(Psychosocial Theory of Personality – Erik Erikson)
(B.Ed., D.El.Ed., CTET/TET, बाल विकास एवं मनोविज्ञान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण Notes)
1. सिद्धान्त का परिचय
व्यक्तित्व का सामाजिक सिद्धान्त जर्मन–अमेरिकी मनोविश्लेषक
एरिक एरिक्सन
द्वारा प्रतिपादित किया गया।
👉 एरिक्सन का मानना था कि—
व्यक्तित्व का विकास जीवनभर चलता है और यह सामाजिक अंतःक्रिया पर आधारित होता है।
उन्होंने फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धान्त को आगे बढ़ाते हुए
सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों पर विशेष बल दिया।
2. एरिक्सन के सिद्धान्त की मूल धारणा
- व्यक्तित्व का विकास आजीवन प्रक्रिया है
- प्रत्येक अवस्था में व्यक्ति को एक सामाजिक संकट (Crisis) का सामना करना पड़ता है
- संकट का समाधान व्यक्ति के व्यक्तित्व को सकारात्मक या नकारात्मक दिशा देता है
3. मनोसामाजिक विकास की आठ अवस्थाएँ
(Eight Stages of Psychosocial Development)
(1) विश्वास बनाम अविश्वास
(Trust vs Mistrust | 0–1 वर्ष)
- शिशु माता-पिता पर निर्भर
- प्रेम व सुरक्षा → विश्वास
- उपेक्षा → अविश्वास
👉 गुण: आशा (Hope)
(2) स्वायत्तता बनाम लज्जा एवं संदेह
(Autonomy vs Shame & Doubt | 1–3 वर्ष)
- स्वतंत्रता की चाह
- अधिक रोक-टोक → लज्जा
👉 गुण: इच्छा-शक्ति (Will)
(3) पहल बनाम अपराधबोध
(Initiative vs Guilt | 3–6 वर्ष)
- नए कार्य करने की पहल
- डाँट-फटकार → अपराधबोध
👉 गुण: उद्देश्य (Purpose)
(4) उद्योग बनाम हीनता
(Industry vs Inferiority | 6–12 वर्ष)
- विद्यालयी जीवन
- सफलता → आत्म-विश्वास
- असफलता → हीनभावना
👉 गुण: दक्षता (Competence)
(5) पहचान बनाम भूमिका भ्रम
(Identity vs Role Confusion | 12–18 वर्ष)
- “मैं कौन हूँ?”
- स्पष्ट लक्ष्य → पहचान
- भ्रम → अस्थिर व्यक्तित्व
👉 गुण: निष्ठा (Fidelity)
(6) घनिष्ठता बनाम एकाकीपन
(Intimacy vs Isolation | युवावस्था)
- घनिष्ठ संबंधों की स्थापना
- असफलता → अकेलापन
👉 गुण: प्रेम (Love)
(7) उत्पादकता बनाम जड़ता
(Generativity vs Stagnation | प्रौढ़ावस्था)
- समाज के लिए योगदान
- निष्क्रियता → जड़ता
👉 गुण: देखभाल (Care)
(8) अहं-सम्पूर्णता बनाम निराशा
(Ego Integrity vs Despair | वृद्धावस्था)
- जीवन का मूल्यांकन
- संतोष → पूर्णता
- पछतावा → निराशा
👉 गुण: बुद्धिमत्ता (Wisdom)
4. एरिक्सन के सिद्धान्त की प्रमुख विशेषताएँ
✔ व्यक्तित्व विकास आजीवन
✔ सामाजिक अनुभवों पर बल
✔ प्रत्येक अवस्था का स्वतंत्र महत्व
✔ शिक्षा एवं समाज से गहरा संबंध
5. शैक्षिक महत्व
- बालकों की आयु-विशेष आवश्यकताओं की समझ
- शिक्षक–छात्र संबंध सुदृढ़
- पहचान निर्माण में सहायता
- विद्यालयी वातावरण सुधार
👉 विद्यालय मुख्यतः
Industry vs Inferiority और
Identity vs Role Confusion
अवस्थाओं को प्रभावित करता है।
6. फ्रायड बनाम एरिक्सन (संक्षिप्त तुलना)
| आधार | फ्रायड | एरिक्सन |
|---|---|---|
| विकास | बचपन तक | आजीवन |
| आधार | यौन प्रवृत्ति | सामाजिक अनुभव |
| दृष्टिकोण | जैविक | सामाजिक-सांस्कृतिक |
7. सिद्धान्त की सीमाएँ
✘ अवस्थाओं की आयु सीमा कठोर
✘ सांस्कृतिक भिन्नताओं की सीमित चर्चा
✘ अनुभवजन्य प्रमाण सीमित
8. निष्कर्ष
एरिक्सन के अनुसार—
व्यक्तित्व का विकास समाज के साथ अंतःक्रिया का परिणाम है।
👉 प्रत्येक जीवन अवस्था
एक नया अवसर और चुनौती लेकर आती है,
जिसका समाधान व्यक्ति के सम्पूर्ण व्यक्तित्व को आकार देता है।
9. परीक्षा-उपयोगी एक पंक्ति में
✔ एरिक्सन = सामाजिक / मनोसामाजिक सिद्धान्त
✔ व्यक्तित्व विकास = आजीवन
✔ 8 अवस्थाएँ, 8 संकट
✔ समाज = व्यक्तित्व का प्रमुख आधार
