भारतीय सभ्यता का प्रारंभ (हड़प्पा/सिंधु घाटी सभ्यता) – नोट्स

📜 भारतीय सभ्यता का प्रारंभ (हड़प्पा/सिंधु घाटी सभ्यता) – नोट्स


1. सभ्यता और भारतीय संदर्भ

  • सभ्यता क्या है? 🏗️
    • मानव समाज की उन्नत अवस्था
    • विशेषताएँ: पर्याप्त भोजन, नियोजन के साथ नगरीकरण, लेखन प्रणाली, संस्कृति की स्वतंत्रता।
    • अन्य तत्व: शासन/प्रशासन, व्यापार (आंतरिक/बाह्य), विभिन्न शिल्प (पत्थर/धातु), कृषि उत्पादकता।
  • भारतीय उपमहाद्वीप की आरंभिक सभ्यता:
    • हड़प्पा सभ्यता या सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization)
    • इसका नाम पहले खोजे गए शहर हड़प्पा के नाम पर पड़ा, इसलिए निवासियों को ‘हड़प्पावासी’ कहते हैं।

2. हड़प्पा सभ्यता की मुख्य उपलब्धियाँ

हड़प्पा सभ्यता की मुख्य उपलब्धियाँ उनकी उन्नत नियोजन और प्रौद्योगिकी को दर्शाती हैं:

  • नगर नियोजन: सड़कों और जल निकासी प्रणालियों के साथ अच्छी तरह से नियोजित शहरों का निर्माण।
  • जल प्रबंधन: कुओं और जलाशयों जैसी विकसित प्रणालियाँ।
  • कृषि: अनाज, दालें, सब्जियाँ, फल और कपास उगाना।
  • पशुपालन: पशुओं को पालना।
  • शिल्प और व्यापार: मिट्टी के बर्तन, आभूषण और व्यापारिक वस्तुएँ बनाना।
  • लेखन प्रणाली: एक लेखन प्रणाली का होना, हालांकि यह अभी तक पढ़ी नहीं गई है।
  • मूलभूत विशेषता: कृषि सबसे बुनियादी विशेषता है, क्योंकि पर्याप्त कृषि उत्पादन ही नगरीकरण और अन्य सभ्यताओं के विकास को संभव बनाता है।

3. प्रमुख नगर और भौगोलिक स्थिति

हड़प्पाई नगर / स्थलआधुनिक राज्य या प्रदेश
धौलावीरागुजरात
हड़प्पापंजाब (वर्तमान पाकिस्तान में)
कालीबंगाराजस्थान
मोहनजोदड़ोसिंध (वर्तमान पाकिस्तान में)
राखीगढ़ीहरियाणा

4. जीवन के प्रमुख पहलू (नागरिक भावना)

  • नागरिकता का उच्च भाव:
    • हड़प्पावासी उच्च नागरिक भावना रखते थे।
    • सबूत: सुव्यवस्थित नगर नियोजन, साफ-सफाई पर ध्यान (नालियाँ), जल प्रबंधन (कुएँ/जलाशय), और सदियों तक टिकाऊ जीवनशैली।
    • वर्तमान तुलना: आधुनिक महानगरों के नागरिक कानून का पालन करते हैं, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखते हैं, जो एक विकसित नागरिकता का भाव है।
  • जल प्रबंधन (मोहनजोदड़ो):
    • लगभग 700 कुएँ पाए गए, जो दर्शाता है कि पानी का मुख्य स्रोत कुएँ थे।
    • नियमित रख-रखाव से पता चलता है कि वे स्वच्छता और स्वास्थ्य को महत्व देते थे।
    • कुओं का कई शताब्दियों तक उपयोग उनकी टिकाऊ जीवनशैली और उन्नत इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाता है।
  • जल प्रबंधन (धौलावीरा):
    • कम-से-कम छः बड़े जलाशय बनाए गए (पत्थरों या चट्टानों को काटकर)।
    • जलाशयों को कुशल जल संचयन और वितरण के लिए भूमिगत नालियों से जोड़ा गया था।
    • यह व्यवस्था शासकों/सरकार की जल संसाधन प्रबंधन और सामुदायिक कार्यों को सुनियोजित करने की क्षमता को दर्शाती है।
  • लेखन और मुहरें:
    • मुहरें बनाना और उन पर नक्काशी करना जानते थे।
    • लिपि और पशुओं की आकृतियों का ज्ञान था।

5. हड़प्पावासियों का दैनिक जीवन और शिल्प

क्षेत्रवस्तुएँ / गतिविधिमहत्व / उद्देश्य
भोजनगेहूँ, जौ, बाजरा, चावल, दालें, मांस, मछली, दूध, फल (केला)।कृषि और पशुपालन पर निर्भरता।
शिल्प/उपकरणकांस्य दर्पण, टेराकोटा घड़ा, भार तोलने का पत्थर, कांस्य की छैनी।तकनीकी ज्ञान, मापन प्रणाली, भंडारण, सजावट।
मनोरंजनखेल-बोर्ड, टेराकोटा सीटी, नाचती हुई लड़की की मूर्तिमनोरंजन और कलात्मक क्षमता।
पहनावा/आभूषणचूड़ियाँ (पूरी बाँह को ढकने वाली), हार, झुमके।कुछ आभूषण शैलियाँ (जैसे चूड़ियाँ) आज भी गुजरात और राजस्थान जैसे क्षेत्रों में प्रचलित हैं, जो परंपराओं की निरंतरता को दर्शाती हैं।
वस्तु विनिमयमुद्रा का प्रचलन नहीं था; सेवाओं के बदले वस्तुएँ (जैसे भोजन, कपड़े) मिलती थीं।उस समय की आर्थिक प्रणाली।

6. सभ्यता के कई नाम

  • नाम: सिंधु, हड़प्पा, सिंधु-सरस्वती सभ्यता।
  • कारण: विभिन्न स्थानों और कालों में पाई जाने वाली इसकी विविध संस्कृतियाँ और स्थल।
  • महत्व: यह दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, जो नगर नियोजन, जल प्रबंधन, सक्रिय व्यापार, और विविध शिल्प जैसी उन्नत उपलब्धियों के लिए जानी जाती है।
Spread the love

You cannot copy content of this page