कार्य का महत्व (Importance of Work) – नोट्स

💼 कार्य का महत्व (Importance of Work) – नोट्स

1. गतिविधियों के प्रकार

लोग मुख्य रूप से दो प्रकार की गतिविधियों में शामिल होते हैं:

गतिविधि का प्रकारविशेषताएँउदाहरण
आर्थिक गतिविधियाँवे गतिविधियाँ जिनमें मुद्रा शामिल होती है, या जो पैसे या पैसे के मूल्य के बदले की जाती हैं। इनका उद्देश्य लाभ कमाना होता है।स्कूल बैग बेचना, केस लड़ना और फीस कमाना, कपड़े की दुकान चलाना, पायलट के रूप में सेवा करना, सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करना।
गैर-आर्थिक गतिविधियाँवे गतिविधियाँ जो व्यक्तिगत संतुष्टि, प्यार, देखभाल या सद्भावना के लिए की जाती हैं, जिनमें पैसे का लेन-देन शामिल नहीं होता।आस-पड़ोस के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना, परिवार के लिए भोजन बनाना, बीमार दादा-दादी की देखभाल करना, सामुदायिक सफाई में स्वयंसेवा करना।

2. दैनिक जीवन में योगदान

  • आर्थिक गतिविधियाँ: ये भोजन, कपड़े और सेवाओं जैसी आवश्यक चीजें प्राप्त करने में मदद करती हैं। ये परिवारों को चलाने के लिए पैसा उपलब्ध कराती हैं (पैसे के बिना जीवन नहीं चल सकता)।
  • गैर-आर्थिक गतिविधियाँ: ये मजबूत रिश्ते बनाने, भावनात्मक समर्थन देने, सामुदायिक बंधन को मजबूत करने और सुखद यादें बनाने में मदद करती हैं। ये व्यक्ति को प्यार तथा समर्थन सिखाती हैं।

3. अनु और कबीर की कहानी से उदाहरण

कहानी के पात्रकार्यगतिविधि का प्रकार
अनु के पिताकपड़े की दुकान चलाते हैं।आर्थिक
गीता आंटीभारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में सेवारत।आर्थिक
अनु की माँअपने पति की मदद करती है; समुदाय की महिलाओं को बुनाई सिखाती है।आर्थिक/गैर-आर्थिक
रोहनसॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य करता है; छात्रों को स्वैच्छिक रूप से कंप्यूटर कौशल सिखाता है।आर्थिक/गैर-आर्थिक
कबीर के दादाआस-पड़ोस के बच्चों को स्वयंसेवा से निःशुल्क पढ़ाते हैं।गैर-आर्थिक
  • शिक्षक बनाम कबीर के दादा: अध्यापक द्वारा विद्यालय में पढ़ाना एक आर्थिक गतिविधि है (वेतन मिलता है)। कबीर के दादाजी द्वारा निःशुल्क पढ़ाना एक गैर-आर्थिक गतिविधि है (कोई भुगतान नहीं मिलता)।

4. आर्थिक गतिविधियों के प्रकार और पारिश्रमिक

लोगों को उनकी आर्थिक गतिविधियों के लिए विभिन्न तरीकों से भुगतान (पारिश्रमिक) दिया जाता है:

पारिश्रमिक का प्रकारपरिभाषाउदाहरण
वेतन (Salary)आमतौर पर महीने में एक बार मिलने वाली एक निश्चित राशि।एक शिक्षक को स्कूल में पढ़ाने के लिए वेतन मिलता है।
मजदूरी (Wages)किए गए घंटों या काम की मात्रा के आधार पर भुगतान।किसी समारोह में काम करने वाले वेटर को प्रति घंटे के हिसाब से पैसे मिलते हैं।
शुल्क/फीस (Fees)पेशेवर सेवाओं के बदले लिया जाने वाला भुगतान।एक डॉक्टर रोगियों को चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए शुल्क लेता है।
कमीशन (Commission)बिक्री या समझौता पूरा होने के बाद पैसे का कुछ प्रतिशत।एक विक्रेता अपनी बिक्री का कुछ प्रतिशत कमाता है।
वस्तु के रूप में भुगताननकद के बजाय सामानों के रूप में भुगतान।एक किसान को नकद भुगतान के बजाय अनाज या सब्जियों के रूप में भुगतान मिल सकता है।

5. सामुदायिक सेवा गतिविधियाँ

  • सामुदायिक सहभागिता की परंपराएँ: स्वच्छ भारत अभियान, वन महोत्सव (पेड़ लगाना), धार्मिक त्योहारों पर मिल-जुलकर काम करना, वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देना।
  • त्योहारों पर गतिविधियाँ: त्योहारों पर सजावट करना और व्यंजन बनाना गैर-आर्थिक गतिविधियाँ हैं, क्योंकि इनका उद्देश्य पैसे कमाना नहीं, बल्कि खुशी, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक बंधन को मजबूत करना होता है।
  • सम्मान: सामुदायिक सेवा में लगे लोग अत्यधिक सम्माननीय होते हैं क्योंकि:
    • वे जरूरतमंदों की मदद करते हैं (सकारात्मक बदलाव लाते हैं)।
    • वे सामुदायिक बंधन और एकजुटता को मजबूत करते हैं।
    • वे महत्वपूर्ण मुद्दों (गरीबी, पर्यावरण) के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं।
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