क्लास का उद्देश्य:
बच्चा ‘अनुपात’ (Ratio) और ‘समानुपात’ (Proportion) में अंतर समझ सके। वह जान सके कि जब दो अनुपात (Ratios) आपस में बराबर होते हैं, तो उसे ‘समानुपात’ कहते हैं। सबसे महत्वपूर्ण—वह तिरछा गुणा (Cross Multiplication) का नियम सीखकर लुप्त (Missing) मान निकाल सके, और सीधे (Direct) तथा व्युत्क्रम (Inverse) समानुपात के शब्द-समस्याओं (Word Problems) को हल कर सके।
1. 🍋 कहानी: “लेमोनेड (नींबू पानी) का जादू”
कल्पना करो, तुम नींबू पानी बना रहे हो।
- 1 गिलास पानी बनाने के लिए तुम्हें 2 नींबू चाहिए।
- अगर तुम्हें 4 गिलास पानी बनाना है, तो तुम्हें 8 नींबू चाहिए।
👉 गणित का रिश्ता:1 गिलास : 2 नींबू और 4 गिलास : 8 नींबू — दोनों अनुपात (Ratios) बराबर हैं।1/2 = 4/8 (1×8 = 2×4 = 8)।
जब दो अनुपात (Ratios) बराबर हों, तो उसे ‘समानुपात’ (Proportion) कहते हैं।
2. 🧩 भाग 1: समानुपात के ‘मुख्य चार खिलाड़ी’ (First, Second, Third, Fourth Proportion)
यदि a : b :: c : d लिखा है (इसे पढ़ते हैं: “a, b का अनुपात, c, d के समानुपात में”):
- पहला पद (First Term) =
a - दूसरा पद (Second Term) =
b - तीसरा पद (Third Term) =
c - चौथा पद (Fourth Term) =
d
‘बीच वाले’ (Means) और ‘किनारे वाले’ (Extremes):
- मध्य पद (Means) =
bऔरc(बीच में बैठे हैं)- चरम पद (Extremes) =
aऔरd(किनारे पर बैठे हैं)
3. ⚡ भाग 2: ‘तिरछा गुणा’ का सुनहरा नियम (Cross-Multiplication Rule)
यह समानुपात का रामबाण नियम है। इसे कभी मत भूलना!
“चरम पदों (Extremes) का गुणनफल = मध्य पदों (Means) का गुणनफल”
a × d = b × c
✅ उदाहरण (पहचान): 2 : 3 :: 4 : 6 क्या यह समानुपात में है?
- चरम (Extremes) = 2 और 6 → 2 × 6 = 12
- मध्य (Means) = 3 और 4 → 3 × 4 = 12
- चूँकि 12 = 12, यह समानुपात है! 🎉
✅ उदाहरण (लुप्त मान निकालना – ‘x’ वाला): 5 : 8 :: x : 24 में x का मान ज्ञात करो।
- नियम: 5 × 24 = 8 × x
- 120 = 8x → x = 120 ÷ 8 = 15।
- (उत्तर: x = 15)
4. 📐 भाग 3: अनुप्रयोग (Applications) – दो प्रकार के समानुपात
अब असली दुनिया (Real Life) के सवाल! शब्द-समस्याओं को हल करने के लिए पहले यह पहचानना जरूरी है कि यह ‘सीधा’ समानुपात है या ‘उल्टा’।
| सीधा समानुपात (Direct Proportion) | व्युत्क्रम समानुपात (Inverse Proportion) | |
|---|---|---|
| कहानी (Rule) | जैसे-जैसे एक बढ़े, वैसे-वैसे दूसरा भी बढ़े। | जैसे-जैसे एक बढ़े, वैसे-वैसे दूसरा घटे। |
| सूत्र (Formula) | x1 / y1 = x2 / y2 | x1 × y1 = x2 × y2 |
| उदाहरण | अधिक गिलास → अधिक नींबू (सब्जी / दाम) | अधिक आदमी → कम दिन (काम / रफ्तार) |
| ‘सुराग’ (Clue Words) | ‘जितना… उतना…’, ‘प्रति’ (Per) | ‘जितने कम… उतने ज्यादा…’, ‘पर्याप्त’ |
5. ✅ सीधा समानुपात (Direct Proportion) का जादुई हल
🍭 उदाहरण (Navodaya/CTET): 4 किताबों का मूल्य ₹320 है। 7 किताबों का मूल्य क्या होगा?
- पहचान: अधिक किताबें → अधिक दाम (यह सीधा है)।
- सूत्र:
x1 / y1 = x2 / y2 - हल:
- माना 7 किताबों का दाम =
xहै। 4 / 320 = 7 / x- तिरछा गुणा: 4 × x = 320 × 7 → 4x = 2240 → x = 2240 ÷ 4 = ₹560।
- माना 7 किताबों का दाम =
- उत्तर: ₹560 🎉
6. ✅ व्युत्क्रम समानुपात (Inverse Proportion) का जादुई हल
🍭 उदाहरण (Navodaya/CTET): 5 आदमी एक दीवार 10 दिन में बनाते हैं। 10 आदमी उसे कितने दिन में बनाएँगे?
- पहचान: अधिक आदमी → कम दिन (यह उल्टा / व्युत्क्रम है)।
- सूत्र:
x1 × y1 = x2 × y2 - हल:
- माना 10 आदमियों को =
xदिन लगेंगे। - 5 × 10 = 10 × x
- 50 = 10x → x = 50 ÷ 10 = 5 दिन।
- माना 10 आदमियों को =
- उत्तर: 5 दिन 🎉
7. 🚀 ‘पहचान’ की सुपर ट्रिक (शब्द-समस्या को पढ़ते ही पता चलेगा)
शिक्षक/अभिभावक बच्चों को ये ‘की-वर्ड्स’ (Clue Words) जरूर सिखाएँ:
| सीधा (Direct) | व्युत्क्रम (Inverse) |
|---|---|
| “जितने ज्यादा… उतना ज्यादा” | “जितने ज्यादा… उतना कम” |
| “खरीदना” (मूल्य), “बनाना” (वस्तु) | “आदमी/मजदूर” (काम), “गति/चाल” |
| “अधिक समय में अधिक दूरी” | “अधिक गति → कम समय” |
बाल-ट्रिक: “सीधा = जैसे की तैसे (गुणा-भाग सीधा), उल्टा = गुणा को बराबर करो (Cross Multiply करके बराबर)”
8. 🧠 कक्षा-अभ्यास (आओ खेलें!)
गतिविधि 1: ‘कौन सा है?’ (Identify the Type)
शिक्षक बोलेंगे, बच्चे बताएँ कि सीधा है या उल्टा:
- (अ) “एक बस 60 km/h से 5 घंटे चलती है। 100 km/h से कितने घंटे लगेंगे?” (उत्तर: उल्टा – गति बढ़ी, समय घटा)।
- (ब) “5 किलो आम का दाम ₹200 है। 8 किलो का क्या दाम होगा?” (उत्तर: सीधा – वजन बढ़ा, दाम बढ़ा)।
गतिविधि 2: ‘गलती पकड़ो’ (Error Spotting)
- शिक्षक बोर्ड पर लिखें: “4 : 7 :: 8 : 14”. क्या यह समानुपात है?
- जाँच: 4×14 = 56, 7×8 = 56। (बच्चे: ✅ हाँ, यह सही है!)
गतिविधि 3: जादुई ‘X’ (Find the Missing)
- शिक्षक लिखें:
3/5 = x/15→ x = ? - (हल: 3×15 = 5×x → 45 = 5x → x = 9)
9. 🏠 गृह कार्य (Homework – अपनी कॉपी में करो)
A. बताओ कि यह सीधा (Direct) है या व्युत्क्रम (Inverse):
- (अ) 10 मजदूर 20 दिन में काम खत्म करते हैं, 5 मजदूर कितने दिन में? (उत्तर: व्युत्क्रम)
- (ब) 3 पेन का मूल्य ₹30 है, 5 पेन का मूल्य? (उत्तर: सीधा)
B. लुप्त मान (x) ज्ञात करो (तिरछा गुणा से):
- (अ) 2 : 5 :: x : 20 (हल: 2×20=5×x → x=8)
- (ब) 7 : 3 :: 14 : x (हल: 7×x=3×14 → 7x=42 → x=6)
C. Word Problem (Navodaya/CTET लेवल):
- “एक गाड़ी 60 km/h की चाल से 4 घंटे में एक सफर पूरा करती है। यदि वह 80 km/h की चाल से चले, तो कितने घंटे लगेंगे?”
- (हल: यह व्युत्क्रम है। 60 × 4 = 80 × T → 240 = 80T → T = 3 घंटे।)
D. जाँच करो (Check the Proportion):
- क्या
2 : 6 :: 5 : 15समानुपात में है?- (हल: 2×15 = 30, 6×5 = 30 → हाँ)।
10. ✅ शिक्षक/ब्लॉगर के लिए सुनहरी टिप्स (बच्चों को ‘अनुपात’ से ‘समानुपात’ तक ले जाएँ)
- ‘::’ चिन्ह का खेल: बच्चों को बताएँ कि
::का मतलब “जैसा” या “के बराबर” है।2:3 :: 4:6पढ़ें “2 बटा 3, 4 बटा 6 के बराबर है”। - ‘सीधा’ vs ‘उल्टा’ में भूल (सबसे बड़ी टेंशन):
- बच्चे अक्सर
x1/y1 = x2/y2(सीधा) औरx1*y1 = x2*y2(उल्टा) में मिक्स-अप कर देते हैं। - उपाय: बोर्ड पर दो अलग-अलग रंगों से लिखें। हरा = सीधा (÷ चिन्ह), लाल = उल्टा (× चिन्ह)।
- और पूछें: “क्या अधिक चीज़ों से दाम बढ़ता है? (सीधा) या अधिक आदमियों से दिन घटते हैं? (उल्टा)” – इस लॉजिक से वे खुद तय करेंगे कि कौन-सा सूत्र लगाना है।
- बच्चे अक्सर
- ‘इकाई विधि’ (Unitary Method) से जाँच:
- समानुपात का फॉर्मूला भूल जाने पर बच्चे ‘पहले 1 का दाम निकालो, फिर गुणा करो’ कर सकते हैं। (जैसे 4 किताबें 320, तो 1 की 80, 7 की 560) – यह उनका बैकअप (Backup) है और कॉन्सेप्ट को मजबूत करता है।
- CTET/Navodayा में कैसे पूछते हैं?
- बहुत बार MCQ आता है: “यदि 15 व्यक्ति किसी कार्य को 20 दिनों में पूरा करते हैं, तो 25 व्यक्ति उस कार्य को कितने दिनों में पूरा करेंगे?”
- हल: 15 × 20 = 25 × D → 300 = 25D → D = 12 दिन।
- (छात्रों को सलाह: पहले पहचानो कि यह उल्टा है, इसलिए गुणा करके बराबर करो!)
- ‘अनुपात’ का सरलीकरण:
- याद रखें, समानुपात में जाने से पहले अनुपात (Ratio) सरल (Simplest) रूप में होना चाहिए।
4:8को1:2बनाएँ। (इसके लिए 4 से भाग दें)।
- याद रखें, समानुपात में जाने से पहले अनुपात (Ratio) सरल (Simplest) रूप में होना चाहिए।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
