🧠 बुद्धि का समूह कारक सिद्धान्त (थर्स्टन)
(Group Factor Theory of Intelligence – Thurstone)
(B.Ed., D.El.Ed., CTET/TET, बाल विकास एवं मनोविज्ञान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण Notes)
1. सिद्धान्त का परिचय
बुद्धि का समूह कारक सिद्धान्त अमेरिकी मनोवैज्ञानिक
एल. एल. थर्स्टन
द्वारा प्रतिपादित किया गया।
👉 यह सिद्धान्त स्पीयरमैन के एक कारक (g-factor) सिद्धान्त के विरोध में प्रस्तुत किया गया।
👉 थर्स्टन का मत था कि बुद्धि एक ही सामान्य शक्ति नहीं, बल्कि कई स्वतंत्र मानसिक क्षमताओं का समूह है।
2. सिद्धान्त का मूल विचार
थर्स्टन के अनुसार—
- बुद्धि अनेक स्वतंत्र लेकिन संबंधित क्षमताओं से बनी होती है
- प्रत्येक व्यक्ति में इन क्षमताओं का स्तर अलग-अलग होता है
- इन क्षमताओं को उन्होंने प्राथमिक मानसिक क्षमताएँ (Primary Mental Abilities – PMA) कहा
3. प्राथमिक मानसिक क्षमताएँ (Primary Mental Abilities)
थर्स्टन ने 7 प्रमुख समूह कारक बताए:
1️⃣ मौखिक बोध (Verbal Comprehension – V)
- शब्दों, वाक्यों और भाषा को समझने की क्षमता
- भाषा, साहित्य, अध्यापन में महत्वपूर्ण
2️⃣ शब्द प्रवाह (Word Fluency – W)
- शीघ्रता से शब्दों का प्रयोग करने की क्षमता
- भाषण, लेखन, वाद-विवाद में सहायक
3️⃣ संख्यात्मक क्षमता (Number Ability – N)
- संख्याओं के साथ कार्य करने की क्षमता
- गणित, लेखांकन, विज्ञान में उपयोगी
4️⃣ स्थानिक क्षमता (Spatial Ability – S)
- आकृतियों, दिशा, दूरी को समझने की क्षमता
- वास्तुकला, इंजीनियरिंग, ड्राइंग में उपयोगी
5️⃣ स्मृति (Memory – M)
- तथ्यों, शब्दों, अंकों को याद रखने की क्षमता
- अध्ययन और सीखने में सहायक
6️⃣ तर्क क्षमता (Reasoning – R)
- तार्किक निष्कर्ष निकालने की क्षमता
- समस्या समाधान, निर्णय क्षमता से जुड़ी
7️⃣ बोध गति (Perceptual Speed – P)
- वस्तुओं में समानता–असमानता शीघ्र पहचानने की क्षमता
- क्लेरिकल कार्य, परीक्षणों में सहायक
4. थर्स्टन के सिद्धान्त की प्रमुख विशेषताएँ
- बुद्धि बहु-आयामी है
- प्रत्येक क्षमता स्वतंत्र रूप से विकसित हो सकती है
- व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में श्रेष्ठ और दूसरे में सामान्य हो सकता है
- बुद्धि को व्यावहारिक रूप से मापने पर बल
5. स्पीयरमैन बनाम थर्स्टन (संक्षिप्त तुलना)
| आधार | स्पीयरमैन | थर्स्टन |
|---|---|---|
| बुद्धि का स्वरूप | एक सामान्य कारक (g) | कई समूह कारक |
| दृष्टिकोण | एकात्मक | बहु-आयामी |
| व्यक्तिगत अंतर | कम स्पष्ट | अधिक स्पष्ट |
| शैक्षिक उपयोग | सीमित | अधिक व्यावहारिक |
6. शैक्षिक महत्व
- विद्यार्थियों की विभिन्न क्षमताओं की पहचान
- विषय चयन और व्यावसायिक मार्गदर्शन में सहायक
- प्रतिभाशाली बच्चों की विशेष क्षमताओं को उभारने में उपयोगी
- व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझने में मदद
7. सिद्धान्त की सीमाएँ
- क्षमताएँ पूर्णतः स्वतंत्र नहीं होतीं
- सामान्य बुद्धि (g) की भूमिका को कम आँकना
- सभी मानसिक क्षमताओं को शामिल नहीं करता
8. निष्कर्ष
थर्स्टन का समूह कारक सिद्धान्त यह स्पष्ट करता है कि—
बुद्धि एक शक्ति नहीं, बल्कि कई मानसिक क्षमताओं का संगठित समूह है।
👉 यह सिद्धान्त शिक्षा में व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी है।
9. परीक्षा-उपयोगी बिंदु (One-liners)
✔ थर्स्टन ने 7 प्राथमिक मानसिक क्षमताएँ बताईं
✔ यह सिद्धान्त g-factor के विरुद्ध है
✔ बुद्धि बहुआयामी मानी गई
✔ शिक्षा और मार्गदर्शन में अत्यंत उपयोगी
