🧬 संघ सीलेन्ट्रेटा / नाइडेरिया : सामान्य परिचय
Coelenterata शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—
- Coel = गुहा
- Enteron = आंत्र (Intestine)
👉 इन जंतुओं में आंत्र ही शरीर की एकमात्र गुहा होती है, इसलिए इन्हें सीलेन्ट्रेटा कहते हैं।
- सन् 1847 में ल्यूकर्ट (Leuckart) ने इस संघ की स्थापना की।
- सन् 1878 में हेरचेक (Hertwig) ने इसका नाम नाइडेरिया (Cnidaria) रखा।
- क्योंकि इनमें दंश कोशिकाएँ (Sting cells) पाई जाती हैं, जिन्हें
नाइडोब्लास्ट / निमेटोब्लास्ट कहते हैं। - इनकी उत्पत्ति प्री-कैम्ब्रियन काल में मानी जाती है।
🔬 संघ सीलेन्ट्रेटा / नाइडेरिया के सामान्य लक्षण
- अधिकांश सदस्य समुद्री होते हैं।
👉 अपवाद – हाइड्रा (मीठे पानी में) - ये जंतु:
- बहुकोशिकीय (Multicellular)
- अरीय सममित (Radial symmetry)
- द्विकोरिक / डिप्लोब्लास्टिक (Diploblastic)
- ऊतक स्तर का संगठन (Tissue level) रखते हैं।
- ये:
- एकल (Solitary) या
- निवही (Colonial)
- स्थानबद्ध (Sedentary) या
- स्वतंत्र तैरने वाले (Free swimming) हो सकते हैं।
- शरीर के मध्य में जठर-वाहिनी गुहा (Gastro-vascular cavity) होती है।
- यही पाचन + परिसंचरण का कार्य करती है।
- मुख ही मुख व गुदा दोनों का कार्य करता है।
- मुख के चारों ओर स्पर्शक (Tentacles) पाए जाते हैं।
- देहभित्ति में दंश कोशिकाएँ (Nematocytes) पाई जाती हैं, जो:
- शिकार पकड़ने
- आत्मरक्षा
- आधार से चिपकने
में सहायक होती हैं।
- अंग-तंत्र (Organ system) का अभाव होता है।
- पाचन:
- बाह्यकोशिकीय (Extracellular)
- अन्तःकोशिकीय (Intracellular)
दोनों प्रकार का होता है।
- इनमें द्विरूपता / बहुरूपता पाई जाती है:
- पॉलिप (Polyp) – बेलनाकार, स्थानबद्ध, अलैंगिक
- मेड्यूसा (Medusa) – छत्राकार, स्वतंत्र, लैंगिक
- पॉलिप ↔ मेड्यूसा के बीच
पीढ़ी एकान्तरण (Metagenesis) पाया जाता है। - जनन:
- अलैंगिक – मुकुलन (Budding)
- लैंगिक – युग्मक संलयन
- जनद सरल व नलिकाविहीन
- परिवर्धन अप्रत्यक्ष होता है।
- लार्वा – प्लैनुला (Planula)
📚 संघ सीलेन्ट्रेटा का वर्गीकरण
(Classification of Phylum Coelenterata)

सीलेन्ट्रेटा / नाइडेरिया को चार वर्गों में बाँटा गया है—
1️⃣ हाइड्रोजोआ (Hydrozoa)
2️⃣ साइफोजोआ (Scyphozoa)
3️⃣ क्यूबोजोआ (Cubozoa)
4️⃣ एन्थोजोआ (Anthozoa)
1️⃣ वर्ग – हाइड्रोजोआ (Hydrozoa)
(Hydro = जल, Zoa = जंतु)
- सामान्यतः पॉलिप प्रमुख, मेड्यूसा प्रायः अनुपस्थित
- स्टोमोडियम अनुपस्थित
- अधिकांश में दंश कोशिकाएँ स्पष्ट नहीं
- कुछ में मेड्यूसा पाया जाता है
- मेड्यूसा में वीलम (Velum) होता है
- ऐसे मेड्यूसा → Craspedote
उदाहरण
- हाइड्रा
- ओबेलिया
- ट्युबुलेरिया
- मिलिपोरा (Fire coral)
- फाइसेलिया (Portuguese man-of-war)
2️⃣ वर्ग – साइफोजोआ (Scyphozoa)
(Scypho = प्याला)
- छतरी / प्याले के आकार के
- जेलीफिश कहलाते हैं
- पॉलिप व मेड्यूसा दोनों पाए जाते हैं
- स्टोमोडियम अनुपस्थित
- दंश कोशिकाएँ उपस्थित
- मेड्यूसा में वीलम नहीं
→ Acraspedote
उदाहरण
- ऑरेलिया (Common jellyfish)
- सायनिया (Sun jelly)
3️⃣ वर्ग – क्यूबोजोआ (Cubozoa)
(Cubo = घन)
- छत्रक घनाकार
- पॉलिप व मेड्यूसा दोनों
- स्टोमोडियम उपस्थित
- अत्यंत विषैले
- इन्हें Sea wasps भी कहते हैं
उदाहरण
- काइरोनेक्स (Box jellyfish)
- केरिब्डिया
4️⃣ वर्ग – एन्थोजोआ (Anthozoa)
(Antho = पुष्प)
- केवल पॉलिप अवस्था
- मेड्यूसा अनुपस्थित
- स्टोमोडियम उपस्थित
- CaCO₃ से बने कंकाल → प्रवाल भित्तियाँ (Coral reefs)
- नाइडेरिया का सबसे बड़ा वर्ग
उदाहरण
- समुद्री एनीमोन
- ट्युबीपोरा (Pipe coral)
- गोर्गोनिया (Sea fan)
- कोरेलियम (लाल मूंगा)
- मैडरिपोरा (Brain coral)
✍️ परीक्षा में लिखने योग्य 3 पंक्तियाँ (Ready Answer)
सीलेन्ट्रेटा द्विकोरिक, अरीय सममित जंतु हैं जिनमें जठर-वाहिनी गुहा पाई जाती है। इनमें दंश कोशिकाएँ होती हैं तथा पॉलिप और मेड्यूसा के बीच मेटाजेनेसिस पाया जाता है।


