Category हिंदी विषय नोट्स

बाबा अंबेडकर (जीवन-चरित) कक्षा 5 हिन्दी

बाबा अंबेडकर (जीवन-चरित) कक्षा 5 हिन्दी संध्या हो रही है। पश्चिम दिशा में लाली फैल रही है। पक्षी चहचहाते हुए अपने घांसलों की ओर लौट रहे हैं। बड़ौदा के राजमार्ग पर पेड़ के नीचे एक युवक बैठा है। वह फूट-फूटकर…

चित्रकार मोर (कहानी) कक्षा 5 हिन्दी

चित्रकार मोर (कहानी) कक्षा 5 हिन्दी बहुत पहले की बात है। तब सारे के सारे पक्षी सफेद रंग के होते थे। सारे संसार की रंगीनी देखकर उनका मन भी ललचाता था। वे सोचते थे काश हम पक्षी भी फूल पत्ती…

गुरु और चेला (कविता) सोहन लाल द्विवेदी कक्षा 5 हिन्दी

गुरु और चेला (कविता) सोहन लाल द्विवेदी कक्षा 5 हिन्दी गुरू एक थे और था एक चेला, चले घूमने पास में था न धेला चले चलते-चलते मिली एक नगरी, चमाचम थी सड़कें चमाचम थी डगरी । मिली एक ग्वालिन धरे शीश गगरी,…

महापुरुषों का बचपन (प्रेरक-प्रसंग) कक्षा 5 हिन्दी

महापुरुषों का बचपन (प्रेरक-प्रसंग) पहला प्रसंग शाहजी अपने आश्रयदाता, बीजापुर के सुल्तान के दरबार में जाने की तैयारी कर रहे थे। उनके मन में विचार आया, क्यों न शिवा को भी आज अपने साथ ले चलूँ? आखिर उसे भी तो…

सुनता के डोर (कहानी) कक्षा 5 हिन्दी

सुनता के डोर एक जंगल म परेवा अउ मुसवा रहँय । दुनो झन सँगवारी रहिन । परेवा अउ मुसवा के मितान बनना ह समझ म नइ आवत हे फेर मन मिल जाये तब अइसन बात के बारे म कोनो नइ…

रोबोट (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी

रोबोट (निबंध) आज राहुल का जन्मदिन है। सुबह से ही वह बहुत व्यस्त एवं खुश नजर आ रहा है। सुबह वह जल्दी उठ गया। आज उसने जल्दी स्नान भी कर लिया। अपने जन्मदिन पर उसने अपने मित्रों को भी बुला…

मैं सड़क हूँ (आत्मकथा) कक्षा 5 हिन्दी

मैं सड़क हूँ (आत्मकथा) जी हाँ! मैं सड़क हूँ। मिट्टी, पत्थर और डामर से बनी। एक बड़े अजगर की तरह मैदानों, जंगलों, पहाड़ों के बीच से गुजरती हुई। पेड़ों की छाया के नीचे से होकर मैदानों को पार करती हुई,…

सोन के फर (कहानी) कक्षा 5 हिन्दी

सोन के फर (कहानी) गजब दिन के बात आय। एक ठन गाँव रहिस। इहाँ के आदमी मन खेती-किसानी के बुता करें। जेकर खेत खार नइ रहँय, ओमन छेरी-पठरू अउ गाय गरुवा राखे रहँय। उही मन ल चरावय । दूध-दही, गोबर,…

मस्जिद या पुल (कहानी) सुनीति कक्षा 5 हिन्दी

मस्जिद या पुल दीन-ए-इलाही, गरीब नवाज़ शहंशाह-ए-आलम, महान बादशाह अकबर की अगवानी में जौनपुर के सूबेदार मुबारक खान ने जमीन-आसमान एक कर दिया। यह उसकी बरसों पुरानी साध थी। बरसों से वह लगातार बादशाह को जौनपुर आने के लिए न्यौते…

राष्ट्र- प्रहरी (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी

राष्ट्र- प्रहरी (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी राष्ट्रप्रहरी अक्षय दूरदर्शन पर 26 जनवरी की परेड देख रहा था। जैसे ही थलसेना की टुकड़ी के सैनिक अपनी वर्दी में कदम-से-कदम मिलाते हुए आगे आए, अक्षय की आँखें चमक उठीं। कतारों में चलते…