‘दिव्या’ उपन्यास: यशपाल की ऐतिहासिक कल्पना और नारी संघर्ष का महाकाव्यहिंदी साहित्यऐतिहासिक उपन्यास, काल्पनिक ऐतिहासिक कृति, दलित पीड़ित नारी, दिव्या, नारी संघर्ष, प्रेमचंदोत्तर युग, बौद्धकाल साहित्य, यशपाल, हिंदी साहित्य