उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी पर्वत माला (कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान)

उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी पर्वत माला (कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान)

हिमालय पर्वत श्रृंखला भू-वैज्ञानिक रूप से युवा और संरचनात्मक रूप से वलित (Fold) पर्वत हैं।

स्वरूप और विस्तार

  • विस्तार: ये श्रृंखलाएँ भारत की उत्तरी सीमा पर पश्चिम से पूर्व दिशा में, सिंधु नदी से लेकर ब्रह्मपुत्र नदी तक, एक चाप (Arc) के आकार में फैली हुई हैं।
  • लंबाई: लगभग 2,400 किलोमीटर।
  • चौड़ाई: पश्चिमी भाग (कश्मीर) में 400 किमी और पूर्वी भाग (अरुणाचल प्रदेश) में 150 किमी तक है।
  • ऊँचाई में भिन्नता: पश्चिमी भाग की तुलना में पूर्वी भाग की ऊँचाई में अधिक विविधता पाई जाती है।

हिमालय की तीन समानांतर श्रृंखलाएँ

हिमालय को इसकी अनुदैर्ध्य सीमा के आधार पर तीन समानांतर श्रृंखलाओं में बाँटा गया है:

  1. महान या आंतरिक हिमालय (Himadri):
    • यह सबसे उत्तरी और सर्वाधिक सतत श्रृंखला है।
    • इसकी औसत ऊँचाई 6,000 मीटर है।
    • इसमें हिमालय की सभी सबसे ऊँची चोटियाँ (जैसे माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा) शामिल हैं।
    • यह हमेशा बर्फ से ढकी रहती है और कई हिमानियाँ (ग्लेशियर) यहीं से निकलती हैं।
  2. निम्न हिमालय या हिमाचल (Lesser Himalaya):
    • यह हिमाद्री के दक्षिण में स्थित है।
    • इसकी ऊँचाई 3,700 मीटर से 4,500 मीटर के बीच है।
    • इसमें पीर पंजाल, धौलाधार और महाभारत जैसी महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखलाएँ शामिल हैं।
    • कश्मीर, कांगड़ा और कुल्लू की प्रसिद्ध घाटियाँ यहीं स्थित हैं।
  3. शिवालिक (Shiwaliks):
    • यह हिमालय की सबसे बाहरी और दक्षिणी श्रृंखला है।
    • इसकी ऊँचाई 900 से 1100 मीटर के बीच है।
    • ये श्रृंखलाएँ नदियों द्वारा लाई गई असंपीडित तलछटी चट्टानों से बनी हैं।
    • दून (Duns): निम्न हिमालय और शिवालिक के बीच स्थित अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटियों को दून कहते हैं (उदाहरण: देहरादून, कोटली दून)।

क्षेत्रीय विभाजन (नदियों द्वारा)

नदियों की घाटियों की सीमाओं के आधार पर हिमालय को चार क्षेत्रीय भागों में बाँटा गया है:

हिमालय का नामनदियों के बीच विस्तार
पंजाब हिमालयसिंधु और सतलज नदी के बीच
कुमाऊँ हिमालयसतलज और काली नदी के बीच
नेपाल हिमालयकाली और तीस्ता नदी के बीच (सबसे लंबा भाग)
असम हिमालयतीस्ता और दिहांग नदी के बीच

उत्तर-पूर्वी पर्वत माला (पूर्वांचल)

  • विस्तार: ब्रह्मपुत्र नदी (दिहांग महाखड्ड) के बाद हिमालय दक्षिण की ओर एक तीखा मोड़ लेता है और भारत की पूर्वी सीमा के साथ फैल जाता है। इसे पूर्वांचल या पूर्वी पहाड़ियाँ कहते हैं।
  • संरचना: ये पहाड़ियाँ मुख्य रूप से बलुआ पत्थर (Sandstone) जैसी मजबूत तलछटी चट्टानों से बनी हैं।
  • विशेषताएँ: ये घने जंगलों से ढकी हैं और समानांतर श्रृंखलाओं तथा गहरी घाटियों के रूप में फैली हुई हैं।
  • प्रमुख पहाड़ियाँ:
    • पटकाई बूम (Patkai Bum)
    • नागा पहाड़ियाँ (Naga Hills)
    • मणिपुर पहाड़ियाँ (Manipur Hills)
    • मिज़ो पहाड़ियाँ (Mizo Hills)
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