्री) |
| 1978 | कुछ ख़्वाबों में कुछ ख़यालों में (शंकर दयाल सिंह) |
| 1979 | अतीत के गर्त से (भगवतीचरण वर्मा) |
| 1979 | श्रद्धांजलि संस्मरण (मैथिलीशरण गुप्त) |
| 1979 | पुनः (सुलोचना रांगेय राघव) |
| 1980 | लीक-अलीक (भारतभूषण अग्रवाल) |
| 1981 | यादों की तीर्थयात्रा (विष्णु प्रभाकर) |
| 1981 | औरों के बहाने (राजेन्द्र यादव) |
| 1981 | जिनके साथ जिया (अमृतलाल नागर) |
| 1981 | सृजन का सुख-दुख (प्रतिभा अग्रवाल) |
| 1982 | संस्मरणों के सुमन (रामकुमार वर्मा) |
| 1982 | स्मृति-लेखा (अज्ञेय) |
| 1082 | आदमी से आदमी तक (भीमसेन त्यागी) |
| 1983 | मेरे अग्रज : मेरे मीत (विष्णु प्रभाकर) |
| 1983 | युगपुरुष (रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’) |
| 1983 | निराला जीवन और संघर्ष के मूर्तिमान रूप (डॉ॰ ये॰ पे॰ चेलीशेव) |
| 1984 | बन तुलसी की गन्ध (रेणु) |
| 1984 | दीवान ख़ाना (पद्मा सचदेव) |
| 1986 | रस गगन गुफा में (भगवतीशरण उपाध्याय) |
| 1988 | हज़ारीप्रसाद द्विवेदी : कुछ संस्मरण (कमल किशोर गोयनका) |
| 1989 | भारत भूषण अग्रवाल : कुछ यादें, कुछ चर्चाएं (बिन्दु अग्रवाल) |
| 1990 | सृजन के सेतु (विष्णु प्रभाकर) |
| 1992 | याद हो कि न याद हो (काशीनाथ सिंह) |
| 1992 | निकट मन में (अजित कुमार) |
| 1992 | जिनकी याद हमेशा रहेगी (अमृत राय) |
| 1992 | सुधियां उस चन्दन के वन की (विष्णुकान्त शास्त्री) |
| 1994 | लाहौर से लखनऊ तक (प्रकाशवती पाल) |
| 1994 | सप्तवर्णी (गिरिराज किशोर) |
| 1995 | लौट आ ओ धार (दूधनाथ सिंह) |
| 1995 | स्मृतियों के छंद (रामदरश मिश्र) |
| 1995 | मितवा घर (पदमा सचदेव) |
| 1995 | अग्निजीवी (प्रफुल्लचन्द्र ओझा) |
| 1996 | सृजन के सहयात्री (रवीन्द्र कालिया) |
| 1980 | यादों के झरोखे (कुंवर सुरेश सिंह) |
| 1996 | अभिन्न (विष्णुचन्द्र शर्मा) |
| 1998 | यादें और बातें (बिन्दु अग्रवाल) |
| 1998 | हम हशमत (भाग-2, कृष्णा सोबती) |
| 2000 | अमराई (पदमा सचदेव) |
| 2000 | वे देवता नहीं हैं (राजेन्द्र यादव) |
| 2000 | यादों के काफिले (देवेन्द्र सत्यार्थी) |
| 2000 | नेपथ्य नायक लक्ष्मीचन्द्र जैन (मोहनकिशोर दीवान) |
| 2000 | याद आते हैं (रमानाथ अवस्थी) |
| 2001 | अपने-अपने रास्ते (रामदरश मिश्र) |
| 2001 | अंतरंग संस्मरणों में प्रसाद (सं॰ पुरुषोंत्तमदास मोदी) |
| 2001 | एक नाव के यात्री (विश्वनाथप्रसाद तिवारी) |
| 2001 | प्रदक्षिणा अपने समय की (नरेश मेहता) |
| 2002 | चिडि़या रैन बसेरा (विद्यानिवास मिश्र) |
| 2002 | लखनऊ मेरा लखनऊ (मनोहर श्याम जोशी) |
| 2002 | काशी का अस्सी (काशीनाथ सिंह) |
| 2002 | लौट कर आना नहीं होगा (कान्तिकुमार जैन) |
| 2002 | नेह के नाते अनेक (कृष्णविहारी मिश्र) |
| 2002 | स्मृतियों का शुक्ल पक्ष (डॉ॰ रामकमल राय) |
| 2003 | आंगन के वंदनवार (विवेकी राय) |
| 2003 | रघुवीर सहाय : रचनाओं के बहाने एक संस्मरण (मनोहर श्याम जोशी) |
| 2004 | तुम्हारा परसाई (कान्तिकुमार जैन) |
| 2004 | पर साथ-साथ चली रही याद विष्णुकान्त शास्त्री) |
| 2004 | नंगा तलाई का गांव (डॉ॰ विश्वनाथ त्रिपाठी) |
| 2004 | लाई हयात आए (लक्ष्मीधर मालवीय) |
| 2004 | आछे दिन पाछे गए (काशीनाथ सिंह) |
| 2005 | सुमिरन को बहानो (केशवचन्द्र वर्मा) |
| 2005 | मेरे सुहृद : मेरे श्रद्धेय (विवेकी राय) |
| 2006 | ये जो आईना है (मधुरेश) |
| 2006 | जो कहूंगा सच कहूंगा (डाॅ॰ कान्ति कुमार जैन) |
| 2006 | घर का जोगी जोगड़ा (काशीनाथ सिंह) |
| 2007 | एक दुनिया अपनी (डॉ॰ रामदरश मिश्र) |
| 2007 | अब तो बात फैल गई (कान्तिकुमार जैन) |
| 2009 | कुछ यादें : कुछ बातें (अमरकान्त) |
| 2009 | दिल्ली शहर दर शहर (डॉ॰ निर्मला जैन) |
| 2009 | कालातीत (मुद्राराक्षस) |
| 2009 | कितने शहरों में कितनी बार (ममता कालिया) |
| 2009 | हाशिए की इबारतें (चन्द्रकान्ता) |
| 2009 | मेरे भोजपत्र (चन्द्रकान्ता) |
| 2009 | कविवर बच्चन के साथ (अजीत कुमार) |
| 2010 | जे॰ एन॰ यू॰ में नामवर सिंह (सं॰ सुमन केशरी) |
| 2010 | अंधेरे में जुगनू (अजीत कुमार) |
| 2010 | बैकुंठ में बचपन (कान्तिकुमार जैन) |
| 2010 | अ से लेकर ह तक (यानी अज्ञेय से लेकर हृदयेश तक, डॉ॰ वीरेन्द्र सक्सेना) |
| 2011 | कल परसों बरसों (ममता कालिया) |
| 2011 | स्मृति में रहेंगे वे (शेखर जोशी) |
| 2011 | अतीत राग (नन्द चतुर्वेदी) |
| 2012 | स्मृतियों के गलियारे से (नरेन्द्र कोहली) |
| 2012 | गंगा स्नान करने चलोगे (डॉ॰ विश्वनाथ त्रिपाठी) |
| 2012 | आलोचक का आकाश (मधुरेश) |
| 2012 | माफ़ करना यार (बलराम) |
| 2012 | अपने-अपने अज्ञेय (दो खंड, ओम थानवी) |
| 2012 | यादों का सफ़र (प्रकाश मनु) |
| 2012 | हम हशमत (भाग-3, कृष्णा सोबती) |
| 2013 | मेरी यादों का पहाड़ (देवेंद्र मेवाड़ी) |
