Skip to content🔹 यूरोपीय आगमन
- 1498 ई. में वास्को-द-गामा भारत पहुँचा।
- भारत आने वाले पहले यूरोपीय पुर्तगाली थे।
- अंग्रेजों ने 1600 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की।
- फ्रांसीसी भारत में व्यापारिक प्रतिस्पर्धी थे।
- डचों का मुख्य केंद्र सूरत था।
🔹 कंपनी शासन की स्थापना
- 1757 का प्लासी का युद्ध कंपनी शासन की नींव बना।
- प्लासी का युद्ध सिराजुद्दौला और क्लाइव के बीच हुआ।
- 1764 का बक्सर का युद्ध निर्णायक सिद्ध हुआ।
- बक्सर युद्ध के बाद कंपनी को दीवानी अधिकार मिला।
- 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट पहला संवैधानिक सुधार था।
🔹 ब्रिटिश प्रशासनिक सुधार
- 1784 का पिट्स इंडिया एक्ट नियंत्रण बढ़ाने हेतु लाया गया।
- लॉर्ड वेलस्ली ने सहायक संधि लागू की।
- लॉर्ड डलहौजी ने हड़प नीति (Doctrine of Lapse) अपनाई।
- अंग्रेजों ने स्थायी बंदोबस्त लागू किया।
- स्थायी बंदोबस्त के जनक लॉर्ड कार्नवालिस थे।
🔹 सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
- राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना की।
- सती प्रथा का अंत 1829 ई. में हुआ।
- ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया।
- आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने की।
- रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने की।
🔹 1857 का विद्रोह
- 1857 का विद्रोह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहलाता है।
- विद्रोह का तात्कालिक कारण चर्बीयुक्त कारतूस थे।
- मंगल पांडे 1857 के विद्रोह के प्रथम शहीद थे।
- बहादुर शाह ज़फर विद्रोह के प्रतीक नेता थे।
- 1857 के बाद कंपनी शासन समाप्त हो गया।
🔹 क्राउन शासन
- 1858 में भारत का शासन ब्रिटिश क्राउन के हाथ आया।
- भारत का पहला वायसराय लॉर्ड कैनिंग था।
- 1861 का अधिनियम प्रशासनिक सुधार से जुड़ा था।
- भारतीय सिविल सेवा (ICS) ब्रिटिश प्रशासन की रीढ़ थी।
- अंग्रेजों की नीति फूट डालो और राज करो थी।
🔹 राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई।
- कांग्रेस की स्थापना ए.ओ. ह्यूम ने की।
- कांग्रेस का पहला अधिवेशन बंबई में हुआ।
- प्रारंभिक कांग्रेस नेता नरम दल कहलाते थे।
- नरम दल के प्रमुख नेता दादाभाई नौरोजी थे।
🔹 उग्र राष्ट्रवाद
- उग्र दल का नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक ने किया।
- तिलक का नारा था – स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।
- 1905 में बंगाल विभाजन किया गया।
- बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन हुआ।
- 1907 का सूरत विभाजन कांग्रेस में फूट का कारण बना।
🔹 गांधी युग
- महात्मा गांधी 1915 में भारत लौटे।
- गांधीजी का पहला आंदोलन चंपारण सत्याग्रह था।
- 1917 का चंपारण आंदोलन किसानों से जुड़ा था।
- 1919 का रॉलेट एक्ट दमनकारी था।
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड 1919 में हुआ।
🔹 जन आंदोलन
- 1920 में असहयोग आंदोलन प्रारंभ हुआ।
- चौरी-चौरा कांड के बाद असहयोग आंदोलन वापस लिया गया।
- 1930 में दांडी मार्च हुआ।
- नमक सत्याग्रह सविनय अवज्ञा आंदोलन का हिस्सा था।
- गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ।
🔹 संवैधानिक विकास
- 1909 का अधिनियम मॉर्ले-मिंटो सुधार कहलाता है।
- 1919 का अधिनियम मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार था।
- 1935 का अधिनियम सबसे विस्तृत कानून था।
- 1937 में प्रांतीय स्वायत्तता लागू हुई।
- भारत में संघीय व्यवस्था की नींव 1935 अधिनियम ने रखी।
🔹 अंतिम चरण
- 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ।
- भारत छोड़ो आंदोलन का नारा था – करो या मरो।
- 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया।
- संविधान सभा का गठन 1946 में हुआ।
- माउंटबेटन योजना 1947 में लागू हुई।
🔹 स्वतंत्रता और विभाजन
- भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ।
- भारत और पाकिस्तान का विभाजन 1947 में हुआ।
- जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री बने।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति थे।
- गांधीजी की हत्या 1948 में हुई।
🔹 परीक्षा-उपयोगी तथ्य
- आधुनिक काल में अंग्रेजों का उद्देश्य आर्थिक शोषण था।
- रेल, डाक और तार अंग्रेजों द्वारा विकसित किए गए।
- अंग्रेजी शिक्षा नीति मैकाले से जुड़ी थी।
- प्रेस की स्वतंत्रता राष्ट्रीय आंदोलन का हथियार थी।
- किसान आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का आधार बने।