उपरिव्यय की परिभाषा :- खरीदी हुई वस्तु को बिक्री केंद्र तक लाने तथा उसके रख-रखाव में किए गए खर्च को उपरिव्यय कहते हैं।
लागत मूल्य की परिभाषा :- क्रयमूल्य तथा उपरिव्यय के योगफल को लागत मूल्य कहा जाता हैं
बट्टा के सूत्र [Discount formula]
जब सामान्यतः कोई व्यापारी अपने ग्राहक को कोई समान बेचता हैं, तो अंकित मूल्य पर कुछ छूट देता हैं, इसी छूट को बट्टा कहते हैं बट्टे का सामान्य अर्थ छूट से हैं।
Note : बट्टा सदैव अंकित मूल्य पर दिया जाता हैं।
विक्रय मूल्य = अंकित मूल्य – बट्टा
यदि किसी वस्तु को बेचने पर r% का बट्टा दिया जा रहा हो, तो
वस्तु का विक्रय मूल्य = अंकित मूल्य × (100-r)/100
⭐ MCQs on Batta (Discount)
सभी प्रश्नों के उत्तर और व्याख्या सहित
1. किसी वस्तु का अंकित मूल्य 500 रु. है और उस पर 10% बट्टा दिया जाता है। बट्टा कितना होगा?
A. 40
B. 45
C. 50
D. 60
उत्तर:
उत्तर: C. 50
व्याख्या: 10% of 500 = 50
2. अंकित मूल्य 800 और बट्टा 10% हो तो विक्रय मूल्य—
A. 680
B. 720
C. 760
D. 700
उत्तर:
उत्तर: B. 720
व्याख्या: 10% of 800 = 80, SP = 800 – 80 = 720
3. अंकित मूल्य 1000 रु. है और वस्तु 850 रु. में बेची जाती है। बट्टा % क्या है?
A. 10%
B. 12%
C. 15%
D. 20%
उत्तर:
उत्तर: C. 15%
व्याख्या: बट्टा = 1000 – 850 = 150
Discount% = (150/1000)×100 = 15%
4. 1200 रु. के सामान पर 25% बट्टा दिया जाता है। बट्टा की राशि—
A. 200
B. 250
C. 300
D. 400
उत्तर:
उत्तर: C. 300
व्याख्या: 25% of 1200 = 300
5. एक वस्तु का अंकित मूल्य 1500 रु. है। उसे 1350 रु. में बेचा गया। बट्टा प्रतिशत कितना?
A. 5%
B. 8%
C. 10%
D. 12%
उत्तर:
उत्तर: C. 10%
व्याख्या: बट्टा = 1500 – 1350 = 150
Discount% = (150/1500)×100 = 10%



मनीलाल पटेल, जिन्हें सभी प्रेम से मनीभाई नवरत्न के नाम से जानते हैं, शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित और प्रेरणादायक शिक्षक हैं। वे M.Sc., B.Ed., NET योग्यताधारी हैं तथा NCC एवं HWB प्रमाणन भी रखते हैं।
मनी सर वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय (NVS) तथा प्रयास विद्यालय के प्रवेश परीक्षा हेतु छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। और साथ में Edudepart में वरिष्ठ मुख्य संपादक के रूप में अपनी निशुल्क सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
हिंदी माध्यम से जुड़े मनी सर एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं —वे व्यंग्य कवि, गीतकार, गायक, यूट्यूबर, ब्लॉगर और लेखक भी हैं।
शिक्षा और साहित्य—दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए मनी सर निरंतर विद्यार्थियों एवं पाठकों को प्रेरित करते रहते हैं।

