क्लास का उद्देश्य:
बच्चे को ‘÷’ (भाग) का मतलब “बराबर-बराबर बाँटना” (Equal Sharing) समझ आ जाए। वह किसी संख्या को 2, 3, 4, या 5 के समूहों (Groups) में बिना किसी झंझट के बाँट सके।
1. 🍭 कहानी: ‘भाग’ का मतलब – “सबको बराबर मिले!”
कल्पना करो, आपके पास 12 लड्डू हैं, और आपके 4 दोस्त हैं। आप सभी दोस्तों को बराबर-बराबर (Equal) लड्डू देना चाहते हैं।
अब आप सोचेंगे: “अगर मैं हर किसी को 1-1 लड्डू दूँ, तो कितने राउंड लगेंगे?”
आप एक-एक करके बाँटेंगे:
- पहला राउंड: हर दोस्त को 1 लड्डू → खर्च हुए 4 (बचे 8)
- दूसरा राउंड: हर दोस्त को 1 और लड्डू → खर्च हुए 4 (बचे 4)
- तीसरा राउंड: हर दोस्त को 1 और लड्डू → खर्च हुए 4 (बचे 0)
अब हर दोस्त के पास 3-3 लड्डू हैं।
👉 गणित में इस ‘बाँटने’ की प्रक्रिया को ‘भाग’ (Division) कहते हैं।
हम इसे लिखते हैं: 12 ÷ 4 = 3 (बोलें: 12 को 4 से भाग देने पर 3 आता है)।
गोल्डन रूल: भाग = कुल चीज़ों को बराबर-बराबर समूहों (Groups) में बाँटना।
2. ✋ तरीका 1: एक-एक करके बाँटना (Sharing One-by-One) – सबसे आसान
जब बच्चे छोटे होते हैं, तो वे असली चीज़ें (टॉफी, कंचे) बाँटकर भाग सबसे अच्छे से समझते हैं।
उदाहरण: 15 मिठाइयाँ, 3 बच्चे। हर बच्चे को कितनी मिलेंगी?
- कागज पर 15 गोले बनाओ (या कंचे ले लो)।
- अब 3 बक्से (या प्लेट) बनाओ।
- एक-एक करके हर प्लेट में 1 गोला रखो।
- पहला राउंड → 3 गए, बचे 12। दूसरा राउंड → 3 गए, बचे 9। तीसरा → बचे 6। चौथा → बचे 3। पाँचवाँ → बचे 0।
- गिनो कितने राउंड लगे? 5 राउंड!
- मतलब, 15 ÷ 3 = 5 (हर बच्चे को 5 मिठाइयाँ मिलीं)।
3. ➖ तरीका 2: बार-बार घटाना (Repeated Subtraction) – गुणा का उल्टा
हम जानते हैं कि 20 ÷ 4 = ?
इसका मतलब है, 20 में से बार-बार 4 घटाओ, जब तक 0 न आ जाए। देखते हैं कितनी बार 4 घटाना पड़ता है:
- 20 – 4 = 16 (एक बार)
- 16 – 4 = 12 (दो बार)
- 12 – 4 = 8 (तीन बार)
- 8 – 4 = 4 (चार बार)
- 4 – 4 = 0 (पाँच बार)
हमें 5 बार 4 घटाना पड़ा। इसलिए, 20 ÷ 4 = 5।
(ध्यान दें: यह बिल्कुल गुणा के पहाड़े जैसा है, बस उल्टा!)
4. 🔗 तरीका 3: गुणा का उल्टा (Inverse of Multiplication) – सबसे फास्ट
यह तरीका तभी काम करता है जब आपको पहाड़े (Tables) याद हों। भाग, गुणा का उल्टा खेल है।
- अगर 4 × 3 = 12, तो 12 ÷ 4 = 3 और 12 ÷ 3 = 4।
- अगर 5 × 6 = 30, तो 30 ÷ 5 = 6 और 30 ÷ 6 = 5।
कैसे खेलें?
शिक्षक पूछेंगे: “18 ÷ 3 = ?”
बच्चा सोचेगा: “3 को किस संख्या से गुणा करूँ कि 18 आ जाए? 3 × 6 = 18”
तो उत्तर है: 18 ÷ 3 = 6।
5. 🧁 थोड़ा बचा तो क्या? (शेषफल – Remainder)
हमेशा चीज़ें पूरी-पूरी (Exactly) नहीं बँटतीं। कभी-कभी कुछ बच जाता है।
उदाहरण: 13 लड्डू हैं, और 4 दोस्त हैं।
- 4 × 3 = 12 (3-3 लड्डू दे दो), कुल 12 बँट गए।
- 13 में से 12 निकालो → 1 लड्डू बच गया (जो किसी को नहीं मिला)।
- इस बचे हुए को ‘शेषफल’ (Remainder) कहते हैं।
- हम लिखते हैं: 13 ÷ 4 = 3 शेष 1 (बोलें: 13 को 4 से भाग देने पर 3 आता है और 1 बचता है)।
नोट: 0-20 तक की संख्याओं में, हम पहले पूरा-पूरा (जैसे 12÷3, 15÷5) बाँटना सीखते हैं। शेषफल बाद में आता है।
6. 📝 खड़ा भाग (Vertical Division) – कॉपी में कैसे लिखें?
गणित में भाग को एक खास चिन्ह ‘÷’ से दिखाते हैं, लेकिन कॉपी में कभी-कभी इस तरह लिखते हैं:
| भाग (Division) | सरल भाषा |
|---|---|
| 8 ÷ 2 = 4 | 8 में से 2 का जोड़ा (Group) बनाओ, 4 जोड़े बनेंगे। |
| 14 ÷ 2 = 7 | 14 को 2 बराबर भागों में बाँटो, 7 आएगा। |
| 15 ÷ 5 = 3 | 15 में 5-5 के कितने समूह? तीन समूह! |
7. 🧠 कक्षा-अभ्यास (आओ बाँटें!)
गतिविधि 1: ‘मिठाई बाँटो’ (ग्रुपिंग)
- शिक्षक बोर्ड पर 20 क्रॉस (✖) बनाते हैं।
- कहते हैं: “इन 20 को 4 बराबर समूहों में बाँटो” → बच्चा हर समूह में 5-5 गिनकर अलग करेगा (20÷4=5)।
- इसी तरह: 12 को 3 में (12÷3=4), 10 को 2 में (10÷2=5) करें।
गतिविधि 2: कतार बनाओ (Line Up Game)
- 8 बच्चे खड़े करें। कहें: “2-2 की जोड़ियाँ (Pairs) बनाओ!” → 4 जोड़ियाँ बनेंगी (8÷2=4)।
- कहें: “4-4 की कतारें बनाओ!” → 2 कतारें बनेंगी (8÷4=2)।
गतिविधि 3: पहाड़ा गाओ और उल्टा बोलो
- शिक्षक बोले: “5 × 4 = 20” → बच्चे बोलें: “20 ÷ 5 = 4” और “20 ÷ 4 = 5” (फैक्ट्री फैमिली)।
8. 🏠 गृह कार्य (Homework – बिना शेष वाला)
- बाँटकर बताओ (Solve by Sharing):
- 16 कंचे, 2 दोस्त → हर दोस्त को मिले = ______ (16 ÷ 2 = 8)
- 18 केले, 3 बंदर → हर बंदर को मिले = ______ (18 ÷ 3 = 6)
- 10 रोटियाँ, 5 गाय → हर गाय को मिलीं = ______ (10 ÷ 5 = 2)
- गुणा को भाग में बदलो (Turn Multiplication into Division):
- 3 × 5 = 15 → 15 ÷ 3 = ____ और 15 ÷ 5 = ____
- 4 × 6 = 24 → 24 ÷ 4 = ____ और 24 ÷ 6 = ____
- खाली स्थान भरो (Fill in the blanks – पहाड़ा याद करके):
- 14 ÷ 2 = ______
- 25 ÷ 5 = ______
- 12 ÷ 4 = ______
✅ शिक्षक के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
- ‘भाग’ का अर्थ ‘बाँटना’ है, ‘काटना’ नहीं: बच्चों को यह कतई न बताएँ कि भाग का मतलब संख्या को ‘काट देना’ है। हमेशा कहें कि यह ‘बराबर-बराबर समूहों में बाँटना’ है।
- गुणा और भाग को साथ-साथ पढ़ाएँ: जब बच्चा कोई पहाड़ा बोले, तो उसी समय उसके भाग (Division fact) भी बोलें। जैसे: “2×3=6, तो 6÷2=3, 6÷3=2”. इससे दोनों कॉन्सेप्ट एक साथ क्लियर हो जाते हैं।
- बड़ी संख्याओं में कूदें नहीं: इस स्तर पर केवल उन्हीं भागों पर फोकस करें जो 2, 3, 4, 5 के पहाड़ों में आते हैं (जैसे 20÷5, 12÷3, 18÷2)। ‘शेषफल’ (Remainder) वाली समस्याएँ (जैसे 17÷5) तब तक न दें, जब तक बच्चा बिना शेष वाले पूरी तरह पक्के न कर ले।
- कन्फ्यूजन दूर करें: बच्चे अक्सर भाग को जोड़/घटाव से मिला देते हैं। बार-बार पूछें: “हम यहाँ बाँट रहे हैं, जोड़/घटा नहीं रहे!”

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
