मूल्यांकन के प्रकार (Types of Evaluation)
शिक्षा के क्षेत्र में मूल्यांकन को उसकी उद्देश्य, समय, और उपयोगिता के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बाँटा गया है।
🔹 1. प्रारूपिक मूल्यांकन (Formative Evaluation)
अर्थ:
यह मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान किया जाता है।
उद्देश्य:
छात्रों की अधिगम प्रगति की निरंतर निगरानी करना और शिक्षण में आवश्यक सुधार करना।
विशेषताएँ:
- निरंतर और सतत प्रक्रिया (Continuous and Comprehensive)।
- फीडबैक (Feedback) देने पर बल।
- शिक्षक को यह समझने में मदद करता है कि कौन-सा छात्र कहाँ कठिनाई अनुभव कर रहा है।
उदाहरण:
कक्षा में क्विज़, मौखिक प्रश्न, गृहकार्य, प्रोजेक्ट वर्क, दैनिक निरीक्षण आदि।
शैक्षिक निहितार्थ:
यह छात्रों में आत्म-मूल्यांकन (Self-assessment) और सुधार की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करता है।
🔹 2. योगात्मक मूल्यांकन (Summative Evaluation)
अर्थ:
यह मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के अंत में किया जाता है।
उद्देश्य:
सीखने का प्रमाण प्रदान करना, ग्रेड या रैंक देना, तथा यह निर्धारित करना कि छात्र को अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाए या नहीं।
विशेषताएँ:
- परिणाम-उन्मुख (Result-oriented) होता है।
- सामान्यतः अंक या ग्रेड के रूप में रिपोर्ट किया जाता है।
- शिक्षण कार्यक्रम की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करता है।
उदाहरण:
वार्षिक परीक्षा, अर्धवार्षिक परीक्षा, इकाई परीक्षण (Unit Test)।
🔹 3. निदानात्मक मूल्यांकन (Diagnostic Evaluation)
अर्थ:
यह मूल्यांकन छात्रों की अधिगम कठिनाइयों (Learning Difficulties) की पहचान करने के लिए किया जाता है।
उद्देश्य:
यह जानना कि छात्र किन अवधारणाओं या कौशलों में कठिनाई का सामना कर रहा है।
विशेषताएँ:
- विश्लेषणात्मक और समस्या-उन्मुख।
- उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) से जुड़ा हुआ।
उदाहरण:
विशेष परीक्षण (Diagnostic Tests), त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis), व्यक्तिगत साक्षात्कार।
शैक्षिक निहितार्थ:
शिक्षक को प्रत्येक छात्र की अधिगम आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण पद्धति बदलने में सहायता करता है।
🔹 4. निवारक मूल्यांकन (Placement Evaluation)
अर्थ:
यह मूल्यांकन किसी पाठ्यक्रम या कार्यक्रम की शुरुआत में किया जाता है।
उद्देश्य:
यह निर्धारित करना कि छात्र की प्रारंभिक योग्यता (Entry Behavior) उस पाठ्यक्रम के लिए उपयुक्त है या नहीं।
उदाहरण:
प्रवेश परीक्षा (Entrance Test), पूर्वज्ञान परीक्षण (Pre-test), Aptitude Test आदि।
शैक्षिक निहितार्थ:
इससे छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार उपयुक्त कक्षा, विषय या स्तर पर रखा जा सकता है।
🔹 5. प्रामाणिक मूल्यांकन (Authentic Evaluation)
अर्थ:
यह मूल्यांकन छात्रों की वास्तविक जीवन स्थितियों में प्रदर्शन को मापता है।
उद्देश्य:
छात्र की व्यावहारिक योग्यता और समस्या-समाधान क्षमता को आँकना।
उदाहरण:
प्रोजेक्ट, प्रस्तुति (Presentation), केस स्टडी, पोर्टफोलियो।
शैक्षिक निहितार्थ:
यह छात्रों को रटने की बजाय सोचने, विश्लेषण करने और प्रयोग करने की ओर प्रेरित करता है।
🟩 संक्षेप में (In Summary):
| प्रकार | समय | उद्देश्य | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| प्रारूपिक | शिक्षण के दौरान | निरंतर सुधार | क्विज़, गृहकार्य |
| योगात्मक | शिक्षण के अंत में | ग्रेड या रैंक देना | वार्षिक परीक्षा |
| निदानात्मक | कठिनाई की पहचान हेतु | उपचारात्मक शिक्षण | Diagnostic Test |
| निवारक | पाठ्यक्रम के आरंभ में | उपयुक्त स्तर निर्धारण | Pre-test |
| प्रामाणिक | वास्तविक जीवन स्थितियों में | व्यावहारिक कौशल मापन | प्रोजेक्ट, केस स्टडी |
MCQs
1. किसी मूल्यांकन उपकरण की वह विशेषता जिससे वह हर बार समान परिणाम दे, कहलाती है —
(A) वैधता (Validity)
(B) विश्वसनीयता (Reliability)
(C) वस्तुनिष्ठता (Objectivity)
(D) व्यावहारिकता (Usability)
उत्तर
✅ उत्तर: (B) विश्वसनीयता (Reliability)
व्याख्या: यदि एक ही उपकरण को बार-बार प्रयोग करने पर समान परिणाम मिलते हैं, तो वह विश्वसनीय कहलाता है।
2. मूल्यांकन उपकरण की वैधता (Validity) का अर्थ है —
(A) वह जो सही तरीके से मापे जो मापना चाहता है
(B) उपकरण का आसान होना
(C) परिणामों का स्थिर होना
(D) शिक्षक का निष्पक्ष होना
उत्तर
✅ उत्तर: (A) वह जो सही तरीके से मापे जो मापना चाहता है
व्याख्या: वैधता का संबंध मापन की सटीकता से होता है — यानी उपकरण वास्तव में वही मापे जिसके लिए बनाया गया है।
3. जब मूल्यांकन में व्यक्तिगत पूर्वाग्रह या भावना का प्रभाव नहीं होता, तो उसे क्या कहा जाता है?
(A) वैधता
(B) वस्तुनिष्ठता
(C) विश्वसनीयता
(D) व्यावहारिकता
उत्तर
✅ उत्तर: (B) वस्तुनिष्ठता
व्याख्या: वस्तुनिष्ठता मूल्यांकन में निष्पक्षता को दर्शाती है, जिसमें शिक्षक का निजी मत या भावनाएँ परिणाम को प्रभावित नहीं करतीं।
4. व्यावहारिकता (Usability) का संबंध किससे है?
(A) उपकरण की लंबाई से
(B) उपकरण के प्रयोग की सरलता और लागत से
(C) उपकरण की भाषा से
(D) परिणामों की सटीकता से
उत्तर
✅ उत्तर: (B) उपकरण के प्रयोग की सरलता और लागत से
व्याख्या: व्यावहारिकता का अर्थ है कि मूल्यांकन उपकरण उपयोग में सरल, सस्ता और समय-कुशल हो।
5. निम्न में से कौन-सा एक अच्छे मूल्यांकन उपकरण की विशेषता नहीं है?
(A) विश्वसनीयता
(B) वैधता
(C) जटिलता
(D) वस्तुनिष्ठता
उत्तर
✅ उत्तर: (C) जटिलता
व्याख्या: अच्छा मूल्यांकन उपकरण सरल और स्पष्ट होना चाहिए, जटिल नहीं।
6. यदि एक प्रश्न-पत्र हर बार समान परिस्थितियों में समान अंक देता है, तो उसमें कौन-सी विशेषता पाई जाती है?
(A) वस्तुनिष्ठता
(B) विश्वसनीयता
(C) वैधता
(D) व्यावहारिकता
उत्तर
✅ उत्तर: (B) विश्वसनीयता
व्याख्या: समान परिणामों का पुनरुत्पादन विश्वसनीयता का प्रतीक है।
7. वैधता और विश्वसनीयता में क्या संबंध है?
(A) दोनों समान हैं
(B) विश्वसनीयता वैधता से अधिक महत्वपूर्ण है
(C) वैधता के लिए विश्वसनीयता आवश्यक है
(D) दोनों का कोई संबंध नहीं है
उत्तर
✅ उत्तर: (C) वैधता के लिए विश्वसनीयता आवश्यक है
व्याख्या: यदि उपकरण विश्वसनीय नहीं है, तो वह वैध भी नहीं हो सकता।
8. अच्छा मूल्यांकन उपकरण कैसा होना चाहिए?
(A) महँगा और जटिल
(B) सरल, सटीक और उपयोगी
(C) शिक्षक पर निर्भर
(D) केवल मौखिक
उत्तर
✅ उत्तर: (B) सरल, सटीक और उपयोगी
व्याख्या: अच्छे मूल्यांकन उपकरण में सभी गुण — विश्वसनीयता, वैधता, वस्तुनिष्ठता और व्यावहारिकता — होने चाहिए।
9. यदि एक मूल्यांकन उपकरण छात्रों की वास्तविक क्षमता को नहीं माप पा रहा है, तो उसमें कमी है —
(A) वैधता की
(B) विश्वसनीयता की
(C) व्यावहारिकता की
(D) वस्तुनिष्ठता की
उत्तर
✅ उत्तर: (A) वैधता की
व्याख्या: वैधता का संबंध सटीकता से होता है; यदि उपकरण वास्तविक क्षमता न मापे तो वह वैध नहीं है।
10. किसी मूल्यांकन उपकरण के उपयोग में समय, धन और प्रयास कम लगते हैं, यह दर्शाता है —
(A) वस्तुनिष्ठता
(B) विश्वसनीयता
(C) व्यावहारिकता
(D) वैधता
उत्तर
✅ उत्तर: (C) व्यावहारिकता
व्याख्या: व्यावहारिकता का तात्पर्य उपकरण की उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता से है।
