वस्तुनिष्ठ प्रश्न (2×6=12 अंक)
प्रश्न 1. पानीपत का युद्ध हुआ था।
(क) 1661 (ख) 1561 (ग) 1761 (घ) 1861
उत्तर: (ग) 1761
प्रश्न 2. ‘नई उषा’ नामक पाठ के कवि हैं।
(क) सुश्री कमला चमोला (ख) श्री सत्यनारायण लाल (ग) डॉ. जीवन यदु (घ) लेखक मंडल
उत्तर: (ख) श्री सत्यनारायण लाल
प्रश्न 3. अपने पुत्र के शिक्षक को पत्र लिखा था।
(क) श्रीकांत ने (ख) अब्राहम लिंकन ने (ग) इब्राहीम गार्दी ने (घ) सालिम अली ने
उत्तर: (ख) अब्राहम लिंकन ने
प्रश्न 4. पचराही है बसे हवे।
(क) हिमालय पर्वत के कोरा म (ख) सिहावा पर्वत के कोरा म (ग) मैकल पर्वत के कोरा म (घ) खल्लारी डोंगरी के कोरा म
उत्तर: (ग) मैकल पर्वत के कोरा म
प्रश्न 5. संजू ने डायरी पढ़ी—
(क) माँ की (ख) पिताजी की (ग) दीदी की (घ) शिक्षक की
उत्तर: (ग) दीदी की
प्रश्न 6. भाववाचक संज्ञा की पहचान कीजिए।
(क) गहरा (ख) सुंदरता (ग) मधुर (घ) लघु
उत्तर: (ख) सुंदरता
अति लघुत्तरीय प्रश्न (4×5=20 अंक)
प्रश्न 7. अब्दाली ने इब्राहीम गार्दी को क्या सजा दी गई?
उत्तर: अहमदशाह अब्दाली ने इब्राहीम गार्दी को टुकड़े-टुकड़े करके वध करने की आज्ञा दी।
प्रश्न 8. संजू ने साहित्य में कौन सी पुस्तक पढ़ी?
उत्तर: संजू ने गांधी जी की पुस्तक ‘सत्य के प्रयोग’ पढ़ी।
प्रश्न 9. कक्षा के छात्र अचल की तुलना किससे करते थे?
उत्तर: कक्षा के छात्र अचल की तुलना तैमूर लंग से करते थे और उसे ‘तैमूर लंग’ कहकर चिढ़ाते थे।
प्रश्न 10. लेखक सबसे पहले किससे प्रभावित हुए?
उत्तर:
‘जो मैं नहीं बन सका’ पाठ के अनुसार लेखक सबसे पहले पेंटर से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। वह गाँव की नई खुली टॉकीज में फिल्म का बोर्ड बनाता था। लेखक उसके काम को देखकर बहुत प्रभावित हुआ और सोचता था कि वह भी पेंटर बनेगा।
प्रश्न 11. अब्राहम लिंकन कौन थे?
उत्तर:
अब्राहम लिंकन अमेरिका के राष्ट्रपति थे। वे एक महान विचारक, ईमानदार और मानवतावादी व्यक्ति थे। उन्होंने दास प्रथा का विरोध किया। उन्होंने अपने पुत्र के शिक्षक को पत्र लिखकर यह बताया कि बच्चे को सच्चा इंसान बनाना ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है।
लघुउत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. सभी मनुष्यों में किन-किन गुणों का विकास होना चाहिए?
उत्तर:
सभी मनुष्यों में निम्नलिखित गुणों का विकास होना चाहिए—
- प्रेम और स्नेह
- ज्ञान और विवेक
- सत्य और ईमानदारी
- सहानुभूति और दया
- मित्रता और सहयोग
- परिश्रम और स्वावलंबन
- आत्मदान और त्याग
- अनुशासन और आत्मविश्वास
प्रश्न 13. ‘पन’ प्रत्यय लगाकर 2 शब्द बनाइये?
उत्तर:
- बचपन
- अपनापन
- कालापन
(आप किन्हीं दो शब्दों को लिख सकते हैं।)
प्रश्न 14. मुहावरों के अर्थ लिखिये और वाक्य बनाइये?
1. नौ दो ग्यारह होना
अर्थ: भाग जाना, चंपत हो जाना
वाक्य: पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गए।
2. मुँह में पानी आना
अर्थ: स्वादिष्ट भोजन देखकर ललचाना
वाक्य: मिठाई की दुकान देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया।
3. आँख का तारा होना
अर्थ: बहुत प्यारा या प्रिय होना
वाक्य: छोटा बच्चा अपनी माँ की आँख का तारा होता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 15. दिए गए पद्यांश का सप्रसंग व्याख्या कीजिए—
विकल्प 1:
खिले कमल अरुण, तरुण प्रभात मुस्करा रहा,
गगन विकास का नवीन, साज है सजा रहा।
उठो, चलो, बढ़ो, समीर शंख है बजा रहा।
भविष्य सामने खड़ा प्रशस्त पथ बना रहा।
सप्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश ‘नई उषा’ कविता से लिया गया है। इसके कवि श्री सत्यनारायण लाल हैं। यह कविता स्वतंत्रता के बाद देश के नवयुवकों को संबोधित करती है।
व्याख्या:
कवि कहता है कि नई उषा का प्रकाश फैल रहा है। लाल कमल खिल उठे हैं और युवा प्रभात मुस्कुरा रहा है। आकाश विकास के नए साज से सज रहा है। हवा शंख बजा रही है। भविष्य सामने खड़ा है और प्रशस्त पथ बन रहा है। अतः हे नवयुवकों! उठो, चलो, आगे बढ़ो। यह संदेश है कि अब आलस्य और गुलामी की रात बीत चुकी है। देश की प्रगति, विकास, शिक्षा, ज्ञान, प्रेम और मानवीय मूल्यों के निर्माण में युवाओं को पहल करनी है।
विशेष:
इसमें उत्साह, आह्वान और प्रकृति-चित्रण है। ‘नई उषा’ नए युग का प्रतीक है। भाषा सरल, प्रवाहमयी और ओजस्वी है।
अथवा
जीयत-जागत मनखे बर जे धरम बरोबर होथे।
एक साँस आजादी के सौ जनम बरोबर होथे।
जेकर चेथी म, जूड़ा कस माड़े रथे गुलामी,
जेकर जोहारे बइरी मन ला, घोलंड के लामा लामी।
सप्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश ‘एक साँस आजादी के’ कविता से लिया गया है। इसके कवि डॉ. जीवन यदु हैं। यह छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी गई कविता है, जो आजादी के महत्व को बताती है।
व्याख्या:
कवि कहता है कि जीवित और जागते मनुष्य के लिए आजादी धर्म के समान है। आजादी की एक साँस सौ जन्मों के बराबर है। जिसकी गर्दन के पीछे गुलामी का जुआ कसा हुआ है, जो अपने बैरियों को बार-बार प्रणाम करता है, उसकी बदनामी होती है। ऐसे मनुष्य का जीवन बेसम्मान होता है।
भाव:
आजादी सर्वोपरि है। गुलामी में जीना अपमानजनक है। आजादी के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है।
प्रश्न 16. अपने प्रधानाध्यापक को 3 दिन की छुट्टी के लिए आवेदन पत्र लिखिए।
सेवा में,
प्रधानाध्यापक महोदय,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
[स्थान का नाम]
विषय: तीन दिन की छुट्टी हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 8 का छात्र हूँ। मुझे दिनांक 10 से 12 जनवरी 2026 तक तीन दिन की छुट्टी की आवश्यकता है। मेरी माताजी की तबीयत खराब है, इसलिए मुझे घर पर रहना आवश्यक है।
अतः श्रीमान से प्रार्थना है कि मुझे तीन दिन की छुट्टी प्रदान करने की कृपा करें। इसके लिए मैं आपका आभारी रहूँगा।
धन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी छात्र,
नाम: …………….
कक्षा: 8
अनुक्रमांक: …………….
दिनांक: …………….
अथवा
अपने पिता को पत्र लिखिये, जिसमें अपनी परीक्षा तैयारी का वर्णन हो।
पूजनीय पिताजी,
सादर प्रणाम।
मैं यहाँ कुशल हूँ। आपका आशीर्वाद मुझ पर सदैव बना हुआ है। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मेरी परीक्षा निकट आ गई है। मैंने अपनी तैयारी पूरी लगन से शुरू कर दी है।
मैं प्रतिदिन समय-सारिणी के अनुसार 5–6 घंटे पढ़ता हूँ। गणित और विज्ञान पर विशेष ध्यान दे रहा हूँ। कठिन विषयों के लिए मैंने शिक्षकों से मार्गदर्शन भी लिया है। पुस्तकालय से सहायक पुस्तकें लेकर अभ्यास कर रहा हूँ।
आप चिंता न करें, मैं अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने का पूरा प्रयास करूँगा। आप माताजी को मेरा प्रणाम कहिए।
आपका आशीर्वाद सदैव मेरे साथ रहे।
आपका पुत्र,
नाम: …………….
दिनांक: …………….
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 17. किसी एक विषय पर निबंध लिखिए—
(स्वतंत्रता दिवस / मेरी पाठशाला / जीवन में खेलों का महत्व)
1. स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त हमारे देश का पवित्रतम पर्व है। यह दिन हमें 1947 की उस ऐतिहासिक लड़ाई की याद दिलाता है, जब भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। इस दिन प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं। विद्यालयों में प्रभातफेरी, झंडारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, भाषण आदि होते हैं। हमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करना चाहिए और देश की एकता, अखंडता व विकास के लिए संकल्प लेना चाहिए।
2. मेरी पाठशाला
मेरी पाठशाला मेरा दूसरा घर है। यहाँ शिक्षक बड़े स्नेह से पढ़ाते हैं। विद्यालय में पुस्तकालय, खेल का मैदान, प्रयोगशाला, कंप्यूटर कक्ष और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है। यहाँ अनुशासन, समयपालन, परिश्रम और सहयोग का पाठ सिखाया जाता है। मेरी पाठशाला मुझे अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा देती है। मुझे अपनी पाठशाला पर गर्व है।
3. जीवन में खेलों का महत्व
खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। खेलने से शरीर स्वस्थ, मन प्रसन्न और बुद्धि तेज होती है। खेलों से अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग, सहनशीलता और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं। फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, दौड़, योग आदि खेल विद्यार्थियों के लिए लाभदायक हैं। पढ़ाई के साथ खेल आवश्यक हैं, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है।
