घनाभ की आकृति बनाना
- 6 आयताकार फलक– ABCD, ABFE, BCGF, CDHG, DAEH, EFGH
- 12 कोर- AB, BC, CD, DA, AE, BF, CG, DH, EF, FG, GH, HE
- 8 शीर्ष- A.B.C.D.E.F.G,H

बेलन की आकृति बनाना
Construct a cylindrical shape
- एक वृत्ताकार चकती लेकर उसके चारों ओर पेंसिल से परिधि खींचिए एवं केन्द्र बिन्दु भी निर्धारित कीजिए चित्र 16.8 (i) & (ii) अब आपके पास चित्र 16.8 (ii) जैसी वृत्ताकार आकृति है, जो कि चकती को ठीक सामने से देखने पर दिखाई देती है। अब चकती को थोड़ा घुमाकर उसकी तिरछी स्थिति को देखिये और जैसे दिखाई देता है लगभग वैसी आकृति बनाईये। चित्र 16.8 (iii)
- इसके बाद थोड़ा ओर घुमाकर चकती के एक किनारे से देखें तो यह चित्र 16.8 (iv) जैसी दिखाई देगी।
- अब चित्र 16.8 (iii) की आकृति के समान कुछ दूरी पर दो आकृतियाँ बनाइये। चित्र 16.8 (v) के अनुसार व्यास A, B, और व्यास A,B, को मिलाइये। उसके बाद A, A, और B, B, को मिलाइये। इस प्रकार एक बेलन की आकृति बन जाती है।
- इसमें दोनों सिरों पर दो वृत्तीय फलक हैं एवं मध्य भाग वक्रीय है।


शंकु की आकृति बनाना (Construction of cone)
चित्र 16.8 (iii) के समान एक आकृति बनाइये तथा कुछ दूरी पर लगभग मध्य में एक बिन्दु O, ले लें तथा O, A, और O,B, मिला देवें तो प्राप्त आकृति शंकु की आकृति होती है। इस आकृति में एक वृत्ताकार फलक तथा एक शीर्ष और वक्रीय पृष्ठीय भाग होता है।

चतुष्फलक की आकृति बनाना (Construction of quadrilateral)
- एक त्रिभुज बनाइये और छायांकित कीजिए।
- अब उस त्रिभुज के ऊपर कुछ दूरी पर एक बिन्दु P लीजिए।
- अब उस त्रिभुज के शीषर्षों A, B, C को क्रमशः बिन्दु P से मिलाइये। प्राप्त आकृति चित्र 16.10 (iii) की भांति होगी। यह अभीष्ट चतुष्फलक है।
इसमें चार त्रिभुजीय फलक ABC, BCP, CAP तथा ABP हैं। ये त्रिकोणीय फलक भी कहलाते हैं। इसमें छः कोर AB, BC, CA, AP, BP तथा CP हैं और शीर्ष A, B, C तथा P हैं। इसमें प्रत्येक शीर्ष पर तीन कोरें मिलती हैं।
