अंग्रेजी शासन का भारतीय जनजीवन पर प्रभाव: परीक्षा नोट्स (कक्षा 8, इतिहास)
1. पृष्ठभूमि
- 1600 से 1757 ई. तक ईस्ट इण्डिया कम्पनी का उद्देश्य केवल व्यापार था।
- 1757 (प्लासी) के बाद कम्पनी राजनीतिक सत्ता बन गई।
- उस समय भू-राजस्व (भूमि कर) ही शासकों और अंग्रेजों की आय का मुख्य स्रोत था।
- अंग्रेजों ने तीन भू-राजस्व व्यवस्थाएँ लागू कीं: स्थायी बंदोबस्त (जमींदारी), रैयतवाड़ी, महलवाड़ी।
2. भू-राजस्व व्यवस्थाएँ (सबसे महत्वपूर्ण)
| बिंदु | स्थायी बंदोबस्त | रैयतवाड़ी | महलवाड़ी |
|---|---|---|---|
| लागू करने वाला | लॉर्ड कार्नवालिस | अंग्रेज सरकार (मद्रास में थॉमस मुनरो) | अंग्रेज सरकार |
| वर्ष | 1793 (बंगाल) | आरंभ में 30 वर्ष के लिए | 1833-43 |
| समझौता किससे | जमींदारों से | सीधे किसानों (रैयत) से | पूरे गाँव (महल) से |
| क्षेत्र | बंगाल, बिहार, उड़ीसा | बम्बई, मद्रास | पश्चिमी उ.प्र., पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ |
| मुख्य विशेषता | जमींदार जमीन के मालिक बने, लगान तय | खर्च निकालकर शेष का 50% राजस्व | कर देने की सामूहिक जिम्मेदारी |
स्थायी बंदोबस्त (विस्तार)
- राजस्व वसूली का अधिकार जमींदारों को दिया गया।
- जमींदार जमीन की खरीद-बिक्री कर सकते थे और लगान न देने पर किसान को बेदखल कर सकते थे।
- राजस्व न दे पाने पर जमींदार को हटाकर नया नियुक्त किया जाता था।
- कमी: कृषि की उपज घटने-बढ़ने का ध्यान नहीं रखा गया। लाभ जमींदारों को, सरकार और किसानों को नहीं।
रैयतवाड़ी
- रैयत = किसान। किसानों से सीधा समझौता।
- फसल और कीमत के घटने-बढ़ने का राजस्व से सम्बन्ध नहीं था।
- सीधे समझौते के बाद भी किसानों का शोषण कम नहीं हुआ।
छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व
- पूरा छत्तीसगढ़ कई परगनों में बाँटा गया और कमाविसदार नियुक्त हुए।
- राजस्व वसूली के लिए अमीर, पण्डया और राजस्व अधिकारी थे।
- मराठा काल का पटेल पद समाप्त कर गौटिया पद बनाया गया।
- गौटिया वर्ष में तीन किश्तों में लगान वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करता था।
- लगान किसान की कुल जमीन के आधार पर तय होता था।
3. किसानों की दयनीय दशा के कारण
- राजस्व कर बहुत भारी और अनिवार्य था।
- कारिंदे अन्यायपूर्वक वसूली करते थे, अकाल में भी कर देना पड़ता था।
- कर चुकाने के लिए साहूकारों से ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था।
- कर्ज न चुकाने पर जमीन साहूकार हड़प लेते थे।
4. उद्योग-धंधों और दस्तकारी का पतन
दस्तकारी/शिल्प: कपड़े बुनना, जूते बनाना, मिट्टी के बर्तन, लोहे के औजार, बाँस की वस्तुएँ, दोना-पत्तल, भवनों और मंदिरों में नक्काशी।
पतन के कारण:
- कच्चे माल की कमी: अंग्रेज कच्चा माल इंग्लैंड ले जाते थे।
- पूँजी की कमी: भारतीय उद्योगपतियों के पास धन कम था।
- प्रतिस्पर्धा: अंग्रेजों का मशीन-निर्मित माल सस्ता और आकर्षक था।
- तकनीकी अभाव: भारतीय उद्योग परंपरागत ढंग से चलते थे, लागत अधिक आती थी।
- परिवहन और प्रबंधन की कमी।
- इंग्लैंड से आने वाले माल पर तटकर और चुंगी कर माफ़ कर दिए गए।
परिणाम: कारीगर बेरोजगार हुए, बस्तियाँ उजड़ीं। ढाका (भारत का मैनचेस्टर) नष्ट हुआ। मुर्शिदाबाद और सूरत के उद्योग बंद हुए।
5. वन क्षेत्रों पर प्रभाव
- वन क्षेत्रों में मिलें और कारखाने लगाए गए।
- कीमती लकड़ियों की अंधाधुंध कटाई हुई और इंग्लैंड भेजी गई।
- वन क्षेत्र घटने लगे। उद्देश्य अधिकाधिक मुनाफा था।
6. संचार और परिवहन
- व्यापार विस्तार के लिए सड़कों और रेलों का विस्तार हुआ।
- 1853: पहली रेलगाड़ी बम्बई से थाणे (डलहौजी के प्रयासों से)।
- 1853: टेलीग्राम की शुरुआत; डाक व्यवस्था में सुधार।
- महानगरों और व्यापारिक नगरों को बन्दरगाहों से जोड़ा गया (मद्रास, कलकत्ता)।
- प्रभाव: लोग निकट आए, एकता और राष्ट्रीयता बढ़ी (यद्यपि अंग्रेजों का उद्देश्य स्वार्थ था)।
7. नई शिक्षा व्यवस्था
- मैकाले की शिक्षा नीति (1835), 1833 के चार्टर एक्ट के आधार पर। अंग्रेजी शिक्षा का माध्यम बनी।
- अंग्रेजों का उद्देश्य भारतीय मानसिकता को शासन के पक्ष में करना था।
प्रभाव:
- शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
- नए विचार और अंग्रेजी साहित्य से परिचय।
- राष्ट्रीयता की भावना प्रबल हुई।
- सामाजिक सुधार आंदोलन हुए, अंधविश्वास-रूढ़ियों का विरोध।
- स्वतंत्रता, समानता, लोकतंत्र के विचार आए।
राजा राममोहन राय ने समर्थन क्यों किया? उनका मानना था कि इससे भारतीय ज्ञान-विज्ञान, स्वतंत्रता, समानता, जनतंत्र और राष्ट्रीय आंदोलनों को मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा: 1864 रायपुर में मीडिल स्कूल; 1882 राजकुमार कॉलेज; 1938 छत्तीसगढ़ महाविद्यालय।
8. प्रेस (समाचार पत्र)
- समाचार पत्रों ने सरकार की गलत नीतियों को उजागर किया और जनमत तैयार किया।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) वायसराय लिटन ने पारित किया। इसमें समाचार छापने से पहले सरकारी मंजूरी और सरकार-विरोधी समाचारों पर कार्यवाही का प्रावधान था।
- प्रमुख समाचार पत्र: द हिन्दू, द इंडियन मिरर, अमृत बाजार पत्रिका, केसरी, मराठा, स्वदेश मित्रन, प्रभाकर, इन्दु प्रकाश।
- पं. माधवराव सप्रे को छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता का जनक माना जाता है।
- छत्तीसगढ़ मित्र (पेंड्रा): छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र। प्रजाहितैषी: पहला शासकीय समाचार पत्र।
9. अभ्यास के उत्तर
रिक्त स्थान: (1) भू-राजस्व (2) कार्नवालिस (3) अंग्रेजों की (पाठ में “कार्नवालिस” छपा है, पर यह मुनरो/अंग्रेजों की नीति थी) (4) महलवाड़ी (5) गौटिया
मिलान (पाठ के उत्तर के अनुसार):
| भारत का मैनचेस्टर | ढाका (घ) |
| वस्त्र उद्योग | सूरत (ग) |
| जहाज निर्माण | मछलीपट्टनम (ख) |
| फोर्ट विलियम कॉलेज | कलकत्ता (क) |
भारत के चार समाचार पत्र: द हिन्दू, अमृत बाजार पत्रिका, द इंडियन मिरर, इन्दु प्रकाश।
छत्तीसगढ़ के समाचार पत्र: छत्तीसगढ़ मित्र, प्रजाहितैषी, महाकौशल, आजकल।
प्रमुख बन्दरगाह: मद्रास, कोलकाता।
10. MCQ उत्तर कुंजी
20 MCQ (Multiple Choice Questions) “अंग्रेजी शासन का भारतीय जनजीवन पर प्रभाव”
यहां कुछ MCQ (Multiple Choice Questions) दिए गए हैं, जो “अंग्रेजी शासन का भारतीय जनजीवन पर प्रभाव” के विषय पर आधारित हैं:
- अंग्रेजी शासन में भूमि कर का मुख्य स्रोत क्या था?
A) उत्पाद कर
B) जमींदारी व्यवस्था
C) व्यापार कर
D) भू-राजस्व - स्थायी बन्दोवस्त व्यवस्था को किसने लागू किया?
A) लॉर्ड डलहौजी
B) लॉर्ड कार्नवालिस
C) लार्ड कर्जन
D) रेजिनाल्ड हैरी - रैय्यतवाड़ी व्यवस्था किसकी राजस्व नीति थी?
A) अंग्रेजों की
B) मौर्य साम्राज्य की
C) मुग़ल साम्राज्य की
D) मराठा साम्राज्य की - महलवाड़ी व्यवस्था का उद्देश्य क्या था?
A) किसानों से कर वसूलना
B) पूरे गाँव से सामूहिक रूप से कर वसूलना
C) व्यापारियों से कर वसूलना
D) जमींदारों से कर वसूलना - छत्तीसगढ़ के गाँवों में लगान वसूली हेतु कौन सा पद सृजित किया गया था?
A) पंढ़ी
B) गौटिया
C) पटेल
D) अमीन - अंग्रेजी शासन में भारतीय हस्तकला पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) समृद्धि बढ़ी
B) पूरी तरह नष्ट होने लगी
C) वर्धित हुई
D) कोई प्रभाव नहीं पड़ा - सन् 1864 में रायपुर में क्या खोला गया था?
A) कॉलेज
B) मीडिल स्कूल
C) विश्वविद्यालय
D) पुस्तकालय - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट कब पारित हुआ था?
A) 1887
B) 1900
C) 1864
D) 1920 - छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र कौन सा था?
A) छत्तीसगढ़ मित्र
B) रायपुर टाइम्स
C) छत्तीसगढ़ समाचार
D) भारतीय मित्र - किसने भारतीय दस्तकारी और शिल्प कला पर अंग्रेजों की नीति के प्रभाव का विरोध किया?
A) महात्मा गांधी
B) पं. नेहरू
C) सुभाष चंद्र बोस
D) राजा राममोहन राय - स्थाई बन्दोवस्त व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
A) भूमि का निजीकरण करना
B) जमींदारों को अधिकार देना
C) राजस्व वसूली की स्थिरता सुनिश्चित करना
D) किसानों के कल्याण के लिए कार्य करना - “किसी भी शासक के लिए ________ आमदनी का प्रमुख स्रोत था।”
A) व्यापार
B) भूमि राजस्व
C) सैन्य राजस्व
D) कर वसूली - महलवाड़ी व्यवस्था किस क्षेत्रों में लागू की गई थी?
A) पंजाब और मध्यप्रदेश
B) बंगाल और बिहार
C) कश्मीर और राजस्थान
D) उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड - किसने 1793 में स्थाई बन्दोवस्त लागू किया था?
A) लार्ड कार्नवालिस
B) लार्ड डलहौजी
C) लार्ड कर्जन
D) रेजिनाल्ड हैरी - छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की स्थापना कब हुई थी?
A) 1882
B) 1900
C) 1938
D) 1947 - अंग्रेजों की नीति के कारण भारतीय दस्तकारी और शिल्पकला का क्या हुआ?
A) यह और समृद्ध हुई
B) यह पूरी तरह नष्ट हो गई
C) इसमें सुधार हुआ
D) यह अन्य देशों में फैल गई - अंग्रेजों ने भारत में किस वर्ष रेल सेवा की शुरुआत की?
A) 1853
B) 1860
C) 1900
D) 1920 - भारतीय औद्योगिक क्रांति के मुख्य कारण में से कौन सा था?
A) विदेशी पूंजी का निवेश
B) कृषि में सुधार
C) कच्चे माल की कमी
D) ब्रिटिश शासन का औद्योगिक नीति - राजस्व वसूली के लिए ब्रिटिश सरकार ने किसे प्रमुख बनाया?
A) किसान
B) जमींदार
C) व्यापारी
D) राजकीय अधिकारी - “अंग्रेजों की नीतियों का भारतीय दस्तकारी और शिल्पकला पर क्या प्रभाव पड़ा?”
A) उद्योगों में वृद्धि हुई
B) दस्तकारी और शिल्पकला नष्ट हो गई
C) नया उद्योग स्थापित हुआ
D) शिल्पकला में सुधार हुआ
| प्र. | उ. | प्र. | उ. |
|---|---|---|---|
| 1 | D भू-राजस्व | 11 | C राजस्व वसूली की स्थिरता |
| 2 | B कार्नवालिस | 12 | B भूमि राजस्व |
| 3 | A अंग्रेजों की | 13 | A पंजाब और मध्यप्रदेश |
| 4 | B सामूहिक कर वसूली | 14 | A कार्नवालिस |
| 5 | B गौटिया | 15 | C 1938 |
| 6 | B नष्ट होने लगी | 16 | B पूरी तरह नष्ट हो गई |
| 7 | B मीडिल स्कूल | 17 | A 1853 |
| 8 | A 1887* | 18 | D ब्रिटिश औद्योगिक नीति** |
| 9 | A छत्तीसगढ़ मित्र | 19 | B जमींदार |
| 10 | D राजा राममोहन राय** | 20 | B नष्ट हो गई |
11. याद रखने की तरकीबें
- ज-र-म: जमींदारी (कार्नवालिस, 1793), रैयतवाड़ी (किसान से सीधे), महलवाड़ी (गाँव से सामूहिक)।
- रैयत = किसान; महल = पूरा गाँव; गौटिया = छत्तीसगढ़ का लगान वसूलने वाला।
- 1853 = रेल + तार।
- सप्रे = पत्रकारिता के जनक; छत्तीसगढ़ मित्र = पहला अखबार।
12. संभावित परीक्षा प्रश्न
- स्थायी बंदोबस्त क्या था? किसने लागू किया? इसकी कमी बताइए।
- रैयतवाड़ी और महलवाड़ी व्यवस्था में अंतर लिखिए।
- छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व व्यवस्था पर टिप्पणी लिखिए।
- भारतीय किसानों की दशा दयनीय क्यों हो गई?
- भारत के प्राचीन उद्योग-धंधे क्यों बंद हुए? (कोई चार कारण)
- अंग्रेजी शिक्षा का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
- संचार और परिवहन में क्या परिवर्तन आए?
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट क्या था?
- वन क्षेत्रों पर अंग्रेजी नीतियों का क्या प्रभाव पड़ा?
