मेले में हम – कक्षा 3 EVS Unit 1: हमारे परिवार और समुदाय (Mele Mein Hum Class 3 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय बच्चों को मेले (Fair) के अनुभव, यात्रा, परिवहन, सुरक्षा और सामुदायिक आनंद से परिचित कराता है। नीता और राधा अपने परिवार, पड़ोसियों (स्नेहा, रोहित, मोहन चाचा) और दादीजी के साथ मेले में जाती हैं। वे बस में यात्रा करते हैं, सुरक्षा नियमों (सिर-हाथ खिड़की से बाहर न निकालना) का पालन करते हैं। मेले में वे खिलौने, चूड़ियाँ, लट्टू, कठपुतली, फिरकी, गुड़िया खरीदते हैं, झूला, मेरी-गो-राउंड खेलते हैं, जादू का खेल और कठपुतली का खेल देखते हैं। वे गोलगप्पे, चाट, छोले-कुलचे, जलेबी, कुल्फी खाते हैं। मेले में पुलिस, एंबुलेंस, आग बुझाने वाली गाड़ी, खोया-पाया बूथ भी होते हैं। पाठ में मेले का नक्शा और घर से विद्यालय तक का रेखाचित्र बनाने की गतिविधि भी है। यह अध्याय बच्चों को सामुदायिक जीवन, सुरक्षा, मानचित्र-पठन और आनंदमय अनुभवों से परिचित कराता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- मेले के अनुभव और उसमें होने वाली गतिविधियों को समझ पाएँगे
- यातायात के साधनों (बस, ऑटो, ट्रेन) और सुरक्षा नियमों को समझ पाएँगे
- सार्वजनिक स्थानों (मेला, बस स्टैंड, पुलिस, एंबुलेंस) के महत्व को समझ पाएँगे
- मानचित्र (नक्शा) को पढ़ने और दिशाओं को समझने की क्षमता विकसित कर पाएँगे
- खोया-पाया बूथ और खोजी कुत्ते के बारे में जान पाएँगे
- सुरक्षा नियमों का पालन करने का महत्व समझ पाएँगे
- घर से विद्यालय तक का सरल मानचित्र बना पाएँगे
- अभिनय (रोल-प्ले) के माध्यम से मेले का दृश्य प्रस्तुत कर पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, मेले की तैयारी एवं यात्रा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “क्या आप कभी मेले में गए हैं? मेले में क्या-क्या होता है?”
- प्रश्न: “आपको मेले में कौन-सी चीज़ें पसंद आती हैं?” (खिलौने, झूले, खाना, जादू)
- प्रश्न: “मेले में जाते समय आप क्या-क्या तैयारी करते हैं?”
- प्रश्न: “आप मेले में किसके साथ जाते हैं?” (परिवार, मित्र)
- पृष्ठ 37-38 के चित्र दिखाएँ – मेले की तैयारी, बस, परिवार।
- परिचय: “आज हम ‘मेले में हम’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें नीता और राधा अपने परिवार के साथ मेले में जाती हैं और वहाँ का आनंद लेती हैं।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन – तैयारी और यात्रा (पृष्ठ 37-41):
- शिक्षक पाठ को उत्साह और आनंद के भाव के साथ पढ़कर सुनाएँ।
- विद्यार्थी बारी-बारी से पैराग्राफ पढ़ें।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- मेला (Fair) – मनोरंजन का आयोजन
- बस स्टैंड – बस खड़ी होने/चढ़ने का स्थान
- कंडक्टर – बस में टिकट देने वाला
- टिकट – यात्रा का किराया
- सुरक्षा नियम – सिर/हाथ खिड़की से बाहर न निकालें
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 39):
- (क) “नीता और राधा के परिवार ने मेले ले जाने वाले बैग में क्या-क्या रखा होगा?” (पानी की बोतल, खाना, टोपी, दवा, अतिरिक्त कपड़े)
- (ख) “जब आप कहीं बाहर घूमने जाते हैं, तो क्या-क्या तैयारी करते हैं?”
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 42):
- (क) “अपने शहर/गाँव में इधर-उधर आने-जाने के लिए आप किस वाहन का उपयोग करते हैं?” (बस, साइकिल, ऑटो, कार, पैदल)
- (ख) “बस, कार में यात्रा करते समय सुरक्षा के नियमों का पालन क्यों जरूरी है?” (दुर्घटना से बचने, सुरक्षित रहने के लिए)
- गतिविधि (पृष्ठ 42):
- विद्यार्थी अपने मित्र, पड़ोसी या परिवार के साथ की गई किसी यात्रा के बारे में संक्षेप में लिखें:
- उदाहरण: “मैं अपने परिवार के साथ दादी के घर गया। हम बस में गए। रास्ते में बहुत मज़ा आया। हमने बस की खिड़की से बाहर देखा।”
- विद्यार्थी अपने मित्र, पड़ोसी या परिवार के साथ की गई किसी यात्रा के बारे में संक्षेप में लिखें:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “बस में यात्रा करते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए?” (खिड़की से बाहर न देखना/हाथ न निकालना, सीट पर बैठना)
- गृहकार्य: “अपनी किसी यात्रा के बारे में 3-4 वाक्य लिखें।”
दिन 2 – मेले का अनुभव, खाना, खिलौने एवं गतिविधियाँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “बस में सुरक्षा नियम क्या हैं?”
- प्रश्न: “मेले में कौन-कौन सी चीज़ें होती हैं? आपको क्या सबसे ज्यादा पसंद है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन – मेले में (पृष्ठ 43-46):
- शिक्षक पाठ पढ़ें – मेले का नक्शा, स्टॉल, खिलौने, झूले, जादू, खाना।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- नक्शा (Map) – मेले का चित्र/रेखाचित्र
- स्टॉल (Stall) – दुकान/खोमचा
- खोया-पाया बूथ – खोई हुई चीज़ों के लिए केंद्र
- खोजी कुत्ता (Sniffer dog) – पुलिस का कुत्ता जो चीज़ें/लोग ढूँढता है
- एंबुलेंस – बीमारों को ले जाने वाली गाड़ी
- आग बुझाने वाली गाड़ी (Fire engine) – आग बुझाने के लिए
- पहिया कुर्सी (Wheelchair) – चलने में असमर्थ लोगों के लिए
- गतिविधि – मेले का नक्शा (पृष्ठ 44):
- विद्यार्थी चित्र में दिए गए मेले के नक्शे को ध्यान से देखें।
- स्टॉलों की पहचान: खिलौने, मिठाई, दही के गोलगप्पे, चूड़ियाँ, स्टेशनरी, झूला, जादू, कठपुतली, सुलभ शौचालय, कूड़ेदान, खोया-पाया, प्राथमिक चिकित्सा, आदि।
- ‘लिखिए’ (पृष्ठ 47):
- (क) “खोया-पाया बूथ किसलिए होता है?” (खोई हुई चीज़ों/लोगों को खोजने के लिए)
- (ख) “खोजी कुत्ते किस काम आते हैं?” (पुलिस को चीज़ें/लोग ढूँढने में मदद करते हैं)
- (ग) “क्या आप कभी मेले में गए हैं? आपको कौन-सी चीज़ सबसे अच्छी लगी?” (अपने अनुभव साझा करें)
- ‘बातचीत के लिए’ – अनुभव साझा करें (पृष्ठ 47):
- “कल्पना कीजिए कि नीता, राधा, स्नेहा और रोहित की जगह आप मेले में गए हैं। आप क्या-क्या करते?”
- विद्यार्थी अपने शब्दों में बताएँ:
- उदाहरण: “मैं मेले में जाता तो खिलौने खरीदता, झूले पर चढ़ता, गोलगप्पे खाता, जादू देखता।”
- चर्चा (पृष्ठ 47):
- (क) “घर में बड़ों से पता करें – जब वे छोटे थे, तब के मेले आज के मेलों से कैसे अलग थे?” (कम स्टॉल, अलग खिलौने, कम खाना)
- (ख) “मेले में एंबुलेंस और आग बुझाने वाली गाड़ी क्यों होती है?” (आपात स्थिति के लिए, सुरक्षा के लिए)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “मेले में ‘खोया-पाया बूथ’ क्यों होता है?” (खोई चीज़ें/लोग ढूँढने के लिए)
- गृहकार्य: “मेले में आपको सबसे अच्छी लगने वाली तीन चीज़ों के नाम लिखें।”
दिन 3 – अभ्यास, मानचित्र एवं दिशाएँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “मेले में कौन-कौन सी चीज़ें होती हैं?”
- प्रश्न: “क्या आप मानचित्र (नक्शा) देख सकते हैं? मानचित्र पर घर/विद्यालय कैसे ढूँढ़ते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- गतिविधि – नक्शा देखें और उत्तर दें (पृष्ठ 48):
- विद्यार्थी नीता, राधा, स्नेहा और रोहित के घरों का नक्शा देखें।
- प्रश्न:
- (क) “रोहित और स्नेहा के घर का पता लगाइए और उस पर गोला लगाइए।”
- (ख) “नीता और राधा के घर का पता लगाइए और उस पर गोला लगाइए।”
- (ग) “किसका घर पेड़-मैदान के अधिक समीप है?” (रोहित और स्नेहा का)
- (घ) “अगर आप पुलिस थाने से होते हुए परेड मैदान की ओर जा रहे हैं, तो रास्ते में कौन-कौन से स्थान आएँगे?” (बाज़ार, मंदिर, बस स्टैंड, स्कूल, डाकघर – चित्र के अनुसार)
- गतिविधि – चित्र बनाएँ (पृष्ठ 49):
- विद्यार्थी अपने घर से विद्यालय तक पहुँचने के मार्ग का चित्र (रेखाचित्र) बनाएँ:
- स्थान: घर, विद्यालय
- मार्ग में: दुकानें, पेड़, चौराहा, मंदिर, बस स्टैंड, आदि।
- विद्यार्थी अपने घर से विद्यालय तक पहुँचने के मार्ग का चित्र (रेखाचित्र) बनाएँ:
- चर्चा – दिशाएँ:
- “सुबह सूर्य किस दिशा से उगता है?” (पूर्व)
- “शाम को सूर्य किस दिशा में डूबता है?” (पश्चिम)
- “मानचित्र पर ऊपर किस दिशा को दिखाता है?” (उत्तर)
- गतिविधि (पृष्ठ 48-49):
- विद्यार्थी अपने घर और विद्यालय के आस-पास दिखने वाले चार वाहनों के चित्र बनाएँ और उनके नाम लिखें।
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “मानचित्र (नक्शा) किस काम आता है?” (जगहें/रास्ते खोजने के लिए)
- गृहकार्य: “अपने घर से विद्यालय तक के मार्ग का चित्र बनाएँ (सरल रेखाचित्र)।”
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, अभिनय एवं वाहन चित्र
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य – घर से विद्यालय तक के मार्ग का चित्र साझा करें (2-3 विद्यार्थी)।
- प्रश्न: “मेले में कौन-कौन से वाहन दिखते हैं?” (बस, ऑटो, कार, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘आइए, मंथन करें!’ (पृष्ठ 50):
- (क) चर्चा: “हम अपने बड़ों का ध्यान किस तरह से रख सकते हैं?” (हाथ पकड़ना, सीट देना, सहायता करना)
- (ख) “हमारे आस-पास के परिवेश में कौन-कौन से वाहन दिखते हैं?” (बस, ऑटो, साइकिल, कार, ट्रक, बुलडोज़र, आदि)
- (ग) “यात्रा करने के दौरान अपनी सुरक्षा का ध्यान कैसे रखा जा सकता है?” (सीट बेल्ट, खिड़की से बाहर न निकलें, बड़ों का हाथ)
- गतिविधि – वाहनों के चित्र (पृष्ठ 50):
- विद्यार्थी अपनी कॉपी में चार वाहनों के चित्र बनाएँ और उनके नाम लिखें:
- बस, कार, साइकिल, ऑटो-रिक्शा, ट्रेन, हवाई जहाज (कोई भी चार)
- विद्यार्थी अपनी कॉपी में चार वाहनों के चित्र बनाएँ और उनके नाम लिखें:
- अभिनय (रोल-प्ले) – मेले का दृश्य (पृष्ठ 50):
- शिक्षक की सहायता से कक्षा में मेले का दृश्य नाटकीय रूप में दिखाएँ।
- भूमिकाएँ:
- दुकानदार – खिलौने, मिठाई, चूड़ियाँ, स्टेशनरी बेचने वाले
- खरीददार – परिवार के सदस्य (बच्चे, बड़े)
- पुलिस कर्मी – सुरक्षा के लिए
- खोया-पाया बूथ कार्यकर्ता
- खोजी कुत्ता (sniffer dog)
- विद्यार्थी खिलौने, कठपुतली, खेल वाले पैसे, मिट्टी के खिलौने आदि का उपयोग करके अपना स्टॉल बनाएँ और दुकानदार-खरीददार का खेल खेलें।
- गतिविधि (पृष्ठ 50):
- विद्यार्थी मेले में होने वाली भिन्न-भिन्न भूमिकाओं, स्टॉल और खेलों के बारे में चर्चा करें और उसकी योजना बनाएँ।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभिनय की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “अपने आस-पास दिखने वाले 5 वाहनों के चित्र बनाएँ और रंग भरें।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए वाहनों के चित्रों का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- नीता और राधा मेले में किसके साथ गईं? (परिवार, पड़ोसी, दादीजी)
- वे मेले में किस वाहन से गईं? (बस)
- बस में सुरक्षा के लिए क्या नियम हैं? (सिर/हाथ खिड़की से बाहर न निकालें)
- मेले में ‘खोया-पाया बूथ’ क्यों होता है? (खोई चीज़/व्यक्ति ढूँढने के लिए)
- खोजी कुत्ता किस काम आता है? (पुलिस की मदद करता है)
- आपको मेले में कौन-सी चीज़ सबसे अच्छी लगी? (विद्यार्थी अपने विचार साझा करें)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘मेले में हम’ पाठ में नीता और राधा मेले में कैसे गईं? (बस में)
- (ख) मेले में बच्चों ने कौन-कौन से खिलौने खरीदे? (लट्टू, कठपुतली, फिरकी, गुड़िया)
- (ग) मेले में क्या-क्या खाया? (गोलगप्पे, चाट, छोले-कुलचे, जलेबी, कुल्फी)
- (घ) मेले में ‘खोया-पाया बूथ’ क्यों होता है?
- (ङ) यात्रा के दौरान सुरक्षा के दो नियम लिखिए।
- गतिविधि (पृष्ठ 48):
- विद्यार्थी नक्शा देखकर प्रश्नों के उत्तर दें (पुनरावृत्ति):
- (क) “रोहित और स्नेहा के घर का पता लगाइए और उस पर गोला लगाइए।”
- (ख) “नीता और राधा के घर का पता लगाइए और उस पर गोला लगाइए।”
- (ग) “किसका घर पेड़-मैदान के अधिक समीप है?” (रोहित और स्नेहा)
- विद्यार्थी नक्शा देखकर प्रश्नों के उत्तर दें (पुनरावृत्ति):
- समूह चर्चा:
- “क्या आपको लगता है कि मेले में सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए? क्यों?” (हाँ – भीड़, दुर्घटना, चोरी से बचने के लिए)
- “हम अपने बड़ों का ध्यान कैसे रख सकते हैं?” (हाथ पकड़ना, सीट देना, उनकी बात सुनना)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘मेले में हम’ पाठ ने हमें मेले के आनंद, यातायात के साधनों, सुरक्षा नियमों, खोया-पाया बूथ, खोजी कुत्ते और मानचित्र के बारे में सिखाया। नीता और राधा ने अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ मेले में जाकर खिलौने, झूले, जादू, स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। मेले में एंबुलेंस, आग बुझाने वाली गाड़ी, पुलिस सुरक्षा के लिए होते हैं। खोया-पाया बूथ और खोजी कुत्ता खोई हुई चीज़ों/लोगों को ढूँढने में मदद करते हैं। हमें मानचित्र देखना और सुरक्षा नियमों का पालन करना सीखना चाहिए। “मेले में आनंद लो, पर सुरक्षा का ध्यान रखो!” “
- अगले पाठ ‘त्योहार मनाएँ एक साथ’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि ऋषि अपने परिवार के साथ पहाड़ों पर त्योहार मनाने कैसे जाते हैं और वहाँ वे क्या-क्या देखते हैं।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- मेले के चित्र/पोस्टर
- बस, ऑटो, कार, साइकिल, ट्रेन के चित्र
- मानचित्र (नक्शा) – पृष्ठ 44 और 48
- खिलौने, कठपुतली, खेल वाले पैसे (अभिनय के लिए)
- रंग, कागज़, पेंसिल (मानचित्र/वाहन चित्रकला के लिए)
- ट्रैफिक सिग्नल/सुरक्षा नियम कार्ड
- अभिनय के लिए स्टॉल/दुकान की सामग्री
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | मेले के अनुभव और गतिविधियों की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 2 | यातायात के साधनों और सुरक्षा नियमों की समझ | मौखिक/लिखित |
| 3 | खोया-पाया बूथ, खोजी कुत्ते की समझ | मौखिक/लिखित |
| 4 | मानचित्र पढ़ने और दिशाओं की समझ | नक्शा-आधारित प्रश्न |
| 5 | घर से विद्यालय तक मानचित्र बनाने का कौशल | चित्र/रेखाचित्र |
| 6 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (अभिनय, वाहन चित्र) | कला/समूह गतिविधि |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘मेला’, ‘बस’, ‘टिकट’, ‘खोया-पाया’, ‘खिलौना’ को क्या कहते हैं। मेले का नक्शा – बच्चों को स्थानिक कौशल (spatial skills) विकसित करने में सहायक है – उन्हें स्टॉलों की स्थिति, खोया-पाया बूथ, शौचालय, कूड़ेदान आदि की पहचान करने को कहें। अभिनय – बच्चों को आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने का अवसर देता है – उन्हें दुकानदार, खरीददार, पुलिस, कुत्ते की भूमिका निभाने को कहें। सुरक्षा नियम – बच्चों को यात्रा के दौरान बस/कार/साइकिल में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाएँ (सीट बेल्ट, हेलमेट, खिड़की से बाहर न निकलें)। खोया-पाया बूथ – बच्चों को बताएँ कि अगर कहीं भीड़ में वे खो जाएँ तो क्या करें (पुलिस/खोया-पाया बूथ पर जाएँ, बड़ों को बताएँ)। मानचित्र – बच्चों को दिशा-ज्ञान (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) की बुनियादी समझ दें ताकि वे मानचित्र पढ़ सकें। “मेले में आनंद लो, पर सुरक्षा का ध्यान रखो!” – इस संदेश को बार-बार दोहराएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
