विगोत्स्की के अनुसार स्कूल का वातावरण बच्चे के विकास में किस भूमिका निभाता है? A) केवल अनुशासन लागू करना B) सामाजिक अंतर्क्रिया और ZPD का विस्तार C) जैविक परिपक्वता बढ़ाना D) व्यक्तिगत खेल-कूद
उत्तर
उत्तर: B) सामाजिक अंतर्क्रिया और ZPD का विस्तार व्याख्या: स्कूल सामाजिक अंतर्क्रिया (शिक्षक-साथी) और सांस्कृतिक उपकरण (पाठ्यपुस्तक, भाषा) प्रदान कर ZPD को बढ़ाता है, जिससे संज्ञानात्मक विकास होता है।
बाल विकास की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि: स्कूल का वातावरण एवं शिक्षक (Socio-Cultural Context: School Environment & Teacher)
Details
1. स्कूल का वातावरण: अवलोकन
स्कूल बच्चे का दूसरा घर (Second Home) है, जहाँ माइक्रोसिस्टम (Bronfenbrenner) के बाद मेसोसिस्टम (परिवार-स्कूल संबंध) सक्रिय होता है। वातावरण में शामिल:
- भौतिक: कक्षा, खेल मैदान, लाइब्रेरी।
- सामाजिक: शिक्षक-साथी संबंध, नियम।
- सांस्कृतिक: पाठ्यक्रम, उत्सव, भाषा।
विशेषता: स्कूल बच्चे को सामाजीकरण (Socialization) सिखाता है – सहयोग, प्रतिस्पर्धा, नैतिकता।
2. स्कूल वातावरण का बाल विकास पर प्रभाव
| आयाम | सकारात्मक वातावरण | नकारात्मक वातावरण |
|---|---|---|
| संज्ञानात्मक | उत्तेजक कक्षा, गतिविधियाँ → भाषा, गणित विकास | भीड़भाड़, शोर → एकाग्रता में कमी |
| सामाजिक | समावेशी माहौल → मित्रता, नेतृत्व | धमकाना (Bullying) → अलगाव, चिंता |
| भावनात्मक | प्रोत्साहन, सुरक्षा → आत्मविश्वास | दबाव, दंड → तनाव, भय |
| सांस्कृतिक | बहुसांस्कृतिक शिक्षा → सहिष्णुता | एकरूपता → सांस्कृतिक दमन |
उदाहरण (भारत):
- RTE (2009): समावेशी शिक्षा → निम्न SES बच्चे भी स्कूल में।
- NCERT पाठ्यक्रम: भारतीय संस्कृति (योग, त्योहार) को शामिल कर सांस्कृतिक पहचान।
3. शिक्षक की भूमिका (Teacher as Facilitator)
विगोत्स्की: शिक्षक “More Knowledgeable Other” (MKO) है।
| भूमिका | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्कैफोल्डिंग (Scaffolding) | सहायता देकर ZPD में मदद | गणित समस्या: संकेत → स्वतंत्र हल |
| सामाजिक मध्यस्थ | साथियों के बीच सहयोग | समूह परियोजना में मार्गदर्शन |
| सांस्कृतिक संवाहक | भाषा, मूल्य सिखाना | हिंदी कविता से देशभक्ति |
| प्रेरक | आत्मविश्वास बढ़ाना | प्रशंसा, पुरस्कार |
प्रकार के शिक्षक:
- लोकतांत्रिक: बच्चे की राय → रचनात्मकता।
- सत्तावादी: नियम → अनुशासन, लेकिन रचनात्मकता कम।
4. स्कूल-शिक्षक का SES से संबंध
- उच्च SES स्कूल: प्रशिक्षित शिक्षक, डिजिटल बोर्ड → बेहतर ZPD।
- निम्न SES स्कूल: शिक्षक की कमी, संसाधन कम → असमान विकास। समाधान: शिक्षक प्रशिक्षण (DIKSHA ऐप), समावेशी नीतियाँ।
5. चुनौतियाँ एवं सुधार
| चुनौती | सुधार |
|---|---|
| भीड़भाड़ी कक्षाएँ | छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 |
| भाषाई बाधा (ग्रामीण) | मातृभाषा आधारित शिक्षा (NEP 2020) |
| डिजिटल डिवाइड | स्मार्ट क्लास, टैबलेट वितरण |
| शिक्षक तनाव | मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण |
NEP 2020 की भूमिका:
- 5+3+3+4 मॉडल → खेल-आधारित शिक्षा (3-8 वर्ष)।
- शिक्षक को “मेंटर” → निरंतर प्रशिक्षण (NISHTHA)।
6. निष्कर्ष
स्कूल का वातावरण और शिक्षक बच्चे के सामाजिक-सांस्कृतिक पूँजी (Cultural Capital) को बढ़ाते हैं। सकारात्मक माहौल + कुशल शिक्षक = समग्र विकास (Holistic Development)।
MCQ (अंत में – ५ प्रश्न):
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प्रश्न 1: स्कूल वातावरण ब्रोंफेनब्रेनर मॉडल में किस सिस्टम का हिस्सा है? A) माइक्रोसिस्टम B) एक्सोसिस्टम C) मैक्रोसिस्टम D) क्रोनोसिस्टम
उत्तर
उत्तर: A) माइक्रोसिस्टम
प्रश्न 2: शिक्षक द्वारा “स्कैफोल्डिंग” का अर्थ है: A) दंड देना B) अस्थायी सहायता देना C) होमवर्क देना D) परीक्षा लेना
उत्तर
उत्तर: B) अस्थायी सहायता देना
प्रश्न 3: निम्न SES स्कूल में सबसे बड़ी समस्या क्या है? A) अत्यधिक डिजिटल संसाधन B) शिक्षक और संसाधन की कमी C) कम छात्र D) उच्च अनुशासन
उत्तर
उत्तर: B) शिक्षक और संसाधन की कमी
प्रश्न 4: NEP 2020 में प्रारंभिक शिक्षा का आधार क्या है? A) रटंत शिक्षा B) खेल-आधारित शिक्षा C) केवल परीक्षा D) घरेलू शिक्षा
उत्तर
उत्तर: B) खेल-आधारित शिक्षा
प्रश्न 5: सकारात्मक स्कूल वातावरण से बच्चे में क्या बढ़ता है? A) भय और तनाव B) आत्मविश्वास और मित्रता C) अलगाव D) शारीरिक कमजोरी
उत्तर
उत्तर: B) आत्मविश्वास और मित्रता


