📖 पाठ: ६. अहं प्रातः उत्तिष्ठामि (मैं सुबह उठता/उठती हूँ)
यह पाठ सन्दीपः और खुशी की दिनचर्या (दैनिक कार्य) के बारे में है।
सन्दीपः की दिनचर्या
समय (संस्कृत) क्रिया (संस्कृत) अर्थ पञ्चवादने (५:००) उत्तिष्ठामि मैं पाँच बजे जागता/उठता हूँ । उठने के बाद भूमेः वन्दनं करोमि, मातापितरौ च नमामि भूमि का अभिवादन करता हूँ और माता-पिता को प्रणाम करता हूँ। सपाद-पञ्चवादने (५:१५) शौचं करोमि, मुखप्रक्षालनं, दन्तधावनं करोमि शौच करता हूँ, मुँह धोता हूँ और दाँतों का मंजन करता हूँ। सार्ध-पञ्चवादने (५:३०) सूर्य-नमस्कारं, योगासनं च करोमि सूर्य-नमस्कार और योगासन करता हूँ।
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| षड्वादने (६:००) | स्वाध्यायं करोमि | स्वयं अध्ययन (पढ़ाई) करता हूँ। |
खुशी की दिनचर्या
समय (संस्कृत) क्रिया (संस्कृत) अर्थ उठने के बाद उषःपानं करोमि प्रातः गुनगुना जल पीती हूँ। सार्ध-षड्वादने (६:३०) परिसरं स्वच्छं करोमि अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ़ करती हूँ। पादोन-सप्तवादने (६:४५) स्नानं करोमि स्नान (नहाना) करती हूँ।सप्तवादने (७:००) प्रार्थनां, गीतापाठं च करोमि, मातुः पितुः च चरणवन्दनं करोमि प्रार्थना और गीतापाठ (श्लोकों का पाठ) करती हूँ। माता-पिता के चरणों में प्रणाम करती हूँ।सार्ध-सप्तवादने (७:३०) प्रातराशं करोमि अल्पाहार/नाश्ता करती हूँ।अष्टवादने (८:००) विद्यालयं गच्छामि विद्यालय (पाठशाला) जाती हूँ ।
🔢 संख्या (Numbers: १ to १२)
संख्या संस्कृत नाम १ एकम् २ द्वे ३ त्रीणि ४ चत्वारि ५ पञ्च ६ षट् ७ सप्त ८ अष्ट ९ नव १० दश ११ एकादश १२ द्वादश
⏰ समय (Time Vocabulary)
समय को दर्शाने के लिए मुख्य शब्द:
वादनम्: बजे (O’clock)
उदाहरण: ५:०० > पञ्च-वादनम् ।
सपाद: सवा >15 मिनट अधिक)
उदाहरण: ५:१५ > सपाद-पञ्चवादनम् ।
सार्ध: साढ़े > 30 मिनट अधिक)
उदाहरण: ५:३० > सार्ध-पञ्चवादनम् ।
पादोन: पौने> 15 मिनट कम)
उदाहरण: ५:४५ > पादोन-षड्वादनम् (पौने छह)।
🙏 शिष्टाचारस्य पदानि (Manners/Etiquette)
शिष्टाचार पद अर्थ गुरुवन्दनम् गुरुओं को प्रणाम वृद्धसेवा बुज़ुर्गों की सेवा अतिथिसत्कारः मेहमानों का आदर-सत्कार मातृप्रेम, पितृभक्तिः माता से प्रेम, पिता के प्रति भक्ति ज्येष्ठेषु आदरः बड़ों का आदर कनिष्ठेषु प्रीतिः छोटों से प्रेम परोपकारः दूसरों की भलाई प्राणिषु दया प्राणियों पर दया प्रियवचनम्, सत्यकथनम् मीठे शब्द बोलना, सत्य बोलना समयपालनम्, स्वच्छता समय का पालन, सफ़ाई प्रकृतिरक्षणम् प्रकृति की रक्षा
📝 अभ्यासः (Exercises Solved)
२. समयं संख्याभिः लिखन्तु (समय को संख्याओं में लिखें)
संस्कृत नाम संख्या पादोन-सप्तवादनम् ६:४५ सार्ध-चतुर्वादनम् ४:३० सार्ध-दशवादनम् १०:३० दशवादनम् १०:०० सपाद-षड्वादनम् ६:१५ पादोन-एकादशवादनम् १०:४५
३. समयम् अक्षरैः लिखन्तु (समय को शब्दों में लिखें)
संख्या संस्कृत नाम (अक्षरैः) ०६:०० षड्वादनम् १२:०० द्वादशवादनम् ०५:३० सार्ध-पञ्चवादनम् ०६:४५ पादोन-सप्तवादनम् ०९:४५ पादोन-दशवादनम् ११:३० सार्ध-एकादशवादनम्
४. प्रश्ननिर्माणं कुर्वन्तु (प्रश्न बनाएँ)
प्रश्नवाचक शब्द कदा (कब) का प्रयोग करें।
मूल वाक्य प्रश्न (कदा का प्रयोग करके) यथा: सः सार्ध-सप्तवादने अध्ययनं करोति । सः कदा अध्ययनं करोति? (क) सा सपाद-नववादने विद्यालयं गच्छति । सा कदा विद्यालयं गच्छति? (ख) सतीशः सार्ध-द्वादशवादने भोजनं करोति। सतीशः कदा भोजनं करोति? (ग) यानं पञ्चवादने आगच्छति। यानं कदा आगच्छति? (घ) गोपालः षड्वादने गोदोहनं करोति । गोपालः कदा गोदोहनं करोति? (ङ) माता दशवादने कार्यालयं गच्छति । माता कदा कार्यालयं गच्छति?
६. वाक्येषु शिष्टाचारपदं योजयन्तु (वाक्यों में शिष्टाचार का पद जोड़ें)
वाक्य शिष्टाचार पद यथा – युवकः मातापित्रोः सेवां करोति । सेवां (क) सा दुर्बलानां साहाय्यं करोति । साहाय्यं (ख) सर्वेषु प्राणिषु दयाभावः भवतु । दयाभावः (ग) सर्वे छात्राः पाठशालायाः नियमपालनं कुर्वन्तु । नियमपालनं (घ) वयं सर्वे अतिथीनां सत्कारं कुर्मः । सत्कारं (ङ) परस्परं छात्रेषु मैत्रीभावः भवतु । मैत्रीभावः
🏛️ भारतीय ज्ञान-परम्परायां समयः घटीयन्त्राणि च
प्राचीन भारत में, लोग समय जानने के लिए सूर्य की गति देखते थे।
इसके लिए उन्होंने कई प्रकार के विज्ञानयन्त्र (वैज्ञानिक यंत्रों) का आविष्कार किया।
ऐसे यंत्र प्रायः प्रसिद्ध देवालयेषु (मंदिरों में) देखे जाते हैं।
सूर्य मन्दिरं – कोणार्कः (ओडिशा): यहाँ समय जानने के लिए चक्र हैं।
घटिकायन्त्रम् – जन्तरमन्तरं, जयपुरम् (समय मापने का यंत्र)
मिश्रयन्त्रम् – जन्तरमन्तरं, देहली
मनीलाल पटेल, जिन्हें सभी प्रेम से मनीभाई नवरत्न के नाम से जानते हैं, शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित और प्रेरणादायक शिक्षक हैं। वे M.Sc., B.Ed., NET योग्यताधारी हैं तथा NCC एवं HWB प्रमाणन भी रखते हैं।
मनी सर वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय (NVS) तथा प्रयास विद्यालय के प्रवेश परीक्षा हेतु छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। और साथ में Edudepart में वरिष्ठ मुख्य संपादक के रूप में अपनी निशुल्क सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
हिंदी माध्यम से जुड़े मनी सर एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं —वे व्यंग्य कवि, गीतकार, गायक, यूट्यूबर, ब्लॉगर और लेखक भी हैं।
शिक्षा और साहित्य—दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए मनी सर निरंतर विद्यार्थियों एवं पाठकों को प्रेरित करते रहते हैं।