चतुर्भुज की रचना कक्षा 8 गणित

चतुर्भुज की रचना कक्षा 8 गणित

  • एक विशिष्ट चतुर्भुज की रचना के लिए चतुर्भुज के कम से कम पाँच अवयवों की माप ज्ञात होना आवश्यक है, जिनमें अधिकतम तीन कोण हों।
  • चतुर्भुज की रचना के पूर्व कच्चा रेखाचित्र बनाकर अवयवों की मापों को अंकित कर देना उपयोगी रहता है।
  • किसी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि चतुर्भुज की :
    • चार भुजाएँ व एक विकर्ण दिया हो।
    • तीन भुजाएँ व दो विकर्ण दिये हों।
    • चार भुजाएँ व एक कोण दिया हो।
    • तीन भुजाएँ व दो अंतर्गत कोण दिये हों।
    • दो आसन्न भुजाएं व तीन कोण दिये हों।
  • यदि चतुर्भुज की एक भुजा व चार कोण दिये हों तो एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना नहीं की जा सकती।
  • चतुर्भुज की रचना तभी संभव है यदि उसकी माप निम्न शर्त को संतुष्ट करे :
    • चतुर्भुज की किन्हीं तीन भुजाओं का योग चौथी भुजा से अधिक हो।
    • चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° हो।

किसी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि चतुर्भुज की चार भुजाएँ व एक विकर्ण दिया हो।

समान्तर चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसमें AB = 3.5 सेमी, BC= 5 सेमी तथा विकर्ण AC= 8 सेमी।

  • सर्वप्रथम AB = 3.5 सेमी का एक रेखाखण्ड खींचिए।
  • बिन्दु A से 8 सेमी त्रिज्या का चाप काटिए।
  • बिन्दु B से 5 सेमी त्रिज्या का चाप चरण 2 के चाप पर काटिए। जहाँ ये चाप कटते हैं वह C बिन्दु है।
  • बिन्दु C को बिन्दु A व बिन्दु B से पटरी की सहायता से मिलाइए।
  • बिन्दु C व बिन्दु A से क्रमशः 5 सेमी व 3.5 सेमी का चाप काटिए, जहाँ ये चाप कटें, उसे D से नामांकित कीजिए।
  • बिन्दु D को बिन्दु A व बिन्दु C से मिलाइए। इस प्रकार ABCD एक समान्तर चतुर्भुज प्राप्तहुआ

किसी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि तीन भुजाएँ व दो विकर्ण दिये हों।

चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB = 4 सेमी, AD = 3.5 सेमी, DC=5 सेमी, विकर्ण AC=7 सेमी और BD= 6 सेमी हो।

  • सर्वप्रथम AB = 4 सेमी का एक रेखाखण्ड खींचिए।
  • बिन्दु B को केन्द्र मानकर 6 सेमी त्रिज्या का एक चाप काटिए।
  • बिन्दु A को केन्द्र मानकर 3.5 सेमी का चाप चरण 2 में बनाए गए चाप पर काटिए। जहाँ ये दोनों चाप एक दूसरे को काटते हैं, उसे बिन्दु D से नामांकित कीजिए।
  • बिन्दु D को पटरी की सहायता से A व B से मिलाइए।
  • बिन्दु D व बिन्दु A से परकार की सहायता से क्रमशः 5 सेमी व 7 सेमी का चाप काटिए।
  • जहाँ ये दोनों चाप कटते हैं उसे बिन्दु C से नामांकित कीजिए। बिन्दु C को क्रमशः बिन्दु B,D व A से मिलाइए।

    किसी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि चतुर्भुज की चार भुजाएँ व एक कोण दिया हो।

    एक समान्तर चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसमें AB = 5 सेमी, BC=4 सेमी तथा ∠B = 110° हो

    • सर्वप्रथम AB= 5 सेमी का एक रेखाखण्ड खींचिए।
    • फिर बिन्दु B पर चाँदे की सहायता से ∠ABX = 110° का कोण बनाइए।
    • परकार से 4 सेमी त्रिज्या का चाप बिन्दु B से किरण BX पर काटिए। जिस बिन्दु पर चाप कटा उसे C बिन्दु से नामांकित कीजिए।
    • बिन्दु A व बिन्दु C से क्रमशः 4 सेमी व 5 सेमी त्रिज्या के चाप काटिए। जहाँ ये चाप कटें, उसे D बिन्दु से नामांकित कीजिए।
    • D को A व C से मिलाइए।

    किसी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि चतुर्भुज की तीन भुजाएँ व दो अंतर्गत कोण दिये हों।

    चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB = 3.6 सेमी, BC = 4 सेमी, CD=4.5 सेमी, ∠B =60° व ∠C= 90° हो।

    1. सर्वप्रथम AB = 3.6 सेमी का एक रेखाखण्ड खींचिए।
    2. बिन्दु B पर परकार की सहायता से ∠ABX = 60° का कोण बनाइए।
    3. BX पर बिन्दु B से 4 सेमी त्रिज्या का चाप काटिए। जहाँ ये चाप कटता है उसे C से नामांकित कीजिए।
    4. बिन्दु C पर परकार की सहायता से ∠BCY = 90° का कोण बनाइए।
    5. बिन्दु C से 4.5 सेमी का चाप लेकर CY पर काटिए, जहाँ ये चाप कटता है उसे D से नामांकित कीजिए। D को A से मिलाइए।

    किसी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि चतुर्भुज की दो आसन्न भुजाएं व तीन कोण दिये हों।

    चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसमें AB = 4 सेमी, BC = 3.6 सेमी, ∠A =60°, ∠C=90° और ∠D =100°

    • सर्वप्रथम रेखाखण्ड AB = 4 सेमी बनाते हैं।
    • बिन्दु A पर परकार की सहायता से ∠BAX=60° बनाते हैं।
    • बिन्दु B पर ∠ABY = 110° बनाते हैं।
    • बिन्दु B को केन्द्र मानकर BY में 3.6 सेमी त्रिज्या का चाप काटते हैं और कटान बिन्दु C प्राप्त करते हैं।
    • बिन्दु C पर परकार की सहायता से ∠BCZ = 90° बनाते हुये किरण CZ खींचते हैं जो किरण AX को बिन्दु D पर काटती है।

    समचतुर्भुज की रचना कीजिए जबकि उसके दोनों विकर्ण दिए हों

    समचतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसके विकर्ण AC=6 सेमी तथा BD =8 सेमी हों।

    1. सर्वप्रथम AC=6 सेमी का रेखाखण्ड खींचिए।
    2. रेखाखण्ड़ AC का समद्विभाजन कीजिए। AC की समद्विभाजक रेखा XY इसे O पर काटती है। यह बिन्दु O विकर्णों का समद्विभाजक बिन्दु है।
    3. बिन्दु O से OD = OB = 8/2 = 4 सेमी त्रिज्या का चाप ऊपर व नीचे दोनों तरफ काटिए। तथा ऊपर एवं नीचे क्रमशः B एवं D से नामांकित कीजिए
    4. बिन्दु O से बिन्दु B व बिन्दु D को बिन्दु A व बिन्दु C दोनों से मिलाइए।