छत्तीसगढ़ अध्ययन कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान ( इतिहास )
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण (Exam Perspective)
- अध्ययन रणनीति: प्राचीन स्थलों के नाम, राजवंशों के संस्थापक, साहित्यकारों की रचनाएँ और स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान को याद रखना अनिवार्य है।
📝 भाग – 1: महत्वपूर्ण MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न) – 20 प्रश्न
1. छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम क्या था?
(अ) दक्षिण कोसल
(ब) महाकोसल
(स) दंडकारण्य
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर: (द) उपरोक्त सभी
2. ‘छत्तीसगढ़’ नाम किस आधार पर पड़ा?
(अ) 36 नदियों के कारण
(ब) 36 किलों (गढ़ों) के कारण
(स) 36 जनजातियों के कारण
(द) 36 मंदिरों के कारण
उत्तर: (ब) 36 किलों (गढ़ों) के कारण (रतनपुर में 18 और रायपुर में 18 गढ़)
3. छत्तीसगढ़ का ‘प्रयाग तीर्थ’ किसे कहा जाता है?
(अ) सिरपुर
(ब) राजिम
(स) भोरमदेव
(द) चितवाड़ोंगरी
उत्तर: (ब) राजिम (महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम)
4. छत्तीसगढ़ में सबसे प्राचीन नाट्यशाला किस जिले में स्थित है?
(अ) रायगढ़
(ब) बस्तर
(स) सरगुजा
(द) बिलासपुर
उत्तर: (स) सरगुजा (रामगढ़ की गुफा)
5. सिरपुर में स्थित प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
(अ) राजीव लोचन मंदिर
(ब) लक्ष्मण मंदिर
(स) दंतेश्वरी मंदिर
(द) महामाया मंदिर
उत्तर: (ब) लक्ष्मण मंदिर (ईंट से निर्मित)
6. छत्तीसगढ़ में कल्युरी (हैहयवंशी) राजाओं ने कहाँ से शासन किया?
(अ) रतनपुर
(ब) रायपुर
(स) सिरपुर
(द) बस्तर
उत्तर: (अ) रतनपुर
7. छत्तीसगढ़ में मराठों का प्रभाव कब बढ़ा?
(अ) 1741 ई.
(ब) 1857 ई.
(स) 1947 ई.
(द) 1800 ई.
उत्तर: (अ) 1741 ई. (भोसले राजवंश)
8. छत्तीसगढ़ में अंग्रेजी शासन कब से कब तक चला?
(अ) 1854 से 1947 ई. तक
(ब) 1757 से 1947 ई. तक
(स) 1857 से 1947 ई. तक
(द) 1764 से 1947 ई. तक
उत्तर: (अ) 1854 से 1947 ई. तक
9. छत्तीसगढ़ में ‘सतनाम पंथ’ के प्रवर्तक कौन थे?
(अ) बाबा गुरु घासीदास
(ब) कबीरदास
(स) वीर नारायण सिंह
(द) पं. सुंदरलाल शर्मा
उत्तर: (अ) बाबा गुरु घासीदास
10. गुरु घासीदास का जन्म कहाँ हुआ था?
(अ) गिरौदपुरी
(ब) सोनाखान
(स) रतनपुर
(द) सिरपुर
उत्तर: (अ) गिरौदपुरी (वर्तमान बलौदाबाजार जिला)
11. छत्तीसगढ़ में 1857 की क्रांति के प्रमुख नेता कौन थे?
(अ) वीर नारायण सिंह
(ब) हनुमान सिंह
(स) दोनों अ और ब
(द) सुंदरलाल शर्मा
उत्तर: (स) दोनों अ और ब
12. वीर नारायण सिंह कहाँ के जमींदार थे?
(अ) सोनाखान
(ब) कवर्धा
(स) सक्ती
(द) रतनपुर
उत्तर: (अ) सोनाखान (बलौदाबाजार)
13. अंग्रेजों ने वीर नारायण सिंह को कब फाँसी दी थी?
(अ) 10 दिसंबर 1857
(ब) 18 जनवरी 1858
(स) 22 जनवरी 1858
(द) 15 अगस्त 1857
उत्तर: (अ) 10 दिसंबर 1857 (रायपुर में)
14. छत्तीसगढ़ का ‘मंगल पांडे’ किसे कहा जाता है?
(अ) वीर नारायण सिंह
(ब) हनुमान सिंह
(स) ठाकुर प्यारेलाल
(द) पं. रविशंकर शुक्ल
उत्तर: (ब) हनुमान सिंह (सिडवेल की हत्या करने वाले)
15. छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक कौन माने जाते हैं?
(अ) पं. माधवराव सप्रे
(ब) पं. सुंदरलाल शर्मा
(स) पं. रविशंकर शुक्ल
(द) पं. लोचन प्रसाद पांडेय
उत्तर: (अ) पं. माधवराव सप्रे (‘छत्तीसगढ़ मित्र’ और ‘हिंदी केसरी’ के संपादक)
16. ‘रायपुर षड्यंत्र केस’ (सूरबंधु केस) में मुख्य क्रांतिकारी कौन थे?
(अ) परसराम सोनी
(ब) सुधीर मुखर्जी
(स) दोनों अ और ब
(द) वीर नारायण सिंह
उत्तर: (स) दोनों अ और ब
17. महात्मा गांधी ने छत्तीसगढ़ में ‘जंगल सत्याग्रह’ के दौरान किस स्थान का दौरा किया?
(अ) कंडेल (धमतरी)
(ब) सोनाखान
(स) बस्तर
(द) सरगुजा
उत्तर: (अ) कंडेल (धमतरी) (1920 में)
18. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी को किस नाम से जाना जाता है?
(अ) साहित्य साधक
(ब) छत्तीसगढ़ केसरी
(स) पं. जी
(द) महामहोपाध्याय
उत्तर: (ब) छत्तीसगढ़ केसरी
19. प्रसिद्ध ‘रुद्रशिव’ प्रतिमा किस स्थान से प्राप्त हुई है?
(अ) ताला (बिलासपुर)
(ब) सिरपुर
(स) भोरमदेव
(द) रतनपुर
उत्तर: (अ) ताला (बिलासपुर)
20. भारत छोड़ो आंदोलन में छत्तीसगढ़ से किसने सक्रिय भाग लिया?
(अ) पं. रविशंकर शुक्ल
(ब) ठाकुर प्यारेलाल सिंह
(स) पं. सुंदरलाल शर्मा
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर: (द) उपरोक्त सभी
📖 भाग – 2: विस्तृत कोचिंग नोट्स (Detailed Notes)
🔹 1. छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास और नामकरण
- भौगोलिक स्थिति: भारत के हृदय में स्थित मध्यप्रदेश से लगा हुआ दक्षिण-पूर्व का भू-भाग छत्तीसगढ़ कहलाता है।
- प्राचीन नाम: दक्षिण कोसल, महाकोसल, महाकांतार, दंडकारण्य, मेकल आदि।
- नामकरण: कल्युरी काल के राजाओं के समय में इसे ‘छत्तीसगढ़’ नाम मिला। रतनपुर राज्य में 18 गढ़ और रायपुर राज्य में 18 गढ़ थे, जिन्हें मिलाकर 36 गढ़ होते थे। महानदी और शिवनाथ नदी इसकी सीमा रेखा थी।
- आदि मानव सभ्यता: रायगढ़ के पास सिंघनपुर, काबरा पहाड़ी, दुर्ग क्षेत्र का चितवाड़ोंगरी में शैल चित्र (Rock Paintings) मिले हैं। बालोद-धमतरी मार्ग पर सोरर, मुजगहन, करकाभाट आदि स्थानों पर शव स्थल (पाषाण स्तंभ) मिले हैं।
- राजिम: महानदी, पैरी और सोंढूर के संगम पर स्थित होने के कारण इसे ‘छत्तीसगढ़ का प्रयाग तीर्थ’ कहा जाता है।
🔹 2. प्रमुख ऐतिहासिक स्थल और पुरावशेष
- सरगुजा: यहाँ दुनिया की एक प्राचीनतम नाट्यशाला है। माना जाता है कि महाकवि कालिदास ने यहाँ ‘मेघदूत’ की रचना की थी।
- सिरपुर: ईंट से बना हुआ लक्ष्मण मंदिर प्रसिद्ध है। यहाँ बौद्ध और जैन धर्म के अवशेष भी मिले हैं।
- ताला (बिलासपुर): यहाँ से सुप्रसिद्ध रुद्रशिव प्रतिमा प्राप्त हुई है।
- अन्य प्रसिद्ध मंदिर: रामगिरी, सीताबेंगरा, भीमखोज (रामायण-महाभारत काल से संबंधित), राजीव लोचन मंदिर (राजिम), दंतेश्वरी मंदिर (दंतेवाड़ा), भोरमदेव का शिव मंदिर (कबीरधाम), गणेश मंदिर (बारसूर, बस्तर)।
🔹 3. छत्तीसगढ़ के राजवंश (Dynasties)
- कल्युरी (हैहयवंशी) राजवंश: लगभग 10वीं शताब्दी के अंत से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रतनपुर से शासन किया।
- मराठा काल: 1741 ई. में नागपुर के भोसले परिवार के राजकुमार बिंबाजी भोसले ने रतनपुर से छत्तीसगढ़ का प्रशासन चलाया।
- अंग्रेजी शासन: राजा रघुजी तृतीय की मृत्यु के बाद 1854 से 1947 ई. तक अंग्रेजी शासन रहा। यहाँ 14 सामंती राज्य और कई जमींदारियाँ थीं।
🔹 4. सामाजिक-धार्मिक जागरण और सुधारक
- गुरु घासीदास: 18 दिसंबर 1756 को गिरौदपुरी (बलौदाबाजार) में जन्म। उन्होंने ‘सतनाम पंथ’ की स्थापना की। उन्होंने जाति-पाति के भेदभाव, अंधविश्वास और मूर्ति पूजा का विरोध किया। उन्होंने सत्य को ही ईश्वर का रूप माना।
- पं. सुंदरलाल शर्मा: उन्होंने समाज के पिछड़े वर्ग, किसानों और मजदूरों के हित में काम किया। महात्मा गांधी ने उनके कार्यों की सराहना की थी।
- कबीर पंथ: छत्तीसगढ़ के समाज में कबीर पंथ का भी व्यापक प्रभाव पड़ा।
🔹 5. 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ का योगदान
- वीर नारायण सिंह (सोनाखान के जमींदार): 1856 में भयंकर अकाल पड़ा। उन्होंने व्यापारी का अनाज जनता में बाँट दिया, जिससे अंग्रेजों ने उन्हें जेल में डाल दिया। 1857 में जेल से भागकर उन्होंने 500 किसानों की सेना बनाई। 1 दिसंबर 1857 को युद्ध हुआ, लेकिन देवरी के जमींदार की मदद से अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और 10 दिसंबर 1857 को रायपुर में फाँसी दे दी।
- हनुमान सिंह (छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे): रायपुर फौजी छावनी में सैनिक थे। उन्होंने 18 जनवरी 1858 को अंग्रेज अधिकारी सिडवेल की हत्या कर दी। अंग्रेजों ने 22 जनवरी 1858 को हनुमान सिंह के 17 साथियों को सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी। इन शहीदों में सभी जाति और धर्म के लोग शामिल थे (गाजी खां, शिवनारायण, अब्दुल हक, पन्नालाल आदि)।
🔹 6. छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आंदोलन
- जंगल सत्याग्रह: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में सबसे प्रभावी ‘जंगल सत्याग्रह’ रहा। ब्रिटिश सरकार ने जंगलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, जबकि वनवासियों का जंगलों पर पुस्तैनी अधिकार था। दुर्ग जिले का मोहबना, रुद्री-नवागाँव (धमतरी), तमोरा गाँव (महासमुंद) आदि स्थानों पर यह आंदोलन हुआ।
- गांधी जी का आगमन (1920): गांधी जी 20 दिसंबर 1920 को छत्तीसगढ़ आए। उन्होंने धमतरी के कंडेल गाँव में सत्याग्रह किया (नहर कर के विरोध में)। धमतरी के मकई चौक में उनका भव्य स्वागत हुआ।
- पं. रविशंकर शुक्ल: उन्होंने द्वितीय अवज्ञा आंदोलन (1932) की अध्यक्षता की और 1937 में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।
- रायपुर षड्यंत्र केस (सूरबंधु केस): भारत छोड़ो आंदोलन से पहले परसराम सोनी, सुधीर मुखर्जी, मंगल मिस्त्री आदि युवकों ने बम बनाकर सशस्त्र क्रांति का प्रयास किया, लेकिन पकड़े गए। इसमें 15 अभियुक्त और 71 गवाह थे।
🔹 7. छत्तीसगढ़ के साहित्य और संस्कृति
- पं. माधवराव सप्रे: छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक। 1900 में पत्रकारिता शुरू की। ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ (पेंड्रा से प्रकाशित पहला समाचार पत्र), ‘हिंदी केसरी’ आदि निकाले।
- अन्य प्रमुख साहित्यकार: पं. गोपाल मिश्र, पं. माखन मिश्र, कवि खांडेराव, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी, महामहोपाध्याय हीरालाल, पं. लोचन प्रसाद पांडेय, पं. मुकुटधर पांडेय, पं. बाल शास्त्री झा आदि।
- राजनीतिक चेतना जगाने वाले: पं. रविशंकर शुक्ल, वामनराव लाखे, पं. नारायण राव मेघावाले, ठाकुर च्यारेलाल सिंह, बैरिस्टर छेदीलाल, डॉ. खूबचंद बघेल, श्रीमती मिनी माता आदि।
📅 भाग – 3: महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 1756 (18 दिसंबर) | गुरु घासीदास का जन्म (गिरौदपुरी) |
| 1741 ई. | छत्तीसगढ़ में मराठों का प्रभाव बढ़ा |
| 1854 ई. | छत्तीसगढ़ में अंग्रेजी शासन की शुरुआत |
| 1856 ई. | सोनाखान में भयंकर अकाल |
| 10 दिसंबर 1857 | वीर नारायण सिंह को फाँसी |
| 18 जनवरी 1858 | हनुमान सिंह द्वारा सिडवेल की हत्या |
| 22 जनवरी 1858 | हनुमान सिंह के 17 साथियों को फाँसी |
| 1900 ई. | पं. माधवराव सप्रे द्वारा पत्रकारिता की शुरुआत |
| 20 दिसंबर 1920 | महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ आगमन (कंडेल सत्याग्रह) |
⚡ भाग – 4: One-Liners (परीक्षा के लिए अति-महत्वपूर्ण)
- छत्तीसगढ़ का प्रयाग तीर्थ: राजिम
- छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीन नाट्यशाला: सरगुजा (रामगढ़)
- सिरपुर का प्रसिद्ध मंदिर: लक्ष्मण मंदिर
- रुद्रशिव प्रतिमा कहाँ से मिली: ताला (बिलासपुर)
- सतनाम पंथ के संस्थापक: गुरु घासीदास
- छत्तीसगढ़ के मंगल पांडे: हनुमान सिंह
- सोनाखान के जमींदार: वीर नारायण सिंह
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक: पं. माधवराव सप्रे
- जंगल सत्याग्रह किस आंदोलन से जुड़ा है: सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930)
- गांधी जी ने छत्तीसगढ़ में कहाँ सत्याग्रह किया: कंडेल (धमतरी)
- छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी (जनजातीय): दयाबती (तमोरा गाँव की)
- रायपुर षड्यंत्र केस का दूसरा नाम: सूरबंधु केस
✍️ भाग – 5: विस्तृत प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)
प्रश्न 1. छत्तीसगढ़ में 1857 की क्रांति में वीर नारायण सिंह और हनुमान सिंह के योगदान पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
- वीर नारायण सिंह: वे सोनाखान (बलौदाबाजार) के जमींदार थे। 1856 के भयंकर अकाल में उन्होंने एक व्यापारी के गोदाम से अनाज लेकर जनता को बाँट दिया। इससे अंग्रेजों ने उन्हें जेल में डाल दिया। 1857 में जेल से भागकर उन्होंने 500 किसानों की सेना बनाई और अंग्रेजों से युद्ध किया। देवरी के जमींदार की मदद से अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और 10 दिसंबर 1857 को रायपुर में फाँसी दे दी।
- हनुमान सिंह: रायपुर फौजी छावनी में मेग्जीन लश्कर में तैनात थे। उन्होंने 18 जनवरी 1858 को अंग्रेज अधिकारी सिडवेल की हत्या कर दी। अंग्रेजों ने उनके 17 साथियों (गाजी खां, शिवनारायण, अब्दुल हक आदि) को 22 जनवरी 1858 को फाँसी दे दी। इन शहीदों में हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल थे, जो राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
प्रश्न 2. महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ आगमन और कंडेल सत्याग्रह पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: महात्मा गांधी 20 दिसंबर 1920 को छत्तीसगढ़ (रायपुर) आए। उनका मुख्य उद्देश्य धमतरी जिले के कंडेल गाँव में हो रहे सत्याग्रह का नेतृत्व करना था।
- कारण: कंडेल के किसानों को सरकारी नहर के पानी के लिए भारी कर देना पड़ता था, जो उनकी आय के अनुपात में बहुत अधिक था।
- सत्याग्रह: गांधी जी के नेतृत्व में किसानों ने शांतिपूर्वक सत्याग्रह किया। अंततः सरकार को झुकना पड़ा और किसानों का लगान माफ कर दिया गया।
- स्वागत: धमतरी के मकई चौक में गांधी जी का भव्य स्वागत हुआ। रायपुर में महिलाओं ने तिलक स्वराज्य फंड के लिए अपने गहने दान किए।
प्रश्न 3. छत्तीसगढ़ के साहित्य और संस्कृति के विकास में पं. माधवराव सप्रे का क्या योगदान रहा?
उत्तर: पं. माधवराव सप्रे को छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का जनक कहा जाता है।
- उन्होंने 1900 ई. में पत्रकारिता शुरू की।
- छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ पेंड्रा से उनके द्वारा ही प्रकाशित होना शुरू हुआ।
- उन्होंने ‘हिंदी केसरी’ नामक साप्ताहिक समाचार पत्र भी निकाला।
- उनके लेखन और पत्रकारिता ने छत्तीसगढ़ की जनता में राष्ट्रीय चेतना और जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 4. छत्तीसगढ़ में जंगल सत्याग्रह क्या था?
उत्तर: 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में ‘जंगल सत्याग्रह’ सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी आंदोलन था।
- ब्रिटिश सरकार ने वनों के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे, जबकि वनवासियों और ग्रामीणों का जंगलों पर पुस्तैनी अधिकार था।
- ग्रामीणों और आदिवासियों ने जंगल कानून तोड़कर अपना अधिकार जताया। दुर्ग जिले का मोहबना, रुद्री-नवागाँव (धमतरी) और तमोरा गाँव (महासमुंद) इसके प्रमुख केंद्र थे।
- तमोरा गाँव में दयाबती नामक महिला के नेतृत्व में धारा 144 तोड़कर जंगल कानून भंग किया गया। इस आंदोलन में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
💡 कोचिंग टिप:
- छत्तीसगढ़ अध्ययन में गुरु घासीदास, वीर नारायण सिंह, हनुमान सिंह, पं. सुंदरलाल शर्मा, पं. माधवराव सप्रे, पं. रविशंकर शुक्ल के जीवन और योगदान को विस्तार से याद करें।
- राजिम, सिरपुर, भोरमदेव, चितवाड़ोंगरी जैसे स्थानों की भौगोलिक स्थिति और वहाँ मिले पुरावशेषों की जानकारी अवश्य रखें।
