बाल विकास की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि: साथियों (Peer Group) का प्रभाव

बाल विकास में साथियों (Peer Group) का प्रभाव मुख्य रूप से किस आयु में सबसे मजबूत होता है? A) शैशवावस्था (0-2 वर्ष) B) किशोरावस्था (11-18 वर्ष) C) प्रारंभिक बाल्यावस्था (3-6 वर्ष) D) वयस्कता

उत्तर

उत्तर: B) किशोरावस्था (11-18 वर्ष) व्याख्या: किशोरावस्था में पहचान निर्माण (Identity Formation) और स्वतंत्रता की खोज के कारण साथियों का प्रभाव परिवार से अधिक हो जाता है (एरिक्सन और पियाजे के अनुसार)।


बाल विकास की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि: साथियों (Peer Group) का प्रभाव

Details

1. साथी समूह (Peer Group) की परिभाषा

साथी समूह समान आयु, रुचि, पृष्ठभूमि वाले बच्चों/किशोरों का अनौपचारिक समूह है, जो स्कूल, पड़ोस, खेलकूद या सोशल मीडिया पर बनता है।

  • विशेषताएँ: समानता, स्वैच्छिक सदस्यता, साझा गतिविधियाँ।
  • विकास चरण: प्रारंभिक बाल्यावस्था में खेल-आधारित → किशोरावस्था में अंतरंग मित्रता (Intimate Friendship)।

2. साथियों का प्रभाव: सकारात्मक और नकारात्मक

प्रकारसकारात्मक प्रभावनकारात्मक प्रभाव
संज्ञानात्मकसमस्या समाधान, नई भाषा/कौशल सीखना (सहकारी खेल)गलत जानकारी, अनुकरण से गलत धारणाएँ
सामाजिकसहयोग, नेतृत्व, सामाजिक मानदंड सीखनादबाव (Peer Pressure), बहिष्कार (Bullying)
भावनात्मकआत्मविश्वास, भावनात्मक समर्थनचिंता, अवसाद (अस्वीकृति से)
नैतिकन्याय, निष्पक्षता का विकास (पियाजे)जोखिमपूर्ण व्यवहार (धूम्रपान, स्किपिंग)

3. आयु-आधारित प्रभाव

आयु चरणसाथियों की भूमिकाउदाहरण
प्रारंभिक बाल्यावस्था (3-6 वर्ष)खेल साथी; समानांतर खेल → सहकारी खेलखिलौनों का बँटवारा सीखना
मध्य बाल्यावस्था (6-11 वर्ष)मित्रता समूह; नियम-आधारित खेलटीम गेम्स में नियम पालन
किशोरावस्था (11-18 वर्ष)घनिष्ठ मित्रता, क्लिक/गैंगफैशन, संगीत, सोशल मीडिया प्रभाव

4. सिद्धांतकारों का दृष्टिकोण

  • विगोत्स्की: साथी अंतर्क्रिया ZPD को बढ़ाती है; सहकारी सीखना (Collaborative Learning)।
  • पियाजे: खेल के माध्यम से नैतिक विकास (Heteronomous → Autonomous Morality)।
  • बैंडुरा (सामाजिक अधिगम सिद्धांत): अनुकरण (Modeling) – बच्चे साथियों के व्यवहार की नकल करते हैं।
  • एरिक्सन: किशोरावस्था में “पहचान बनाम भूमिका भ्रम” – साथी पहचान को मजबूत/कमजोर करते हैं।
  • हैरिस (Group Socialization Theory): साथी परिवार से अधिक व्यक्तित्व को आकार देते हैं।

5. भारतीय संदर्भ में साथियों का प्रभाव

  • सकारात्मक: ट्यूशन ग्रुप, खेल (क्रिकेट), त्योहारों में सामूहिकता → सहयोग, नेतृत्व।
  • नकारात्मक:
    • जाति/धर्म आधारित समूह → भेदभाव।
    • परीक्षा दबाव → चिटिंग, तनाव।
    • सोशल मीडिया → साइबर बुलिंग, FOMO (Fear of Missing Out)।
  • लिंग भेद: लड़कियाँ भावनात्मक मित्रता; लड़के गतिविधि-आधारित।

6. प्रभाव को नियंत्रित करने के उपाय

  • माता-पिता: खुला संवाद, सकारात्मक मित्रों को प्रोत्साहन।
  • स्कूल: समूह गतिविधियाँ, बुलिंग रोकथाम कार्यक्रम।
  • समाज: खेलकूद, क्लब → रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग।

7. निष्कर्ष

साथी समूह बाल विकास का द्वितीय समाजीकरण एजेंट (Secondary Agent of Socialization) है। यह स्वतंत्रता, सामाजिक कौशल देता है, पर नकारात्मक दबाव से बचाव जरूरी है। संतुलित मार्गदर्शन से सकारात्मक प्रभाव अधिक किया जा सकता है।


MCQ :

Details

प्रश्न 1: साथी समूह का प्रभाव किशोरावस्था में परिवार से क्यों अधिक होता है? A) जैविक परिवर्तन B) पहचान की खोज C) आर्थिक स्वतंत्रता D) स्कूल अनुपस्थिति

उत्तर

उत्तर: B) पहचान की खोज

प्रश्न 2: पियाजे के अनुसार साथी खेल से क्या विकसित होता है? A) भाषा कौशल B) नैतिक नियम C) शारीरिक शक्ति D) स्मृति

उत्तर

उत्तर: B) नैतिक नियम

प्रश्न 3: नकारात्मक साथी दबाव का उदाहरण नहीं है: A) धूम्रपान B) सहकारी खेल C) स्कूल छोड़ना D) साइबर बुलिंग

उत्तर

उत्तर: B) सहकारी खेल

प्रश्न 4: भारतीय संदर्भ में साथियों से क्या सीखा जाता है? A) व्यक्तिवाद B) सामूहिकता और सहयोग C) एकाकीपन D) विदेशी भाषा केवल

उत्तर

उत्तर: B) सामूहिकता और सहयोग

प्रश्न 5: बैंडुरा के अनुसार साथियों से सीखने की प्रक्रिया क्या है? A) ZPD B) अनुकरण (Modeling) C) स्कैफोल्डिंग D) संज्ञानात्मक असंगति

उत्तर

उत्तर: B) अनुकरण (Modeling)

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