अद्भुत रस
अद्भुत रस आलंबन विस्मयकारी घटनाएं , वस्तुओं , व्यक्तियों तथा उनके कार्य व्यापार। उद्दीपन उनके अन्यान्य अद्भुत व्यापार या घटनाएं , […]
अद्भुत रस आलंबन विस्मयकारी घटनाएं , वस्तुओं , व्यक्तियों तथा उनके कार्य व्यापार। उद्दीपन उनके अन्यान्य अद्भुत व्यापार या घटनाएं , […]
कबीर : कबीर ग्रंथावली (आरंभिक 100 पद) सं. श्याम सुन्दर दास गुरुदेव को अंग सतगुर सवाँन को सगा, सोधी सईं
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कला और साहित्य के संदर्भ में प्लेटो की मान्यताएँ: अनुकृति (अनुकरण) के संदर्भ में प्लेटो की मान्यताएँ: कवि और कविता
भूल गलती : मुक्तिबोध का वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1. मुक्तिबोध को उबड़खाबड़ व्यक्तित्व का किसने माना है:१. प्रभाकर माचवे२. अशोक बाजपेयी✔३.
आधुनिक हिंदी गद्य का 1850 से विकास। नामकरण, रामप्रसाद निरंजनी, फोर्ट विलियम कॉलेज के लेखक (लल्लू लाल, सदल मिश्र), राजा
सुभद्रा कुमारी चौहान हिंदी साहित्य की सुप्रसिद्ध कवयित्री, कथाकार और स्वाधीनता संग्राम की साहसी सेनानी थीं। वे राष्ट्रीय चेतना की
मजदूरी और प्रेम -सरदार पूर्ण सिंह हल चलाने वाले का जीवन हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्रायः स्वभाव से
त्रिलोचन शास्त्री : प्रगतिशील त्रयी के सॉनेट-साधक कवि जन्म: 20 अगस्त 1917, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)मृत्यु: 9 दिसम्बर 2007, गाज़ियाबाद (उत्तर
अंधेरे में कविता व्याख्या ज़िन्दगी के…कमरों में अँधेरेलगाता है चक्करकोई एक लगातार; आवाज़ पैरों की देती है सुनाई बार-बार….बार-बार, वह नहीं दीखता…
अंधेरे में कविता व्याख्या – गजानन माधव मुक्तिबोध Read Post »
पृथ्वीराज रासो हिन्दी भाषा में लिखा एक महाकाव्य है जिसमें पृथ्वीराज चौहान के जीवन और चरित्र का वर्णन किया गया है। इसके रचयिता चंद बरदाई पृथ्वीराज के बचपन के मित्र और उनके राजकवि थे और उनकी युद्ध यात्राओं के समय वीर रस की कविताओं से सेना को प्रोत्साहित भी करते थे। ११६५ से ११९२ के बीच जब पृथ्वीराज चौहान का राज्य अजमेर से दिल्ली तक फैला हुआ था।