प्रेमचंद का साहित्यिक परिचय
मुंशी प्रेमचंद हिन्दी भाषा के मूर्धन्य कथाकार हैं, लगभग वैसे ही जैसे बंगला भाषा के शरतचंद्र है . यद्यपि दोनों […]
मुंशी प्रेमचंद हिन्दी भाषा के मूर्धन्य कथाकार हैं, लगभग वैसे ही जैसे बंगला भाषा के शरतचंद्र है . यद्यपि दोनों […]
इतिहास दर्शन एवं साहित्य का इतिहास दर्शन 1. इतिहास और साहित्य का संबंध साहित्य के इतिहास में हम प्राकृतिक घटनाओं
हिंदी साहित्य के उपन्यासकार व उनके उपन्यास की सूची यहाँ दिए जा रहे हैं – हिंदी साहित्य के उपन्यासकार उपन्यासकार
1. रीतिकाल का नामकरण रीतिकाल का नामकरण विवादास्पद है। विभिन्न विद्वानों ने अलग-अलग नाम दिए— विद्वान दिया गया नाम मिश्र
तुलसीदास की पंक्तियाँ कबीरदास की पंक्तियाँ मलिक मुहम्मद जायसी की पंक्तियाँ सूरदास की पंक्तियाँ रहीमदास की पंक्तियाँ सुरतिय, नरतिय, नागतिय,
1. भक्तिकाल : परिचय 2. भक्तिकाल के उदय के कारण रामचन्द्र शुक्ल का मत (बहुत महत्त्वपूर्ण) अन्य विचार 3. भक्ति
हिन्दी नवजागरण के अग्रदूत भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाम पर हिंदी साहित्य का भारतेन्दु युग का नामकरण किया गया है। हिंदी
‘दिव्या’ उपन्यास हिंदी साहित्य के मूर्धन्य रचनाकार यशपाल के श्रेष्ठ उपन्यासों में से एक है। यह मात्र एक कहानी नहीं,
‘दिव्या’ उपन्यास: यशपाल की ऐतिहासिक कल्पना और नारी संघर्ष का महाकाव्य Read Post »
श्री वल्लभाचार्यजी वैष्णव धर्म के प्रधान प्रवर्त्तकों में से थे। ये वेदशास्त्र में पारंगत धुरंधर विद्वान् थे। वल्लभाचार्य ने सगुण
श्री वल्लभाचार्य जी : सगुण धारा कृष्ण-भक्ति शाखा के कवि Read Post »
अच्छे पत्र की विशेषताएँ (1)प्रभावोत्पादकता :- किसी भी पत्र का प्रथम गुण हैं उसकी प्रभावोत्पादकता। जो पत्र अपने पाठक को प्रभावित