कोशिका चक्र का परिचय
- परिभाषा: कोशिका चक्र एक आनुवंशिक रूप से नियंत्रित प्रक्रिया है, जिसमें कोशिका अपने जीनोम और संरचनाओं का द्विगुणन करती है और पुत्री कोशिकाओं का निर्माण करती है।
- महत्व:
- कोशिका की वृद्धि और विभाजन का कुल योग है।
- कोशिकाएं विभाजन के माध्यम से अपनी आनुवंशिक सामग्री का समान वितरण करती हैं।
- अवधारणा का श्रेय: Howard और Pelc (1953)।

कोशिका चक्र की अवस्थाएँ
- मुख्य चरण:
- (A) अंतरावस्था (Interphase)
- (B) विभाजनावस्था (M-Phase)
(A) अंतरावस्था (Interphase)
- परिभाषा:
- विभाजन के बीच का अंतराल, जहां कोशिका विभाजन के लिए तैयार होती है।
- यह कोशिका चक्र का 95% समय लेती है।
- इसे ऊर्जा प्रावस्था भी कहा जाता है।
- विशेषताएँ:
- DNA का द्विगुणन होता है।
- गुणसूत्रों की संख्या बढ़ती है।
- प्रोटीन संश्लेषण और कोशिकांगों का निर्माण होता है।
- उप-अवस्थाएँ:
- G₁ प्रावस्था (Post Mitotic Phase)
- कोशिका की वृद्धि होती है।
- प्रोटीन और एंजाइम का निर्माण होता है।
- DNA संश्लेषण की तैयारी होती है।
- समय: 30-40%।
- S प्रावस्था (Synthetic Phase)
- DNA और हिस्टोन का संश्लेषण।
- DNA की मात्रा दोगुनी हो जाती है।
- समय: 30-50%।
- G₂ प्रावस्था (Pre Mitotic Phase)
- RNA और प्रोटीन का संश्लेषण।
- कोशिकांगों (गोल्जी बॉडी, माइटोकॉन्ड्रिया) का निर्माण।
- समय: 10-20%।
- G₁ प्रावस्था (Post Mitotic Phase)
(B) विभाजनावस्था (M-Phase)
- परिभाषा:
- कोशिका के केन्द्रक (Karyokinesis) और कोशिकाद्रव्य (Cytokinesis) का विभाजन।
- पुत्री कोशिकाओं का निर्माण होता है।
- विशेषताएँ:
- आनुवंशिक सामग्री का समान वितरण।
- कोशिका चक्र का केवल 5% समय लेती है।
- प्रमुख प्रक्रियाएँ:
- केंद्रक विभाजन (Karyokinesis)
- कोशिकाद्रव्य विभाजन (Cytokinesis)
कोशिका चक्र की अन्य विशेषताएँ
- DNA एवं RNA अनुपात:
- DNA और RNA का अनुपात विभाजन की प्रकृति को निर्धारित करता है।
- DNA की मात्रा दोगुनी होने पर कोशिका विभाजन करती है।
- विश्रामावस्था (Resting Phase):
- कोशिकाएं G₀ अवस्था में जाकर स्थिर या विभाजन रहित हो सकती हैं।
- यह अविभाज्य कोशिकाओं की स्थिति होती है।
उदाहरण
- मानव कोशिका: कोशिका चक्र का समय 24 घंटे (G₁-10 घंटे, S-9 घंटे, G₂-4 घंटे, M-1 घंटा)।
- यीस्ट (Yeast): केवल 90 मिनट का चक्र।
सारांश
कोशिका चक्र जीवन की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। यह जीनोम की स्थिरता, आनुवंशिक सामग्री का सटीक वितरण, और कोशिका की संरचनात्मक और कार्यात्मक एकता सुनिश्चित करता है।
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