सिन्धु घाटी की सभ्यता कक्षा 6 वीं सामाजिक विज्ञान (इतिहास) अध्याय 3

सिन्धु घाटी की सभ्यता कक्षा 6 वीं सामाजिक विज्ञान

स्मरणीय बिन्दु

1. सभ्यता ऐसे समाज को कहते हैं, जो शहरी हो और जो एक बड़े क्षेत्र में फैला हो।

2. सिन्धु घाटी सभ्यता की खोज सन् 1921 में हुई।

3. आज से लगभग 80-85 साल पहले सिन्धु नदी के किनारे दो बड़े शहरों की चीजें मिट्टी के टीलों के नीचे दबी हुई मिलीं। ये शहर

थे- ‘हड़प्पा और मोहनजोदड़ो’ ।

4. हड़प्पा की खुदाई सन् 1921 में श्री दयाराम साहनी के नेतृत्व में हुई।

5. मोहनजोदड़ो की खुदाई सन् 1922 में श्री राखलदास बेनर्जी के नेतृत्व में हुई।

6. हड़प्पा और मोहनजोदड़ो वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब सिंध प्रान्त में हैं।

7. मोहनजोदड़ो की खुदाई में एक बड़ा तालाब (स्नानागार) मिला है। इस स्नानागार में लोग सार्वजनिक रूप से नहाते थे।

8. हड़प्पा की खुदाई में एक विशाल अन्नागार मिला है। इन अन्नागार में आसपास के गाँवों से कर के रूप में प्राप्त अनाज रखते थे।

9. सिंधुघाटी के निवासियों का प्रमुख व्यवसाय कृषि था। वे कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी करते थे।

10. सिन्धुघाटी वासियों का व्यापार भी उन्नत व्यवस्था में था। वहाँ आंतरिक एवं विदेशी दोनों तरह के व्यापार होते थे।

11. सिंधुवासी मनोरंजन में नृत्य, पासे का खेल आदि खेलते थे।

12. मोहनजोदड़ो के निवासियों के मुख्य देवता शिव या पशुपतिनाथ थे।

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