कक्षा 8 संस्कृत शिक्षक डायरी
सामान्य निर्देश (प्रत्येक दिन हेतु शिक्षण क्रम)
📌 सामान्य निर्देश (प्रत्येक दिन हेतु शिक्षण क्रम)
संस्कृत विषय में प्रत्येक पाठ के अध्ययन-अध्यापन हेतु निम्नलिखित 10-स्तरीय शिक्षण सोपानों का पालन किया जाएगा:
- आदर्श वाचन: शिक्षक द्वारा शुद्ध उच्चारण, सही गति, आरोह-अवरोह एवं लय के साथ पाठ/श्लोक का वाचन।
- अनुकरण वाचन: छात्रों द्वारा शिक्षक के पश्चात सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से वाचन।
- शब्दार्थ: कठिन शब्दों के अर्थ को स्पष्ट करना एवं शब्दकोश प्रयोग के लिए प्रेरित करना।
- अनुवाद: संस्कृत से हिन्दी तथा हिन्दी से संस्कृत वाक्य-रचना एवं अनुवाद अभ्यास।
- भावार्थ: पाठ या श्लोक का मूल सार, निहित नैतिक शिक्षा एवं उसका व्यावहारिक जीवन में महत्व।
- प्रश्नोत्तर: मौखिक एवं लिखित रूप से अभ्यास प्रश्नों का हल।
- व्याकरण अभ्यास: संधि, समास, कारक, विभक्ति, धातुरूप एवं प्रत्यय का व्यावहारिक बोध।
- पुनरावृत्ति: पूर्व दिवस में पढ़ाए गए अंशों का संक्षिप्त दोहराव।
- गृहकार्य: दिवस आधारित अभ्यास एवं स्वाध्याय कार्य।
- मूल्यांकन: मौखिक प्रश्नोत्तर, लघुरूप परीक्षा एवं प्रोजेक्ट कार्य द्वारा अधिगम स्तर का आकलन।
🗓️ मासिक शिक्षण योजना सारणी
📍 जून माह (13 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 1 – मङ्गलकामना (स्तुति) पूर्ण कराना।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 1 | पाठ 1 – मङ्गलकामना का आदर्श वाचन, श्लोक 1–2 | शिक्षक द्वारा शुद्ध उच्चारण एवं लय के साथ वाचन | छात्रों से सामूहिक वाचन कराना |
| 2 | श्लोक 1–2 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा शिक्षक के पीछे-पीछे वाचन | व्यक्तिगत वाचन अभ्यास |
| 3 | श्लोक 1–2 का शब्दार्थ (वीणाधरे, विपुलमङ्गलम्, भक्तार्तिनाशिनि, विरिञ्चहरीशवन्द्ये) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण एवं शब्दकोश प्रयोग | शब्दार्थ याद करना |
| 4 | श्लोक 1–2 का हिन्दी अनुवाद | शब्दानुवाद एवं भावानुवाद | अनुवाद लिखवाना |
| 5 | श्लोक 1–2 का भावार्थ | पाठ का सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 6 | श्लोक 3–4 का आदर्श वाचन एवं अनुकरण वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन, छात्रों द्वारा अनुकरण | वाचन अभ्यास |
| 7 | श्लोक 3–4 का शब्दार्थ (श्वेताब्ज, संस्थिते, मञ्जुगात्रे, विद्याप्रदायिनि) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 8 | श्लोक 3–4 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार समझाना | अनुवाद अभ्यास |
| 9 | सम्पूर्ण पाठ का पुनरावाचन एवं सामूहिक वाचन | वाचन सुधार | वाचन अभ्यास |
| 10 | अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक प्रश्नोत्तर | प्रश्न याद करना |
| 11 | अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (लिखित) | लिखित अभ्यास | उत्तर लिखवाना |
| 12 | अभ्यास प्रश्न 2 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 13 | अभ्यास प्रश्न 3–4 – संधि विच्छेद एवं रिक्त स्थान | व्याकरण अभ्यास | संधि अभ्यास |
| 14 | पाठ 1 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन एवं कंठस्थीकरण | श्लोक कंठस्थ कराना | श्लोक याद करना |
📍 जुलाई माह (26 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 2 – छत्तीसगढस्य लोकगीतानि, पाठ 3 – अनुशासनम्, पाठ 4 – सुभाषितानि।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 15 | पाठ 2 – छत्तीसगढस्य लोकगीतानि का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 16 | पाठ 2 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 17 | पाठ 2 का शब्दार्थ (लोकभाषासु, अविरल, परम्परा, प्रचलन्ति) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 18 | पाठ 2 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 19 | पाठ 2 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 20 | पाठ 2 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 21 | पाठ 2 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 22 | पाठ 2 के अभ्यास प्रश्न 3 – उचित संबंध जोड़िए | संबंध जोड़ना | संबंध याद करना |
| 23 | पाठ 2 के अभ्यास प्रश्न 4 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 24 | पाठ 2 के अभ्यास प्रश्न 5–8 – संधि, धातुरूप, शब्दरूप | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 25 | पाठ 2 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन एवं मासिक आकलन | पुनरावृत्ति एवं आकलन | मासिक आकलन |
| 26 | पाठ 3 – अनुशासनम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 27 | पाठ 3 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 28 | पाठ 3 का शब्दार्थ (अनुसरणम्, आत्मनियन्त्रणम्, संयमशीलः, परिलक्ष्यते) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 29 | पाठ 3 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 30 | पाठ 3 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 31 | पाठ 3 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 32 | पाठ 3 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 33 | पाठ 3 के अभ्यास प्रश्न 3 – संधि विच्छेद एवं समास विग्रह | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 34 | पाठ 3 के अभ्यास प्रश्न 4 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 35 | पाठ 3 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 36 | पाठ 4 – सुभाषितानि का आदर्श वाचन (श्लोक 1–3) | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 37 | श्लोक 1–3 का अनुकरण वाचन एवं शब्दार्थ | छात्रों द्वारा वाचन, शब्दार्थ | शब्दार्थ लिखवाना |
| 38 | श्लोक 1–3 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 39 | श्लोक 4–6 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अनुवाद | वाचन, शब्दार्थ, अनुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 40 | श्लोक 7–8 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अनुवाद | वाचन, शब्दार्थ, अनुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 41 | श्लोक 9–10 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अनुवाद | वाचन, शब्दार्थ, अनुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 42 | पाठ 4 के अभ्यास प्रश्न 1–2 – प्रश्नोत्तर एवं संबंध | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 43 | पाठ 4 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – अनुवाद एवं संधि | लिखित अभ्यास | अनुवाद अभ्यास |
| 44 | पाठ 4 के अभ्यास प्रश्न 5–6 – धातुरूप एवं श्लोकार्थ | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 45 | पाठ 4 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन एवं श्लोक कंठस्थीकरण | कंठस्थ कराना | श्लोक याद करना |
📍 अगस्त माह (21 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 5 – डॉ. सर्वपल्लीराधाकृष्णन्, पाठ 6 – प्राच्यनगरी सिरपुरम्, पाठ 7 – गीतागङ्गेदकम्।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 46 | पाठ 5 – डॉ. राधाकृष्णन् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 47 | पाठ 5 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 48 | पाठ 5 का शब्दार्थ (धर्मपरायणा, सर्वकारेण, ख्यातिः, अखिलम्) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 49 | पाठ 5 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 50 | पाठ 5 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 51 | पाठ 5 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 52 | पाठ 5 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 53 | पाठ 5 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – अनुवाद एवं संधि | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 54 | पाठ 5 के अभ्यास प्रश्न 5 – लिंग एवं वचन | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 55 | पाठ 5 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 56 | पाठ 6 – प्राच्यनगरी सिरपुरम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 57 | पाठ 6 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 58 | पाठ 6 का शब्दार्थ (व्यातः, शासति स्म, उपाधिना, अलङ्कृताः) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 59 | पाठ 6 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 60 | पाठ 6 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 61 | पाठ 6 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 62 | पाठ 6 के अभ्यास प्रश्न 3 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 63 | पाठ 6 के अभ्यास प्रश्न 4–5 – संधि विच्छेद एवं विभक्ति | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 64 | पाठ 6 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन एवं मासिक आकलन | पुनरावृत्ति एवं आकलन | मासिक आकलन |
| 65 | पाठ 7 – गीतागङ्गेदकम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 66 | पाठ 7 का अनुकरण वाचन एवं शब्दार्थ | छात्रों द्वारा वाचन, शब्दार्थ | शब्दार्थ लिखवाना |
| 67 | पाठ 7 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 68 | पाठ 7 के अभ्यास प्रश्न 1–2 – प्रश्नोत्तर एवं रिक्त स्थान | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 69 | पाठ 7 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – अनुवाद एवं संधि | लिखित अभ्यास | अनुवाद अभ्यास |
📍 सितम्बर माह (22 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 8 – ग्राम्यजीवनम्, पाठ 9 – षड्ऋतुवर्णनम्, पाठ 10 – राष्ट्रियः सञ्चयः, त्रैमासिक आकलन।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 70 | पाठ 8 – ग्राम्यजीवनम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 71 | पाठ 8 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 72 | पाठ 8 का शब्दार्थ (कृषीवलाः, कुल्याः, कर्षन्ति, वपन्ति) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 73 | पाठ 8 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 74 | पाठ 8 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 75 | पाठ 8 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 76 | पाठ 8 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 77 | पाठ 8 के अभ्यास प्रश्न 3 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 78 | पाठ 8 के अभ्यास प्रश्न 4–5 – समास विग्रह एवं संधि | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 79 | पाठ 8 के अभ्यास प्रश्न 6 – कृषीवल शब्द रूप | शब्द रूप अभ्यास | शब्द रूप याद करना |
| 80 | पाठ 8 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 81 | पाठ 9 – षड्ऋतुवर्णनम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 82 | पाठ 9 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 83 | पाठ 9 का शब्दार्थ (समशीतोष्ण, मलयानिलः, वनचराः, नभचराः) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 84 | पाठ 9 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 85 | पाठ 9 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 86 | पाठ 9 के अभ्यास प्रश्न 2 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 87 | पाठ 9 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 88 | पाठ 10 – राष्ट्रियः सञ्चयः का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 89 | पाठ 10 का अनुकरण वाचन एवं शब्दार्थ (लम्बते, मधुकोशः, मधुमक्षिकाः, आहृत्य) | छात्रों द्वारा वाचन, शब्दार्थ | शब्दार्थ लिखवाना |
| 90 | पाठ 10 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 91 | पाठ 10 के अभ्यास प्रश्न 1–2 – प्रश्नोत्तर एवं संधि | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 92 | पाठ 10 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – समास एवं अनुवाद | लिखित अभ्यास | अनुवाद अभ्यास |
| 93 | पाठ 10 के अभ्यास प्रश्न 5–7 – अनुवाद, धातुरूप, शब्दरूप | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 94 | पाठ 10 का पुनरावलोकन एवं त्रैमासिक आकलन | पुनरावृत्ति एवं आकलन | त्रैमासिक आकलन |
📍 अक्टूबर माह (17 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 11 – चतुरः वानरः, पाठ 12 – महर्षिः दधीचिः।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 95 | पाठ 11 – चतुरः वानरः का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 96 | पाठ 11 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 97 | पाठ 11 का शब्दार्थ (जम्बूवृक्षः, प्रतिवसति स्म, मकरः, अयच्छत्) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 98 | पाठ 11 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 99 | पाठ 11 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 100 | पाठ 11 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 101 | पाठ 11 के अभ्यास प्रश्न 2 – प्रश्नोत्तर (लिखित) | लिखित अभ्यास | उत्तर लिखवाना |
| 102 | पाठ 11 के अभ्यास प्रश्न 3 – नपुंसकलिङ्ग शब्द रूप | व्याकरण अभ्यास | शब्द रूप याद करना |
| 103 | पाठ 11 के अभ्यास प्रश्न 4 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 104 | पाठ 11 का पुनरावलोकन एवं नाट्य मंचन | नाट्य प्रस्तुति | नाट्य अभ्यास |
| 105 | पाठ 12 – महर्षिः दधीचिः का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 106 | पाठ 12 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 107 | पाठ 12 का शब्दार्थ (स्मर्यन्ते, करस्थम्, देहवन्तौ, विमुच्य) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 108 | पाठ 12 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 109 | पाठ 12 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 110 | पाठ 12 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 111 | पाठ 12 के अभ्यास प्रश्न 3 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 112 | पाठ 12 के अभ्यास प्रश्न 4–5 – संधि एवं समास | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 113 | पाठ 12 के अभ्यास प्रश्न 6 – धातुरूप एवं शब्दरूप | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 114 | पाठ 12 का पुनरावलोकन एवं मासिक आकलन | पुनरावृत्ति एवं आकलन | मासिक आकलन |
📍 नवम्बर माह (24 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 13 – रामगिरिः (रामगढम्), पाठ 14 – नीतिनवनीतम्, पाठ 15 – प्रकृतिर्वेदना।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 115 | पाठ 13 – रामगिरिः का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 116 | पाठ 13 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 117 | पाठ 13 का शब्दार्थ (मण्डलम्, अन्यतमः, वेंगराः, स्रोतः) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 118 | पाठ 13 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 119 | पाठ 13 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 120 | पाठ 13 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 121 | पाठ 13 के अभ्यास प्रश्न 2 – संधि विच्छेद | व्याकरण अभ्यास | संधि अभ्यास |
| 122 | पाठ 13 के अभ्यास प्रश्न 3 – समास विग्रह | व्याकरण अभ्यास | समास अभ्यास |
| 123 | पाठ 13 के अभ्यास प्रश्न 4 – संस्कृत में अनुवाद | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 124 | पाठ 13 के अभ्यास प्रश्न 5 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 125 | पाठ 13 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 126 | पाठ 14 – नीतिनवनीतम् का आदर्श वाचन (श्लोक 1–3) | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 127 | श्लोक 1–3 का अनुकरण वाचन एवं शब्दार्थ | छात्रों द्वारा वाचन, शब्दार्थ | शब्दार्थ लिखवाना |
| 128 | श्लोक 1–3 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 129 | श्लोक 4–6 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अनुवाद | वाचन, शब्दार्थ, अनुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 130 | श्लोक 7–8 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अनुवाद | वाचन, शब्दार्थ, अनुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 131 | श्लोक 9–10 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अनुवाद | वाचन, शब्दार्थ, अनुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 132 | पाठ 14 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 133 | पाठ 14 के अभ्यास प्रश्न 2 – श्लोक मेल | लिखित अभ्यास | श्लोक मेल |
| 134 | पाठ 14 के अभ्यास प्रश्न 3 – सही/गलत | लिखित अभ्यास | सही/गलत |
| 135 | पाठ 14 के अभ्यास प्रश्न 4–5 – संस्कृत अनुवाद एवं संधि | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद अभ्यास |
| 136 | पाठ 14 के अभ्यास प्रश्न 6–7 – संधि विच्छेद एवं कारक | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 137 | पाठ 14 का पुनरावलोकन एवं श्लोक कंठस्थीकरण | कंठस्थ कराना | श्लोक याद करना |
| 138 | पाठ 15 – प्रकृतिर्वेदना का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 139 | पाठ 15 का अनुकरण वाचन एवं शब्दार्थ (प्रचण्डोष्मणा, स्वेदबिन्दवः, प्रस्रवन्ति, वृक्षावलिः) | छात्रों द्वारा वाचन, शब्दार्थ | शब्दार्थ लिखवाना |
| 140 | पाठ 15 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 141 | पाठ 15 के अभ्यास प्रश्न 1–2 – प्रश्नोत्तर एवं कथन | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 142 | पाठ 15 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – विशेषण एवं वाक्य प्रयोग | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 143 | पाठ 15 का पुनरावलोकन एवं मासिक आकलन | पुनरावृत्ति एवं आकलन | मासिक आकलन |
📍 दिसम्बर माह (20 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 16 – मित्रं प्रति पत्रम्, पाठ 17 – अन्तरिक्षज्ञानम्, अर्धवार्षिक आकलन।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 144 | पाठ 16 – मित्रं प्रति पत्रम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 145 | पाठ 16 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 146 | पाठ 16 का शब्दार्थ (सस्नेहम्, प्रसीदम्, अपृच्छः, आह्लादेन) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 147 | पाठ 16 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 148 | पाठ 16 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 149 | पाठ 16 के अभ्यास प्रश्न 2–3 – संधि एवं रिक्त स्थान | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 150 | पाठ 16 के अभ्यास प्रश्न 4–5 – विभक्ति एवं शब्द रूप | व्याकरण अभ्यास | शब्द रूप याद करना |
| 151 | पाठ 16 का पुनरावलोकन एवं पत्र लेखन अभ्यास | पत्र लेखन | पत्र लिखवाना |
| 152 | पाठ 17 – अन्तरिक्षज्ञानम् का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 153 | पाठ 17 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 154 | पाठ 17 का शब्दार्थ (अनन्तम्, असीमम्, नक्षत्राणि, आदित्यः) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 155 | पाठ 17 का अनुवाद एवं भावार्थ | अनुवाद एवं सार | अनुवाद अभ्यास |
| 156 | पाठ 17 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 157 | पाठ 17 के अभ्यास प्रश्न 2 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 158 | पाठ 17 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – शब्द रूप एवं समास | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 159 | पाठ 17 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 160 | पाठ 1–17 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन (भाग 1) | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 161 | पाठ 1–17 का सम्पूर्ण पुनरावलोकन (भाग 2) | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 162 | अर्धवार्षिक आकलन | अर्धवार्षिक परीक्षा | — |
| 163 | अर्धवार्षिक आकलन | अर्धवार्षिक परीक्षा | — |
📍 जनवरी माह (25 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 18 – महाकविः कालिदासः, पाठ 19 – सूक्तयः।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 164 | पाठ 18 – महाकविः कालिदासः का आदर्श वाचन | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 165 | पाठ 18 का अनुकरण वाचन | छात्रों द्वारा वाचन | व्यक्तिगत वाचन |
| 166 | पाठ 18 का शब्दार्थ (कविकुलगुरुः, विद्वद्भिः, साहित्यकारेषु, उज्जयिन्याम्) | शब्दार्थ स्पष्टीकरण | शब्दार्थ लिखवाना |
| 167 | पाठ 18 का अनुवाद | शब्दानुवाद | अनुवाद अभ्यास |
| 168 | पाठ 18 का भावार्थ | सार एवं नैतिक शिक्षा | भावार्थ लिखवाना |
| 169 | पाठ 18 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 170 | पाठ 18 के अभ्यास प्रश्न 2 – उचित संबंध जोड़िए | लिखित अभ्यास | संबंध याद करना |
| 171 | पाठ 18 के अभ्यास प्रश्न 3 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 172 | पाठ 18 के अभ्यास प्रश्न 4–5 – संधि एवं समास | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 173 | पाठ 18 का पुनरावलोकन एवं कालिदास की कृतियाँ | चार्ट निर्माण | चार्ट बनाना |
| 174 | पाठ 19 – सूक्तयः का आदर्श वाचन (सूक्ति 1–5) | शिक्षक द्वारा वाचन | सामूहिक वाचन |
| 175 | सूक्ति 1–5 का अनुकरण वाचन एवं शब्दार्थ | छात्रों द्वारा वाचन, शब्दार्थ | शब्दार्थ लिखवाना |
| 176 | सूक्ति 1–5 का हिन्दी अर्थ | अर्थ स्पष्टीकरण | अर्थ लिखवाना |
| 177 | सूक्ति 6–10 का आदर्श वाचन, शब्दार्थ एवं अर्थ | वाचन, शब्दार्थ, अर्थ | अर्थ लिखवाना |
| 178 | पाठ 19 के अभ्यास प्रश्न 1 – प्रश्नोत्तर (मौखिक) | मौखिक अभ्यास | प्रश्न याद करना |
| 179 | पाठ 19 के अभ्यास प्रश्न 2 – धातुरूप | व्याकरण अभ्यास | धातुरूप याद करना |
| 180 | पाठ 19 के अभ्यास प्रश्न 3–4 – संधि एवं वाक्य प्रयोग | व्याकरण अभ्यास | व्याकरण अभ्यास |
| 181 | पाठ 19 के अभ्यास प्रश्न 5 – रिक्त स्थान पूर्ति | लिखित अभ्यास | रिक्त स्थान भरना |
| 182 | पाठ 19 का पुनरावलोकन एवं सूक्ति कंठस्थीकरण | कंठस्थ कराना | सूक्ति याद करना |
| 183 | पाठ 1–19 का पुनरावलोकन (भाग 1) | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 184 | पाठ 1–19 का पुनरावलोकन (भाग 2) | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 185 | मासिक आकलन | मासिक आकलन | — |
| 186 | व्याकरण – संधि (स्वर, व्यंजन, विसर्ग) | व्याकरण अभ्यास | संधि अभ्यास |
| 187 | व्याकरण – समास (अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय) | व्याकरण अभ्यास | समास अभ्यास |
| 188 | व्याकरण – समास (द्विगु, द्वन्द्व, बहुव्रीहि) | व्याकरण अभ्यास | समास अभ्यास |
📍 फरवरी माह (24 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पाठ 20 – परिशिष्टव्याकरणम्, सम्पूर्ण पुनरावलोकन।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 189 | व्याकरण – कारक एवं विभक्ति | व्याकरण अभ्यास | कारक अभ्यास |
| 190 | व्याकरण – धातुरूप (लट्, लङ्, लृट्, लोट्, विधिलिङ्) | व्याकरण अभ्यास | धातुरूप अभ्यास |
| 191 | व्याकरण – शब्द रूप (अकारान्त, आकारान्त, इकारान्त) | व्याकरण अभ्यास | शब्द रूप अभ्यास |
| 192 | पाठ 20 – परिशिष्टव्याकरणम् – संधि प्रकरण | व्याकरण अभ्यास | संधि अभ्यास |
| 193 | संधि के प्रकार एवं उदाहरण | व्याकरण अभ्यास | संधि अभ्यास |
| 194 | समास प्रकरण एवं उदाहरण | व्याकरण अभ्यास | समास अभ्यास |
| 195 | कारक एवं विभक्तियों का प्रयोग | व्याकरण अभ्यास | कारक अभ्यास |
| 196 | धातुरूप – लट् लकार (परस्मैपद, आत्मनेपद) | व्याकरण अभ्यास | धातुरूप अभ्यास |
| 197 | धातुरूप – लङ्, लृट् लकार | व्याकरण अभ्यास | धातुरूप अभ्यास |
| 198 | धातुरूप – लोट्, विधिलिङ् लकार | व्याकरण अभ्यास | धातुरूप अभ्यास |
| 199 | कृदन्त एवं तद्धित प्रत्यय | व्याकरण अभ्यास | प्रत्यय अभ्यास |
| 200 | संख्यावाची शब्द (21–50) | व्याकरण अभ्यास | संख्या अभ्यास |
| 201 | सर्वनाम शब्द रूप (अस्मद्, युष्मद्, तद्) | व्याकरण अभ्यास | सर्वनाम अभ्यास |
| 202 | विशेषण एवं विशेष्य | व्याकरण अभ्यास | विशेषण अभ्यास |
| 203 | अनुवाद अभ्यास (हिन्दी से संस्कृत) | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 204 | अनुवाद अभ्यास (संस्कृत से हिन्दी) | अनुवाद अभ्यास | अनुवाद लिखवाना |
| 205 | पत्र लेखन अभ्यास | पत्र लेखन | पत्र लिखवाना |
| 206 | निबन्ध रचना – विद्यालयः, धेनुः, उद्यानम् | निबन्ध लेखन | निबन्ध लिखवाना |
| 207 | निबन्ध रचना – गृहम्, मित्रम्, पर्व | निबन्ध लेखन | निबन्ध लिखवाना |
| 208 | अपठित गद्यांश अभ्यास | अपठित अभ्यास | अपठित अभ्यास |
| 209 | पाठ 1–5 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 210 | पाठ 6–10 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 211 | पाठ 11–15 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 212 | पाठ 16–19 का पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
📍 मार्च माह (23 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: पुनरावलोकन एवं वार्षिक आकलन।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 213 | मासिक आकलन | मासिक आकलन | — |
| 214 | वार्षिक परीक्षा की तैयारी – मॉडल प्रश्नपत्र हल | मॉडल पेपर | मॉडल पेपर |
| 215 | वार्षिक परीक्षा की तैयारी – मॉडल प्रश्नपत्र हल | मॉडल पेपर | मॉडल पेपर |
| 216 | सम्पूर्ण पाठ्यक्रम का द्रुत पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 217 | व्याकरण का द्रुत पुनरावलोकन | पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति |
| 218 | श्लोक, सूक्ति एवं नीति श्लोक कंठस्थीकरण | कंठस्थ कराना | श्लोक याद करना |
| 219 | मॉडल प्रश्नपत्र – 1 हल | मॉडल पेपर | मॉडल पेपर |
| 220 | मॉडल प्रश्नपत्र – 2 हल | मॉडल पेपर | मॉडल पेपर |
| 221 | मॉडल प्रश्नपत्र – 3 हल | मॉडल पेपर | मॉडल पेपर |
| 222 | वार्षिक आकलन | वार्षिक परीक्षा | — |
| 223 | वार्षिक आकलन | वार्षिक परीक्षा | — |
📍 अप्रैल माह (24 कार्य दिवस)
- लक्ष्य: परीक्षा परिणाम एवं उपचारात्मक शिक्षा।
| दिन | शिक्षण बिंदु | शिक्षण विधि | गृहकार्य |
| 224–247 | परीक्षा परिणाम घोषणा, उपचारात्मक शिक्षा, कमजोर छात्रों हेतु अतिरिक्त अभ्यास | उपचारात्मक शिक्षण | अतिरिक्त अभ्यास |
💡 शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश
- सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE): मासिक एवं त्रैमासिक आकलनों के आधार पर छात्रों की प्रगति का रिकॉर्ड रखें।
- संस्कृत सम्भाषण: कक्षा में सामान्य बोलचाल की भाषा के रूप में छोटे-छोटे संस्कृत वाक्यों (जैसे—अस्तु, धन्यवादः, कृपया, उत्तिष्ठतु, उपविशतु आदि) का प्रयोग करें।
- उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching): अप्रैल माह के अतिरिक्त, आवश्यकतानुसार प्रत्येक पाठ की समाप्ति पर पिछड़ रहे छात्रों की पहचान कर उनके लिए विशेष अभ्यास सत्र आयोजित करें।
कक्षा-८ संस्कृत प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
पाठः १ – मङ्गलाचरणम् (स्तुतिः)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः (अध्यापनबिन्दवः)
१. सरस्वतीवन्दनाश्लोकयोः अर्थं, उच्चारणं, लयश्च।
२. ‘वीणाधरे’, ‘विपुलमङ्गलम्’, ‘भक्तार्तिनाशिनि’, ‘विद्याप्रदायिनि’ इत्यादिशब्दानाम् अर्थः।
३. सन्धिविच्छेदस्य अभ्यासः – सुतास्ते, घृणायास्तु, नमस्तेऽस्तु, प्रार्थनीषा।
४. प्रार्थनायाः स्तुतेः च जीवने महत्त्वम्।
५. श्लोकानां कण्ठस्थीकरणम्।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते (बालाः क्या सीखेंगे?)
१. संस्कृतेन प्रार्थनां कर्तुं शिक्ष्यन्ति।
२. देवीसरस्वत्याः प्रति श्रद्धाभावं जानन्ति।
३. सन्धिनियमानाम् आरम्भिकं ज्ञानं प्राप्नुवन्ति।
४. शुद्धोच्चारणस्य महत्त्वम् अवगच्छन्ति।
पाठः २ – मङ्गलकामना (मङ्गलगीतम्)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. देशप्रेमस्य, राष्ट्रभक्तेश्च भावः।
२. प्रजातान्त्रिकव्यवस्थायाः परिचयः।
३. शिक्षा, स्वास्थ्यं, समानता चेति महत्त्वम्।
४. ‘भारतस्य उन्नतिः’ इति प्रार्थना।
५. क्रियापदानाम् अभ्यासः – लोट्लकारे (प्रयच्छ, भवाम इत्यादि)।
६. ‘सुतास्ते’, ‘वर्धताम्’ इत्यादिक्रियापदानां प्रयोगः।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. राष्ट्रस्य प्रति कर्तव्यं जानन्ति।
२. सामाजिकसमरसतायाः भावं गृह्णन्ति।
३. मातृभूमेः प्रति सम्मानं वर्धयन्ति।
४. एकतायाः, प्रेमभावस्य च महत्त्वं जानन्ति।
पाठः ३ – छत्तीसगढस्य लोकगीतानि
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. छत्तीसगढराज्यस्य लोकसंस्कृतेः, परम्परायाः च परिचयः।
२. लोकगीतानां प्रकाराः – संस्कारगीतम्, धार्मिकगीतम्, ऋतुगीतम्।
३. प्रमुखगीतानि – सोहर, सधौरीगीतम्, भाँवरगीतम्, विदागीतम्, चूलमाटीगीतम्।
४. लोकवाद्ययन्त्रम् – ‘बाँस’ (वंशी)।
५. लोकक्रीडा – ‘फुगडी’।
६. सन्धिविच्छेदः – धार्मिकोत्सवः, इत्युच्यते, ऋतुगीतञ्च।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. स्वराज्यस्य सांस्कृतिकविरासतं जानन्ति।
२. लोकगीतानाम्, नृत्यानां च महत्त्वम् अवगच्छन्ति।
३. सामूहिकोत्सवेषु, पर्वसु च रुचिः जाग्रति।
४. छत्तीसगढीयभाषायाः माधुर्यं जानन्ति।
पाठः ४ – अनुशासनम्
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. अनुशासनस्य अर्थः, महत्त्वं च।
२. आन्तरिकं, बाह्यं चेति अनुशासनस्य भेदाः।
३. आत्मानुशासनस्य जीवने महती आवश्यकता।
४. छात्रजीवने अनुशासनस्य स्थानम्।
५. समासविग्रहः – आत्मनियन्त्रणम्, मानवजीवने, समयानुकूलम्।
६. सन्धिविच्छेदः – आत्मानुशासनम्, सर्वाधिकम्, पालनमेव।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. अनुशासितजीवनस्य गौरवं जानन्ति।
२. आत्मसंयमं, विनम्रतां च वर्धयन्ति।
३. नियमानां पालनं कर्तव्यम् इति जानन्ति।
४. सफलतायाः कुञ्जिका अनुशासनम् इति अवगच्छन्ति।
पाठः ५ – सुभाषितानि
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. दशसुभाषितश्लोकाः – नीतिपरकशिक्षा।
२. गुरुसेवया विद्याप्राप्तिः (शुश्रूषुः अधिगच्छति)।
३. सप्त मातरः, पञ्च पितरः (आदौ माता… अन्नदाता… इति)।
४. विद्याहीनाः न शोभन्ते (निर्गन्धा इव किंशुकाः)।
५. फलिनः वृक्षाः, गुणिनः जनाः नमन्ति।
६. मणि-कङ्गणस्य, कवि-राज्ञः शोभा।
७. परतन्त्रता न वरम् (नरकगमनं श्रेष्ठम्)।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. नैतिकमूल्यानि, संस्कारांश्च जानन्ति।
२. गुरु-शिष्यपरम्परायाः महत्त्वं वेत्ति।
३. सत्यम्, विनम्रता, दया इत्यादिगुणान् जानन्ति।
४. संस्कृतश्लोकानां कण्ठस्थीकरणं कुर्वन्ति।
पाठः ६ – डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन्
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. डॉ. राधाकृष्णन्महोदयस्य जीवनवृत्तान्तः।
२. जन्म – १८८८, तमिलनाडुराज्ये।
३. शिक्षा – क्रिश्चियनकालेज, मद्रास; एम.ए. उत्तीर्णः (१९११)।
४. दर्शनशास्त्रे प्राध्यापकः, कोलकाता, आन्ध्रवि.वि. (उपकुलपतिः), काशीहिन्दूवि.वि. (कुलपतिः)।
५. राजनीतिक्षेत्रे – रूसदेशे राजदूतः, उपराष्ट्रपतिः (१९५२), राष्ट्रपतिः।
६. भारतरत्नसम्मानः।
७. शिक्षकदिवसः (सितम्बरमासस्य पञ्चमदिनाङ्कः)।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. महापुरुषाणां जीवनात् प्रेरणां लभन्ते।
२. शिक्षकस्य सम्मानं जानन्ति।
३. दार्शनिकचिन्तनस्य महत्त्वम् अवगच्छन्ति।
४. देशसेवायाः भावं वर्धयन्ति।
पाठः ७ – प्राच्यनगरी सिरपुरम्
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. सिरपुरं – दक्षिणकोशलराज्यस्य राजधानी आसीत्।
२. पाण्डुवंशीयनृपाः, कोशलाधिपतिः इति उपाधिः।
३. गन्धेश्वरमहादेवमन्दिरम् (महानद्याः तटे)।
४. लक्ष्मणमन्दिरम् – रक्तेष्टिकाभिः निर्मितम्, शिवगुप्तस्य मात्रा वासटया निर्मितम्।
५. बौद्धविहारः – भगवतः बुद्धस्य प्रतिमा, आनन्दप्रभुः।
६. संग्रहालयः – शैव-वैष्णव-बौद्ध-जैनप्रतिमाः।
७. हेनसाङ्गस्य वर्णनम्, सिरपुरमहोत्सवः (बुद्धपूर्णिमा)।
८. सिरपुरं – छत्तीसगढराज्यस्य ‘काशी’ इति अभिधीयते।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. छत्तीसगढस्य ऐतिहासिकं गौरवं जानन्ति।
२. धार्मिकसहिष्णुतायाः दर्शनं प्राप्नुवन्ति।
३. पुरातात्विकधरोहरस्य रक्षणस्य महत्त्वं वेत्ति।
४. पर्यटनस्थलानाम् ज्ञानं भवति।
पाठः ८ – गीतागङ्गेदकम् (श्रीमद्भगवद्गीता)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. भगवद्गीतायाः नव श्लोकाः (अध्यायाः ४, ९, १५, १८)।
२. भक्तियोगः – पत्रम्, पुष्पम्, फलम्, तोयम् अर्पयति, ईश्वरः प्रीत्या अश्नाति।
३. जय-पराजयौ, लाभ-हानिः, सुख-दुःखं समं मन्तव्यम् (समत्वबुद्धिः)।
४. सर्वधर्मान् परित्यज्य शरणागतिः (मामेकं शरणं व्रज)।
५. ज्ञानस्य महत्त्वम्, पवित्रता च।
६. ईश्वरः सर्वभूतानां हृदये तिष्ठति।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. भगवद्गीतायाः आरम्भिकज्ञानं प्राप्नुवन्ति।
२. भक्तिः, समता, शरणागतिः इत्यादयः सिद्धान्ताः।
३. कर्मयोगस्य, ज्ञानयोगस्य च परिचयः।
४. जीवने शान्तिं, स्थिरतां च अनुभवन्ति।
पाठः ९ – ग्राम्यजीवनम्
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. ग्राम्यजीवनस्य सुव्यवस्था, स्वच्छता।
२. कृषीवलाः (किसानाः) – तेषां कर्म, हलकर्षणम्, सिञ्चनम्, बीजवापनम्।
३. ग्रामीणजीवने पशु-पक्षिणः (गोपालाः, हरिणाः, मयूराः, कोकिलाः)।
४. ग्रामेषु वायुः, जलं च प्रचुरम्।
५. ग्राम्यजीवनं सदाचारसम्पन्नम्, धार्मिकं च।
६. अधुना ग्रामेषु सुविधाः वर्धन्ते, सुकरं जीवनम्।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. ग्रामीणजीवनस्य सरलतां, महत्त्वं च जानन्ति।
२. कृषकाणां श्रमस्य प्रशंसां कुर्वन्ति।
३. पर्यावरणस्य स्वच्छतायाः महत्त्वं वेत्ति।
४. ग्राम-नगरयोः तुलनां कर्तुं शक्नुवन्ति।
पाठः १० – राष्ट्रियः सञ्चयः (संवादः)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. मधुकोशः, मधुमक्षिकाः – सञ्चयस्य उदाहरणम्।
२. ‘जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः’ – एकैकस्य सञ्चयस्य महत्त्वम्।
३. श्यामा – स्वव्ययार्थं धनं सञ्चितवती, भूचालपीडितेभ्यः प्रदत्तवती।
४. धनसञ्चयस्य साधनानि – कोषालयः (बैंक), पत्रालयः (डाकघर)।
५. सञ्चययोजनाः – सञ्चयपूर्वकयोजना, बालिकासञ्चययोजना, भविष्यनिधियोजना इत्यादयः।
६. क्षणशः, कणशः इति न्यायः।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. सञ्चयस्य महत्त्वं जानन्ति।
२. बैंक, डाकघर इत्यादिभिः सञ्चयस्य विधिं जानन्ति।
३. सञ्चितधनस्य सदुपयोगः (दानम्, परोपकारः) इति पाठः।
४. देशविकासाय धनस्य आवश्यकता अवगच्छन्ति।
पाठः ११ – चतुरः वानरः (कथा)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. जम्बूवृक्षः, वानरः, मकरः – पात्राणि।
२. मकरः प्रतिदिनं जम्बूफलानि खादति, मित्रता भवति।
३. मकरपत्नी – वानरस्य हृदयं खादितुम् इच्छति।
४. मकरः वानरं स्वगृहं नयति (छलम्)।
५. चतुरः वानरः – “मम हृदयं वृक्षकोटरे निहितम्” इति कथयति।
६. मकरः मूर्खः, वानरं पुनः वृक्षे नयति, वानरः मुक्तः।
७. श्लोकः – “विश्वासो हि ययोर्मध्ये, तयोर्मध्येऽस्ति सौहृदम्।”
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. विश्वासं सावधानेन करणीयम्।
२. छलस्य, मूर्खतायाः परिणामः।
३. बुद्धिं प्रयुज्य संकटात् मोक्षः।
४. मित्रतायाः आधारः विश्वासः एव।
पाठः १२ – महर्षिः दधीचिः (पौराणिककथा)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. दधीचिमहर्षेः त्यागः, परोपकारः।
२. देवानां दानवानां च युद्धम्, इन्द्रः पराजितः।
३. देवाः विष्णुम् उपतस्थुः, विष्णुः दधीचिम् उपदिशति।
४. दधीचिः स्वशरीरं त्यक्त्वा अस्थीनि ददाति (वज्रनिर्माणार्थम्)।
५. विश्वकर्मा वज्रं निर्मितवान्, इन्द्रेण वृत्रासुरवधः।
६. ‘परोपकाराय सतां विभूतयः’ इति नीतिः।
७. शरीरं क्षणभङ्गुरम्, परोपकारः शाश्वतः।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. त्यागस्य, परोपकारस्य महत्त्वम्।
२. शरीरम् अनित्यम्, कीर्तिः शाश्वती।
३. देव-दानवसंग्रामस्य पौराणिककथा।
४. ऋषीणां महानता, देशरक्षायां योगदानम्।
पाठः १३ – रामगिरिः (रामगढम्)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. रामगिरिः (रामगढम्) – छत्तीसगढस्य सरगुजामण्डले स्थितः।
२. हस्तिपोला (हाथीपोल), सीतावेंगरा, जोगीमारा, लक्ष्मणवेंगरा इत्यादिगुहाः।
३. सीताकुण्डम्, शीतलजलकुण्डम्।
४. कालिदासस्य ‘मेघदूतम्’ – रामगिरेः वर्णनम्।
५. प्राचीनतमा नाट्यशाला (सीतावेंगरा गुहा)।
६. शिलालेखः – पालिभाषायाम्, शिल्पचित्राणि।
७. सिंहद्वारम्, दुर्गम् इत्यादि।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. छत्तीसगढस्य ऐतिहासिकं स्थलं जानन्ति।
२. कालिदासस्य काव्येषु स्थलवर्णनम्।
३. प्राचीननाट्यशालायाः ज्ञानम्।
४. पुरातत्त्वशिलालेखानां महत्त्वम्।
पाठः १४ – नीतिनवनीतम्
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. दश नीतिश्लोकाः।
२. यस्य जीवितेन बहवः जीवन्ति, सः तु जीवति (सार्थकजीवनम्)।
३. ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवाणि न सेवेत (अनिश्चितं न ग्राह्यम्)।
४. पञ्च ‘ज’काराः – जननी, जन्मभूमिः, जाह्नवी, जनार्दनः, जनकः।
५. सुप्तान् न बोधयेत् (अहि, नृपं, शार्दूलं, हलहटम्, बालकम्, परश्वानम्, मूर्खम्)।
६. प्रबोधयेत् (विद्यार्थी, सेवकः, पान्थः, क्षुधार्तः, भयकातरः, भण्डारी, प्रतिहारी)।
७. कामं, क्रोधं, लोभं, स्वादं, शृङ्गारं, कौतुकं, अतिनिद्राम्, अतिसेवाम् – अष्ट वर्जयेत्।
८. मानभङ्गेन जीवनात् प्राणत्यागः श्रेयान्।
९. प्रियवाक्येन सर्वे तुष्यन्ति।
१०. दुष्टा भार्या, शठं मित्रम्, उत्तरदायकः भृत्यः, सर्पः च – मृत्युः।
११. चन्दनं दुष्टजनैः सेवितम् अपि शीतलत्वं न मुञ्चति।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. नीति, सदाचारः, मानवीयमूल्यानि।
२. कस्य सेवा कर्तव्या, कस्य न इति विवेकः।
३. विद्यार्थिजीवने त्याज्याः दोषाः।
४. वचनस्य माधुर्यं, अपमानस्य दुष्परिणामः।
पाठः १५ – प्रकृतिर्वेदना (संवादः)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. ग्रीष्मऋतोः उष्मा, स्वेदः।
२. मित्राणां संवादः – नदीतीरे गमनम्।
३. सरोवरस्य विकसितपुष्पाणि, पङ्कः, दुर्गन्धः।
४. नदीजलस्य दूषणम् – जनाः कचरं, मलं च क्षिपन्ति।
५. वृक्षाणां कर्तनम् – वायुप्रदूषणम्, पर्यावरणासन्तुलनम्।
६. प्रकृतेः पीडा, मानवानाम् अज्ञानता।
७. सरोवरस्य, वृक्षाणां रक्षणस्य आवश्यकता।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. पर्यावरणप्रदूषणस्य दुष्परिणामः।
२. नदी, वृक्ष, सरोवर इत्यादीनां रक्षणीयत्वम्।
३. प्रकृतिः वेदनां अनुभवति, मानवः संरक्षणं करोतु।
४. जल-वायु शुद्धतायाः महत्त्वम्।
पाठः १६ – मित्रं प्रति पत्रम् (पत्रलेखनम्)
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. पत्रलेखनस्य स्वरूपम् – स्थानम्, दिनाङ्कः, अभिवादनम्, विषयः, समाप्तिः।
२. दीपावलीमहोत्सवस्य वर्णनम् (रायपुरनगरस्य शोभा)।
३. पत्रे आत्मीयता, स्नेहः, प्रणामः।
४. मित्रम् – राहुलः, प्रेषकः – सूरजः।
५. पितृभ्यः प्रणामः, उत्सुकतायाः निवेदनम्।
६. पत्रलेखने शिष्टाचारः, विनम्रता।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. संस्कृतेन पत्रं लेखितुं शिक्ष्यन्ति।
२. उत्सवानां वर्णनं संस्कृतभाषया कर्तुं शक्नुवन्ति।
३. पत्रलेखनस्य व्याकरणिकनियमाः (विभक्तिः, वचनम्)।
४. मित्रतायाः, परिवारस्य च महत्त्वम्।
पाठः १७ – अन्तरिक्षज्ञानम्
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. अन्तरिक्षस्य परिचयः – आकाशगंगा, नक्षत्राणि, ग्रहाः, उपग्रहाः।
२. सूर्यः – अतिविशालः, पृथिव्याः १३ लाखगुणितः।
३. चन्द्रः – पृथिव्याः उपग्रहः, २,००,००० मीलदूरे।
४. पृथिवीः सूर्यं परिभ्रमति – ३६५ दिनेषु।
५. धूमकेतवः, उल्कापातः – आकाशे दृश्यन्ते।
६. अष्टग्रहाः – बुधः, शुक्रः, पृथिवी, मङ्गलः, गुरुः, शनिः, राहुः, केतुः (भारतीयज्योतिषे)।
७. आधुनिकः अन्तरिक्षज्ञानम्, खगोलशास्त्रम्।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. अन्तरिक्षस्य, ग्रहाणां, नक्षत्राणां च ज्ञानम्।
२. सूर्य-चन्द्र-पृथिवीसम्बन्धः।
३. धूमकेतोः, उल्कापातस्य च वैज्ञानिककारणम्।
४. खगोलशास्त्रस्य रोचकता।
पाठः १८ – महाकविः कालिदासः
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. कालिदासस्य जन्म – उज्जयिनी इति बहवः मन्यन्ते।
२. विद्योत्तमा राजकन्या – शास्त्रार्थे सर्वान् पराजितवती।
३. ईर्ष्यावशात् विद्वांसः कालिदासेन सह विवाहं व्यचारयन्।
४. मूर्खः कालिदासः, अङ्गुलिकासंकेतस्य कारणात् विवाहः।
५. उष्ट्रशब्दस्य प्रयोगेन विद्योत्तमा कुपिता, गृहात् निर्गता।
६. कालिदासः देवीमाराध्य विद्वान् अभवत्।
७. प्रमुखग्रन्थाः – अभिज्ञानशाकुन्तलम्, मेघदूतम्, रघुवंशम्, कुमारसम्भवम्, ऋतुसंहारः, विक्रमोर्वशीयम्।
८. ‘उपमा कालिदासस्य’ इति प्रसिद्धिः।
९. जर्मनकविः गेटे महोदयः प्रशंसितवान्।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. महाकवेः जीवनकथा, रचनाः।
२. विद्या, प्रतिभा, परिश्रमस्य महत्त्वम्।
३. संस्कृतसाहित्यस्य गौरवम्।
४. काव्यशास्त्रस्य आरम्भिकज्ञानम्।
पाठः १९ – सूक्तयः
अध्यापन बिंदु
प्रमुखशिक्षणबिन्दवः
१. दश सूक्तयः (सुभाषितानि)।
२. “श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्” – श्रद्धा ज्ञानस्य मूलम्।
३. “योगः कर्मसु कौशलम्” – कर्मणि कुशलता एव योगः।
४. “वीरभोग्या वसुन्धरा” – वीराः पृथ्वीं भुञ्जते।
५. “महाजनो येन गतः स पन्थाः” – सज्जनानां मार्गः श्रेष्ठः।
६. “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” – नारीसम्मानस्य महत्त्वम्।
७. “सत्यमेव जयते” – सत्यस्य विजयः।
८. “परोपकाराय सतां विभूतयः” – सज्जनाः परोपकाराय जीवन्ति।
९. “दूरतः पर्वताः रम्याः” – दूरस्य सुन्दरता (दूर के ढोल सुहावने)।
१०. “धर्मेण हीना: पशुभिः समानाः” – धर्महीनः पशुतुल्यः।
११. “लोभः पापस्य कारणम्” – लोभः पापहेतुः।
छात्राः किं शिक्ष्यन्ते?
१. जीवनोपयोगीनि सूक्तिः कण्ठस्थीकुर्वन्ति।
२. सत्यम्, धर्मः, परोपकारः, श्रद्धा, वीरता इत्यादिमूल्यानि।
३. नारीसम्मानस्य महत्त्वम्।
४. संस्कृतभाषायाः सरलवाक्यरचना।
इति प्रमुखशिक्षणबिन्दवः। छात्राः प्रतिदिनं श्लोकान्, कथाः, नीतिवाक्यानि च कण्ठस्थीकृत्य आत्मविकासं कुर्युः। शिक्षकाः संवादात्मकरूपेण, क्रीडात्मकरूपेण च पाठान् बोधयेयुः।
