हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ (Economic Activities) – नोट्स

यहाँ NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ 14 “हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ” के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरों और तथ्यों को छात्रों के लिए सुव्यवस्थित नोट्स के रूप में प्रस्तुत किया गया है।


📈 हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ (Economic Activities) – नोट्स

1. आर्थिक गतिविधियों का वर्गीकरण (Classification)

आर्थिक गतिविधियों को उनके कार्य के आधार पर तीन मुख्य क्षेत्रकों (Sectors) में वर्गीकृत किया जाता है।

क्षेत्रकआधार (कार्य)उदाहरण
प्राथमिक क्षेत्रक (Primary)प्रकृति से सीधे कच्चे माल का निष्कर्षण या उत्पादन शामिल। प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग होता है।खेती (कपास/फसल उगाना), खनन, मछली पकड़ना, वानिकी।
द्वितीयक क्षेत्रक (Secondary)प्राथमिक क्षेत्रक से प्राप्त कच्चे माल को प्रसंस्करण करके उत्पाद बनाना (विनिर्माण)।कार बनाना, कपड़ा मिल, ब्रेड पकाना (बेकरी), कच्चे तेल का शोधन, कागज बनाना, खाने योग्य तेल का उत्पादन।
तृतीयक क्षेत्रक (Tertiary)सेवाएँ प्रदान करना, न कि उत्पाद बनाना। ये सेवाएँ प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रकों को उनके संचालन में मदद करती हैं।शिक्षक, बैंकिंग, परिवहन (ट्रक), खुदरा बिक्री (कपड़ा विक्रेता की दुकान), बीमा।

2. क्षेत्रकों की परस्पर निर्भरता

तीनों क्षेत्रक आपस में जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे पर निर्भर हैं। यदि एक क्षेत्रक काम करना बंद कर देता है, तो इसका असर अन्य क्षेत्रकों पर भी पड़ सकता है।

उदाहरण 1: खाद्य उत्पाद की शृंखला

  1. प्राथमिक: किसान फसल उगाते हैं (कच्चा माल)।
  2. द्वितीयक: कारखाने उन फसलों को खाद्य उत्पादों में बदलते हैं (जैसे बिस्कुट या चिप्स)।
  3. तृतीयक: स्टोर, दुकानें या परिवहन सेवाएँ उन खाद्य उत्पादों को उपभोक्ताओं को बेचते हैं।

उदाहरण 2: कपड़े का उत्पादन (फ्लोचार्ट)

प्राथमिक क्षेत्रक (कपास उगाना) > द्वितीयक क्षेत्रक (कपड़ा मिल में धागा और कपड़ा बनाना) > तृतीयक क्षेत्रक (कपड़ा विक्रेता द्वारा बेचना/परिवहन)

द्वितीयक क्षेत्रक की तृतीयक क्षेत्रक पर निर्भरता

द्वितीयक क्षेत्रक, तृतीयक क्षेत्रक पर निर्भर है क्योंकि सेवाओं के बिना विनिर्माण (Manufacturing) कार्य सुचारु रूप से नहीं चल सकता:

  • परिवहन: कारखानों को अपने उत्पादों को स्टोर तक ले जाने के लिए डिलीवरी ट्रकों (तृतीयक क्षेत्रक) की आवश्यकता होती है।
  • बैंकिंग: कारखानों को उपकरण खरीदने या श्रमिकों को भुगतान करने के लिए ऋण की आवश्यकता होती है, जिसके लिए वे बैंकों (तृतीयक क्षेत्रक) पर निर्भर होते हैं।

3. स्थानीय उदाहरण और संगठन

  • स्थानीय आर्थिक गतिविधियाँ (उदाहरण):
    • प्राथमिक: खेती (कपास उगाना)।
    • द्वितीयक: कपड़ा मिल।
    • तृतीयक: कपड़ा विक्रेता की दुकान, बस चलाना।
  • सहकारी दुग्ध संगठन (Cooperative Milk Organisations): अमूल के समान कई अन्य सहकारी संगठन हैं जो किसानों, अशक्त लोगों और महिलाओं को एकजुट करके उनके जीवन को समृद्ध करते हैं।
    • उदाहरण: केरल को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (KCMMF या MILMA), मदर डेयरी (दिल्ली), सुधा (बिहार)।

4. अभ्यास प्रश्न पर आधारित क्षेत्रकों का वर्गीकरण

(संदर्भ: कागज बनाने की प्रक्रिया)

संबंधित कार्यक्षेत्रक
पेड़ों की कटाईप्राथमिक क्षेत्रक
कटे हुए पेड़ों को एकत्रित करनातृतीयक क्षेत्रक
ट्रक में इन पेड़ों को भरनातृतीयक क्षेत्रक
पेड़ों को ले जाना (परिवहन)तृतीयक क्षेत्रक
कागज बनाना (विनिर्माण)द्वितीयक क्षेत्रक
कागज को ले जानातृतीयक क्षेत्रक
कागज प्रिंट करना (मुद्रण/विनिर्माण)द्वितीयक क्षेत्रक
किताबें बेचना (खुदरा बिक्री)तृतीयक क्षेत्रक
Spread the love

You cannot copy content of this page