(Trait Theory of Personality – Gordon W. Allport)
(B.Ed., D.El.Ed., CTET/TET, बाल विकास एवं मनोविज्ञान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण Notes)
1. सिद्धान्त का परिचय
व्यक्तित्व का लक्षण सिद्धान्त अमेरिकी मनोवैज्ञानिक
गॉर्डन डब्ल्यू. ऑलपोर्ट
द्वारा प्रतिपादित किया गया।
👉 ऑलपोर्ट के अनुसार—
व्यक्तित्व अनेक स्थायी लक्षणों (Traits) का संगठन है,
जो व्यक्ति के व्यवहार को विभिन्न परिस्थितियों में दिशा देता है।
2. लक्षण (Trait) का अर्थ
लक्षण वह अपेक्षाकृत स्थायी मानसिक प्रवृत्ति है—
- जिसके कारण व्यक्ति एक विशेष प्रकार से सोचता
- अनुभव करता
- तथा व्यवहार करता है।
उदाहरण: ईमानदारी, साहस, आत्म-विश्वास, क्रोध, दयालुता आदि।
3. ऑलपोर्ट के सिद्धान्त की मूल मान्यताएँ
- प्रत्येक व्यक्ति अद्वितीय (Unique) होता है
- व्यक्तित्व को लक्षणों के आधार पर समझा जा सकता है
- लक्षण स्थायी होते हैं, पर पूर्णतः अपरिवर्तनीय नहीं
- व्यक्तित्व को समग्र रूप में देखना चाहिए (Holistic View)
4. ऑलपोर्ट के अनुसार लक्षणों के प्रकार
ऑलपोर्ट ने लक्षणों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया—
(1) कार्डिनल लक्षण (Cardinal Traits)
- अत्यंत प्रभावशाली
- संपूर्ण व्यक्तित्व पर हावी
- हर व्यक्ति में नहीं पाए जाते
उदाहरण:
- महात्मा गांधी → अहिंसा
- मदर टेरेसा → सेवा
👉 ये लक्षण व्यक्ति की पहचान बन जाते हैं।
(2) केंद्रीय लक्षण (Central Traits)
- व्यक्तित्व के मुख्य गुण
- अधिकांश लोगों में पाए जाते हैं
- व्यक्ति के दैनिक व्यवहार को नियंत्रित करते हैं
उदाहरण:
ईमानदार, मिलनसार, मेहनती, साहसी आदि
👉 सामान्यतः 5–10 केंद्रीय लक्षण होते हैं।
(3) द्वितीयक लक्षण (Secondary Traits)
- कम स्थायी
- विशिष्ट परिस्थितियों में प्रकट
- रुचि, पसंद-नापसंद से संबंधित
उदाहरण:
- किसी विशेष खेल में रुचि
- विशेष भोजन पसंद करना
5. लक्षणों का वर्गीकरण (संक्षिप्त सारणी)
| लक्षण का प्रकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| कार्डिनल | अत्यंत प्रभावशाली | अहिंसा |
| केंद्रीय | सामान्य व स्थायी | ईमानदारी |
| द्वितीयक | परिस्थिति-निर्भर | शौक |
6. शैक्षिक महत्व
- विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझने में सहायक
- व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम बनाने में उपयोगी
- परामर्श एवं मार्गदर्शन में सहायक
- चरित्र शिक्षा को बल
7. सिद्धान्त की विशेषताएँ
✔ व्यक्ति की विशिष्टता पर बल
✔ गुणात्मक (Qualitative) दृष्टिकोण
✔ व्यक्तित्व को गतिशील मानता है
✔ आधुनिक व्यक्तित्व अध्ययन की आधारशिला
8. सिद्धान्त की सीमाएँ
✘ लक्षणों का मापन कठिन
✘ विकासात्मक पक्ष पर कम ध्यान
✘ सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों की सीमित चर्चा
9. निष्कर्ष
ऑलपोर्ट के अनुसार—
व्यक्तित्व कोई एक गुण नहीं, बल्कि अनेक लक्षणों का संगठित रूप है।
👉 व्यक्ति को समझने के लिए
उसके स्थायी लक्षणों को समझना आवश्यक है।
10. परीक्षा-उपयोगी एक पंक्ति में
✔ लक्षण सिद्धान्त = ऑलपोर्ट
✔ तीन लक्षण – कार्डिनल, केंद्रीय, द्वितीयक
✔ प्रत्येक व्यक्ति अद्वितीय
✔ व्यक्तित्व = लक्षणों का संगठन
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