हमारा भोजन – कक्षा 3 EVS Unit 3: प्रकृति के उपहार (Hamara Bhojan Class 3 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय बच्चों को भोजन के महत्व, संतुलित आहार, भोजन के स्रोत और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों से परिचित कराता है। शशि नाम की बच्ची की कहानी के माध्यम से बच्चे सीखते हैं कि संतुलित आहार (चावल, दाल, सब्जियाँ, फल, अनाज, दूध, सूखे मेवे) खाना क्यों ज़रूरी है। पाठ में विभिन्न मौसमों (गर्मी/सर्दी) में मिलने वाले फलों, सब्जियों और व्यंजनों, पौधों और जानवरों से मिलने वाले भोजन, पौधों के विभिन्न भागों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) का खाने में उपयोग, और छप्पन भोग (56 प्रकार के व्यंजन) के बारे में बताया गया है। यह अध्याय बच्चों में स्वस्थ भोजन की आदतों, विविधता और भोजन के प्रति सम्मान की भावना विकसित करता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- संतुलित आहार के महत्व को समझ पाएँगे
- भोजन के स्रोतों (पौधे, जानवर) को पहचान पाएँगे
- विभिन्न मौसमों में मिलने वाले फलों, सब्जियों और व्यंजनों को पहचान पाएँगे
- पौधों के विभिन्न भागों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) का खाने में उपयोग बता पाएँगे
- पशु-पक्षियों से मिलने वाले भोजन (दूध, अंडे, शहद, मांस) के बारे में जान पाएँगे
- ‘छप्पन भोग’ (56 प्रकार के व्यंजन) और षड् रस (छः स्वाद) के बारे में जान पाएँगे
- भोजन की बर्बादी रोकने के उपाय सुझा पाएँगे
- फलों की चाट/सलाद बना पाएँगे (समूह गतिविधि)
दिन 1 – पाठ का परिचय, शशि की कहानी एवं संतुलित आहार
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपको क्या खाना पसंद है? आप सुबह, दोपहर और रात में क्या खाते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपको लगता है कि हम जो खाते हैं, उसका हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?”
- प्रश्न: “स्वस्थ रहने के लिए हमें कैसा खाना खाना चाहिए?”
- प्रश्न: “क्या आपने कभी कोई चैंपियन/खिलाड़ी देखा है? वे क्या खाते हैं?”
- पृष्ठ 118-120 के चित्र दिखाएँ – शशि, चैंपियन, खाने की चीज़ें।
- परिचय: “आज हम ‘हमारा भोजन’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम सीखेंगे कि स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या खाना चाहिए।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन – शशि की कहानी (पृष्ठ 118-121):
- शिक्षक पाठ को प्रेरणादायक, जीवंत स्वर में पढ़कर सुनाएँ।
- विद्यार्थी बारी-बारी से पैराग्राफ पढ़ें।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- संतुलित आहार – सभी पोषक तत्वों वाला भोजन
- चैंपियन – जीतने वाला/विजेता (Champion)
- पदक – पुरस्कार (Medal)
- ताकतवर – मजबूत (Strong)
- व्यायाम – शारीरिक अभ्यास (Exercise)
- चर्चा (पृष्ठ 119-121):
- “शशि को क्या पसंद था?” (केवल चावल और आलू)
- “वह अक्सर बीमार क्यों हो जाती थी?” (संतुलित भोजन नहीं खाती थी)
- “चैंपियन ने शशि को क्या सलाह दी?” (तरह-तरह के फल, सब्जियाँ, अनाज, दालें, सूखे मेवे खाओ)
- “शशि ने क्या किया?” (सलाह मानी, संतुलित भोजन खाया, पदक जीता)
- “शशि की कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?” (संतुलित आहार खाना चाहिए)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 121):
- “हमें संतुलित भोजन खाने की आवश्यकता क्यों है?” (शरीर को सभी पोषक तत्व मिलें, स्वस्थ रहें, ताकतवर बनें)
- गतिविधि – चित्र बनाएँ (पृष्ठ 118):
- विद्यार्थी अपनी मनपसंद खाने की चीज़ों के चित्र बनाएँ और उनके नाम लिखें।
- कक्षा में बताएँ कि वे उन चीज़ों को क्यों पसंद करते हैं।
- गतिविधि – चिह्न लगाएँ (पृष्ठ 121):
- विद्यार्थी चित्रों में से उन खाद्य पदार्थों पर (✓) का निशान लगाएँ जिन्हें वे नियमित रूप से खाते हैं:
- चावल, रोटी, दाल, सब्जी, फल, दूध, दही, अंडा, मछली, मांस, सलाद, आदि।
- चर्चा: “चित्र में दिखाई गई किन चीजों को संतुलित भोजन का हिस्सा होना चाहिए?” (सभी स्वस्थ चीज़ें)
- विद्यार्थी चित्रों में से उन खाद्य पदार्थों पर (✓) का निशान लगाएँ जिन्हें वे नियमित रूप से खाते हैं:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “संतुलित आहार क्यों महत्वपूर्ण है?” (स्वस्थ, ताकतवर, बीमारी से बचने के लिए)
- गृहकार्य: “अपने एक दिन के भोजन (सुबह, दोपहर, रात) की सूची बनाएँ।”
दिन 2 – मौसम के अनुसार भोजन एवं विभिन्न व्यंजन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “संतुलित आहार क्यों महत्वपूर्ण है?”
- प्रश्न: “गर्मियों में आपको क्या खाना पसंद है? सर्दियों में क्या?”
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि अलग-अलग मौसम में अलग-अलग फल और सब्जियाँ मिलती हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौसम के अनुसार भोजन (पृष्ठ 122):
- गर्मियों में – आइसक्रीम, कुल्फी, नारियल पानी, नींबू पानी, आम पन्ना, गन्ने का रस, तरबूज, खरबूज, आम
- सर्दियों में – गरमागरम भोजन, सूप, गर्म पेय, सेब, संतरा, गाजर, मूली, पालक, मटर
- गतिविधि – तालिका पूर्ति (पृष्ठ 122):गर्मीसर्दीतरबूज, आम, खरबूज, नारियल पानी, आइसक्रीम, नींबू पानीसेब, संतरा, गाजर, मूली, पालक, सूप, गरमागरम भोजन
- विभिन्न व्यंजन (पृष्ठ 122-123):
- गर्मी के पेय: नारियल पानी, आम का रस, आम पन्ना, संतरे का रस, नींबू पानी, गन्ने का रस
- चर्चा: “गर्मियों में हमें बहुत पसीना आता है – हमें खूब पानी, छाछ, नींबू पानी पीना चाहिए।”
- ‘जल ही जीवन है’ – पानी के बिना जीवन संभव नहीं
- भोजन के स्रोत – खेत (पृष्ठ 123):
- चर्चा: “खाने की कौन-कौन सी चीज़ें खेतों में उगती हैं?”
- गेहूँ, चावल, बाजरा, मक्का, गन्ना, सब्जियाँ, दालें, तिलहन
- “इनसे कौन-कौन से व्यंजन पकाए जाते हैं?” (रोटी, चावल, खिचड़ी, दाल, आदि)
- चर्चा: “खाने की कौन-कौन सी चीज़ें खेतों में उगती हैं?”
- ‘क्या आप जानते हैं?’ – छप्पन भोग (पृष्ठ 119):
- छप्पन भोग – 56 प्रकार के व्यंजन
- विशेष त्योहारों/शुभ अवसरों पर परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों, अतिथियों के लिए बनाया जाता है
- 56 व्यंजन में 6 रसों (षड् रस) का मिश्रण – मीठा, तीखा, कसैला, खट्टा, नमकीन, कड़वा
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “गर्मियों में हमें क्या-क्या पीना चाहिए?” (पानी, छाछ, नींबू पानी, आम पन्ना, नारियल पानी)
- गृहकार्य: “गर्मियों और सर्दियों में मिलने वाली तीन-तीन सब्जियों/फलों के नाम लिखें।”
दिन 3 – भोजन के स्रोत – पौधे, जानवर एवं पौधों के भाग
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “गर्मी-सर्दी में क्या-क्या खाते हैं?”
- प्रश्न: “हमारा भोजन कहाँ से आता है? क्या यह पौधों से आता है या जानवरों से?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पौधों से मिलने वाला भोजन (पृष्ठ 124-125):
- पौधे के विभिन्न भाग जो हम खाते हैं:
- जड़ – गाजर, मूली, चुकंदर, शकरकंद, अरबी
- तना – गन्ना, आलू (कंद), अदरक, प्याज, हरे बाँस का तना
- पत्ती – पालक, मेथी, धनिया, पुदीना, सरसों का साग, सलाद पत्ता
- फूल – गोभी, ब्रोकली, केला का फूल, कद्दू का फूल
- फल – आम, सेब, टमाटर, बैंगन, भिंडी, खीरा, ककड़ी, कद्दू, तोरई
- बीज – गेहूँ, चावल, दालें (मूँग, अरहर, मसूर, उड़द), सूखे मेवे (बादाम, अखरोट), मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी
- पौधे के विभिन्न भाग जो हम खाते हैं:
- गतिविधि (पृष्ठ 125):
- विद्यार्थी नीचे दिए गए पौधों के भागों में से जो चीज़ें वे खाते हैं, उन पर (✔) का निशान लगाएँ:
- जड़ – गाजर, मूली, शकरकंद (✔)
- तना – गन्ना, आलू, अदरक (✔)
- पत्ती – पालक, मेथी, धनिया (✔)
- फूल – गोभी, ब्रोकली (✔)
- फल – टमाटर, बैंगन, भिंडी (✔)
- बीज – गेहूँ, चावल, दालें (✔)
- विद्यार्थी नीचे दिए गए पौधों के भागों में से जो चीज़ें वे खाते हैं, उन पर (✔) का निशान लगाएँ:
- जानवरों से मिलने वाला भोजन (पृष्ठ 125):
- दूध – गाय, भैंस, बकरी – और दूध से बने – घी, पनीर, दही, छाछ, मक्खन
- अंडे – मुर्गी, बत्तख, बटेर
- शहद – मधुमक्खी
- मांस – मछली, चिकन, मटन
- गतिविधि – पहेली सुलझाइए (पृष्ठ 125):
- “हमारे भोजन में सबसे अधिक उपयोग में लाई जाने वाली दो सामग्रियाँ न तो पौधों से मिलती हैं और न ही जानवरों से – इनमें से कम से कम एक का नाम बताइए।” – नमक और पानी (नमक खान से, पानी प्रकृति से)
- चर्चा: “जब आपका मित्र विद्यालय में अपना दोपहर का भोजन लाना भूल जाता है, तो क्या आप अपना भोजन उसके साथ साझा करते हैं?” (हाँ – साझा करना अच्छा है)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “हम पौधों के किन-किन भागों को खाते हैं?” (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज)
- गृहकार्य: “अपने घर के रसोईघर से 5 ऐसी चीज़ों के नाम लिखें जो पौधों से मिलती हैं और 5 जो जानवरों से मिलती हैं।”
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, कोलाज, व्यंजन विधि एवं सलाद
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “पौधों के किन-किन भागों को खाते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आप किसी व्यंजन को बनाने की विधि जानते हैं? बताएँ।”
- प्रश्न: “क्या आप फलों की चाट/सलाद बना सकते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘आइए, मंथन करें!’ – लिखिए (पृष्ठ 126):
- (क) “परिवार में खाए जाने वाले फलों और सब्जियों की सूची बनाइए।”
- फल: आम, केला, सेब, संतरा, अमरूद, पपीता, तरबूज, खरबूज
- सब्जियाँ: आलू, टमाटर, बैंगन, भिंडी, पालक, गाजर, मूली, प्याज
- (ख) “अपनी पसंद के किसी व्यंजन को बनाने की विधि लिखिए।”
- उदाहरण: इडली – चावल और उड़द दाल को भिगोकर पीसें, रातभर किण्वित करें, साँचे में डालकर भाप में पकाएँ।
- (ग) “ऐसे भोजन का नाम लिखिए जिसमें पौधों और जानवरों दोनों से मिलने वाली चीज़ों का उपयोग होता है।”
- उदाहरण: लस्सी – दही (जानवर) + शक्कर/गुड़ (पौधा)
- खीर – दूध (जानवर) + चावल (पौधा) + चीनी (पौधा)
- (क) “परिवार में खाए जाने वाले फलों और सब्जियों की सूची बनाइए।”
- गतिविधि – चित्र बनाएँ (पृष्ठ 126):
- विद्यार्थी अपनी कॉपी में तीन प्लेटों (सुबह, दोपहर, रात) का चित्र बनाएँ और उनमें खाने की चीज़ों के चित्र बनाएँ।
- गतिविधि – कोलाज (वैकल्पिक – कक्षा में या घर पर):
- विद्यार्थी पुरानी पत्रिकाओं/समाचार-पत्रों से फलों, सब्जियों, अनाजों, दूध-उत्पादों के चित्र काटें और एक कोलाज (भोजन चार्ट) बनाएँ।
- गतिविधि – मिलकर खाइए (पृष्ठ 126):
- (घ) “मिलकर खाइए” – कक्षा में कोई एक फल (जैसे – सेब, केला, पपीता, संतरा) लाएँ।
- शिक्षक की सहायता से फलों की चाट या सलाद बनाएँ।
- सभी मिलकर साझा करके खाएँ।
- चर्चा: “साझा करके खाने से क्या लगता है?” (अच्छा, खुशी, मित्रता)
- सोचिए (पृष्ठ 126):
- (ङ) “यदि आपके घर में अचानक मेहमान आ जाएँ, तो आप उन्हें क्या खिलाएँगे और क्यों?”
- विद्यार्थी अपने विचार साझा करें (जैसे – फल, मिठाई, घर का बना खाना, नमकीन)।
- (ङ) “यदि आपके घर में अचानक मेहमान आ जाएँ, तो आप उन्हें क्या खिलाएँगे और क्यों?”
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों की कलाकृति और विधि लेखन की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “अपनी माँ/दादी की मदद से कोई एक सरल व्यंजन बनाने की विधि लिखें (सामग्री + विधि)।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए व्यंजन-विधि और कोलाज/चित्रों का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- संतुलित आहार क्यों महत्वपूर्ण है?
- शशि को क्या पसंद था और उसने क्या सीखा?
- गर्मियों में क्या-क्या खाना चाहिए?
- पौधों के किन-किन भागों को खाते हैं? (कोई तीन)
- जानवरों से मिलने वाले भोजन के नाम बताएँ। (दूध, अंडे, शहद, मांस)
- ‘छप्पन भोग’ क्या है? (56 प्रकार के व्यंजन)
- ‘जल ही जीवन है’ – इसका क्या अर्थ है?
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘हमारा भोजन’ पाठ से आपने क्या सीखा? (कोई दो बातें)
- (ख) संतुलित आहार के तीन उदाहरण लिखिए।
- (ग) गर्मियों में मिलने वाले तीन फलों और सर्दियों में मिलने वाली तीन सब्जियों के नाम लिखिए।
- (घ) पौधों के चार भागों के नाम लिखिए जिन्हें हम खाते हैं और एक-एक उदाहरण दीजिए।
- (ङ) जानवरों से मिलने वाले चार खाद्य पदार्थों के नाम लिखिए।
- समूह चर्चा:
- “हमें तरह-तरह का भोजन क्यों खाना चाहिए?” (सभी पोषक तत्व मिलें, स्वस्थ रहें)
- “हम मौसम के अनुसार भोजन क्यों करते हैं?” (गर्मी में ठंडा, सर्दी में गरम)
- “भोजन की बर्बादी को रोकना क्यों आवश्यक है?” (किसान/दुकानदार/परिवार का परिश्रम, खाने की कमी)
- गतिविधि (पृष्ठ 126):
- विद्यार्थी ‘चित्र बनाएँ’ – सुबह, दोपहर, रात के भोजन की तीन प्लेटें (पुनरावृत्ति)।
- विद्यार्थी ‘लिखिए’ – अपनी पसंद के व्यंजन की विधि (पुनरावृत्ति)।
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘हमारा भोजन’ पाठ ने हमें सिखाया कि संतुलित आहार हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है। शशि ने केवल चावल-आलू खाकर बीमार रहना सीखा, और संतुलित भोजन खाकर चैंपियन बनी। हमें तरह-तरह के फल, सब्जियाँ, अनाज (चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी), दालें, दूध-दही, सूखे मेवे खाने चाहिए। गर्मियों में हमें पानी, छाछ, नींबू पानी, आम पन्ना, नारियल पानी पीना चाहिए। हमारा भोजन पौधों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) और जानवरों (दूध, अंडे, शहद, मांस) से आता है। ‘जल ही जीवन है’ – पानी पीना बहुत ज़रूरी है। भोजन को बर्बाद नहीं करना चाहिए और ज़रूरतमंदों के साथ साझा करना चाहिए। “स्वस्थ भोजन – स्वस्थ जीवन!” “
- अगले पाठ ‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए – साफ-सफाई, व्यायाम, खेल, सुरक्षा, आदि।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- विभिन्न फलों, सब्जियों, अनाजों, दूध-उत्पादों के चित्र/वास्तविक नमूने
- शशि की कहानी का चार्ट
- मौसम के अनुसार फलों/सब्जियों की सूची
- पौधों के विभिन्न भागों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) का चार्ट
- पुरानी पत्रिकाएँ, कैंची, गोंद (कोलाज के लिए)
- फल (सलाद/चाट के लिए) – सेब, केला, संतरा, पपीता, आदि।
- रंग, कागज़, पेंसिल (चित्रकला के लिए)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | संतुलित आहार के महत्व की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 2 | भोजन के स्रोतों (पौधे, जानवर) की पहचान | मौखिक/लिखित |
| 3 | विभिन्न मौसमों में मिलने वाले फलों/सब्जियों की पहचान | तालिका/मौखिक |
| 4 | पौधों के विभिन्न भागों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) का खाने में उपयोग | मौखिक/लिखित |
| 5 | पशु-पक्षियों से मिलने वाले भोजन की पहचान | मौखिक/लिखित |
| 6 | भोजन की बर्बादी रोकने के उपायों की समझ | समूह चर्चा |
| 7 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (कोलाज, चित्र, व्यंजन विधि) | कला/लिखित |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘संतुलित आहार’, ‘मौसम’, ‘अनाज’, ‘सब्जी’, ‘दूध’, ‘घी’, ‘पनीर’ को क्या कहते हैं। शशि की कहानी – बच्चों को स्वस्थ खान-पान की प्रेरणा देती है – वे सीखेंगे कि केवल एक-दो चीज़ें खाने से शरीर को सारे पोषक तत्व नहीं मिलते। छप्पन भोग – बच्चों को भारतीय खाद्य संस्कृति की समृद्धि से परिचित कराएँ – 56 व्यंजन, 6 रस (षड् रस) – मीठा, तीखा, कसैला, खट्टा, नमकीन, कड़वा। पौधों के भाग – बच्चों को बताएँ कि हम पौधों के लगभग हर भाग को खाते हैं – जड़ से लेकर बीज तक। मौसमी भोजन – बच्चों को समझाएँ कि गर्मियों में हमें ठंडी चीज़ें और सर्दियों में गरम चीज़ें खानी चाहिए – यह प्रकृति का नियम है। जल – बच्चों को ‘जल ही जीवन है’ का महत्व समझाएँ – पानी हमारे शरीर के लिए सबसे ज़रूरी है। फलों की चाट/सलाद – बच्चों को साझा करने और स्वस्थ भोजन का अनुभव कराएँ – यह गतिविधि बहुत रुचिकर होगी। भोजन की बर्बादी – बच्चों को सिखाएँ कि भोजन बर्बाद न करें – किसान, दुकानदार, परिवार – सब की मेहनत बर्बाद होती है। “स्वस्थ भोजन – स्वस्थ जीवन!” – इस संदेश को बार-बार दोहराएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
