खंड अ — बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 01. ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई काल्पनिक रेखा को कहते हैं —
(अ) अक्षांश रेखा (ब) देशांतर रेखा (स) ग्रीनविच (द) समांतर रेखा
उत्तर: (अ) अक्षांश रेखा
व्याख्या: अक्षांश रेखाएँ भूमध्य रेखा के समानांतर पूर्व-पश्चिम दिशा में जाती हैं। इन्हें समांतर रेखाएँ भी कहते हैं। (पाठ्यपुस्तक पृष्ठ 38)
प्रश्न 02. पृथ्वी पर महासागरों की संख्या है —
(अ) 3 (ब) 5 (स) 4 (द) 7
उत्तर: (ब) 5
व्याख्या: पाँच महासागर — प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, आर्कटिक एवं दक्षिणी (अंटार्कटिक)। (पृष्ठ 31)
प्रश्न 03. प्रयागराज स्थित है —
(अ) यमुना नदी के किनारे (ब) गंगा नदी के किनारे (स) नर्मदा नदी के किनारे (द) दिल्ली के नजदीक
उत्तर: (ब) गंगा नदी के किनारे
व्याख्या: प्रयागराज गंगा और यमुना के संगम पर स्थित है, किंतु नगर मुख्यतः गंगा नदी के किनारे बसा है। (पृष्ठ 56)
प्रश्न 04. इतिहास को समझने का पुरातात्विक स्रोत है —
(अ) सिक्के (ब) धार्मिक ग्रंथ (स) चित्रकला (द) उपरोक्त सभी
उत्तर: (अ) सिक्के
व्याख्या: सिक्के अभिलेख (पुरातात्विक स्रोत) के अंतर्गत आते हैं। धार्मिक ग्रंथ साहित्यिक स्रोत हैं, चित्रकला कलात्मक स्रोत है। (पृष्ठ 67)
प्रश्न 05. सबसे प्राचीन ग्रंथ है —
(अ) सामवेद (ब) यजुर्वेद (स) ऋग्वेद (द) अथर्ववेद
उत्तर: (स) ऋग्वेद
व्याख्या: ऋग्वेद विश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथों में से एक है। इसकी रचना 5वीं से 2री सहस्राब्दी सा.सं.पू. के बीच मानी जाती है। (पृष्ठ 105)
प्रश्न 06. शताब्दी कालखंड है —
(अ) 10 वर्ष का (ब) 20 वर्ष का (स) 100 वर्ष का (द) 1000 वर्ष का
उत्तर: (स) 100 वर्ष का
व्याख्या: शताब्दी = 100 वर्ष का कालखंड। (पृष्ठ 65)
खंड ब — अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 07. हम किस महाद्वीप में रहते हैं?
उत्तर: हम एशिया महाद्वीप में रहते हैं। (भारत एशिया महाद्वीप का भाग है।)
प्रश्न 08. सबसे बड़ा महासागर का नाम लिखो?
उत्तर: प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) — यह विश्व का सबसे बड़ा महासागर है।
प्रश्न 09. लक्ष्मीबाई कहाँ की रानी थी?
उत्तर: लक्ष्मीबाई झाँसी की रानी थीं। (वे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थीं।)
प्रश्न 10. आदिमानव का मुख्य भोजन क्या था?
उत्तर: आदिमानव मुख्यतः आखेटक एवं खाद्य संग्राहक थे। वे फल, कंद-मूल, जंगली पौधे, शिकार किए गए पशुओं का मांस एवं मछलियाँ खाते थे। (पृष्ठ 70)
प्रश्न 11. मानचित्र में उत्तर दिशा किस ओर दर्शाया जाता है?
उत्तर: मानचित्र में उत्तर दिशा ऊपर (शीर्ष) की ओर दर्शाया जाता है। (पृष्ठ 8)
प्रश्न 12. पृथ्वी की सतह पर फैले विशाल जलराशि वाला क्षेत्र क्या कहलाता है?
उत्तर: महासागर (Ocean) — पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई भाग महासागरों से घिरा है। (पृष्ठ 28)
प्रश्न 13. देशांतर रेखा किसे कहते हैं?
उत्तर: देशांतर रेखाएँ वे काल्पनिक अर्धवृत्ताकार रेखाएँ हैं जो उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव तक जाती हैं। ये प्रमुख याम्योत्तर (ग्रिनिच) से पूर्व या पश्चिम की दूरी मापती हैं। इनका मान 0° से 180° तक होता है। (पृष्ठ 38–39)
प्रश्न 14. इतिहास जानने के कौन-कौन से स्रोत हैं?
उत्तर: इतिहास के प्रमुख स्रोत हैं —
- अभिलेख — पांडुलिपि, ताम्रपत्र, सिक्के, शिलालेख
- साहित्यिक स्रोत — वैदिक, जैन, बौद्ध साहित्य, ऐतिहासिक ग्रंथ, काव्य एवं नाटक
- पुरातात्विक स्रोत — स्मारक, टीला, उत्खनन से प्राप्त वस्तुएँ (मूर्तियाँ, आभूषण, मृदभांड, उपकरण)
- कलात्मक स्रोत — चित्रकला, पट्टिका, मूर्तिकला
- विदेशी विवरण — यात्रा वृत्तांत, ऐतिहासिक वृत्तांत
(पृष्ठ 67)
खंड स — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्रश्न 15. देशांतर रेखा स्थानीय समय और मानक समय से कैसे संबंधित हैं?
अथवा
मानचित्र क्या है? हम इसका उपयोग कैसे करते हैं?
उत्तर (पहला विकल्प):
देशांतर और समय का संबंध:
- पृथ्वी अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक पूरा चक्कर (360°) लगाती है।
- अतः 1 घंटे में पृथ्वी 15° घूमती है (360 ÷ 24 = 15)।
- प्रत्येक 15° देशांतर पर स्थानीय समय में 1 घंटे का अंतर होता है।
- ग्रिनिच से पूर्व की ओर जाने पर समय आगे बढ़ता है (जैसे 15° पूर्व पर 1 घंटा आगे)।
- ग्रिनिच से पश्चिम की ओर जाने पर समय पीछे होता है।
स्थानीय समय: किसी स्थान का अपना समय, जो उसके देशांतर पर निर्भर करता है।
मानक समय: किसी देश द्वारा अपनाया गया एक समान समय, जो मध्य देशांतर पर आधारित होता है।
भारतीय मानक समय (IST) = GMT + 5:30 घंटे, जो 82°30′ पूर्व देशांतर पर आधारित है।
(पृष्ठ 42–44)
उत्तर (दूसरा विकल्प):
मानचित्र: मानचित्र किसी क्षेत्र का प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन है, जिसे ऊपर से देखकर बनाया जाता है। यह छोटे क्षेत्र (गाँव/कस्बा) से लेकर पूरे विश्व तक का हो सकता है।
उपयोग:
- स्थानों की स्थिति जानने के लिए
- दूरी मापने के लिए (स्केल की सहायता से)
- दिशा ज्ञात करने के लिए (चतुर्दिश)
- यात्रा में मार्गदर्शन के लिए
- प्राकृतिक संसाधनों का वितरण समझने के लिए
- सैन्य एवं प्रशासनिक उपयोग
मानचित्र के तीन मुख्य घटक: दूरी (स्केल), दिशा, प्रतीक चिह्न। (पृष्ठ 8–11)
प्रश्न 16. जल संरक्षण के कौन-कौन से उपाय हैं? इनमें से आप किसका उपयोग अपने घरों, विद्यालयों, गाँव व नगरों में देखा है?
अथवा
स्थल रूपों के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर (पहला विकल्प):
जल संरक्षण के उपाय:
- वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग)
- बाँध, तालाब एवं जलाशयों का निर्माण
- भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन पर रोक
- जल का सीमित एवं विवेकपूर्ण उपयोग
- नल की टोंटी बंद रखना
- वर्षा के जल से पौधों को सींचना
- राजीव गांधी जल ग्रहण मिशन जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन
- जल पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग)
घर/विद्यालय/गाँव में देखे गए उपाय: (विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार लिखें — जैसे घर में बाल्टी से नहाना, विद्यालय में वर्षा जल संचयन, गाँव में तालाब की सफाई आदि)
(पृष्ठ 219–220)
उत्तर (दूसरा विकल्प):
स्थलरूप के तीन प्रमुख प्रकार:
- पर्वत: आस-पास की भूमि से ऊँचे, चौड़े आधार, खड़ी ढलान और सँकरे शिखर वाले स्थलरूप। जैसे — हिमालय, आल्प्स, एंडीज। यहाँ शंकुधारी वन, पशुपालन, पर्यटन, वेदिका कृषि आदि होती है।
- पठार: आस-पास की भूमि से उठे, प्रायः चपटी सतह वाले स्थलरूप। जैसे — तिब्बत का पठार (विश्व का सबसे ऊँचा), दक्कन का पठार। यहाँ खनिज भंडार, खनन, जलप्रपात आदि होते हैं।
- मैदान: विस्तृत सपाट या हल्के तरंगित धरातल वाले स्थलरूप। जैसे — गंगा का मैदान। यहाँ कृषि, मत्स्य पालन, नौका परिवहन आदि होते हैं।
(पृष्ठ 41–56)
प्रश्न 17. भारत के कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के नाम बताएँ, ये किस राज्य में स्थित हैं?
अथवा
इतिहास को समझने के लिए विभिन्न स्रोत हमारी किस प्रकार सहायता करते हैं?
उत्तर (पहला विकल्प):
| क्र. | पर्यटन स्थल | राज्य |
|---|---|---|
| 1 | ताजमहल | आगरा, उत्तर प्रदेश |
| 2 | लाल किला | दिल्ली |
| 3 | हवा महल | जयपुर, राजस्थान |
| 4 | गेटवे ऑफ इंडिया | मुंबई, महाराष्ट्र |
| 5 | मीनाक्षी मंदिर | मदुरै, तमिलनाडु |
| 6 | चित्रकोट जलप्रपात | बस्तर, छत्तीसगढ़ |
| 7 | साँची स्तूप | मध्य प्रदेश |
| 8 | कुतुब मीनार | दिल्ली |
| 9 | खजुराहो | मध्य प्रदेश |
| 10 | हम्पी | कर्नाटक |
| 11 | कोणार्क सूर्य मंदिर | ओडिशा |
| 12 | विक्टोरिया मेमोरियल | कोलकाता, पश्चिम बंगाल |
उत्तर (दूसरा विकल्प):
इतिहास को समझने में विभिन्न स्रोतों की सहायता:
- अभिलेख (सिक्के, शिलालेख, ताम्रपत्र): शासकों के नाम, तिथियाँ, घटनाएँ, प्रशासनिक जानकारी प्रदान करते हैं।
- साहित्यिक स्रोत (वेद, पुराण, महाकाव्य): धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक जीवन की जानकारी देते हैं।
- पुरातात्विक स्रोत (उत्खनन): प्राचीन सभ्यताओं, नगर योजना, कला, शिल्प, व्यापार की जानकारी मिलती है।
- कलात्मक स्रोत (चित्रकला, मूर्तिकला): कला, संस्कृति, धार्मिक विश्वास का पता चलता है।
- विदेशी यात्रियों के वृत्तांत: बाहरी दृष्टिकोण, व्यापार, समाज की जानकारी मिलती है।
- समाचार-पत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया: आधुनिक इतिहास के लिए महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
ये सभी स्रोत मिलकर अतीत का पुनर्निर्माण करने में सहायता करते हैं। इतिहासकार इन स्रोतों की तुलना करके सही तथ्यों का निष्कर्ष निकालते हैं।
